एपिसोड 47: 'गांधी − द एन्ड ऑफ़ नॉन-वायलेंस' − मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी  episode artwork

EPISODE · Apr 26, 2026 · 1H 5M

एपिसोड 47: 'गांधी − द एन्ड ऑफ़ नॉन-वायलेंस' − मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी

from Sambandh Ka Ke Ki · host Himanshu Bhagat

भारत के आज़ादी के दो साल पहले से ही देश के बँटवारे की सम्भावना बढ़ने लगी और सांप्रदायिक तनाव फैलने लगा। अगस्त १९४६ से देश में हिन्दू-मुस्लिम दंगे छिड़ गए। महात्मा गांधी बंगाल (कलकत्ता व नोआखाली), बिहार, और दिल्ली जा के शांति के लिए सत्याग्रह करने लगे। अपने जीवन के आखिरी पंद्रह महीनों में गांधी शांति का सन्देश ले के पैदल गाँव-गाँव गए। मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी की किताब, 'गांधी − द एन्ड ऑफ़ नॉन-वायलेंस' उनके जीवन के इस दौर का एक गहरा अध्यन है। किताब में गांधी की यात्रा-कार्यक्रम, दिनचर्या, राजनैतिक गतिविधियों, उनके करीबी सहयोगियों, और उनके विवादित यौन-प्रयोग के अलावा, उनकी विडम्बनाओं, दर्द और बेबसी का विवरण है। और इसके साथ है, जन-संहार के सन्दर्भ में अहिंसा, सत्याग्रह, शांति, क्षमा, सर्व-धर्म-संभव जैसे गांधीवादी मूल्यों की जाँच। सुनिए किताब पर एक चर्चा मानष के साथ।(आप शो-नोट्स https://sambandh-kakeki.com/ पर भी देख सकते हैं।)इंस्टाग्राम पर मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी एक्स (ट्विटर) पर मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी फेसबुक पर मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी 'गांधी− द एन्ड ऑफ़ नॉन-वायलेंस' अमेज़न पर (‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।)

भारत के आज़ादी के दो साल पहले से ही देश के बँटवारे की सम्भावना बढ़ने लगी और सांप्रदायिक तनाव फैलने लगा। अगस्त १९४६ से देश में हिन्दू-मुस्लिम दंगे छिड़ गए। महात्मा गांधी बंगाल (कलकत्ता व नोआखाली), बिहार, और दिल्ली जा के शांति के लिए सत्याग्रह करने लगे। अपने जीवन के आखिरी पंद्रह महीनों में गांधी शांति का सन्देश ले के पैदल गाँव-गाँव गए। मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी की किताब, 'गांधी − द एन्ड ऑफ़ नॉन-वायलेंस' उनके जीवन के इस दौर का एक गहरा अध्यन है। किताब में गांधी की यात्रा-कार्यक्रम, दिनचर्या, राजनैतिक गतिविधियों, उनके करीबी सहयोगियों, और उनके विवादित यौन-प्रयोग के अलावा, उनकी विडम्बनाओं, दर्द और बेबसी का विवरण है। और इसके साथ है, जन-संहार के सन्दर्भ में अहिंसा, सत्याग्रह, शांति, क्षमा, सर्व-धर्म-संभव जैसे गांधीवादी मूल्यों की जाँच। सुनिए किताब पर एक चर्चा मानष के साथ।(आप शो-नोट्स https://sambandh-kakeki.com/ पर भी देख सकते हैं।)इंस्टाग्राम पर मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी एक्स (ट्विटर) पर मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी फेसबुक पर मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी 'गांधी− द एन्ड ऑफ़ नॉन-वायलेंस' अमेज़न पर (‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।)

NOW PLAYING

एपिसोड 47: 'गांधी − द एन्ड ऑफ़ नॉन-वायलेंस' − मानष फ़िराक़ भट्टाचार्जी

0:00 1:05:57

No transcript for this episode yet

We transcribe on demand. Request one and we'll notify you when it's ready — usually under 10 minutes.

Frequently Asked Questions

How long is this episode of Sambandh Ka Ke Ki?

This episode is 1 hour and 5 minutes long.

When was this Sambandh Ka Ke Ki episode published?

This episode was published on April 26, 2026.

What is this episode about?

भारत के आज़ादी के दो साल पहले से ही देश के बँटवारे की सम्भावना बढ़ने लगी और सांप्रदायिक तनाव फैलने लगा। अगस्त १९४६ से देश में हिन्दू-मुस्लिम दंगे छिड़ गए। महात्मा गांधी बंगाल (कलकत्ता व नोआखाली), बिहार, और दिल्ली जा के शांति के लिए सत्याग्रह करने लगे।...

Can I download this Sambandh Ka Ke Ki episode?

Yes, you can download this episode by clicking the download button on the episode player, or subscribe to the podcast in your preferred podcast app for automatic downloads.
URL copied to clipboard!