PODCAST · arts
Khayal
by Radio Nasha - HT Smartcast
ख़ास अन्दाज़ जब सुखन का ना होशायरी, शायरी नहीं होती।वेद राही जी का ये शेर उतना ही ख़ूबसूरत हैं , जितना की सच। इसलिए हम लाए हैं तमाम दुनिया के शायरां और शायरों के ख़्वाब-ओ-ख़याल, सिर्फ़ रेडियो के बच्चन (@rjpeeyushsingh) की आवाज़ में। आप सुन रहे हैं एच टी स्मार्टकास्ट और ये है रेडियो नशा प्रोडक्शन |
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S2E27 | कौन मरता है ज़िंदगी के लिए - Sadat Nazeer
आज का ख्याल शायर सादात नज़ीर साहब की कलम से | शायर कहते है - कौन मरता है ज़िंदगी के लिए, जी रहा हूँ तिरी ख़ुशी के लिए | सादात नज़ीर जी एक जाने माने लेखक और शायर है। उन्होंने कई किताबे लिखी है। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E26 | बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है - Irfan Siddiqi
आज का ख्याल शायर इरफ़ान सिद्दीकी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है'। इरफ़ान सिद्दीकी सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक शायरों में शामिल थे और अपने नव-क्लासिकी लहजे के लिए विख्यात। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E25 | खराबी का आग़ाज़ कहा से हुआ यह बताना है मुश्किल- Azam Bahzad
आज का ख्याल शायर आज़म बहज़ाद की कलम से । शायर कहते है -खराबी का कहा से हुआ यह बताना है मुश्किल, कहा ज़ख्म खाये कहा से हुए वार यह भी दिखाना है मुश्किल। आज़म बेहज़ाद ने 1972 में कविता लिखना शुरू किया और सबसे लोकप्रिय समकालीन कवियों रूप में उभरे। उन्हें आलोचकों और जनता द्वारा समान रूप से सराहा गया था। उनके उपन्यास और रूपकों के लिए उनकी बहुत सराहना की गई थी। इसके अलावा, उन्हें जनता द्वारा उनके 'तरन्नुम' के लिए भी पसंद किया जाता था और अक्सर मुशायरों में इसके लिए अनुरोध किया जाता था। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E24 | तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है - Nida Fazli
आज का ख्याल शायर निदा फाजली साहब की कलम से। शायर कहते है - 'तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है, जहां भी जाऊं ये लगता है, तेरी महफ़िल है'। निदा फाजली हिंदी और उर्दू के मशहूर शायर, गीतकार थे। वे 1964 में मुंबई आए और धर्मयुग पत्रिका और ब्लिट्ज जैसे अखबार में काम किया। उनकी काव्य शैली ने फिल्म निर्माताओं और हिंदी और उर्दू साहित्य के लेखकों को आकर्षित किया। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E23 | कुंज-ए-तन्हाई - Sabir Alvi
आज का ख्याल शायर साबिर अल्वी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'कुंज-ए-तन्हाई के अफगार में क्या रखा है'। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E22 | आए हो तो ये हिजाब क्या है - Mushafi Ghulam Hamdani
आज का ख्याल शायर ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी की कलम से। शायर कहते है - 'आए हो तो ये हिजाब क्या है'। ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी उर्दू के बड़े शायर हुए। इनके समकालीन और प्रतिद्वंदी इंशा और जुरअत थे। ... यहाँ मीर, दर्द, सौदा और सोज़ जैसे शायर वृद्ध हो चले थे। इनका असर इनकी शाइरी पर पड़ा। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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SE21 | इतना मालूम है - Parveen Shakir
आज का ख्याल शायर परवीन शाकिर की कलम से। शायर कहते है - 'अपने बिस्तर पे बहुत देर से मैं नीम-दराज़, सोचती थी कि वो इस वक़्त कहाँ पर होगा'। सैयदा परवीन शाकिर, एक उर्दू कवयित्री, शिक्षक और पाकिस्तान की सरकार की सिविल सेवा में एक अधिकारी थीं। ... फ़हमीदा रियाज़ के अनुसार ये पाकिस्तान की उन कवयित्रियों में से एक हैं जिनके शेरों में लोकगीत की सादगी और लय भी है और क्लासिकी संगीत की नफ़ासत भी और नज़ाकत भी। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E20 | उनसे बढ़ते फासले और मै = Tabish Mehdi
आज का ख्याल शायर तबिश मेहदी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'उनसे बढ़ते फासले और मै'। तबिश मेहदी का जन्म 3 जुलाई 1951 को प्रतापगढ़ में हुआ था। कविता संग्रह पर उनकी पुस्तकें "ताबीर" और "सलसबील" हैं, जो क्रमशः 1998 और 2000 में प्रकाशित हुई हैं। इस एपिसोड में हमारे साथ एक मेहमान शायर भी है और उनका ख्याल है - 'मरना आसान लगने लगा'। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E19 | पीने की शराब और - Zaheer Dehlvi
आज का ख्याल शायर जहीर देहलवी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'पीने की शराब और जवानी की शराब और'। जहीरुद्दीन को जहीर देहलवी के नाम से जाना जाता था। उनके पिता, सैयद जलालुद्दीन हैदर, सुलेख में शाह ज़फ़र के गुरु थे। जहीर को बचपन से ही शायरी का शौक था। वह चौदह वर्ष की आयु में ज़ोक देल्हवी के शिष्य बन गए। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E18 | वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा - Iqbal Sajid
आज का ख्याल शायर इक़बाल साजिद साहब की कलम से। शायर कहते है - 'वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा, किरदार ख़ुद उभर के कहानी में आएगा'। मोहम्मद इकबाल का जन्म 1932 में सहारनपुर जिले के लंढूरा में हुआ था। विभाजन के बाद वे लाहौर चले गए। उसने दसवीं तक ही पढ़ाई की थी। उनकी गरीबी ने उन्हें अपनी कविता बेचने के लिए मजबूर किया लेकिन यह उनकी कविता की उपयोगिता साबित करता है। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E17 | इस खुर्दुरी ग़ज़ल को - Muzaffar Hanfi
आज का ख्याल शायर मुज़फ़्फ़र हनफ़ी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'इस खुर्दुरी ग़ज़ल को, ना यूं मुंह बना के देख'। मुज़फ़्फ़र हनफ़ी साहब अदब में वह कादिर उल कलाम शायर के रूप में जाने जाते थे। उनकी पहचान एक ऐसे शायर की थी जिसे किसी भी खयाल को शेर में बांधने का हुनर आता था। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E16 | और बेशक़ ज़माने ने उसे "औरत" कहा- Shaad Aarfi
आज का ख्याल शाद आरफ़ी की कलम से। शायर कहते है - 'देख कर शेर ने उसको नुक्ता-ए-हिकमत कहा,और बेशक़ ज़माने ने उसे "औरत" कहा' | शाद आरफ़ी की गिनती उर्दू के महत्वपूर्ण शायरों में होती है। उन्होंने ग़ज़ल-नज़्म दोनों ही विधाओं में रचना की। शाद एक संवेदनशील व्यक्ति थे, उनकी शायरी में पायी जाने वाली संवेदना ख़ुद उनकी ज़िंदगी के अनुभवों से भी आयी है | Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E15 | मेरे हमनफ़स, मेरे हमनवा - Shakeel Badayuni
आज का ख्याल शायर शकील बदायूनी की कलम से। शायर कहते है - 'मेरे हमनफ़स, मेरे हमनवा, मुझे दोस्त बनके दग़ा न दे'। शकील बदायूनी मसऊदी का जन्म स्थान उत्तर प्रदेश का शहर बदायूँ है। यह एक उर्दू के शायर और साहित्यकार थे। लेकिन इन्होंने बालीवुड में गीत रचनाकार के रूप में नाम कमाया। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E14 | होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे - Mirza Ghalib
आज का ख्याल शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की कलम से। शायर कहते है - 'बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे, होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे'। मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान, जो अपने तख़ल्लुस ग़ालिब से जाने जाते हैं, उर्दू एवं फ़ारसी भाषा के एक महान शायर थे। इनको उर्दू भाषा का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है और फ़ारसी कविता के प्रवाह को हिन्दुस्तानी जबान में लोकप्रिय करवाने का श्रेय भी इनको दिया जाता है। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E13 | ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में - Gulzar | Gulzar Sahab B'day Special
आज का ख्याल शायर गुलज़ार साहब की कलम से। शायर कहते है - 'ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में, एक पुराना ख़त खोला अनजाने में'। ये एक स्पेशल एपिसोड है गुलज़ार साहब की जन्मदिन के मौके पर। अगर आपको भी गुलज़ार साहब की कलम से मोहब्बत है तो आइये @htsmartcast के सोशल मीडिया हैंडल पर और साथ मनाइये गुलज़ार साहब का जन्मदिन। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E12 | वो हमसफ़र था - Naseer Turabi
आज का ख्याल शायर नसीर तुराबी की कलम से। शायर कहते है - 'वो हम-सफ़र था मगर उस से हम-नवाई न थी'। नसीर तुराबी उर्दू के अजीम शायर हैं जिनका फन जगजाहिर है। नसीर साहब की पैदाइश निजाम के शहर हैदराबाद से थी। लेकिन भारत पाकिस्तान बंटवारे के वक्त उनके पिता परिवार सहित पाकिस्तान के कराची में जाकर बस गए। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E11 | आए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं - Behzad Lucknavi
आज का ख्याल शायर बेहज़ाद लखनवी की कलम से। शायर कहते है - 'आए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं'। बेहज़ाद लखनवी एक पाकिस्तानी उर्दू कवि और गीतकार थे। उन्होंने मुख्य रूप से नात और ग़ज़लें लिखीं और कभी-कभी ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली के लिए और बाद में पाकिस्तान में प्रवास के बाद रेडियो पाकिस्तान के लिए रेडियो नाटक लिखे। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E10 | कौन आयेगा यहाँ - Kaif Bhopali
आज का ख्याल शायर कैफ़ भोपाली की कलम से। शायर कहते है - 'कौन आयेगा यहाँ कोई न आया होगा'। कैफ़ भोपाली एक भारतीय उर्दू शायर और फ़िल्मी गीतकार थे। वे 1972 में बनी कमाल अमरोही की फिल्म पाक़ीज़ा में मोहम्मद रफ़ी द्वारा गाये गीत "चलो दिलदार चलो..." से लोकप्रिय हुए। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E9 | मैं तो दरिया हूं समुंदर में उतर जाऊंगा - Ahmad Nadeem Qasmi
आज का ख्याल शायर अहमद 'नदीम' क़ासमी की कलम से। शायर कहते है - 'मैं तो दरिया हूं समुंदर में उतर जाऊंगा'।अहमद 'नदीम' क़ासमी तरक़्क़ी-पसंद शायर के तौर पर पहचाने जाते हैं. इसके अलावा वह एक मशहूर अफ़साना निगार भी रहे। उन्होंने 'फ़नून' नाम से एक अदबी रिसाला भी जारी किया। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E8 | बड़ा अँधेरा है - Saghar Siddiqui
आज का ख्याल शायर साग़र सिद्दीक़ी की कलम से। शायर कहते है - चराग़-ए-तूर जलाओ बड़ा अँधेरा है। साग़र सिद्दीक़ी 1928 में अंबाला में पैदा हुए। उनका ख़ानदानी नाम मुहम्मद अख़्तर था। साग़र के घर में बदतरीन ग़ुरबत थी। इस एपिसोड में आप में से एक मेहमान शायर भी है। शायर का नाम है - मनीष चंद्रा और उनका ख्याल है 'वक़्त की चीखें सुनाई नहीं देती हमको'। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E7 | दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर - Bekhud Dehlvi
आज का ख्याल शायर बेख़ुद देहलवी की कलम से। शायर कहते है - दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर। खुद देहलवी जी का जन्म 21 मार्च 1863 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था इनका पूरा नाम सईद वहीदुद्दीन अहमद था ये एक प्रसिद्ध उर्दू के शायर के नाम से प्रसिद्ध थे और इनकी मृत्यु 2 अक्टूबर 1955 में हुई | Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E6 | मुझसे पहली सी मुहब्बत - Faiz Ahmad Faiz | Tribute to Surekha Seekri
आज का ख्याल शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की कलम से। शायर कहते है - मुझसे पहली सी मुहब्बत, मेरे मेहबूब ना माँग। इस एपिसोड में पीयूष ने याद किया है मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री सुरेखा सीकरी जी को, जिनका बीते दिन ही दिहांत हुआ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E5 | ग़म हर इक आँख को छलकाए - Fana Nizami Kanpuri
आज का ख्याल शायर फ़ना निज़ामी कानपुरी की कलम से। शायर कहते है - ग़म हर इक आँख को छलकाए जरूरी तो नहीं। फ़ना पारंपरिक ग़ज़ल-शायरी के रस-रंग, सुगंध, भाव और लय को अपने एक नए अन्दाज़ से पेश करने वाले प्रमुख शायर थे, जिन्होंने ज़बरदस्त लोकप्रियता हासिल की। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E4 | ये मुलाक़ात मुलाक़ात नहीं होती है - Hafeez Jalandhari
आज का ख्याल शायर ख़्वाजा हफ़ीज़ जालंधरी की कलम से। शायर कहते है - ये मुलाक़ात मुलाक़ात नहीं होती है। हफ़ीज़ जालंधरी ने 11 वर्ष की उम्र से नियमित शायरी शुरू कर दी थी। हफ़ीज़ जालंधरी के क़लाम के 3 संकलन प्रकाशित हुए हैं।1-नग़्म-ए-ज़ार 2- सोज़ो-साज़ 3- तल्ख़ाबा शीरीं। इस एपिसोड में आप में से एक मेहमान शायर भी है। शायर का नाम है - लल्लन और उनका ख्याल है 'फिर रात तवे पर है'। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E3 | ये आरज़ू थी - Haidar Ali Aatish
आज का ख्याल शायर ख़्वाजा हैदर अली 'आतिश' की कलम से। शायर कहते है - ये आरज़ू थी तुझे गुल के रूबरू करते, हम और बुलबुल-ए-बेताब गुफ़्तगू करते। आतिश बुनियादी तौर पर इश्क़-ओ-आशिक़ी के शायर थे। आतिश, मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन, 19वीं सदी में उर्दू ग़ज़ल का चमकता सितारा थे। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E2 | इक पल में इक सदी का मज़ा - Khumar Barabankvi
आज का ख्याल शायर ख़ुमार बाराबंकवी की कलम से। शायर कहते है - इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए। 15 सितम्बर 1919 को जन्मे खुमार बाराबंकवी का मूल नाम मोहम्मद हैदर खान था। महान शायर और गीतकार मजरूह सुलतानपुरी उनके अज़ीज़ दोस्त थे। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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S2E1 | मगर ये ज़ख्म ये मरहम - Jaun Elia
आप सब से बेहद प्यार बटोरने के बाद, RJ पीयूष बापस आ गए है सीजन-2 के साथ। सीजन-2 का पहला ख्याल विख्यात शायर जॉन एलिया की कलम से। जॉन एलिया का जन्म 14 दिसंबर 1931 को अमरोहा में हुआ। यह अब के शायरों में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले शायरों में शुमार हैं। शायद, यानी, गुमान इनके प्रमुख संग्रह हैं। इनकी मृत्यु 8 नवंबर 2002 में हुई। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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60
60: आ के वाबसता हैं | Faiz Ahmed Faiz - The Season Finale
आज के ख्याल का ये आखिरी एपिसोड फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के नाम । फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ भारतीय उपमहाद्वीप के एक विख्यात पंजाबी शायर थे, जिन्हें अपनी क्रांतिकारी रचनाओं में रसिक भाव (इंक़लाबी और रूमानी) के मेल की वजह से जाना जाता है।। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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59: करोगे याद | Bashar Nawaz | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a Poet
आज का ख्याल बशर नवाज की तरफ से। बशर नवाज प्रख्यात उर्दू कवि एवं गीतकार थें। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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58: अँधा कबाड़ी | Noon Meem Rashid | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a Poet
आज का ख्याल नून मीम राशिद की तरफ से। इन्होने ४ ग़ज़ल और ६० नज़मे लिखी है और उतने में ही उन्होंने समः को बाँध दिया। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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57: न हारा है इश्क और न दुनिया थकी है | Khumar Baravankvi | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a Poet
आज का ख्याल ख़ुमार बाराबंकवी की तरफ से। ख़ुमार बाराबंकवी साह्ब असली नाम मोहम्मद हैदर खान है। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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56: ये दिल ये पागल मेरा | Mohsin Naqvi | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a Poet
आज का ख्याल मोहसिन नकवी की तरफ से। उन्होंने प्यार-मुहब्बत व दर्शन पर बड़ी शानदार गज़ले लिखी है। उनका 42 बरस की उम्र में ही कत्ल कर दिया गया, लेकिन उनकी शायरी के मार्फ़त हमेशा अमर है। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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55: आ के पत्थर | Shakeb Jalali | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a Poet
आज का ख़्याल जमील मज़हरी की तरफ से। जलाली साह्ब अपने ज़माने के बोहत मशहूर शायर थे, पकिस्तान में शायद ही एसे कोइ हो जो उनके बारे में ना जानते हो। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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54: मजदूर है हम, मजबूर है हम | Jameel Mazhari | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल जमील मज़हरी की तरफ से।जमील साहब ने उर्दू की शायरी में भले पुरानी हिंदोस्तानी ज़बान का इस्तेमाल किया, लेकिन उनमें अहसास के नए रंग भरे। उनकी खास किताबें हैं : नक्श-ए-जमील और फ़िक्र-ए-जमील। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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53: अब सो जाओ | Fahmida Riaz | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल फ़हमीदा रियाज की तरफ से। फ़हमीदा रियाज करीब सात सालों तक भारत में रहीं। दिल्ली के जामिया विश्वविद्यालय में रहकर हिंदी पढ़ना सीखा और फिर जब अपने देश पाकिस्तान वापस लौटीं तो बेनजीर भुट्टो की सरकार में सांस्कृतिक मंत्रालय से जुड़ गईं। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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52: तेरे चेहरा | Kaifi Bhopali | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल कैफ़ भोपाली साहब की तरफ से। कैफ़ भोपाली एक भारतीय उर्दू शायर और फ़िल्मी गीतकार थे। वे 1972 में बनी कमाल अमरोही की फिल्म पाक़ीज़ा में मोहम्मद रफ़ी द्वारा गाये गीत "चलो दिलदार चलो....." से लोकप्रिय हुए। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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51: कल चौदहवीं की रात थी | IBN E INSHA | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल इब्ने-इंशा साहब की तरफ से। इब्ने-इंशा ने इस बस्ती के एक कूचे में, चाँद नगर, दुनिया गोल है, उर्दू की आख़िरी किताब जैसी कुछ प्रमुख कृतियाँ लिखी है। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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50: तुम्हे भी याद आना है, आना तो है नहीं | Rehman Faris | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का खयाल रेहमान फारिस की तरफ से। पाकिस्तान के कई बेहतरीन शायर में से एक है। सुनते है उनका ये खयाल @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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49: दिल में खून आँखों में पानी बोहत | Shabnam Shakeel | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का खयाल शबनम शकील की तरफ से। पाकिस्तान की कई बेहतरीन शाइरा में से एक है शबनम शकील जी, सुनते है उनका ये खयाल @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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48: वो जो हम में तुम में करार था | Momin Khan Momin | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल मोमिन खान मोमिन साहब की तरफ से। मोमिन खान मोमिन साहब मुघ्लों के ज़माने के उर्दु शायर थे। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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47: मैं साइमन न्याय के कटघरे में खड़ा हूं | Ramashankar Yadav 'Vidrohi' | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़याल - मैं साइमन न्याय के कटघरे में खड़ा हूं...'विद्रोही' को इस खयाल में बेबीलोनिया से लेकर मेसोपोटामिया तक प्राचीन सभ्यताओं के मुहाने पर एक औरत की जली हुई लाश और इंसानों की बिखरी हुई हड्डियां मिलती हैं, जिसका सिलसिला अंतत: सीरिया के चट्टानों से लेकर बंगाल के मैदानों तक चला जाता है।सुनिए उनका ये ख़याल @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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46: एक लड़की थी | Hafeez Jalandhari | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल हफ़ीज़ जालंधरी साहब की तरफ से। हफ़ीज़ जालंधरी अविभाजित भारत में जन्मे उर्दु शायर थे जिन्होंने पाकिस्तान का क़ौमी तराना को लिखा।उन्हें "शाहनामा-ए-इस्लाम" की रचना करने के लिए भी जाना जाता है। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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45: उस मोड़ पर | Makhdoom Mohiuddin | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल मखदूम मोहिउद्दीन साहब की तरफ से। मखदूम मोहिउद्दीन भारत से उर्दू के एक शायर और मार्क्सवादी राजनीतिक कार्यकर्ता थे। वे एक प्रतिष्ठित क्रांतिकारी उर्दू कवि थे। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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44: थकना भी लाज़मी था कुछ काम करते करते | Zafar Iqbal | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल ज़फ़र इक़बाल साहब की तरफ से। ज़फ़र इक़बाल प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/नई दिशा देने वाले शायर हैं। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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43: ज़ुल्फ़ को अब्र का टुकड़ा | Anwar Jalalpuri | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल अनवर जलालपुरी साहब की तरफ से। अनवर जलालपुरी वही शख्स हैं, जिन्होंने श्रीमद भगवद् गीता का उर्दू में अनुवाद किया है। अनवर जलालपुरी शेरो-शायरी की दुनिया का जाना-माना नाम हैं। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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42: एक और साल गिरह | Shahryar | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल शहरयार साहब की तरफ से। शहरयार मानते थे कि अगर फिल्मी दुनिया में काम करना है तो ज़मीर ताक पर रखना होगा. यह उन जैसे शख्स को गवारा नहीं था। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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41: सितारों तुम तो सो जाओ | Qateel Shifai | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल क़तील शिफ़ाई साहब की तरफ से। क़तील शिफ़ाई का मूल नाम औरंगज़ेब खान था। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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40: ये हम गुनाहगार औरतें हैं | Kishwar Naheed | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल किश्वर नाहिद की तरफ से। किश्वर नाहिद पाकिस्तान से एक नारीवादी उर्दू कवि है। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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39: आशिक़ | Ameer Minai | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल अमीर मीनाई साहब की तरफ से। अमीर मीनाई साहब दाग़ देहलवी के समकालीन थे । अपनी ग़ज़ल ' सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता ' के लिए प्रसिद्ध हैं। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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38: अपनी तस्वीर को आँखों से लगाता क्या है | Shahzad Ahmad | Urdu Shayari | Famous Poetry | Life of a poet
आज का ख़्याल शहज़ाद अहमद की तरफ से। शहज़ाद अहमद साहब की शेरो-शायरी में कहीं न कहीं एक दोस्त ज़रूर मिल जाता हैं। सुनिए उनकी रचना और उनके जीवन के बारे में @radiokabachchan के साथ। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
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ख़ास अन्दाज़ जब सुखन का ना होशायरी, शायरी नहीं होती।वेद राही जी का ये शेर उतना ही ख़ूबसूरत हैं , जितना की सच। इसलिए हम लाए हैं तमाम दुनिया के शायरां और शायरों के ख़्वाब-ओ-ख़याल, सिर्फ़ रेडियो के बच्चन (@rjpeeyushsingh) की आवाज़ में। आप सुन रहे हैं एच टी स्मार्टकास्ट और ये है रेडियो नशा प्रोडक्शन |
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