-
134
योग वाशिष्ठ वैराग्य प्रकरण अध्याय 3
योग वाशिष्ठ वैराग्य प्रकरण अध्याय 3 जीवन मुक्ति के स्वरूप पर विचार जगत के मिथ्यात्व तथा द्विविध वासना का निरूपण तथा भगवान श्री राम की तीर्थ यात्रा का वर्णन।
-
133
योग वशिष्ठ वैराग्य प्रकरण अध्याय 02
योग वशिष्ठ वैराग्य प्रकरण अध्याय 02 इस शास्त्र के अधिकारी का निरूपण, रामायण के अनुशीलन की महिमा, भारद्वाज को ब्रह्मा जी का वरदान तथा ब्रह्मा जी की आज्ञा से वाल्मीकि का भारद्वाज को संसार दुःख से छुटकारा पाने के निमित्त उपदेश देने के लिए प्रवृत्त होना।
-
132
योग वशिष्ठ वैराग्य प्रकरण अध्याय 01
योग वशिष्ठ वैराग्य प्रकरण अध्याय 01 सुतीक्ष्ण और अगस्त्य, कारुण्य और अग्निवेश्य, सुरुचि और देवदूतों तथा अरिष्टनेमि और वाल्मिकी के संवाद का उल्लेख करते हुए भगवान राम के अवतार में ऋषियों के श्राप का कारण बताना। योग वशिष्ठ सनातन परंपरा का बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ है बिना योग्य वशिष्ठ को पढ़े या सुन हम भगवान राम के बारे में नहीं जान सकते इसलिए जो भी राम भक्त हैं उनके लिए यह अनिवार्य है कि वह योग वशिष्ठ का अध्ययन श्रवण अवश्य करें।
-
131
वास्तविक स्वतंत्रता क्या है?, क्या आप सचमुच आजाद हैं?
वास्तविक स्वतंत्रता क्या है?, क्या आप सचमुच आजाद हैं? वास्तविक स्वतंत्रता अपने आप में एक बहुत बड़ी चीज है और यह हमसे बहुत बड़ी कुर्बानी मांगती इसमें हमारी जान भी जा सकती है। देखा जाए तो मनुष्य जीवन आजाद पंछी की तरह जीने के लिए ही मिला लेकिन हम गुलामी के इतने अभ्यास हो गए हैं की आजादी का त्यौहार मानते तो हैं लेकिन उसकी तरफ कदम बढ़ाना नहीं जानते।
-
130
जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण शिक्षा देता गीता का प्रथम श्लोक
जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण शिक्षा देता गीता का प्रथम श्लोक
-
129
महिलाओं के सबसे बड़े दुश्मन ये ही हैं।
महिलाओं के सबसे बड़े दुश्मन ये ही हैं।
-
128
मणिपुर की घटना किसी सरकार की नाकामी नहीं है, यह भारत की जनता की नाकामी है।
मणिपुर की घटना किसी सरकार की नाकामी नहीं है, यह भारत की जनता की नाकामी है।
-
127
जाति क्या है, ब्राह्मण कौन है, शरीर, जाति,ज्ञान, कर्म,धर्म, या कुछ और ही?
जाति के बारे में बहुत कुछ इस समाज में फैलाया गया है कहां जा रहा है कोई अपने आप को दलित समझ के हीन भावना से ग्रसित है कोई अपने आपको ब्राह्मण समाज के फूल जा रहा है। इसमें आपको बताने की बात है की जाति का मतलब ही काल्पनिक है व्यवहारिक है इसमें कोई सत्यता नहीं है इसलिए आप अपने आप को जो चाहे वह समझ सकते हैं क्षत्रिय समझ सकते हैं वैसे समझ सकते हैं शूद्र समझ सकते हैं जो चाहे वह समझ सकते हैं । लेकिन ब्राह्मण नहीं समझ सकते क्योंकि ब्राम्हणत्व कर्म ज्ञान जाति धर्म वर्ण इन सबसे ऊंचा और अलग जाति गुणधर्म से परे इस पॉडकास्ट में आपको यह पता चल जाएगा कि वास्तव में जाति क्या है और ब्राम्हण तो क्या है आशा है आपको अच्छा लगेगा इसे शेयर करें और सब्सक्राइब करिए धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद।
-
126
स्वर्ग और नर्क क्या है।
स्वर्ग और नर्क की परिकल्पना केवल मनुष्य के लिए जानवरों के लिए नहीं क्योंकि जानवरों का जो जीवन है वह केवल भोग के लिए योग के लिए नहीं है जानवर के पास कोई ऑप्शन नहीं है कि अपनी चेतना को ऊपर उठा पाए यदि उनकी चेतना ऊपर नहीं उठती है तो उनके पास एक सिक्योरिटी भी है कि उनकी चेतना नीचे भी नहीं जाती मतलब जिस लेवल पर उनकी चेतना जन्म के समय रहती है उसी लेवल पर वह हमेशा बनी रहती है लेकिन मनुष्य के साथ ऐसा नहीं है यदि मनुष्य इंसानियत से भरा जीवन जी रहा है करुणा दया सहयोग खुशी आनंद आदि से भरपूर जीवन जी रहा उसकी चेतना ऊपर की तरफ जा रही है अन्यथा उसकी चेतना नीचे की तरफ चली जाएगी यदि वह काम क्रोध लोभ मोह इससे देश जलन इस से परिपूर्ण जीवन जी रहा है यही पहचान है अपनी चेतना को समझने का यदि हमारे अंदर दया करुणा क्षमा आनंद खुशी प्रसन्नता सहयोग यह सब चीजें बढ़ रही है तो साफ है कि हमारी चेतना का उत्तरोत्तर विकास हो रहा है और यदि यह चीजें नहीं बढ़ रही है तो हमारी चेतना निम्रता की तरफ जा रही है अब हमारी चेतना का विकास होता है स्वर्गीय जीवन जीते हैं। और जब हमारी चेतना नेता की तरफ जाती है कोन्नर्क से परिपूर्ण जीवन जीते हैं। यही जीवन स्वर्ग और नरक है यदि हम विकारों के वशीभूत होकर के जीवन जीने तो जीवन में नर्क है और यदि हम दया करुणा प्रेमानंद से परिपूर्ण जीवन मस्ती भरा जीवन जी रहे और दूसरों को भी यह जीवन जीने में मदद कर रहे हैं तो हमारा जीवन स्वर्ग में है यही स्वर्ग और नरक की पहचान धन्यवाद धन्यवाद
-
125
जरा विचार करें कि आप क्या हैं, मनुष्य या मनुष्य रूप में जानवर।
दोस्तों हमारे सारे दुखों का कारण है कि हमें अपनी असलियत पता ही नहीं हम अपने आप को मनुष्य मानते हैं लेकिन वास्तव में हम मनुष्य है नहीं हम तो मनुष्य रूप में जानवर है क्योंकि हमारे जो भी कर्म है शत शत प्रतिशत जानवरों से मिलते हैं एक भी कर्म हम ऐसा नहीं करते कि जो हमें जानवरों से ना मिलता हूं हमारे में और जानवरों में बहुत समानता है और जानवर कुछ माने में हमसे श्रेष्ठ है और कुछ माने में हम जानवरों से श्रेष्ठ है एक चीज केवल हमें मनुष्य बनाती है लेकिन वह काम हम करते ही नहीं मनुष्य जन्म कई जन्मों के बाद मिलता है मनुष्य जन्म के लिए कहा गया है कि मनुष्य जन्म देवताओं को भी दुर्लभ जानते हैं क्यों क्योंकि मनुष्य जन्म से के द्वारा ही परमात्मा की प्राप्ति होती है मनुष्य का जन्म परमात्मा की प्राप्ति के लिए मिलता है मुक्ति जीवनमुक्ति के लिए मिलता है इस जन्म मरण के बंधन से छुटकारा पाने के लिए मिलता है न कि भोगने के लिए जानवरों की है। मनुष्य जन्म भोगने के लिए नहीं है मनुष्य जन्म है त्याग तपस्या का जीवन जीते हुए परमात्मा को प्राप्त करने का लेकिन मनुष्य जन्म के बाद हम में से ज्यादातर लोगों को तो पता ही नहीं रहता है कि मनुष्य जन्म हमें मिला क्यों है। इसी कारण लोग भ्रम में रहते हैं और इसी कारण लाख ईश्वर हमारे पास हो जाए अथाह संपत्ति हो जाए पूरे विश्व का शासन हो जाए फिर भी हमें शांति नहीं मिलती क्यों क्योंकि हमारा जन्म ही हुआ है परमात्मा को प्राप्त करने के लिए और जब तक हम परमात्मा को प्राप्त नहीं करते उसमें मिल नहीं जाते उसमें मिट नहीं जाते तब तक हमें शांति नहीं मिलती इसलिए आप अपने आपको चेक करिए देखिए कि आप कौन सी जिंदगी जी रहे जानवरों वाली कि मनुष्य वाली क्योंकि मनुष्य रूपी जानवर का जन्म तो आपको सहज मिल गया है मनुष्य बनने के लिए आपको परिश्रम करना पड़ेगा उसके लिए तब करना पड़ेगा तपस्या करनी पड़ेगी तब जाकर आपको मनुष्य जन्म मिलेगा और वह मनुष्य जन्म आपके प्रयास से मिलेगा और फिर आप परमात्मा की प्राप्ति की तरफ अग्रसर हो जाएंगे। जब तक आपका कदम परमात्मा की प्राप्ति के तरफ नहीं जाता है जब तक आप काम क्रोध लोभ मोह अहंकार पद प्रतिष्ठा कि जंजाल में गिरे हुए तब तक आप मानव नहीं है तब तक आप जानवर है जब परमात्मा की तरफ आप कदम बढ़ा देंगे तब जानवर से मनुष्य बनने की तरफ अग्रसर हो जाएंगे आज इतना ही बहुत-बहुत धन्यवाद यदि पसंद आए तो शेयर करें सब्सक्राइब करें।
-
124
धनिया के औषधीय प्रयोग 3
जहां पर हरी धनिया पत्ती के बारे में बात की गई है वहां पर हरी धनिया का उपयोग करना है नहीं तो बाकी जगहों पर खड़ी धनिया और धनिया पाउडर का उपयोग करना है।
-
123
धनिया के औषधीय प्रयोग 2
धनिया के औषधीय प्रयोग 2,जहां पर हरी धनिया पत्ती के बारे में बात की गई है वहां पर हरी धनिया का उपयोग करना है नहीं तो बाकी जगहों पर खड़ी धनिया और धनिया पाउडर का उपयोग करना है।
-
122
धनिया के औषधीय प्रयोग 1
धनिया बहुत ही आसानी से उपलब्ध होने वाला और बहुत ही फायदेमंद औषधीय इसके उपयोग के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करें जितने प्रयोग यहां बताए गए हैं उससे भी बहुत ज्यादा इसके प्रयोग धन्यवाद धन्यवाद जहां पर हरी धनिया पत्ती के बारे में बात की गई है वहां पर हरी धनिया का उपयोग करना है नहीं तो बाकी जगहों पर खड़ी धनिया और धनिया पाउडर का उपयोग करना है।
-
121
धनिया के औषधीय प्रयोग
धनिया का उपयोग हमारे भारतीय समाज में मसाले के तौर पर बहुत पहले से होता आ रहा है वास्तव में यह मसाला नहीं है औषधि है और यदि हम इन के औषधीय गुणों को जानकर के इसका उपयोग करेंगे तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगी धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद जहां पर हरी धनिया पत्ती के बारे में बात की गई है वहां पर हरी धनिया का उपयोग करना है नहीं तो बाकी जगहों पर खड़ी धनिया और धनिया पाउडर का उपयोग करना है।
-
120
अष्टावक्र गीता ऑडियो पुस्तक चैप्टर 01
पुस्तक अष्टावक्र गीता आचार्य प्रशांत जी द्वारा अष्टावक्र गीता के ऊपर किए गए प्रवचनों उपदेशों का संग्रह है और अष्टावक्र गीता में महाराज जनक द्वारा अष्टावक्र जी से जीवन के संबंध में ईश्वर के संबंध में आत्मा परमात्मा के संबंध में किए गए ढेर सारे प्रश्नों का उत्तर है और जिसको जानने के बाद महाराज जनक देह में रहते हुए भी विदेह हो गए जनक जी को अपनी आत्मा का परमात्मा दोनो का दर्शन हुआ। तो हमारे जनमानस में जो भ्रांतियां फैली हुई है परमात्मा को लेकर आत्मा को लेकर उसको दूर करने के लिए एक बहुत अच्छी पुस्तक है इसे आप खरीद करके मंगाए और पढ़ें अष्टावक्र गीता जो है बहुत अच्छी तो है ही लेकिन उस पर जो आचार्य प्रशांत जी द्वारा जो कुछ और विश्लेषण किया गया है वह अपने आप में बहुत अनूठा है धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद
-
119
मोटिवेशन दिल से- सम्पूर्ण पुस्तक ऑडियो बुक
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से- यह बहुत ही अच्छी पुस्तक है। इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
118
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 21
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
117
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 20
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
116
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 19
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
115
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 18
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
114
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 17
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
113
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 16
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
112
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 15
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
111
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर14
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
110
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 13
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
109
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 12
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
108
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 11
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
107
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 10
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का दसवां चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
106
मोटिवेशन दिल से ओडियो बुक चैप्टर 09
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का नौवां चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
105
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 08
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का आठवां चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
104
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 07
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का सातवां चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
103
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 06
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का छठवां चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
102
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 05
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का पंचम चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
101
मोटिवेशन दिल से- ऑडियो बुक चैप्टर 04
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का चतुर्थ चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
100
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 03
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का तृतीय चैप्टर : इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
99
मोटिवेशन दिल से - ऑडियो बुक चैप्टर 02
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का द्वितीय चैप्टर : मोटिवेशन और पॉजिटिव थिंकिंग पूरी बात इस पुस्तक को खरीद कर अवश्य पढ़े ।
-
98
खुशहाल जीवन के आश्चर्य जनक रहस्य।
यदि हम जीवन को एक गाड़ी मान ले तो खुशहाल जीवन जीने के रहस्य को हम उसके चार पहियों से संबोधित कर सकते हैं। जिस तरह से गाड़ी को सही सलामत चलने के लिए चारों पहियों में भरपूर हवा चाहिए उसी तरह से खुशहाल जीवन के लिए भी चार महत्वपूर्ण पहलू है जो प्रॉपर बैलेंस होनी चाहिए यदि हम ऐसा करते हैं तो हमारा जीवन सर्वथा खुशहाल रहेगा। खुशहाल जीवन के 4 पहलू हैं जिन्हें आप चार पहिए भी कह सकते हैं। नंबर 1 पर्सनल लाइफ नंबर, 2 रिलेशनशिप लाइव, नंबर 3 वर्क लाइफ, नंबर 4 सोशल लाइफ । इन चारों क्षेत्र में यदि हम बराबर काम कर रहे हैं तो हमारा जीवन सदा खुशहाल रहेगा और प्रसन्नता से भरपूर रहेगा इस पॉडकास्ट में इन्हीं चार पहुलुओ के ऊपर चर्चा की गई जो आपके लिए बहुत ही लाभदायक होगा।
-
97
मोटिवेशन दिल से ऑडियो बुक चैप्टर 01
आचार्य प्रशांत द्वारा लिखित पुस्तक , मोटिवेशन दिल से , का प्रथम चैप्टर :- मोटिवेशन बेहोश दौड़ने का सस्ता नशा ।
-
96
नए वर्ष को इस प्रकार अपने लिए मंगलमय बनाएं।
नए वर्ष को इस प्रकार अपने लिए मंगलमय बनाएं।
-
95
Happy new year 2023
Happy new year 2023
-
94
पुराने वर्ष को दिल से शुक्रिया अदा करें।
पुराने वर्ष को दिल से शुक्रिया अदा करें।
-
93
Toxins को कैसे शरीर में जाने से रोकें।
Toxins को कैसे शरीर में जाने से रोकें।
-
92
हम क्यों बीमार पड़ते हैं।
स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है।
-
91
हमारे शरीर में टॉक्सिंस किस तरह इकट्ठा होता है।
हमारे शरीर में टॉक्सिंस किस तरह इकट्ठा होता है।
-
90
Know your health
Know your health
-
89
Awareness is every thing
Heathy wealthy life ki शुरुआत ही awarness से होती है
-
88
सत्यनारायण व्रत कथा पंचम अध्याय
सत्यनारायण व्रत कथा पंचम अध्याय
-
87
सत्यनारायण व्रत कथा चतुर्थ अध्याय
सत्यनारायण व्रत कथा चतुर्थ अध्याय
-
86
सत्यनारायण व्रत कथा तृतीय अध्याय
सत्यनारायण व्रत कथा तृतीय अध्याय
-
85
सत्यनारायण व्रत कथा, द्वितीय अध्याय सदानंद ब्राह्मण एवम लकड़हारे की कथा।
सत्यनारायण व्रत कथा, द्वितीय अध्याय सदानंद ब्राह्मण एवम लकड़हारे की कथा।
We're indexing this podcast's transcripts for the first time — this can take a minute or two. We'll show results as soon as they're ready.
No matches for "" in this podcast's transcripts.
No topics indexed yet for this podcast.
Loading reviews...
Loading similar podcasts...