EPISODE · Nov 7, 2021 · 3 MIN
ऋग्वेद मण्डल 1. सूक्त 3. मंत्र 3 - अग्नि और जल की शक्ति का उपयोग शिल्पकार या इंजीनियर किस प्रकार करें?
from Daily One Ved Mantra · host This podcast is brought to you by Gaurashtra.com
दस्रा॑ यु॒वाक॑वः सु॒ता नास॑त्या वृ॒क्तब॑र्हिषः। आ या॑तं रुद्रवर्तनी॥ - ऋग्वेद (1.3.3) पदार्थ - हे (युवाकवः) एक दूसरी से मिली वा पृथक् क्रियाओं को सिद्ध करने (सुताः) पदार्थविद्या के सार को सिद्ध करके प्रकट करने (वृक्तबर्हिषः) उसके फल को दिखानेवाले विद्वान् लोगो ! (रुद्रवर्त्तनी) जिनका प्राणमार्ग है, वे (दस्रा) दुःखों के नाश करनेवाले (नासत्या) जिनमें एक भी गुण मिथ्या नहीं (आयातम्) जो अनेक प्रकार के व्यवहारों को प्राप्त करानेवाले हैं, उन पूर्वोक्त अश्वियों को जब विद्या से उपकार में ले आओगे, उस समय तुम उत्तम सुखों को प्राप्त होवोगे॥३॥ ------------------------------------------------------------ (भाष्यकार - स्वामी दयानंद सरस्वती जी) (सविनय आभार: www.vedicscriptures.in) -------------------------------------------------------------- हमारे पॉडकास्ट का अनुसरण करें: Spotify - https://spoti.fi/3sCWtJw Google podcast - https://bit.ly/3dU7jXO Apple podcast - https://apple.co/3dStOfy Whatsapp पर प्रतिदिन पॉडकास्ट के एपिसोड प्राप्त करें: https://bit.ly/3srBbPu ------------------------------------------------------------ वेद प्रचार के इस पुण्य कार्य में आर्थिक सहयोग करें: UPI Transfer : madhavdas@kotak Google Pay : mdas.vc-3@okhdfcbank ------------------------------------------- हमसे संपर्क करें: [email protected] ---------------------------------------------
NOW PLAYING
ऋग्वेद मण्डल 1. सूक्त 3. मंत्र 3 - अग्नि और जल की शक्ति का उपयोग शिल्पकार या इंजीनियर किस प्रकार करें?
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Jun 15, 2022 ·8m
May 25, 2022 ·20m
May 19, 2022 ·16m
May 15, 2022 ·34m
May 12, 2022 ·1m