एपिसोड 2: शैडो सिटी – अ वुमन वॉक्स काबुल - तरन खान episode artwork

EPISODE · Jul 31, 2023 · 59 MIN

एपिसोड 2: शैडो सिटी – अ वुमन वॉक्स काबुल - तरन खान

from Sambandh Ka Ke Ki · host Himanshu Bhagat

वर्ष २००६, अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान हुकूमत को गिरे हुए पाँच साल हो चुके हैं — तरन खान पहली बार हिंदुस्तान से अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पहुँचती हैं तो उनको लगता है कि वे एक अजनबी शहर में आयी हैं, और साथ-साथ यह भी लगता है कि ऐसे शहर में आई हैं जिससे उनका पुराना परिचय हो। काबुल में उनकी पहचान शायरों, फिल्म निर्माताओं, पत्रकारों और शहर के अन्य बाशिंदो से होती है। वक़्त के साथ, वे पाती हैं कि उनकी कल्पना के शहर और उनकी हकीकत के शहर में फ़र्क़ है। आइये सुनते हैं, तरन खान के साथ उनकी किताब 'शैडो सिटी -- अ वुमन वॉक्स काबुल' पर एक चर्चा।       (आप शो नोट्स, sambandhkakeki.com पर भी देख सकते हैं।) इंस्टाग्राम पर तरन खान तरन खान द्वारा लिखी गईं पुस्तक — नॉन फिक्शन शैडो सिटी – अ वुमन वॉक्स काबुल   पॉडकास्ट में चर्चित अन्य किताबें -- नो गुड मेन अमंग द लिविंग -- अमेरिका, द तालिबान, एंड द वॉर थ्रू अफ़ग़ान आईज, लेखक आनंद गोपाल   तरन के दो चहेते गीत फिल्म काबुलीवाला का गीत, ऐ मेरे प्यारे वतन अहमद ज़हीर का गीत, लैली लैली जान ‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से। 

वर्ष २००६, अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान हुकूमत को गिरे हुए पाँच साल हो चुके हैं — तरन खान पहली बार हिंदुस्तान से अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पहुँचती हैं तो उनको लगता है कि वे एक अजनबी शहर में आयी हैं, और साथ-साथ यह भी लगता है कि ऐसे शहर में आई हैं जिससे उनका पुराना परिचय हो। काबुल में उनकी पहचान शायरों, फिल्म निर्माताओं, पत्रकारों और शहर के अन्य बाशिंदो से होती है। वक़्त के साथ, वे पाती हैं कि उनकी कल्पना के शहर और उनकी हकीकत के शहर में फ़र्क़ है। आइये सुनते हैं, तरन खान के साथ उनकी किताब 'शैडो सिटी -- अ वुमन वॉक्स काबुल' पर एक चर्चा।       (आप शो नोट्स, sambandhkakeki.com पर भी देख सकते हैं।) इंस्टाग्राम पर तरन खान तरन खान द्वारा लिखी गईं पुस्तक — नॉन फिक्शन शैडो सिटी – अ वुमन वॉक्स काबुल   पॉडकास्ट में चर्चित अन्य किताबें -- नो गुड मेन अमंग द लिविंग -- अमेरिका, द तालिबान, एंड द वॉर थ्रू अफ़ग़ान आईज, लेखक आनंद गोपाल   तरन के दो चहेते गीत फिल्म काबुलीवाला का गीत, ऐ मेरे प्यारे वतन अहमद ज़हीर का गीत, लैली लैली जान ‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।

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Frequently Asked Questions

How long is this episode of Sambandh Ka Ke Ki?

This episode is 59 minutes long.

When was this Sambandh Ka Ke Ki episode published?

This episode was published on July 31, 2023.

What is this episode about?

वर्ष २००६, अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान हुकूमत को गिरे हुए पाँच साल हो चुके हैं — तरन खान पहली बार हिंदुस्तान से अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पहुँचती हैं तो उनको लगता है कि वे एक अजनबी शहर में आयी हैं, और साथ-साथ यह भी लगता है कि ऐसे शहर में आई हैं जिससे...

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