EPISODE · Apr 25, 2022 · 15 MIN
ऋग्वेद मण्डल 1. सूक्त 19. मंत्र 2
from Daily One Ved Mantra · host This podcast is brought to you by Gaurashtra.com
न॒हि दे॒वो न मर्त्यो॑ म॒हस्तव॒ क्रतुं॑ प॒रः। म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि॥ - ऋग्वेद 1.19.2 पदार्थ - हे (अग्ने) विज्ञानस्वरूप परमेश्वर ! आप कृपा करके (मरुद्भिः) प्राणों के साथ (आगहि) प्राप्त हूजिये अर्थात् विदित हूजिये। आप कैसे हैं कि जिनकी (परः) अत्युत्तम (महः) महिमा है, (तव) आपके (क्रतुम्) कर्मों की पूर्णता से अन्त जानने को (नहि) न कोई (देवः) विद्वान् (न) और न कोई (मर्त्यः) अज्ञानी मनुष्य योग्य है, तथा जो (अग्ने) जिस भौतिक अग्नि का (परः) अति श्रेष्ठ (महः) महिमा है, वह (क्रतुम्) कर्म और बुद्धि को प्राप्त करता है, (तव) उसके सब गुणों को (न देवः) न कोई विद्वान् और (न मर्त्यः) न कोई अज्ञानी मनुष्य जान सकता है, वह अग्नि (मरुद्भिः) प्राणों के साथ (आगहि) सब प्रकार से प्राप्त होता है॥ ------------------------------------------------------------ (भाष्यकार - स्वामी दयानंद सरस्वती जी) (सविनय आभार: www.vedicscriptures.in) ------------------------------------------------------------- Whatsapp पर प्रतिदिन वेद मंत्र पाने के लिए यह फ़ॉर्म भरें: https://forms.gle/69N1UTZfc6hNHp5fA Telegram पर हमारे चैनल से जुड़ने के लिए इस लिंक पर जाएँ: https://t.me/+RURCMUKRVBllMmI1 -------------------------------------------------------------- हमारे पॉडकास्ट का अनुसरण करें: Spotify - https://spoti.fi/3sCWtJw Google podcast - https://bit.ly/3dU7jXO Apple podcast - https://apple.co/3dStOfy ------------------------------------------- हमसे संपर्क करें: [email protected] --------------------------------------------
What this episode covers
न॒हि दे॒वो न मर्त्यो॑ म॒हस्तव॒ क्रतुं॑ प॒रः। म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि॥ - ऋग्वेद 1.19.2 पदार्थ - हे (अग्ने) विज्ञानस्वरूप परमेश्वर ! आप कृपा करके (मरुद्भिः) प्राणों के साथ (आगहि) प्राप्त हूजिये अर्थात् विदित हूजिये। आप कैसे हैं कि जिनकी (परः) अत्युत्तम (महः) महिमा है, (तव) आपके (क्रतुम्) कर्मों की पूर्णता से अन्त जानने को (नहि) न कोई (देवः) विद्वान् (न) और न कोई (मर्त्यः) अज्ञानी मनुष्य योग्य है, तथा जो (अग्ने) जिस भौतिक अग्नि का (परः) अति श्रेष्ठ (महः) महिमा है, वह (क्रतुम्) कर्म और बुद्धि को प्राप्त करता है, (तव) उसके सब गुणों को (न देवः) न कोई विद्वान् और (न मर्त्यः) न कोई अज्ञानी मनुष्य जान सकता है, वह अग्नि (मरुद्भिः) प्राणों के साथ (आगहि) सब प्रकार से प्राप्त होता है॥ ------------------------------------------------------------ (भाष्यकार - स्वामी दयानंद सरस्वती जी) (सविनय आभार: www.vedicscriptures.in) ------------------------------------------------------------- Whatsapp पर प्रतिदिन वेद मंत्र पाने के लिए यह फ़ॉर्म भरें: https://forms.gle/69N1UTZfc6hNHp5fA Telegram पर हमारे चैनल से जुड़ने के लिए इस लिंक पर जाएँ: https://t.me/+RURCMUKRVBllMmI1 -------------------------------------------------------------- हमारे पॉडकास्ट का अनुसरण करें: Spotify - https://spoti.fi/3sCWtJw Google podcast - https://bit.ly/3dU7jXO Apple podcast - https://apple.co/3dStOfy ------------------------------------------- हमसे संपर्क करें: [email protected] --------------------------------------------
NOW PLAYING
ऋग्वेद मण्डल 1. सूक्त 19. मंत्र 2
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Sep 29, 2023 ·76m
Sep 29, 2023 ·73m