EPISODE · Sep 1, 2022 · 1H 1M
साधना पञ्चकं : प्रवचन-11 (सूत्र-10)
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
साधना पञ्चकं ज्ञान यज्ञ के ११वें प्रवचन में पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी महाराज ने ग्रन्थ में प्रतिपादित दसवें सोपान की भूमिका एवं चर्चा करी। इसमें भगवान् शंकराचार्यजी कहते हैं की "भगवतो भक्ति: दृढ़ाधीयताम" - अर्थात भगवान् के प्रति दृढ़ भक्ति उत्पन्न करनी चाहिए। सत्पुरुष लोगों के साथ का यह ही प्रसाद और आशीर्वाद होता है। उन्ही को सत्पुरुष कहते हैं जो सरल, संतुष्ट, भगवत सेवा और भक्ति से युक्त और लीन होते हैं। भजननंदी, प्रसन्न चित्त, सच्चे, संसारी चर्चा से रहित, दुनिया को भगवद इच्छा से चलते हुए देखना - इसलिए यद्यपि अपने कर्म अच्छी तरह से करते हैं, लेकिन बाकी दुनिया की चिंता और प्रपंच नहीं करते है - वे लोग ही सत्पुरुष होते हैं। ऐसे लोगों के पास जब भी बैठेंगें तब भगवद चर्चा ही होगी। ऐसे लोगों से प्रार्थना पूर्वक भक्ति की प्राप्ति के रहस्य ही जानने का निवेदन करें।
What this episode covers
साधना पञ्चकं ज्ञान यज्ञ के ११वें प्रवचन में पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी महाराज ने ग्रन्थ में प्रतिपादित दसवें सोपान की भूमिका एवं चर्चा करी। इसमें भगवान् शंकराचार्यजी कहते हैं की "भगवतो भक्ति: दृढ़ाधीयताम" - अर्थात भगवान् के प्रति दृढ़ भक्ति उत्पन्न करनी चाहिए। सत्पुरुष लोगों के साथ का यह ही प्रसाद और आशीर्वाद होता है। उन्ही को सत्पुरुष कहते हैं जो सरल, संतुष्ट, भगवत सेवा और भक्ति से युक्त और लीन होते हैं। भजननंदी, प्रसन्न चित्त, सच्चे, संसारी चर्चा से रहित, दुनिया को भगवद इच्छा से चलते हुए देखना - इसलिए यद्यपि अपने कर्म अच्छी तरह से करते हैं, लेकिन बाकी दुनिया की चिंता और प्रपंच नहीं करते है - वे लोग ही सत्पुरुष होते हैं। ऐसे लोगों के पास जब भी बैठेंगें तब भगवद चर्चा ही होगी। ऐसे लोगों से प्रार्थना पूर्वक भक्ति की प्राप्ति के रहस्य ही जानने का निवेदन करें।
NOW PLAYING
साधना पञ्चकं : प्रवचन-11 (सूत्र-10)
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Jun 15, 2022 ·8m
May 25, 2022 ·20m
May 19, 2022 ·16m
May 15, 2022 ·34m
May 12, 2022 ·1m