क्या भगत सिंह सावरकर को अपना आदर्श मानते थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 11 episode artwork

EPISODE · Sep 30, 2021 · 1H 36M

क्या भगत सिंह सावरकर को अपना आदर्श मानते थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 11

from Padhaku Nitin · host Aaj Tak Radio

शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल बीत गए हैं पर उनका लिखा और बोला हुआ अब भी धुंधलके में है. आज उससे काफी हद तक परत हटाने की कोशिश पढ़ाकू नितिन में हुई है. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए हैं भगत सिंह पर शोध करने के लिए मशहूर प्रोफेसर चमन लाल. दर्जनों किताब लिखने के साथ प्रोफेसर साहब ने हिंदुस्तान से लेकर पाकिस्तान तक हर उस ठिकाने पर हाज़िरी दर्ज कराई है जहां भगत सिंह की यादें हैं. भगत सिंह के अनगिनत प्रामाणिक कहानी किस्सों का चलता फिरता खजाना बने प्रोफेसर साहब के साथ इस दिलचस्प बातचीत का लुत्फ उठाइए.इस बातचीत में सुनिए:- भगत सिंह से पहले उनके पिता और चाचाओं ने अंग्रेज़ों से कैसे लड़ाई लड़ी?- लेनिन से सबसे ज्यादा प्रभावित क्यों थे भगत सिंह?- क्यों भगत सिंह का परिवार जालंधर छोड़ लायलपुर चला गया था?- कैसे लड़के थे भगत सिंह- सीरियस या शरारती?- चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह की कुश्ती में कौन जीता?- अदालत में क्यों भगत सिंह ने मांगे जज से रसगुल्ले?- जेल में क्यों सिगरेट मंगाते थे भगत सिंह?- सुखदेव से क्यों हुआ था भगत सिंह का झगड़ा? - क्यों भगत सिंह ने नास्तिकता पर लेख लिखा था?- प्यार मोहब्बत के बारे में क्या कहते थे भगत सिंह?- संसद में क्यों आज तक नहीं लगा भगत सिंह का चित्र?- गांधी ने भगत सिंह को फांसी से बचाने की कोशिश नहीं की?- भगत सिंह ज़िंदा होते तो क्या गांधी की तरह बिसराये जाते?किताबें जिनका ज़िक्र इस बातचीत में आया:Punjab: A History from Aurangzeb to Mountbatten by Rajmohan Gandhi The Bhagat Singh Reader by Prof Chaman LalUnderstanding Bhagat Singh by Prof Chaman LalBhagat Singh's jail notebook by Prof Chaman Lalखूनी बैसाखी by नानक सिंह नॉवेलिस्टA Revolutionary's Quest for Sacrifice by Bejoy Kumar Sinha

शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल बीत गए हैं पर उनका लिखा और बोला हुआ अब भी धुंधलके में है. आज उससे काफी हद तक परत हटाने की कोशिश पढ़ाकू नितिन में हुई है. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए हैं भगत सिंह पर शोध करने के लिए मशहूर प्रोफेसर चमन लाल. दर्जनों किताब लिखने के साथ प्रोफेसर साहब ने हिंदुस्तान से लेकर पाकिस्तान तक हर उस ठिकाने पर हाज़िरी दर्ज कराई है जहां भगत सिंह की यादें हैं. भगत सिंह के अनगिनत प्रामाणिक कहानी किस्सों का चलता फिरता खजाना बने प्रोफेसर साहब के साथ इस दिलचस्प बातचीत का लुत्फ उठाइए.इस बातचीत में सुनिए:- भगत सिंह से पहले उनके पिता और चाचाओं ने अंग्रेज़ों से कैसे लड़ाई लड़ी?- लेनिन से सबसे ज्यादा प्रभावित क्यों थे भगत सिंह?- क्यों भगत सिंह का परिवार जालंधर छोड़ लायलपुर चला गया था?- कैसे लड़के थे भगत सिंह- सीरियस या शरारती?- चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह की कुश्ती में कौन जीता?- अदालत में क्यों भगत सिंह ने मांगे जज से रसगुल्ले?- जेल में क्यों सिगरेट मंगाते थे भगत सिंह?- सुखदेव से क्यों हुआ था भगत सिंह का झगड़ा? - क्यों भगत सिंह ने नास्तिकता पर लेख लिखा था?- प्यार मोहब्बत के बारे में क्या कहते थे भगत सिंह?- संसद में क्यों आज तक नहीं लगा भगत सिंह का चित्र?- गांधी ने भगत सिंह को फांसी से बचाने की कोशिश नहीं की?- भगत सिंह ज़िंदा होते तो क्या गांधी की तरह बिसराये जाते?किताबें जिनका ज़िक्र इस बातचीत में आया:Punjab: A History from Aurangzeb to Mountbatten by Rajmohan Gandhi The Bhagat Singh Reader by Prof Chaman LalUnderstanding Bhagat Singh by Prof Chaman LalBhagat Singh's jail notebook by Prof Chaman Lalखूनी बैसाखी by नानक सिंह नॉवेलिस्टA Revolutionary's Quest for Sacrifice by Bejoy Kumar Sinha

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This episode was published on September 30, 2021.

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शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम सब जानते हैं, काम भी सबको पता है लेकिन ख्यालों के समंदर में डुबकी मारने से बचते हैं. वो उन चुनिंदा विचारक क्रांतिकारियों में हैं जिनकी पूजा सहजता से हो जाएगी लेकिन उतना ही मुश्किल उनके विचारों को लागू करना है. करीब सौ साल...

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