EPISODE · Oct 8, 2021 · 1H 19M
सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 55
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 55वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि रावण का शुक नामक दूत रावण को वहां के समाचार आगे दे रहा है। वो कहता है की - हे रावण ! ये जो हमने द्विविद आदि के नाम बताए हैं वे सब सुग्रीव की तरह ही बहुत बलवान हैं। इनके जैसे वहां करोड़ों हैं जिनके पास अतुल्य बल दिखाई देता है और जो तीनों लोकों को तिनके के समान समझते हैं। हमने सुना कि वहां अठारह पद्म (एक पद्म = दस लाख अरब) तो वानरों के सेनापति हैं, और महाराज, वे सब इतने बलवान दिखते हैं की एक-एक वानर आप को भी लड़ाई में जीत लें। वे क्रोध से भरे हुए हैं और गुस्से के मारे हाथ मसल रहे हैं। समुद्र को सुखा देने की बातें कह रहे हैं, आप को मारने की और लंका को निगल जाने की बातें कर रहे हैं - बस रामजी उन्हें आज्ञा नहीं दे रहे हैं।
What this episode covers
सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 55वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि रावण का शुक नामक दूत रावण को वहां के समाचार आगे दे रहा है। वो कहता है की - हे रावण ! ये जो हमने द्विविद आदि के नाम बताए हैं वे सब सुग्रीव की तरह ही बहुत बलवान हैं। इनके जैसे वहां करोड़ों हैं जिनके पास अतुल्य बल दिखाई देता है और जो तीनों लोकों को तिनके के समान समझते हैं। हमने सुना कि वहां अठारह पद्म (एक पद्म = दस लाख अरब) तो वानरों के सेनापति हैं, और महाराज, वे सब इतने बलवान दिखते हैं की एक-एक वानर आप को भी लड़ाई में जीत लें। वे क्रोध से भरे हुए हैं और गुस्से के मारे हाथ मसल रहे हैं। समुद्र को सुखा देने की बातें कह रहे हैं, आप को मारने की और लंका को निगल जाने की बातें कर रहे हैं - बस रामजी उन्हें आज्ञा नहीं दे रहे हैं।
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सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 55
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