PODCAST · news
Pod Khaas
by Aaj Tak Radio
Pod Khaas is a Hindi podcast where we present a long in-depth analysis of an ongoing news story.Border trouble, Budget, elections or a scam—what is today’s biggest news? We pick the story that deserves an in-depth analysis and with our research and help of experts we analyse every aspect of it.यहां मिलेंगे वे पॉडकास्ट जो ख़बरों से आगे की बात करते हैं. पॉलिटिकल एनालिसिस से लेकर जुर्म की दुनिया के सनसनीख़ेज़ क़िस्से, आपके सिनेमा का हाल और ज्ञान बढ़ाने वाली स्पेशल सीरीज़.
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं को 'ना' कहना सीखना होगा
महिलाओं ने तमाम बंदिशों, रुकावटों और बाधाओं को पार करते हुए हर क्षेत्र में कामयाबी का परचम लहराया है. तो आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इस स्पेशल पॉडकास्ट में पूनम कौशल के साथ सुनिए महिलाओं के दिल की आवाज़.
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भारत में इलाज के लिए होने वाली सर्जरी की दर कम क्यों है? : पॉड ख़ास, Ep 692
Lancet Commission for Global Survey के अनुमान के मुताबिक़ भारत जैसे देशों में 5000 सर्जरी की आवश्यकता है हर एक लाख बीमार व्यक्ति के लिए जो की मिडिल क्लास या उससे नीचे की कैटेगरी से आता है. लेकिन pan-India surgery market report के अनुसार भारत में केवल 1,463 सर्जरी होती हैं हर एक लाख व्यक्ति पर, तो ये दर इतनी कम क्यों है. इसी को लेकर अमन गुप्ता ने बात की डॉ. ईश्वर पी. गिलाडा से.
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मौजूदा बजट से डिफेंस सेक्टर में क्या बड़े बदलाव के संकेत मिलते हैं: पॉड ख़ास, Ep 691
इस साल के बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए जो एलोकेशन हुआ है, क्या यह पर्याप्त है? क्या यह हमारी ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम है? चीन और पाकिस्तान की तुलना में हमारे रक्षा बजट की क्या स्थिति है और इसमें कितनी बढ़ोतरी करने की ज़रूरत है? पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए डिफेन्स एक्सपर्ट और इंडिया टुडे के सीनियर जर्नलिस्ट संदीप उन्नीथन के साथ रितु राज की बातचीत.
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भारत में क्यों तख़्तापलट नहीं हो सकता? पॉडख़ास, Ep 690
जब कहीं तख्तापलट होता है तो मन में सवाल जरूर आते हैं कि क्यों ऐसा होता है. पता कैसे चलता है कि तख्तापलट हुआ है? तख्तापलट के बाद आगे की राह कैसी होती है? दुनिया में सबसे ज्यादा तख़्तापलट किन क्षेत्रों में होता है क्या कारण होते हैं? और क्यों कहा जाता है कि भारत में तख़्तपलट नहीं हो सकता? इन सब मसलों पर अमन गुप्ता ने बात की ऑब्ज़र्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन दिल्ली में स्टडीज़ एंड हेड ऑफ़ स्ट्रेटजिक स्टडीज़ प्रोग्राम के डायरेक्टर प्रोफे़सर पंत से.
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सरकारी संपत्ति बेचने पर क्यों आमादा है सरकार: पॉड ख़ास, Ep 689
बजट में सरकारी विनिवेश को लेकर खूब बातें हो रही हैं. कई कंपनियों के विनिवेश की बात कही गयी है. तो क्या इसे सरकारी सेल कहना उचित है? क्या सरकार के पास अपनी संपत्ति बेचने के अलावा और कोई चारा ही नहीं था और सरकार की यह पॉलिसी भविष्य में किस ओर जाती दिख रही है, पॉडख़ास में इसी मसले पर सुनिए इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एडिटर और आर्थिक मामलों के जानकार अंशुमान तिवारी के साथ रितु राज की बातचीत.
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तुलसी के रामचरित मानस को भोजपुरी रंग देने वाले शख़्स से मिलिए: पॉड ख़ास, Ep 688
तुलसीदास रचित रामचरितमानस को लोग अपने अपने अंदाज़ में पढ़ते और गाते रहे हैं. मगर बिहार के एक शिक्षक रामचरितमानस को अपने अंदाज़ में लिख रहे हैं. पीयूष मोहन इनका नाम है और इन्होंने अवधी भाषा में लिखे इस काव्यग्रंथ को भोजपुरी में लिखने की ठानी है. तो इन्हें यह प्रेरणा कहां से मिली और अबतक का अनुभव कैसा रहा, पॉडख़ास में अमन गुप्ता के साथ सुनिए इनकी बातचीत.
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आसान भाषा में बजट का लब्बोलुआब समझिए: पॉड ख़ास, Ep 687
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना बजट भाषण संसद में दे दिया, लेकिन ज़रूरी नहीं है कि उनकी हर बात आपके पल्ले पड़ी हो. तो पॉडख़ास में आपका काम आसान कर रहे हैं रितु राज, इसके लिए उन्होंने बात की आर्थिक मामलों के जानकार शुभम शंखधर से और बजट से निकाली वो बातें जिसका सीधा नाता आपसे और आपकी जेब से है. सुनिए इन दोनों की ये बातचीत.
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क़ानून होने के बावजूद क्यों नहीं रुकता राजनेताओं का दल-बदल : पॉड ख़ास, Ep 686
लोकनीति-सीएसडीएस के रिसर्च फैलो की स्टडी रिपोर्ट सामने आई है. इसमें दल-बदल से जुड़ा एक आंकड़ा दिया गया है. आंकड़ा ये है कि 2017 से 2020 तक पद पर रहते हुए 168 सांसद-विधायकों ने दल-बदल किया है. और दल-बदल करने वालों में भी 82 फ़ीसदी यानी 138 लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को चुना तो दल बदल क़ानून होने के बावजूद देश में इधर चला मैं, उधर चला क्यों होता रहता है. और कैसे प्रभावी बनेगा ये क़ानून इसी मसले पर पॉडख़ास में अमन गुप्ता ने बात की राजनीतिक विश्लेषक, लेखक और वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी से.
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जब गोडसे ने गोलियों से छलनी कर दिया राष्ट्रपिता का सीना: पॉड ख़ास, Ep 685
30 जनवरी 1948 इतिहास का वो काला दिन है जब नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी यानि बापू की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसी दिन का क़िस्सा सुनिए कुलदीप और उपासना से इस पॉडख़ास में.
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आम बजट से पहले तेजी से टूटा बाज़ार कैसे संभलेगा: पॉड ख़ास, Ep 684
21 जनवरी को 50 हज़ारी हुआ सेंसेक्स लगभग तीन हज़ार पॉइंट टूट गया है. 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी. तो बजट से ठीक पहले मार्केट क्या संकेत दे रहा है? बाजार को बजट से क्या उम्मीदें हैं और क्या मार्केट बजट के बाद एक बार फिर गुलज़ार हो पाएगा, पॉड ख़ास में इसी मसले पर सुनिए मार्केट एक्सपर्ट शुभम शंखधर से रितु राज की बातचीत.
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Airtel और Jio में से कौन जीत रहा है 5G की बाजी: पॉड ख़ास, Ep 683
Reliance Jio के बाद Airtel ने अपनी 5G सर्विस की घोषणा कर दी है.तो 4G के मुकाबले 5G से हमारी और आपकी ज़िंदगी में क्या बदलाव आएगा? 5G के लिए आपको क्या कीमत चुकानी होगी, पूरे देश में 5G नेटवर्क कब तक पहुंचेगा और क्या यह सबके लिए होगा? तो टेलीकॉम मामलों के जानकार मनु कौशिक से पॉड ख़ास में समझिए 5G और इससे जुड़े पहलुओं को, जिनसे बात की रितु राज ने.
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श्वेता बासु और रघुबीर यादव ने कैसे घोला जामुन में मिठास: पॉड ख़ास, Ep 682
एक मीठी सी फिल्म आई है- जामुन. तो बाप-बेटी के खूबसूरत रिश्तों की कहानी कहती यह फिल्म कैसे बनी? फिल्म में जामुन प्रसाद का किरदार निभाना रघुबीर यादव के लिए कितना चुनौती भरा था, श्वेता बासु प्रसाद ने इस फिल्म के लिए क्यों भरी हामी और फिल्म के सबसे बेहतरीन सीन्स कौन से हैं, पॉडख़ास में सुनिए इस फिल्म के डायरेक्टर गौरव मेहरा और इसकी जान रघुबीर यादव और श्वेता बासु प्रसाद के साथ कुमार केशव की बातचीत.
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नारों के साथ रणनीति बदलतीं ममता, क्या पार लगेगी नैया: पॉड ख़ास, Ep 681
पश्चिम बंगाल में सियासत रोज़ नया रुख ले रही है. विपक्षी हावी हैं सो ममता बनर्जी ने भी तय किया कि वो रणनीति बदलेंगी. रणनीति बदल रही है, नतीजतन नारे बदल रहे हैं. तो टीएमसी की स्ट्रैटेजी कैसे बदल रही है और नारों में क्या परिवर्तन दिख रहा है, उस परिवर्तन से झलक क्या रहा है, पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए आजतक बांग्ला के एडिटर केशवानंद दुबे के साथ कुमार केशव की बातचीत.
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नेपाली पीएम ओली के कमज़ोर होने का भारत को फायदा होगा या नुक़सान?: पॉड ख़ास, Ep 680
नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी से हटा दिया गया है. पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' को उनकी जगह नया संसदीय दल का नेता चुना गया है. तो ओली को क्यों दिखाया गया बाहर का रास्ता और क्या उनके हटने से भारत-नेपाल के बीच रिश्ते सुधरेंगे, पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए लेखक और विदेशी मामलों के जानकार मोहम्मद ज़ीशान से नितिन ठाकुर की बातचीत.
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फॉरेस्टर्स को और बंदूकें देने से ज़्यादा क्या है ज़रूरी?: पॉड ख़ास, Ep 678
जंगलों में इंसानी घुसपैठ, शिकार और खनिजों के अवैध दोहन को रोकने की ज़िम्मेदारी है वन विभाग के फॉरेस्टर्स और रेंजर्स पर. इन्हें बचाने की जद्दोजहद में कई बार इन लोगों पर भी हमले हो जाते हैं. कहा जा रहा कि सुरक्षा के लिए इन लोगों को बंदूकें दे दी जाएं तो क्या बंदूकें ये मसला सुलझा देंगी? और बंदूकें मिल गई तो क्या लोगों पर रेंजर्स बंदूक चला भी सकते हैं? पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए अमन गुप्ता की इंडिया टुडे मैग्जीन में एसोसिएट एडिटर राहुल नोरोन्हा के साथ बातचीत.
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क्या भारत अपनी विदेश नीति को लेकर बुरी तरह कंफ्यूज़ है?: पॉड ख़ास, Ep 677
दुनिया में सब झगड़े जंग से नहीं सुलझते. मामला दो देशों का हो तो मसला और पेचीदा हो जाता है. वहां काम आती है डिप्लोमेसी. और डिप्लोमेसी पर एक किताब आई है जिसका नाम है Flying Blind (India’s quest for global leadership). तो पॉडख़ास में नितिन ठाकुर ने बात की इस किताब के लेखक मोहम्मद ज़ीशान से. और उनसे जाना कि भारत की विदेश नीति में क्या कमियां हैं, क्या कभी चीन के साथ भारत की सुलह हो सकती है और क्या 30-40 साल बाद अमेरिका की जगह ले सकता है भारत? सुनिए इन दोनों की ये बातचीत.
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Gullak-2 के डायरेक्टर-राइटर से सुनिए कहां मिले उन्हें अपनी कहानी के किरदार: पॉड ख़ास, Ep 676
वेब सीरीज़ “गुल्लक” का सेकेंड पार्ट आ गया है. छोटे शहर की मिडिल क्लास फैमिली के क़िस्सों से भरी हुई इस गुल्लक में आपको अपनी मम्मी, पापा या भाई दिख सकते हैं. कई बार खुद को भी खड़ा पाएंगे. नितिन ठाकुर ने इस वेब सीरीज़ के डायरेक्टर पलाश वासवानी और राइटर दुर्गेश सिंह से बात की. सुनिए कहां मिले इन दोनों को अपने किरदार, खुद को किस पात्र के सबसे करीब पाते हैं ये और कैसे सिक्का सिक्का जोड़ बनाई इन्होंने गुल्लक.
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ऑस्ट्रेलिया पर टीम इंडिया की ये जीत स्पेशल क्यों है: पॉड ख़ास, Ep 675
टीम इंडिया ने ब्रिसबेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली. इसके साथ ही भारतीय टीम ने ऑस्टेलियाई सरजमीं पर लगातार दो टेस्ट जीतकर इतिहास रच दिया. तो एडिलेड में मुंह की खाने के बाद टीम इंडिया ने पलटवार कैसे किया, ऑस्ट्रेलिया से कहां चूक हुई, इस ऐतिहासिक जीत के नायक कौन-कौन रहे और ये जीत इतनी स्पेशल क्यों है, पॉड ख़ास में इसी विषय पर सुनिए वरिष्ठ खेल पत्रकार राजेश राय, मोहम्मद इक़बाल, कुलदीप मिश्र और कुमार केशव की ये चर्चा.
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कोविड के बाद भारत में कैसा होगा मास्क इंडस्ट्री का भविष्य?: पॉड ख़ास, Ep 674
कोविड महामारी के कारण मास्क की मांग अचानक बढ़ गई ये सब जानते हैं. लेकिन धीरे धीरे मास्क के प्रति लोगों में जो शुरुआत में जागरुकता थी वो जाती रही. बड़े शहरों में कड़े क़ानूनों और नियमों के बदौलत कुछ हद तक अभी मास्क ज़रूरी बना हुआ है लेकिन छोटे शहरों में तो लोगों ने इसे त्याग ही दिया है. अब ऐसे में भारत में मास्क की इंडस्ट्री का क्या होगा और पर्यावरण के लिहाज़ से सुरक्षित मास्क बनाने की दिशा में कैसे काम होगा? इसी पर अमन गुप्ता ने बात की ग्लोबल पीपीई मार्ट में बोर्ड मेंबर हरजीव सिंह से.
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क्या भारत को बैड बैंक की ज़रूरत है: पॉड ख़ास, Ep 673
फाइनेंस की दुनिया में एक ऐसे बैंक की चर्चा है, जिसे बैंकिंग और कर्ज के लिए एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है. और वह है बैड बैंक. तो क्या होता है ये बैड बैंक और आजकल इसकी चर्चा क्यों हो रही है? बजट से ठीक पहले बैड बैंक को लेकर RBI के गवर्नर ने जो स्टेटमेंट दिया है, उसके क्या मायने हैं? दुनिया में और कहाँ बैड बैंक का कांसेप्ट है, सुनिए पॉडख़ास में इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एडिटर अंशुमान तिवारी के साथ रितु राज की बातचीत.
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युद्ध की स्थिति में चीन और पाक का एक साथ मुकाबला कर पाएगा भारत? : पॉड ख़ास, Ep 672
चीन और पाकिस्तान भारत के अहित के मामले में एक हो जाते हैं. यानि युद्ध हुआ तो भारत के लिए दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध करने की चुनौती होगी. ऐसे में भारत इसक् लिए कितना तैयार है? क्या हमारे प्लस पॉइंट हैं और क्या हमारी वीकनेस है जिसपर हमें सुधार करने की आवश्यकता है? इसी पर अमन गुप्ता ने रिटायर्ड मेजर जनरल शशि अस्थाना से बात की है इस पॉडख़ास में.
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629
ट्रंप पर अगर महाअभियोग चला तो क्या अमेरिका और भी टूट जाएगा?: पॉड ख़ास, Ep 671
अमेरिका में चुनाव ख़त्म हो चुके हैं लेकिन ट्रंप चर्चा में हैं. उन पर महाअभियोग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ऐसे में सवाल है कि क्या बाइडेन उन पर इंपीचमेंट चलाएँगे? क्या इससे अमेरिका और बंट जाएगा, बाइडेन कौन सी राह लेंगे. इन सवालों पर चर्चा कर रहे हैं विदेशी मामलों के जानकार प्रोफसर हर्ष पंत और नितिन ठाकुर.
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628
देश के सबसे हाई प्रोफाइल केसेज़ के नए पहलू खोलती है ये किताब: पॉड ख़ास, Ep 670
आमोद कंठ भारत के प्रसिद्ध पुलिस अधिकारियों में से एक माने जाते है. कई चर्चित केसेज से जुड़े रहे हैं, चाहे वो इंदिरा गांधी की हत्या हो या सिख विरोधी दंगे, खालिस्तान मूवमेंट हो, या फिर राजीव गांधी की हत्या. उन्होंने इन सारे केसेस की इन्वेस्टीगेशन पर एक किताब लिखी है. नाम है- 'Khaki In Dust Storm'. सुनिए आमोद कंठ से वो सारे क़िस्से जो इस किताब और इन चर्चित केसेज से जुड़े हैं. उनसे ये दिलचस्प बातचीत की नितिन ठाकुर ने.
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627
क्या है WHO के ब्लू प्रिंट में शामिल 'डिज़ीज़ X' जो भविष्य में बन सकती है महामारी: पॉड ख़ास, Ep 669
WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अगली महामारी की तैयारियों के लिहाज़ से एक रिसर्च और डेवलपमेंट ब्लूप्रिंट तैयार किया है. क्या है ये? और इस ब्लूप्रिंट में शामिल की गई "डिजीज एक्स" नाम की एक बीमारी क्या है? इसके लिए कितना चौकन्ना रहने की ज़रूरत है? डब्ल्यूएचओ इसके लिये क्या रणनीति अपना रहा है? इन्हीं सब मसलों पर पॉडख़ास में सुनिए डॉ. स्वपनिल पारिख से अमन गुप्ता की बातचीत.
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औरंगाबाद के नाम पर क्यों भिड़े हुए हैं सियासी दल?: पॉड ख़ास, Ep 668
महाराष्ट्र में औरंगाबाद जगह ही नहीं है बल्कि आजकल सियासत का मुद्दा भी है. सरकार और विपक्ष के बीच तो झगड़ा है ही, सरकार में बैठे गठबंधन के लिए भी खींचतान का मसला है. औरंगाबाद के नाम पर क्या विवाद है और क्यों है इस पर बात की रितुराज ने इंडिया टुडे के सीनियर असिस्टेंट एडिटर प्रभाष के दत्ता से.
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अश्विन-विहारी की तारीफ़ जायज़ मगर पुजारा को क्यों भूल गए लोग: पॉड ख़ास, Ep 667
सिडनी टेस्ट की पहली पारी में धीमी बैटिंग करने के लिए चेतेश्वर पुजारा की काफी आलोचना हुई. मगर इस मैच को ड्रॉ कराने में पुजारा का योगदान कहीं से कम नहीं रहा. उन्होंने दोनों पारियों में सबसे ज़्यादा गेंदें खेलीं, तो उन्हें इसका क्रेडिट क्यों नहीं मिलना चाहिए? चोटों से जूझ रही टीम इंडिया के लिए चौथे टेस्ट में क्या विकल्प बचते हैं, पॉड ख़ास में इन्हीं मसलों पर सुनिए वरिष्ठ खेल पत्रकार राजेश राय के साथ रितु राज और कुमार केशव की बातचीत.
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वॉट्सऐप की नई मुसीबत क्या और आपके पास इसके अलावा कौन से ऑप्शन्स?: पॉड ख़ास, Ep 666
WhatsApp अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर विवादों में है. क्या है इस प्राइवेसी पॉलिसी में जिसकी वजह से मुसीबत में पड़ सकता है वॉट्सऐप? वॉट्सऐप की गलियां छोड़ना चाहते हैं तो आपके पास क्या ऑप्शंस हैं, पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए टेक एक्सपर्ट अभिषेक तैलंग से नितिन ठाकुर की बातचीत.
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बच्चों को इतिहास पढ़ानेवाली ये किताब बड़ों के काम की भी क्यों है? : पॉडख़ास, Ep 665
इतिहास सिर्फ़ कहानी-क़िस्सा ही नहीं होता लेकिन उनके बहाने समझाया जाना दिलचस्प ज़रूर बन जाता है. मल्लिका रविकुमार ने एक किताब लिखी है- Of Revolutionaries and Bravehearts.जांबाज़ स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर हिंदुस्तान को अंग्रेज़ी सिखाने वाले मैकॉले तक इन कहानियों का हिस्सा हैं. इस किताब पर बात की मल्लिका रविकुमार से नितिन ठाकुर ने.
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कहां जाकर रुकेगा बेरोज़गारी का कांटा और कब सुधरेंगे हालात?: पॉड ख़ास, Ep 664
CMIE के नये आंकड़ों के मुताबिक दिसम्बर में बेरोज़गारी दर 9.1% तक पहुँच गया है। वहीं, नवम्बर में ये आंकड़ा करीब 6.5% था। इस पॉडकास्ट में हम CMIE के नये आंकड़ों को समझते हुए बढ़ती हुई बेरोज़गारी की वजहों पर चर्चा कर रहे हैं. क्या हो रहा है रोज़गार के मोर्चे पर, समझिए आर्थिक मामलों के जानकर और इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एडिटर अंशुमान तिवारी से, उनसे बात कर रहे हैं रितु राज.
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बर्ड फ़्लू की दहशत के बीच क्या चिकन और अंडा खाना सेफ़ है?: पॉड ख़ास, Ep 663
बर्ड फ़्लू का संकट देश के कई राज्यों में एक बार फिर गहराने लगा है. बर्ड फ़्लू होता क्या है, ये पक्षियों के बीच कैसे फैलता है? पक्षियों से इंसान में फैलने की कितनी संभावना है, किसी को बर्ड फ्लू हो जाए तो क्या इलाज संभव है और क्या अभी अंडा या चिकन खाना सेफ़ है? सुनिए पॉडख़ास में इन सभी सवालों के जवाब इंडिया टुडे के सीनियर असिस्टेंट एडिटर प्रभाष दत्ता से और उनसे बात की रितु राज ने.
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कैपिटल हिल पर धावे ने क्या डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक करियर ख़त्म कर दिया है?: पॉड ख़ास, Ep 662
बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की भीड़ ने वॉशिंगटन के कैपिटल हिल इलाक़े पर जैसे धावा बोला उससे दुनिया हैरान रह गई. इसे दुनिया के कई नेताओं ने और यहाँ तक कि ट्रंप की अपनी पार्टी के कई नेताओं ने डेमोक्रेसी पर हमला करार दिया. तो आने वाले समय में इस घटना के क्या असर देखने को मिलेंगे और क्या इससे ट्रंप के राजनीतिक करियर पर पूर्णविराम लग गया है, पॉडख़ास में इसी मसले पर सुनिए प्रोफ़ेसर हर्ष पंत के साथ नितिन ठाकुर की बातचीत.
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2021 में सिल्वर स्क्रीन पर धमाल मचाने आएंगी ये फ़िल्में: पॉड ख़ास, Ep 661
कोरोना महामारी के चलते साल 2020 में काफी कम फ़िल्में ही रिलीज़ हो पाईं. तो पिछले साल की वो कौन सी बड़ी फ़िल्में हैं जिसका इंतज़ार लोग बेसब्री से कर रहे हैं? इस साल कौन सी फ़िल्में बड़े परदे पर धमाल मचाती नज़र आएंगी? किस तरह की फ़िल्में ज़्यादा देखने को मिलेंगी, कौन से नए चेहरे दिखने वाले हैं? पॉडख़ास में सुनिए इंडिया टुडे की एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट नैऋता मुखर्जी के साथ कुमार केशव की बातचीत.
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Whatsapp ने चुपके से जो नियम थोपे हैं, उससे क्या ख़तरा पैदा होने वाला है: पॉड ख़ास, Ep 660
WhatsApp ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को अपडेट किया है. वॉट्सऐप ने यूजर्स को इस नई पॉलिसी को मंज़ूर करने के लिए 8 फरवरी तक की मोहलत दी है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको अकाउंट डिलीट करना होगा. तो क्या है Whatsapp की ये नई प्राइवेसी पॉलिसी, क्या इससे यूजर्स की प्राइवेसी को कोई ख़तरा है? इसे लाने के पीछे कंपनी का मकसद क्या है और कंपनी के एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन के दावे का क्या, पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए साइबर एक्सपर्ट रितेश भाटिया के साथ रितु राज की बातचीत.
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कोरोना वैक्सीन ले ली, अगर असर नहीं हुआ तो क्या होगा?: पॉड ख़ास, Ep 659
भारत में अबतक दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिली है और इसको लेकर विवाद भी हो रहा है. ख़ासकर भारत बायोटेक की कोवैक्सीन पर सवाल उठ रहे हैं कि ट्रायल पूरा हुए बिना इसे कैसे अप्रूवल दिया गया, क्या सभी नियमों का पालन किया गया है, डेटा को लेकर इतना विवाद क्यों है और जिस डेटा का बार बार ज़िक्र हो रहा है, उसकी अहमियत कितनी है? पॉडख़ास में ऐसे सभी प्रश्नों के जवाब सुनिए इंडियन विरोलॉजिस्ट डॉ शाहिद जमील से और उनसे बात की है रितु राज ने.
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भारत और चीन के रिश्तों में पड़ी गांठ कब खुलेगी?: पॉड ख़ास, Ep 658
कई साल से भारत और चीन के रिश्तों में कड़वाहट जारी है और पिछले साल भी इसमें कोई कमी आई नहीं. मगर जिस सरहद पर लाख तल्ख़ी के बावजूद गोली नहीं चलती थी वहाँ अब जंग जैसे हालात क्यों हैं? क्या नए साल में सीमा पर बदलेंगे हालात? पॉडखास में सुनिए भारत-चीन रिश्ते की पेचीदगियों पर प्रोफ़ेसर हर्ष पंत के साथ नितिन ठाकुर की बातचीत.
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बाघों की तरह तेंदुओं की बढ़ी संख्या पर भी क्यों उठ रहे सवाल? : पॉड ख़ास, Ep 657
पर्यावरण मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में चार साल में तेंदुए की संख्या में 60 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट का नाम है- स्टेट्स ऑफ लेपर्ड इन इंडिया, 2018. पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन आंकड़ों पर ख़ुशी जताई है. मगर कुछ विशेषज्ञ इन आंकड़ों को थोड़ा संभल कर देख रहे हैं, क्यों? और सरकार ने तेंदुओं के संरक्षण के लिए क्या काम किए हैं और किस तरह के और काम करना चाहिए? इन्हीं सवालों पर अमन गुप्ता ने बात की इंडिया टुडे पत्रिका में एसोसिएट एडिटर राहुल नोरोन्हा से.
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जिनका कोई वतन नहीं, उन्हें वैक्सीन कौन देगा?: पॉड ख़ास, Ep 656
हर देश अपने नागरिकों को कोरोना वैक्सीन मुहैया कराएगा लेकिन इस बीच उन सबका क्या जिन्हें हम 'शरणार्थी' या 'आप्रवासी' कहते हैं? ये लोग अपने वतन से दूर हैं तो सवाल ये है कि इन्हें वैक्सीन देने का ज़िम्मा कौन उठाएगा? इन्हीं सवालों पर नितिन ठाकुर ने बात की अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर में पॉलिटिकल साइंस पढ़ाने वाले प्रोफेसर मुक्तदर खान से.
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भारत में जंगली जानवरों को बचाने में कैसे अहम भूमिका निभा रहे ईको ब्रिज?: पॉड ख़ास, Ep 655
जंगलों के बीच से गुज़रती सड़कों और रेलवे ट्रैक्स पर अक्सर जंगली जानवर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. अब इसे ही कम करने के लिए ईको ब्रिजेज बनाए जाने की शुरुआत हुई है. तो भारत में ईको ब्रिजेज की ज़रूरत क्यों बढ़ती जा रही है, इन्हें कैसे बनाया जाता है और इन्हें बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना होता है? कब तक जानवर इनके लिए हैबिचुअल हो जाते हैं? पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए वाइल्ड लाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया में एनिमल इकोलॉजी और कंजर्वेशन पर काम करने वाले साइंटिस्ट डॉ. बिलाल हबीब से अमन गुप्ता की बातचीत.
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वो क्रिकेटर जो फ्यूचर में बन सकते हैं टीम इंडिया के कैप्टन: पॉड ख़ास, Ep 654
विराट कोहली के बाद कौन बन सकता है टीम इंडिया का कप्तान? कौन से वो खिलाड़ी हैं जिनमें टीम की बागडोर संभालने की क़ुव्वत दिखती है? कप्तानी की ज़िम्मेदारी उठाने के लिए किस खिलाड़ी को अभी से तैयार किया जा सकता है, पॉडख़ास में इसी विषय पर सुनिए खेल पत्रकार विश्वमोहन मिश्रा और मोहम्मद इक़बाल के साथ कुमार केशव की बातचीत.
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2020 के अलग अलग चुनावों में कौन, किस पर बीस पड़ा?: पॉड ख़ास, Ep 653
साल 2020 की शुरूआत से अंत तक देश ने कौन कौन सा चुनाव देखा? कौन से राज्य में किस पार्टी की सरकार बनी? कहाँ-कहाँ उपचुनाव हुए, कोरोना काल में चुनाव कैसे हुए और लोगों ने अलग अलग चुनावों में क्या फैसला किया, पॉड ख़ास में बता रहे हैं इंडिया टुडे में सीनियर असिस्टेंट एडिटर प्रभाष दत्ता और उनसे बात की है रितु राज ने.
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दुनियाभर के क्रिकेटरों से 'बीस' नहीं 'इक्कीस' साबित हुए विराट कोहली: पॉड ख़ास, Ep 652
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने इस दशक के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों के नामों की घोषणा कर दी है. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली इस दशक के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर घोषित किए गए हैं. तो कैसा रहा बीते दस सालों में कोहली का सफ़र, आंकड़े क्या कहते हैं? क्यों हैरान करने वाला है स्टीव स्मिथ का टेस्ट करियर और धोनी कैसे क्रिकेट के सबसे बड़े एम्बेसडर, सुनिए पॉडख़ास में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट मोहम्मद इक़बाल और सूरज पांडेय से कुमार केशव की बातचीत.
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ख़राब हवा से कैसे बिगड़ रही अर्थव्यवस्था की सेहत?: पॉड ख़ास, Ep 651
हाल ही में एक रिपोर्ट आई है जिसके मुताबिक़, वायु प्रदूषण का असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 में वायु प्रदूषण के कारण जो बीमारियां हुई उससे देशभर में करीब 17 लाख लोगों की जान गई. तो इन मौतों का इकॉनमी पर कैसे इम्पैक्ट पड़ा, इसका GDP से क्या लिंक है? रिपोर्ट में और क्या-क्या बातें निकलकर सामने आईं, सुनिए इसके लेखकों में से एक प्रोफेसर डॉ ललित डन्डोना से इन सभी सवालों के जवाब और उनसे बात की रितु राज ने.
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कोई अपनी गाड़ी पर जाति का स्टिकर क्यों लगाता है? : पॉड ख़ास, Ep 650
वाहनों पर जाति लिखने का फैशन सा चल रहा है. आमतौर पर लोग अपनी गाड़ियों पर जाट, यादव, गुर्जर, क्षत्रिय, राजपूत, पंडित, मौर्य लिखवा कर चलते हैं. अब इसे लेकर यूपी सरकार सख्त हो गई है और अब ऐसे लोगों की गाड़ी ज़ब्त करने का आदेश है. लेकिन कोई अपनी गाड़ी पर जाति का स्टिकर क्यों लगाता है? सुनिए पॉडख़ास में प्रतीक वाघमारे की सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता से की गई बातचीत.
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2020 की वो 5 घटनाएं जिन्होंने तकनीक की दुनिया को बदल दिया : पॉड ख़ास, Ep 649
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यूं तो हर रोज़ कुछ नया हो रहा है लेकिन 2020 के साल में टेक्नोलॉजी से जुड़ी 5 ऐसी कौन कौन सी घटनाएं हुईं हैं जिन्होंने दुनिया में क्रांति ला दी? जानिए नितिन ठाकुर और टेक एक्सपर्ट अभिषेक तैलंग के साथ.
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अटल बिहारी वाजपेयी का नरम हिंदुत्व एक रणनीति का हिस्सा था?: पॉड ख़ास, Ep 648
एक शानदार वक्ता, कवि और राजनेता के तौर पर विख्यात हुए अटल बिहारी वाजपेयी का लंबा राजनीतिक जीवन उपलब्धियों से भरा रहा. तो वाजपेयी की सफलताएं और नाकामियां क्या रहीं? उनके नरम हिंदुत्व का राज़ क्या था, वह मोदी जैसे पैशनेट पॉलिटिशियन क्यों नहीं थे और उनकी हाज़िरजवाबी के कुछ क़िस्से, पॉडख़ास में सुना रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी और उनसे बात की कुलदीप मिश्र ने.
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भारत में कब से हुई धर्मांतरण विरोधी क़ानूनों की शुरुआत?: पॉड ख़ास, Ep 647
देश में अचानक से 'धर्म परिवर्तन विरोधी' क़ानून बनाने की लहर सी आ गई. मध्य प्रदेश में इसके लिए सज़ा का प्रावधान किया गया. उत्तर प्रदेश में अध्यादेश पारित किया गया जिस पर खूब विवाद हुआ. इसके बाद हिमाचल में भी धर्मांतरण विरोधी क़ानून लागू कर दिया गया. तो भारत में इन धर्मांतरण विरोधी क़ानूनों की, इनसे जुड़े नियमों की शुरुआत कब से हुई. किन-किन राज्यों में हैं. कहां सख़्त हैं क़ानून और सज़ा का क्या प्रावधान है? सुनिए पॉडख़ास में अमन गुप्ता की अनीशा माथुर से की गई बातचीत.
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जम्मू-कश्मीर डीडीसी चुनाव के रिजल्ट में क्या संदेश छिपे हैं: पॉड ख़ास, Ep 646
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार चुनाव हुए. जिला विकास परिषद चुनाव में बीजेपी ने 75 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि स्थानीय पार्टियों के गुपकार गठबंधन के खाते में 112 सीटें गई. लेकिन सीटों से इतर इस चुनाव के नतीजों में क्या संदेश छिपे हैं? इस रिजल्ट के क्या सियासी मायने हैं, पॉड ख़ास में बता रहे हैं इंडिया टुडे में सीनियर असिस्टेंट एडिटर प्रभाष दत्ता और उनसे बात की रितु राज ने.
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बाबर के बारे मे ऐसी बातें जो आपने पहले कभी नहीं सुनी होंगी: पॉड ख़ास, Ep 645
मुग़ल सम्राट ज़हीरुद्दीन मोहम्मद बाबर के जीवन से जुड़े पहलू तो कई हैं लेकिन अब तक उस पर पढ़ाई लिखाई अधूरी ही रही. अब एक नई किताब कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस से छपी है. इसे लिखा है स्टीफ़न फ्रेडरिक डेल ने. यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर अमेरिका में पॉलिटिकल साइंस पढ़ानेवाले प्रोफ़ेसर मुक्तदर खान ने ये किताब पढ़ी भी है और लेखक का इंटरव्यू भी किया है. इसके अलावा प्रोफ़ेसर खान बाबर पर काफ़ी पढ़ते-लिखते रहे हैं. इस पॉडखास के बहाने नितिन ठाकुर ने बाबर के तमाम कम जाने पहलू उघाड़ने की कोशिश की है और बात की है प्रोफ़ेसर खान से.
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खाद्यान्न के सबसे बड़े निर्यातक देश भारत में क्यों बढ़ रही अन्न की बर्बादी, क्यों लोग रह जाते हैं भूखे?: पॉड ख़ास, Ep 644
आज़ादी के बाद एक दौर था जब भारत के लोगों के पास खाने तक को अन्न नहीं था. और आज भारत उस जगह खड़ा है जब वो दूसरे देशों को खाद्यान निर्यात करता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में जितना अन्न उपजता है, उससे ज्यादा बर्बाद हो जाता है और फिर भी लोग भूखे पेट रह जाते हैं. क्या कहता है आंकड़ा और इसकी वजह क्या है? क्यों भारत में फसलों का वेस्टेज बढ़ रहा है, पॉड ख़ास में इसी विषय पर सुनिए इंडिया टुडे में नेशनल अफ़ेयर्स एडिटर राहुल श्रीवास्तव से अमन गुप्ता की बातचीत.
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Pod Khaas is a Hindi podcast where we present a long in-depth analysis of an ongoing news story.Border trouble, Budget, elections or a scam—what is today’s biggest news? We pick the story that deserves an in-depth analysis and with our research and help of experts we analyse every aspect of it.यहां मिलेंगे वे पॉडकास्ट जो ख़बरों से आगे की बात करते हैं. पॉलिटिकल एनालिसिस से लेकर जुर्म की दुनिया के सनसनीख़ेज़ क़िस्से, आपके सिनेमा का हाल और ज्ञान बढ़ाने वाली स्पेशल सीरीज़.
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