Gaudiya Rasamrita Hindi cover art

All Episodes

Gaudiya Rasamrita Hindi — 1988 episodes

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Title
1

राय रामानन्द संवाद (3): अपने कर्मों के फल को श्रीकृष्ण को अर्पित करना, चै०च० मध्य 8.59-65, भाग 1

2

राय रामानन्द संवाद (2): साधु-संग का प्रभाव एवं वर्णाश्रम-धर्म, चै०च० मध्य 8.50-59, भाग 2

3

राय रामानन्द संवाद (2): साधु-संग का प्रभाव एवं वर्णाश्रम-धर्म, चै०च० मध्य 8.50-59, भाग 1

4

राय रामानन्द संवाद (1): महाप्रभु द्वारा राय रामानन्द में शक्ति का सञ्चार, चै०च० मध्य 8.1-46, भाग 2

5

राय रामानन्द संवाद (1): महाप्रभु द्वारा राय रामानन्द में शक्ति का सञ्चार, चै०च० मध्य 8.1-46, भाग 1

6

पुरुषोत्तम मास की महिमा तथा राय रामानन्द संवाद – परिचय, भाग 2

7

पुरुषोत्तम मास की महिमा तथा राय रामानन्द संवाद – परिचय, भाग 1

8

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 2

9

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 1

10

सनातन धर्म, समाज कल्याण और आत्मा की वास्तविक पहचान

11

श्रीबृ०भा० 2.7.131-132 : व्रज की वात्सल्यवती गोपियों और गायों का माहात्म्य

12

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

13

श्रीनिवास आचार्य की महिमा

14

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 2

15

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 1

16

श्रीप्रह्लाद महाराज की शिक्षाओं का सार

17

श्रीप्रह्लाद महाराज का जीवन और उपदेश -

18

श्रीप्रह्लाद महाराज का जीवन और उपदेश

19

संस्कारों की शक्ति: प्रह्लाद महाराज के जीवन और उपदेशों से मिलने वाली शिक्षाएँ

20

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवा देवी आविर्भाव दिवस , भाग 3

21

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवा देवी आविर्भाव दिवस , भाग 2

22

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवा देवी आविर्भाव दिवस , भाग 1

23

प्रह्लाद महाराज की भक्ति पर विवेचन एवं भक्तों का तारतम्य, भाग 2

24

प्रह्लाद महाराज की भक्ति पर विवेचन एवं भक्तों का तारतम्य, भाग 1

25

अक्षय तृतीया और भक्ति के प्रारम्भिक निर्देश

26

प्रह्लाद महाराज की दिव्य शिक्षाएँ

27

सनातन धर्म और भक्ति पर उपदेश

28

गदाधर पण्डित की लीला और तत्त्व, भाग 2

29

गदाधर पण्डित की लीला और तत्त्व, भाग 1

30

टोटा गोपीनाथ में श्रीगदाधर पण्डित और महाप्रभु की लीला, श्रीशिक्षाष्टकम

31

श्रीबृ०भा० 2.7.111: नदियों का सौभाग्य, भाग 2

32

श्रीबृ०भा० 2.7.111: नदियों का सौभाग्य, भाग 1

33

श्रीकृष्ण की परमोत्कृष्टता एवं भक्ति का पथ

34

प्रश्नोत्तर: ललिता देवी की उत्कृष्टता, भाग्य और भक्ति, भाव-उल्लास-रति एवं जीव का स्वरूप

35

श्रीप्रेम-विवर्त 17.7-28: भक्तों के भेद से उनके आचरण में भेद

36

श्रीप्रेम-विवर्त 16.24-27, 46-61: प्रीति की शिक्षा और महाप्रभु द्वारा श्रीरघुनाथ दासको उपदेश, भाग 2

37

श्रीप्रेम-विवर्त 16.24-27, 46-61: प्रीति की शिक्षा और महाप्रभु द्वारा श्रीरघुनाथ दासको उपदेश, भाग 1

38

श्रीप्रेम-विवर्त अध्याय 16-18: शुद्ध भक्ति का उपदेश - हिंदी, नई रिलीज*

39

महाभारत युद्ध का उद्देश्य और सांसारिक संघर्षों के पीछे छिपी कृपा

40

कृष्ण की मथुरा की लीलाएँ और विभिन्न लीलाओं के माध्यम से उनकी सर्वोत्तमता का विवरण, भाग 2

41

कृष्ण की मथुरा की लीलाएँ और विभिन्न लीलाओं के माध्यम से उनकी सर्वोत्तमता का विवरण, भाग 1

42

भजन-रहस्य: वैष्णव-आनुगत्य का महत्व और राधा-कृष्ण प्रेम की ओर क्रमशः कैसे बढ़ें

43

रासलीला को समझना: कृष्ण में कोई जागतिक काम-वासना नहीं है, भाग 2

44

रासलीला को समझना: कृष्ण में कोई जागतिक काम-वासना नहीं है, भाग 1

45

परकीयाके सम्बन्धमें श्रीलविश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुरजीकी विचारधारा - रासलीला और कृष्ण-मन्त्रोंसे प्रमाण

46

रासलीला का वर्णन और समस्त स्थानों की अपेक्षा राधाकुण्ड की श्रेष्ठता, भाग 2

47

रासलीला का वर्णन और समस्त स्थानों की अपेक्षा राधाकुण्ड की श्रेष्ठता, भाग 1

48

रासलीला: गोपियों के प्रेम-सम्बन्धी प्रश्न और गीता-उपदेश

49

श्रीराम नवमी, भाग 3

50

श्रीराम नवमी, भाग 2

51

श्रीराम नवमी, भाग 1

52

रामायण: राम की अयोध्या वापसी, सीता का विरह और उनका पृथ्वी में प्रवेश

53

श्री रामानुजाचार्य की महिमा

54

श्रीवाल्मीकि चरित्र और रामलीला, भाग 2

55

श्रीवाल्मीकि चरित्र और रामलीला, भाग 1

56

राजा दशरथ और कैकेयी का विवाह, श्रीराम का जन्म, राम-सीता विवाह, वनवास और भरत-मिलाप, भाग 1

57

राजा दशरथ और कैकेयी का विवाह, श्रीराम का जन्म, राम-सीता विवाह, वनवास और भरत-मिलाप, भाग 1

58

स्थूल और सूक्ष्म शरीर – उनका अतिक्रमण कर भगवान् की नित्य सेवा कैसे प्राप्त करें

59

श्रीबृ०भा० 2.7.140: गोपियों की समस्त क्रियाएँ कृष्ण प्रीति के लिये है, भाग 2

60

श्रीबृ०भा० 2.7.140: गोपियों की समस्त क्रियाएँ कृष्ण प्रीति के लिये है, भाग 1

61

जीवन की नश्वरता और हरिनाम का शाश्वत आश्रय

62

श्रीमद्भागवतम् 10.39.1–9: अक्रूर का नन्दगाँव में आगमन, भाग 2

63

श्रीमद्भागवतम् 10.39.1–9: अक्रूर का नन्दगाँव में आगमन, भाग 1

64

गोपियों का निःस्वार्थ प्रेम और राधा प्रेम की सर्वोच्चता, भाग 2

65

गोपियों का निःस्वार्थ प्रेम और राधा प्रेम की सर्वोच्चता, भाग 1

66

मनः-शिक्षा, श्लोक 1 : नाम-भजन की महिमा और शरणागति का मार्ग

67

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.104-105: श्रीब्रह्मा स्तुति

68

वास्तविक सुख और हरिनाम की सर्वोच्च महिमा, भाग 2

69

वास्तविक सुख और हरिनाम की सर्वोच्च महिमा, भाग 1

70

श्रीबृ०भा० 2.7.157: अंतिम श्लोक 'तस्मै नमोऽस्तु' की व्याख्या, कृष्ण मूल गुरु हैं, भाग 2

71

श्रीबृ०भा० 2.7.157: अंतिम श्लोक 'तस्मै नमोऽस्तु' की व्याख्या, कृष्ण मूल गुरु हैं, भाग 1

72

हरिनाम की महिमा और महाप्रभु की लीलाएँ

73

श्रीगौर पूर्णिमा- "नदिया उदयगिरि" की व्याख्या

74

श्रीमोदद्रुमद्वीप

75

राधाकुण्ड और श्यामकुण्ड

76

निर्दय घाट : महाप्रभु का संन्यास ग्रहण

77

जह्नुद्वीप

78

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 2

79

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 1

80

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग 2

81

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग 1

82

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 2

83

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 1

84

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग 2

85

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग1

86

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराजजी की महिमा

87

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराज की महिमा एवं गौर-वाणी क्या है?

88

महा-शिवरात्रि: शिवजी का प्राकट्य दिवस, भाग 2

89

महा-शिवरात्रि: शिवजी का प्राकट्य दिवस, भाग 1

90

महाशिवरात्रि: भाग 3

91

महाशिवरात्रि: भाग 2-

92

महाशिवरात्रि: भाग 2

93

महाशिवरात्रि: भाग 1

94

माधुर्य-कादम्बिनी: शिव-तत्त्व, श्रुति-शास्त्र-निन्दा और निष्ठा की पाँच प्रकार की बाधाएँ, भाग 2

95

माधुर्य-कादम्बिनी: शिव-तत्त्व, श्रुति-शास्त्र-निन्दा और निष्ठा की पाँच प्रकार की बाधाएँ, भाग 1

96

शिव-तत्व: गोपीश्वर महादेव, सती ने अपना शरीर क्यों छोड़ा?

97

श्रीचैतन्य महाप्रभु के अवतरण का कारण तथा व्रज-प्रेम का सर्वोच्च माधुर्य

98

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

99

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद एवं उनके शिष्यों की महिमा, भाग 2

100

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद एवं उनके शिष्यों की महिमा, भाग 1

101

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी का आविर्भाव दिवस, भाग 2

102

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी का आविर्भाव दिवस, भाग 1

103

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज का जीवन और उनके गुण

104

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

105

नित्यानन्द त्रयोदशी, भाग 2

106

नित्यानन्द त्रयोदशी, भाग 1

107

भैमी एकादशी, श्रीवराह द्वादशी और प्रेम भक्ति चन्द्रिका श्लोक 2.1

108

श्रीरामानुजाचार्य की महिमा

109

श्री मध्वाचार्य की महिमा

110

भक्तिकल्पवृक्ष का वर्णन और महाप्रभु के साथ नित्यानन्द प्रभु की लीलाएँ

111

श्रीअद्वैत आचार्य का आविर्भाव दिवस, भाग 2

112

श्रीअद्वैत आचार्य का आविर्भाव दिवस, भाग 1

113

वसंत पञ्चमी: शारदीय और वासंती रास की तुलना, विष्णुप्रिया देवी और रघुनाथ दास गोस्वामीका प्राकट्य दिवस

114

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर, भाग 2

115

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर, भाग 1

116

श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर की महिमा

117

आदर्श शिष्य के लक्षण और श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी का जीवन-चरित्र

118

प्रश्नोत्तर: हम गुरु की सेवा कृष्ण से अधिक क्यों करते हैं, जप में रुचि, स्त्रियों के लिए गुरु-सेवा आदि

119

प्रश्नोत्तर: साधना-सिद्धि और कृपा-सिद्धि, सीता-देवी का जन्म और मन्त्र जप के पाँच अंग

120

दर्शन : श्रीकृष्ण के साथ सम्बन्ध

121

प्रश्नोत्तर: पति–पत्नी का सम्बन्ध, जप की विधि, वैष्णव कौन है?

122

मकर संक्रांति

123

संक्रान्ति पर वास्तविक दान और दामोदर-लीला के माध्यम से कृष्ण-भक्ति की महिमा का वर्णन

124

दर्शन: राधा-विनोद-विहारी का अर्थ, वास्तविक गुरु कौन है, और श्रीमती राधिका का भाव

125

प्रश्नोत्तर: शक्ति-परिणामवाद, मिलन और विरह, स्वरूप की अनुभूती, व्रज-महिमा एवं हरिनाम का भाव

126

प्रश्नोत्तर: जीव का स्वरूप, कर्म क्या है और क्या नहीं है, तथा ब्रह्माजी की आयु की गणना

127

श्रीजयदेव गोस्वामी के मंगल गीतम का गूढ़ अर्थ

128

श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी की 'संस्कार दीपिका' और श्रीनरहरि सेवाविग्रह प्रभु की तिरोभाव तिथि

129

मङ्गलगीत की व्याख्या एवं आसक्ति के लक्षण

130

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी और रामचंद्र कविराजजी की महिमा

131

वास्तविक धर्म और हरिनाम संकीर्तन की महिमा

132

भक्तों को दुख क्यों आते हैं? – श्रीकृष्ण का देवकी और वसुदेव से संवाद

133

भक्ति और व्रज की महिमा एवं गोपियों का निस्वार्थ प्रेम, भाग 2

134

भक्ति और व्रज की महिमा एवं गोपियों का निस्वार्थ प्रेम, भाग 1

135

नव वर्ष की बधाई

136

श्रीप्रेम-विवर्त अध्याय 14,15: श्रीजगदानन्द पण्डित द्वारा नवद्वीप में वृन्दावन के दर्शन और महाप्रभु की लीलाओं का वर्णन

137

श्रीप्रेम-विवर्त 12.1-22: वैष्णवों की महिमा और उत्तम वैष्णवों के लक्षण

138

श्रीप्रेम-विवर्त अध्याय 9,13: भजन निर्देश और श्रीजगदानन्द पण्डित की गौर-दर्शन की व्याकुलता, भाग 2

139

श्रीप्रेम-विवर्त अध्याय 9,13: भजन निर्देश और श्रीजगदानन्द पण्डित की गौर-दर्शन की व्याकुलता, भाग 1

140

श्रीप्रेम-विवर्त अध्याय 8-9: कपटता का त्याग, नाम-भजन का महत्व और युक्त वैराग्य

141

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.96: कंस की रंगशाला में यादव पत्नियों द्वारा कृष्ण और व्रज-भूमि की महिमा

142

मानव जीवन का परम उद्देश्य और भक्ति की अनिवार्यता

143

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 2

144

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 1*

145

सनातन धर्म, भक्ति एवं रामायण की लीलाओं का वर्णन, भाग 2

146

सनातन धर्म, भक्ति एवं रामायण की लीलाओं का वर्णन, भाग 1

147

श्रीबृ०भा० 2.7.131-132: कृष्ण द्वारा अपने भक्तों को भोग-मोक्ष न देकर प्रेमा-भक्ति देना

148

प्रेम-भक्ति-चन्द्रिका 1.6-9: सर्व साधारण के लिए प्रेम भक्ति नहीं है

149

गोविन्ददेवजी, व्रज भक्ति एवं श्रीशुकदेव गोस्वामी की महिमा, भाग 2

150

गोविन्ददेवजी, व्रज भक्ति एवं श्रीशुकदेव गोस्वामी की महिमा, भाग 1

151

श्रील वामन गोस्वामी महाराजजी द्वारा हरिकथा - गुरु-वैष्णवों का आनुगत्य ही साधन-भजन की कुंजी है

152

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की व्यास पूजा

153

गुरु तत्त्व और श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा

154

वास्तविक भजन का फल: श्रीगुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 2

155

वास्तविक भजन का फल: श्रीगुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 1

156

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद का तिरोभाव दिवस, भाग 3

157

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद का तिरोभाव दिवस, भाग 2

158

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद का तिरोभाव दिवस, भाग 1

159

श्रील प्रभुपाद के प्रचार का वैशिष्ट्य और उनकी शिक्षायें, भाग 2

160

श्रील प्रभुपाद के प्रचार का वैशिष्ट्य और उनकी शिक्षायें, भाग 1

161

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद: उनके दक्ष शिष्य, जन्म और गुरु-करण

162

श्रील प्रभुपाद के अन्तिम उपदेशों की विस्तृत व्याख्या

163

श्रीगीता जयंती, भाग 2

164

श्रीगीता जयंती, भाग 1

165

भगवद्गीता 18.65 'मन्मना भव' श्लोका की व्याख्या, भाग 2-

166

भगवद्गीता 18.65 'मन्मना भव' श्लोका की व्याख्या, भाग 1

167

भगवद्गीता का ज्ञान, भाग 2

168

भगवद्गीता का ज्ञान, भाग 1

169

भगवद्गीता का महत्व और शिक्षाएँ

170

भगवद्गीता के आधार पर जीवन कैसे गठित करें?, भाग 2

171

भगवद्गीता के आधार पर जीवन कैसे गठित करें?, भाग 1

172

भगवद्गीता अध्याय 12 का सार: कर्मी क्रमशः भक्ति में कैसे प्रवेश करता है?

173

भगवद्गीता: भक्ति, शरणागति और निर्भयता का सार, भाग 2

174

भगवद्गीता: भक्ति, शरणागति और निर्भयता का सार, भाग 1

175

गीता का सार: कर्म नहीं, कृष्ण में पूर्ण शरणागति

176

प्रेम भक्ति चन्द्रिका 6.3–7 – गोपियों का उन्नत परकीय भाव, भाग 2

177

भगवन्नाम की महिमा: परमानन्द और भक्ति का पथ, भाग 1

178

श्रीबृ०भा० 2.7.146: गोपियों के संग का प्रबल प्रभाव, भाग 2

179

श्रीबृ०भा० 2.7.146: गोपियों के संग का प्रबल प्रभाव, भाग 1

180

श्रीमद्भागवतम्: कलियुग के लक्षण, निष्काम भक्ति, भरत महाराज और ध्रुव महाराज का इतिहास, भाग 3

181

श्रीमद्भागवतम्: कलियुग के लक्षण, निष्काम भक्ति, भरत महाराज और ध्रुव महाराज का इतिहास, भाग 2

182

श्रीमद्भागवतम्: कलियुग के लक्षण, निष्काम भक्ति, भरत महाराज और ध्रुव महाराज का इतिहास, भाग 1

183

कुरुक्षेत्र में व्रजवासियों और गोपियों के साथ कृष्ण का मिलन (श्री० भा० 10.82.39,48), भाग 2

184

कुरुक्षेत्र में व्रजवासियों और गोपियों के साथ कृष्ण का मिलन (श्री० भा० 10.82.39,48), भाग 1

185

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.216-221: नारदजी द्वारा गोपकुमार को व्रज-भक्ति का उपदेश

186

कार्तिक का अन्तिम दिन: वृन्दावन की अपेक्षा राधा-कुण्ड की श्रेष्ठता और राधा-दास्यम् के लिये लोभ, भाग 2

187

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज का विरह महोत्सव, भाग 2

188

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज का विरह महोत्सव, भाग 2

189

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज का विरह महोत्सव, भाग 1

190

दामोदराष्टकम् श्लोक 8 - रस्सी, कृष्ण के उदर और श्रीमती राधिका की महिमा

191

श्रील गौरकिशोर दास बाबाजी महाराज का तिरोभाव दिवस

192

दामोदराष्टकम् श्लोक 7 - अनर्थों का नाश और प्रेमाभक्ति के लिये प्रार्थना

193

गोपाष्टमी और श्रीनिवासाचार्य प्रभु का तिरोभाव

194

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - कृष्ण के विभिन्न नामों का अर्थ, नाम संकीर्तन की श्रेष्ठता, भाग 2

195

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - कृष्ण के विभिन्न नामों का अर्थ, नाम संकीर्तन की श्रेष्ठता, भाग 1

196

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

197

श्रील भक्तिवेदान्त स्वामी महाराज का जीवन चरित्र और प्रचार

198

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 2

199

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 1

200

गोवर्धन पूजा, अन्नकूट और गिरिराज गोवर्धन की महिमा

201

दीपावली का तात्पर्य और लक्ष्मी पूजा

202

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - मन्त्र क्या है और यह क्या कार्य करता है? भाग 2

203

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - मन्त्र क्या है और यह क्या कार्य करता है? भाग 1

204

दामोदराष्टकम् श्लोक 5 - मन्त्र जप के पञ्चाङ्ग, कृष्ण के अधरों का माधुर्य - हिंदी*

205

दामोदराष्टकम् श्लोक 4 - विभिन्न प्रकार के भक्तों का वर्णन, भाग 2 - हिंदी*

206

दामोदराष्टकम् श्लोक 4 - विभिन्न प्रकार के भक्तों का वर्णन, भाग 1 - हिंदी

207

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराज की महिमा

208

दामोदराष्टकम् श्लोक 3 - फल विक्रयिनी की कथा

209

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

210

दामोदराष्टकम् श्लोक 2 - रस्सी के दो अंगुली छोटे होने का तात्पर्य

211

दामोदराष्टकम् श्लोक 2 - यशोदा माता द्वारा कृष्ण को बाँधने का प्रयास

212

दामोदराष्टकम् श्लोक 1 - श्रीकृष्ण के सुन्दर रूप का वर्णन

213

श्रीदामोदराष्टकम् प्रस्तावना एवं श्लोक 1 की व्याख्या

214

कार्तिक मास और श्रीदामोदराष्टकम् की महिमा

215

श्रील भक्तिविज्ञान भारती महाराज और श्रीगुरुदेव द्वारा श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराजकी महिमा, भाग 2

216

श्रील भक्तिविज्ञान भारती महाराज और श्रीगुरुदेव द्वारा श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराजकी महिमा, भाग 1

217

कार्तिक के महत्वपूर्ण भजन नियम

218

चै०च०अन्त्य 6.1-238:श्रीचैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी को उपदेश, भाग 2

219

चै०च०अन्त्य 6.1-238:श्रीचैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी को उपदेश, भाग 1

220

विजय-दशमी और श्रीमध्वाचार्यजी का आविर्भाव दिवस, भाग 2

221

विजय-दशमी और श्रीमध्वाचार्यजी का आविर्भाव दिवस, भाग 1

222

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज के रूपानुगत्य पर विचार और प्रचार

223

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा भागवत-परम्परा की शिक्षा, भाग 2

224

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा भागवत-परम्परा की शिक्षा, भाग 1

225

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा श्रीराधा-विनोदविहारी का प्राकट्य

226

आचार्य केसरी: उनका दिव्य अप्राकट्य, गुरु-निष्ठा, शास्त्रों में विशेषज्ञता आदि

227

श्रील भक्ति प्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज की महिमा

228

भगवन्नाम की महिमा: परमानन्द और भक्ति का पथ, भाग 2

229

भगवन्नाम की महिमा: परमानन्द और भक्ति का पथ, भाग 1

230

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.217-220: व्रज प्रेम प्राप्त करने की योग्यता एवं पद्धति, भाग 2

231

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.217-220: व्रज प्रेम प्राप्त करने की योग्यता एवं पद्धति, भाग 1

232

भगवद्गीता, श्रीमद्भागवतम् और कपिल देव की शिक्षाएँ, भाग 2

233

भगवद्गीता, श्रीमद्भागवतम् और कपिल देव की शिक्षाएँ, भाग 1

234

श्रीबृ०भा० 2.7.140: गोपियों का कृष्ण में आवेश और निस्वार्थ प्रीति

235

कृष्ण द्वारा उद्धव को व्रज भेजना

236

भजनरहस्य 8.9-13: कुरुक्षेत्र में श्रीराधा के भाव एवं 'तव कथामृतं' श्लोक की व्याख्या, भाग 2

237

भजनरहस्य 8.9-13: कुरुक्षेत्र में श्रीराधा के भाव एवं 'तव कथामृतं' श्लोक की व्याख्या, भाग 1

238

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.216-234: नारदजी द्वारा गोपियों और यशोदा-नन्दबाबा के विरह भाव का वर्णन

239

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

240

सुखी होने का उपाय

241

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.115-116: गोपियों द्वारा वृन्दावन के पक्षियों और हिरणियों की महिमा का गान, भाग 2

242

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.115-116: गोपियों द्वारा वृन्दावन के पक्षियों और हिरणियों की महिमा का गान, भाग 1

243

प्रेमभक्तिचन्द्रिका 5.1-3: रागके लक्षण, कृष्ण की विविध शक्तियोंका वर्णन एवं सखियोंके प्रकार, भाग 2

244

प्रेमभक्तिचन्द्रिका 5.1-3: रागके लक्षण, कृष्ण की विविध शक्तियोंका वर्णन एवं सखियोंके प्रकार, भाग 1

245

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 2

246

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 1

247

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्राकट्य दिवस

248

तिथियों की गणना, वामन द्वादशी और चै०च० आदि 4 'रसिक-शेखर कृष्ण परम-करुण', भाग 2 -

249

तिथियों की गणना, वामन द्वादशी और चै०च० आदि 4 'रसिक-शेखर कृष्ण परम-करुण', भाग 1

250

श्रीबृ०भा० 2.7.112: वैष्णवोंकी अमन्दोदय-दया और व्रजके वृक्ष-लताका माहात्म्य, भाग 2 -

251

श्रीबृ०भा० 2.7.112: वैष्णवोंकी अमन्दोदय-दया और व्रजके वृक्ष-लताका माहात्म्य, भाग 1

252

श्रीकृष्ण की श्रीमती राधिका के भावों को आस्वादन करने की वाञ्छा और श्रीमती राधिका का जन्म

253

श्रीमती राधिका और ललिता सखी की महिमा

254

ललिता सखी की महिमा और ललिताष्टकम की व्याख्या

255

श्रीमती राधिका का इस जगत में आविर्भाव और उपनिषद से राधाजी की महिमा, भाग 2

256

श्रीमती राधिका का इस जगत में आविर्भाव और उपनिषद से राधाजी की महिमा, भाग 1

257

राय-रामानन्द संवाद से राधा-तत्त्व की व्याख्या (चै०च०मध्य 8.154-185), भाग 2

258

राय-रामानन्द संवाद से राधा-तत्त्व की व्याख्या (चै०च०मध्य 8.154-185), भाग 1

259

राधा-तत्व और उसे समझने की योग्यता

260

राधा-रस-सुधा-निधि से राधिका की महिमा और सभी गोपियों में उनकी श्रेष्ठता चै०च० आदि 4.209-220

261

प्रेम की गुरु श्रीमती राधिका हैं

262

चै० च० 8.158-165: श्रीमती राधिका के महाभाव का वर्णन

263

नारदजी की स्तुति और राधोपनिषद से राधाजी की महिमा

264

श्रीमती राधिकाजी की महिमा और प्रार्थनाएँ

265

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 2

266

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 1

267

जन्माष्टमी: कृष्ण जन्म एवं 'जन्माद्यस्य यतो' श्लोक की व्याख्या

268

कृष्ण प्रेम धर्म की स्थापना करने के लिए आते हैं

269

श्रीकृष्ण और उनकी लीलाओं को समझना

270

कृष्ण की असुर वध लीलाओं द्वारा शिक्षाएँ

271

कृष्ण-तत्त्व: कृष्ण लीलाओं से सम्बन्धित भ्रांतियों का खण्डन

272

श्रीराय-रामानन्द संवाद चै०च० 8.137-149: कृष्ण-तत्त्व

273

कृष्ण तत्व और कृष्ण के विभिन्न अवतारों में रस की तुलना

274

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 2

275

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 1

276

श्रील रूप गोस्वामी की महिमा, उपदेशामृत श्लोक 5,8

277

श्रील रूप गोस्वामी पर महाप्रभु की कृपा

278

झूलन लीला और कीर्तन एवं उनकी व्याख्या

279

वृन्दावन में झूलन महोत्सव और श्रील रूप गोस्वामी की महिमा

280

श्रील रूप गोस्वामी की महिमा और विरह मिलन की पूर्णता के लिए है

281

श्रील रूप गोस्वामी का महत्व एवं 'अन्याभिलाषिता शून्यं' श्लोक की व्याख्या, भाग 2

282

श्रील रूप गोस्वामी का महत्व एवं 'अन्याभिलाषिता शून्यं' श्लोक की व्याख्या, भाग 1

283

श्रीतुलसीदास जयन्ती और रामचरितमानस की महिमा

284

श्रीरूपमञ्जरी पद' और 'यङ् कलि रूप' कीर्तन की व्याख्या

285

श्रील रूप गोस्वामी का विशिष्ट योगदान, भाग 2

286

श्रील रूप गोस्वामी का विशिष्ट योगदान, भाग 1

287

कृष्ण द्वारा मारे गए असुरों के नाम का तात्पर्य, बाल्य लीलाएं और वृन्दावन की विभिन्न स्थली

288

गुरु-तत्त्व और बलदेव प्रभु द्वारा मारे गए असुरों का तात्पर्य

289

श्रीमद्भागवतम् 10.1.8-13: बलदेव प्रभु के जन्म का रहस्य, मुकुंद का अर्थ और कृष्ण के जन्म की दिव्यता

290

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराजकी महिमा एवं उनका श्रील केशव गोस्वामी महाराजके साथ सम्बन्ध

291

भक्ति के अनुसार भक्तों का क्रम, भाग 2

292

भक्ति के अनुसार भक्तों का क्रम, भाग 1-

293

कृष्ण के आविर्भाव से पहले समाज की स्थिति और साधारण लोगों के लिये कृष्ण की शिक्षाएँ

294

पाँच प्रकार के भक्त और गोपियों के प्रेम की सर्वोच्चता , भाग 2

295

पाँच प्रकार के भक्त और गोपियों के प्रेम की सर्वोच्चता , भाग 1

296

श्रील लोकनाथदास गोस्वामी का तिरोभाव दिवस और कुरूक्षेत्र में गोपियों और कृष्ण के बीच वार्तालाप

297

प्रश्नोत्तर: भक्तिमें क्या करें और क्या न करें, प्रह्लाद महाराजकी भक्ति और अपराधोंसे कैसे बचे, भाग 2-

298

प्रश्नोत्तर: भक्तिमें क्या करें और क्या न करें, प्रह्लाद महाराजकी भक्ति और अपराधोंसे कैसे बचे, भाग 1

299

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 2

300

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 1

301

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी की महिमा एवं उत्तमा भक्ति और साधना भक्ति का वर्णन

302

श्रील भक्तिहृदय वन गोस्वामी महाराज की उनके शताब्दी महोत्सव पर महिमा

303

श्रील भक्तिहृदय वन गोस्वामी महाराज की महिमा

304

व्यास-पूजा और श्रीसनातन गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 2 -

305

व्यास-पूजा और श्रीसनातन गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 1

306

श्रील व्यासदेव और श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा, भाग 2

307

श्रील व्यासदेव और श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा, भाग 1

308

शयन एकादशी और चातुर्मास्य कैसे पालन करें ?

309

चै०च० मध्य 13.124-141: रथ यात्रा के समय महाप्रभु का राधिका भाव में आवेश, भाग 2

310

चै०च० मध्य 13.124-141: रथ यात्रा के समय महाप्रभु का राधिका भाव में आवेश, भाग 1

311

हेरा-पञ्चमी (चै० च० मध्य 14:135-226): विभिन्न प्रकार की व्रजनायिका और उनका मान, भाग 2

312

हेरा-पञ्चमी (चै० च० मध्य 14:135-226): विभिन्न प्रकार की व्रजनायिका और उनका मान, भाग 1

313

हेरा-पञ्चमी लीला- चै० च० मध्य(14.122-140): लक्ष्मीदेवी का क्रोध

314

प्रतापरुद्र की महाप्रभु के प्रति सेवा और हेरा पंचमी का परिचय

315

पुरूषोत्तम जाना का इतिहास, रथयात्राके दौरान महाप्रभु द्वारा प्रार्थना और राजा प्रतापरुद्र पर दया

316

महाप्रभु द्वारा रथयात्राके दौरान कुरूक्षेत्रमें गोपियों और कृष्णके बीच हुए वार्तालापका आस्वादन

317

श्री कृष्ण जगन्नाथ के रूप में क्यों प्रकट हुए?

318

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 2

319

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 1

320

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर एवं श्री गदाधर पंडित का तिरोभाव दिवस

321

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 2

322

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 1

323

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का आविर्भाव दिवस

324

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर: शुद्ध भक्ति के पुनः स्थापक

325

श्रीबृहद्भागवतामृतम्: गोपकुमार की विभिन्न लोकों की यात्रा और वैकुण्ठ पहुँचना, भाग 2

326

श्रीबृहद्भागवतामृतम्: गोपकुमार की विभिन्न लोकों की यात्रा और वैकुण्ठ पहुँचना, भाग 1

327

श्रीउपदेशामृत 8-9: समस्त उपदेशों का सार, राधा कुण्ड भजन के लिए सर्वोच्च स्थान

328

श्रीराय-रामानन्द संवाद: साध्य-साधन तत्व, भाग 3

329

श्रीराय-रामानन्द संवाद: साध्य-साधन तत्व, भाग 2

330

श्रीराय-रामानन्द संवाद: साध्य-साधन तत्व, भाग 1

331

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.133-134: कृष्ण दर्शन से गोपियों का परमानन्द और कृष्ण वियोग में उनकी क्रियाएँ, भाग 2

332

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.133-134: कृष्ण दर्शन से गोपियों का परमानन्द और कृष्ण वियोग में उनकी क्रियाएँ, भाग 1

333

श्रीशुकदेव गोस्वामीकी कथा, उद्धव द्वारा गोपियोंकी महिमा, व्यासदेवने श्रीमद्भागवतम कैसे लिखा, भाग 2

334

श्रीशुकदेव गोस्वामीकी कथा, उद्धव द्वारा गोपियोंकी महिमा, व्यासदेवने श्रीमद्भागवतम कैसे लिखा, भाग 1

335

महाप्रभु के आविर्भाव के कारण और पाणीहटी चिड़ा-दही महोत्सव, भाग 2

336

महाप्रभु के आविर्भाव के कारण और पाणीहटी चिड़ा-दही महोत्सव, भाग 1

337

निर्जला एकादशी, भाग 2

338

निर्जला एकादशी, भाग 1

339

श्रीमती गंङ्गामाता गोस्वामिनी की महिमा

340

श्रील बलदेव विद्याभूषण प्रभु की महिमा

341

गंगा की महिमा और चार प्रकार के अनर्थ

342

विभिन्न प्रकार की भक्ति और भक्तों का वर्णन

343

भक्ति के अंगों का वर्णन: स्मरण, पाद-सेवन और अर्चन

344

*श्रीबृ०भा० 2.7.152: भक्तों की निर्भयता, श्रीमती राधिका की वेणु से ईर्ष्या, भाग 2

345

श्रीबृ०भा० 2.7.152: भक्तों की निर्भयता, श्रीमती राधिका की वेणु से ईर्ष्या, भाग 1

346

उद्धव द्वारा गोपियों के अद्वितीय प्रेम का अनुभव

347

भक्ति के तटस्थ लक्षण का वर्णन, भक्ति कैसे ज्ञान और कर्म से आच्छादित हो जाती है?, भाग 2

348

भक्ति के तटस्थ लक्षण का वर्णन, भक्ति कैसे ज्ञान और कर्म से आच्छादित हो जाती है?, भाग 1

349

कृष्ण के प्रति अनुराग और शुद्ध भक्ति की व्याख्या -

350

श्रीबृ०भा० 2.7.110-111: गोपियों द्वारा मेघों की महिमा का वर्णन, भाग 2

351

श्रीबृ०भा० 2.7.110-111: गोपियों द्वारा मेघों की महिमा का वर्णन, भाग 1

352

प्रश्नोत्तर: भक्ति में उत्साह, गोपियों और लक्ष्मी की तुलना और प्रेम के दो पक्ष—संयोग और वियोग

353

श्रीबृहद्भागवतामृतम् का सार : गोपकुमार की यात्रा से शिक्षाएँ, भाग 2

354

श्रीबृहद्भागवतामृतम् का सार : गोपकुमार की यात्रा से शिक्षाएँ, भाग 1

355

सनातन धर्म, कृष्ण और उनके नाम की महिमा, भाग 2

356

सनातन धर्म, कृष्ण और उनके नाम की महिमा, भाग 1

357

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 2

358

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 1

359

भजन रहस्य 8.3-6: निष्ठा स्तर के लक्षण एवं प्रक्रिया, भाग 2

360

भजन रहस्य 8.3-6: निष्ठा स्तर के लक्षण एवं प्रक्रिया, भाग 1

361

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

362

श्रीनिवास आचार्य की महिमा

363

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 2

364

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 1

365

श्रीप्रह्लाद महाराज की शिक्षाओं का सार

366

भक्तों के संग का महत्व और "यशोमती नन्दन " कीर्तन की व्याख्या, भाग 2

367

भक्तों के संग का महत्व और "यशोमती नन्दन " कीर्तन की व्याख्या, भाग 1

368

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 3

369

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 2

370

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 1

371

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.94-95: गोलोक वृन्दावन का वर्णन (ब्रह्म संहिता 5.56)

372

कृष्ण की प्रेम व्याकुलता, भागवतम मङ्गलाचरण व्याख्या एवं शुकदेव गोस्वामी का पूर्वजन्म, भाग 2

373

कृष्ण की प्रेम व्याकुलता, भागवतम मङ्गलाचरण व्याख्या एवं शुकदेव गोस्वामी का पूर्वजन्म, भाग 1

374

अक्षय तृतीया और भक्ति के प्रारम्भिक निर्देश -

375

श्रीबृ०भा० 2.4.256-261: रामजी का सौंदर्य देख गोपकुमार की मुग्धता और हनुमान की अटल भक्ति का वर्णन

376

भगवान निराकार नहीं है और श्रीविग्रह भक्तों के साथ कैसे आदान-प्रदान करते हैं

377

प्रेम भक्ति चन्द्रिका : श्लोक 1 'अज्ञान-तिमिरान्धस्य' की व्याख्या और महाप्रभु की वन्दना, भाग 2

378

प्रेम भक्ति चन्द्रिका : श्लोक 1 'अज्ञान-तिमिरान्धस्य' की व्याख्या और महाप्रभु की वन्दना, भाग 1

379

वृन्दावन में महाप्रभु के भाव और प्रयाग में रूप गोस्वामी से भेंट

380

श्रीमद्भागवतम का प्राण-'गोपी गीत’

381

श्रीबृ०भा०: गोपकुमार की इन्द्रलोक, ब्रह्मलोक और मुक्तिलोक तक की यात्रा , भाग 2

382

श्रीबृ०भा०: गोपकुमार की इन्द्रलोक, ब्रह्मलोक और मुक्तिलोक तक की यात्रा , भाग 1

383

प्रह्लाद महाराज के उपदेश, कैकेयी का सत्य और भरत का प्रेम, भाग

384

प्रह्लाद महाराज के उपदेश, कैकेयी का सत्य और भरत का प्रेम, भाग 1

385

यशोमति नन्दन' कीर्तन की व्याख्या

386

श्रीबृ०भा० 2.7.137-138: गोपियों का कृष्ण दर्शन ही सर्वश्रेष्ठ है, भाग 2-

387

श्रीबृ०भा० 2.7.137-138: गोपियों का कृष्ण दर्शन ही सर्वश्रेष्ठ है, भाग 1

388

वैष्णवों का सम्मान, श्रीखञ्ज कृष्णदास की लीला से शिक्षाएँ और भगवान को समर्पण करना

389

कबे गौर वने' कीर्तन की व्याख्या एवं मनुष्य जन्म का महत्त्व, भाग 2

390

कबे गौर वने' कीर्तन की व्याख्या एवं मनुष्य जन्म का महत्त्व, भाग 1

391

भ्रमर गीत - दिव्योन्माद दशा में राधाजी की भ्रमर से वार्ता

392

रागवर्त्म-चन्द्रिका: गोपियों के परकीया भाव की श्रेष्ठता, भाग 2

393

रागवर्त्म-चन्द्रिका: गोपियों के परकीया भाव की श्रेष्ठता, भाग 1

394

भक्तिरसामृत सिन्धु: भक्ति लक्ष्य को प्राप्त करने का क्रम

395

श्रीबृ०भा० 2.7.154: प्रकट और अप्रकट लीला, अप्राकृत कामदेव और उनकी उपासना

396

माधुर्य कादम्बिनी: उत्तमा-भक्ति और उसके स्तर एवं महा-भागवतोंके प्रति अपराध की विस्तृत व्याख्या, भाग 2

397

श्रीराम नवमी, भाग 3

398

माधुर्य कादम्बिनी: उत्तमा-भक्ति और उसके स्तर एवं महा-भागवतोंके प्रति अपराध की विस्तृत व्याख्या, भाग 1

399

श्रीराम नवमी, भाग 2

400

श्रीराम नवमी, भाग 1

401

श्रीरामानुजाचार्य की महिमा

402

श्रीवाल्मीकि चरित्र और रामलीला, भाग 2

403

श्रीवाल्मीकि चरित्र और रामलीला, भाग 1

404

राजा दशरथ और कैकेयी का विवाह, श्रीराम का जन्म, राम-सीता विवाह, वनवास और भरत-मिलाप, भाग 2

405

राजा दशरथ और कैकेयी का विवाह, श्रीराम का जन्म, राम-सीता विवाह, वनवास और भरत-मिलाप, भाग 1

406

भगवान् राम की महिमाशाली लीलाओं का वर्णन, भाग 2

407

भगवान् राम की महिमाशाली लीलाओं का वर्णन, भाग 1

408

श्रीमद्भागवतम माहात्म्य और श्रीशुकदेव गोस्वामी की कथा

409

गजेन्द्र-मोक्ष, मोहिनी और बलि महाराज की लीलाओं शिक्षाएँ

410

वास्तविक सुख कैसे प्राप्त करें?

411

चै०च० 4.180-196: गोपियों की एकमात्र इच्छा कृष्ण को प्रसन्न करना है, भाग 2

412

चै०च० 4.180-196: गोपियों की एकमात्र इच्छा कृष्ण को प्रसन्न करना है, भाग 1

413

कृष्ण का व्रज से मथुरा में आगमन

414

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.147: श्रीब्रह्मा की तुलना में गोपियों का जन्म सार्थक, भाग 2

415

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.147: श्रीब्रह्मा की तुलना में गोपियों का जन्म सार्थक, भाग 1

416

श्रीमनःशिक्षा श्लोक 7, 8- भगवान् के अतुलनीय बलशाली भक्तों की सेवा का प्रभाव

417

श्रीचैतन्य महाप्रभु द्वारा प्रदत्त माधुर्य प्रेम की श्रेष्ठता

418

महाप्रभु किस उन्नत प्रेम को देने आये थे?

419

माधुर्य-कादम्बिनी श्लोक 1: चैतन्य महाप्रभु की दया का वर्णन

420

महाप्रभु की लीलाओं द्वारा वास्तविक विद्या का वर्णन

421

श्रीगौर पूर्णिमा- "नदिया उदयगिरि" की व्याख्या

422

श्रीमोदद्रुमद्वीप

423

राधाकुण्ड और श्यामकुण्ड

424

निर्दय घाट : महाप्रभु का संन्यास ग्रहण

425

जह्नुद्वीप

426

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 2

427

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 1

428

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग 2

429

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग 1

430

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 2

431

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 1

432

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग 2

433

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग1

434

श्रील जगन्नाथ दास बाबाजी महाराज की महिमा

435

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराजजी की महिमा

436

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराज की महिमा एवं गौर-वाणी क्या है?

437

महा-शिवरात्रि: शिवजी का प्राकट्य दिवस, भाग 2

438

महा-शिवरात्रि: शिवजी का प्राकट्य दिवस, भाग 1

439

महाशिवरात्रि: भाग 3

440

महाशिवरात्रि: भाग 2

441

महाशिवरात्रि: भाग 1

442

माधुर्य-कादम्बिनी: शिव-तत्त्व, श्रुति-शास्त्र-निन्दा और निष्ठा की पाँच प्रकार की बाधाएँ, भाग 2

443

माधुर्य-कादम्बिनी: शिव-तत्त्व, श्रुति-शास्त्र-निन्दा और निष्ठा की पाँच प्रकार की बाधाएँ, भाग 1

444

शिव-तत्व: गोपीश्वर महादेव, सती ने अपना शरीर क्यों छोड़ा?

445

श्रीमनःशिक्षा श्लोक 7, 8- भगवान् के अतुलनीय बलशाली भक्तों की सेवा

446

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

447

श्रील प्रभुपाद और श्रील गौर गोविन्द महाराज की महिमा, भाग 2

448

श्रील प्रभुपाद और श्रील गौर गोविन्द महाराज की महिमा, भाग 1

449

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी का आविर्भाव दिवस, भाग 2

450

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी का आविर्भाव दिवस, भाग 1

451

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज का जीवन और उनके गुण, भाग 2

452

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

453

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज का जीवन और उनके गुण, भाग 1

454

श्री नित्यानंद त्रयोदशी: भाग 2

455

श्री नित्यानंद त्रयोदशी: भाग 1

456

भैमी एकादशी, श्रीवराह द्वादशी और प्रेम भक्ति चन्द्रिका श्लोक 2.1

457

श्रीरामानुजाचार्य की महिमा

458

श्री मध्वाचार्य की महिमा

459

श्रीअद्वैत आचार्य का आविर्भाव दिवस, भाग 2

460

श्रीअद्वैत आचार्य का आविर्भाव दिवस, भाग 1

461

वसंत पञ्चमी: शारदीय और वासंती रास की तुलना, विष्णुप्रिया देवी और रघुनाथ दास गोस्वामीका प्राकट्य दिवस

462

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर, भाग 2

463

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर, भाग 1

464

श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर की महिमा

465

आदर्श शिष्य के लक्षण और श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी का जीवन-चरित्र

466

श्रील गुरुदेव की आत्मकथा

467

गुरु के गुण, दीक्षा और गुरु के प्रति समर्पण

468

आदर्श गुरु और आदर्श शिष्य

469

विभिन्न प्रकार के गुरु और उनके शिष्य

470

गुरु-वन्दना 'श्रीगुरु चरण-पद्म' की विस्तृत व्याख्या , भाग 2

471

गुरु-वन्दना 'श्रीगुरु चरण-पद्म' की विस्तृत व्याख्या , भाग 1

472

साधु संग और गुरु सेवा का महत्त्व

473

गुरु के निकट कैसे जाएँ एवं उनके प्रति शरणागति का महत्त्व

474

गुरुकरण की महत्ता, दो प्रकार के गुरु

475

श्रीजयदेव गोस्वामी के मंगल गीतम का गूढ़ अर्थ

476

गोपियाँ कृष्ण के प्रति निःस्वार्थ प्रेम का उज्ज्वल उदाहरण हैं

477

श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी की 'संस्कार दीपिका' और श्रीनरहरि सेवाविग्रह प्रभु की तिरोभाव तिथि

478

चित्रकेतु महाराज के जीवन से शिक्षाएँ

479

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी और रामचंद्र कविराजजी की महिमा

480

मनुष्य जीवन का उद्देश्य, साधु-संग और हरिनाम की महिमा -

481

मकर संक्रांति

482

शीघ्र कृष्ण भजन करें: सांसारिक वस्तुएं वास्तविक सुख नहीं देतीं

483

राधा-कृष्ण की विहार लीला की नाटिका का वर्णन और श्रीमद्भागवतम का उद्देश्य-

484

राम और कृष्ण की तुलना एवं एक सद्गुरु से हरिनाम प्राप्त करने का महत्व और प्रभाव, भाग 2

485

राम और कृष्ण की तुलना एवं एक सद्गुरु से हरिनाम प्राप्त करने का महत्व और प्रभाव, भाग 1

486

Glories of Ekadasi

487

भ्रमर-गीत 10.47.13: श्रीमती राधिका द्वारा कृष्ण की भ्रमर से तुलना, भाग 2

488

भ्रमर-गीत 10.47.13: श्रीमती राधिका द्वारा कृष्ण की भ्रमर से तुलना, भाग 1

489

उद्धव द्वारा गोपियों की महिमा का अनुभव एवं परम धर्म का वर्णन, भाग 2-

490

उद्धव द्वारा गोपियों की महिमा का अनुभव एवं परम धर्म का वर्णन, भाग 1

491

श्रीमद्भागवतम के प्रतिपाद्य विषय का वर्णन, भाग 2

492

श्रीमद्भागवतम के प्रतिपाद्य विषय का वर्णन, भाग 1

493

सुख प्राप्ति का उपाय, सद्गुरु के गुण और सर्वोच्च साधना

494

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 2

495

नव वर्ष की बधाई

496

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 1

497

नवधा भक्ति के अङ्गों का वर्णन, भाग 2

498

नवधा भक्ति के अङ्गों का वर्णन, भाग 1

499

ब्रह्म-विमोहन और कालिया दमन लीला, भाग 2

500

ब्रह्म-विमोहन और कालिया दमन लीला, भाग 1

501

कृष्ण स्वयं भगवान् हैं और हमारा लक्ष्य क्या है?, भाग 2

502

कृष्ण स्वयं भगवान् हैं और हमारा लक्ष्य क्या है?, भाग 1

503

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की व्यास पूजा

504

गुरु तत्त्व और श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 2

505

गुरु तत्त्व और श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 1

506

वास्तविक भजन का फल: श्रीगुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 2

507

वास्तविक भजन का फल: श्रीगुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 1

508

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद का तिरोभाव दिवस, भाग 3

509

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद का तिरोभाव दिवस, भाग 2

510

श्रील प्रभुपाद के प्रचार का वैशिष्ट्य और उनकी शिक्षायें, भाग 2

511

श्रील प्रभुपाद के प्रचार का वैशिष्ट्य और उनकी शिक्षायें, भाग 1

512

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद: उनके दक्ष शिष्य, जन्म और गुरु-करण

513

श्रील प्रभुपाद के अन्तिम उपदेशों की विस्तृत व्याख्या, भाग 2

514

श्रील प्रभुपाद के अन्तिम उपदेशों की विस्तृत व्याख्या, भाग 1

515

श्रीगीता जयंती, भाग 2 -

516

श्रीगीता जयंती, भाग 1

517

भगवद्गीता 18.65 'मन्मना भव' श्लोका की व्याख्या, भाग 2

518

भगवद्गीता 18.65 'मन्मना भव' श्लोका की व्याख्या, भाग 1

519

भगवद गीता की शिक्षाएँ और सार

520

*भगवद्गीता का ज्ञान, भाग 2

521

भगवद्गीता का ज्ञान, भाग 1

522

भगवद्गीता का महत्व और शिक्षाएँ

523

भगवद्गीता के आधार पर जीवन कैसे गठित करें?, भाग 2

524

भगवद्गीता के आधार पर जीवन कैसे गठित करें?, भाग 1

525

भगवद्गीता अध्याय 12 का सार: कर्मी क्रमशः भक्ति में कैसे प्रवेश करता है?

526

श्रीबृ०भा० 2.7.92: स्वरूप शक्ति और उसके विस्तारों का विवरण, भाग 2

527

श्रीबृ०भा० 2.7.92: स्वरूप शक्ति और उसके विस्तारों का विवरण, भाग 1

528

भगवान् निराकार नहीं हैं और कलियुग का प्रभाव, भाग 2

529

भगवान् निराकार नहीं हैं और कलियुग का प्रभाव, भाग 1

530

श्रीबृ०भा० 2.7.143-144: ममता का महत्व और गोपियों की विरह भावना, भाग 2

531

श्रीबृ०भा० 2.7.143-144: ममता का महत्व और गोपियों की विरह भावना, भाग 1

532

नारद मुनि और गोपीश्वर महादेव की कथा, श्रीशिक्षाष्टकम् श्लोक 1-2 की व्याख्या, भाग 1

533

नारद मुनि और गोपीश्वर महादेव की कथा, श्रीशिक्षाष्टकम् श्लोक 2-4 की व्याख्या, भाग 1

534

ईष्ठ-गोष्ठी के विभिन्न स्तर, भाग 2

535

ईष्ठ-गोष्ठी के विभिन्न स्तर, भाग 1

536

व्रज का विलुप्त होना और उसका पुनरुद्धार, गोविन्ददेव का इतिहास, भाग 2

537

व्रज का विलुप्त होना और उसका पुनरुद्धार, गोविन्ददेव का इतिहास, भाग 1

538

नारदजी द्वारा वसुदेवजी को नव-योगेन्द्र द्वारा प्रदत्त भजन शिक्षाओं का निर्देश, भाग 2

539

नारदजी द्वारा वसुदेवजी को नव-योगेन्द्र द्वारा प्रदत्त भजन शिक्षाओं का निर्देश, भाग 1

540

कार्तिक का अन्तिम दिन: वृन्दावन की अपेक्षा राधा-कुण्ड की श्रेष्ठता और राधा-दास्यम् के लिये लोभ, भाग 2

541

कार्तिक का अन्तिम दिन: वृन्दावन की अपेक्षा राधा-कुण्ड की श्रेष्ठता और राधा-दास्यम् के लिये लोभ, भाग 1

542

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज का विरह महोत्सव, भाग 2

543

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज का विरह महोत्सव, भाग 1

544

श्रील गौरकिशोर दास बाबाजी महाराज का तिरोभाव दिवस

545

श्रील भक्तिदायित माधव गोस्वामी महाराज की महिमा, वृन्दावन की शोभा और भक्ति के प्रकार

546

दामोदराष्टकम् श्लोक 8 - रस्सी, कृष्ण के उदर और श्रीमती राधिका की महिमा

547

गोपाष्टमी और श्रीनिवासाचार्य प्रभु का तिरोभाव

548

दामोदराष्टकम् श्लोक 7 - अनर्थों का नाश और प्रेमाभक्ति के लिये प्रार्थना

549

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - कृष्ण के विभिन्न नामों का अर्थ, नाम संकीर्तन की श्रेष्ठता, भाग 2

550

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

551

श्रील भक्तिवेदान्त स्वामी महाराज का जीवन चरित्र और प्रचार

552

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 2

553

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 1

554

गोवर्धन पूजा, अन्नकूट और गिरिराज गोवर्धन की महिमा

555

दीपावली का तात्पर्य और लक्ष्मी पूजा

556

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - कृष्ण के विभिन्न नामों का अर्थ, नाम संकीर्तन की श्रेष्ठता, भाग 1

557

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - मन्त्र क्या है और यह क्या कार्य करता है? भाग 2

558

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - मन्त्र क्या है और यह क्या कार्य करता है? भाग 1

559

दामोदराष्टकम् श्लोक 5 - मन्त्र जप के पञ्चाङ्ग, कृष्ण के अधरों का माधुर्य

560

दामोदराष्टकम् श्लोक 4 - विभिन्न प्रकार के भक्तों का वर्णन, भाग 2

561

दामोदराष्टकम् श्लोक 4 - विभिन्न प्रकार के भक्तों का वर्णन, भाग 1

562

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराज की महिमा

563

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

564

दामोदराष्टकम् श्लोक 3

565

दामोदराष्टकम् श्लोक 2 - रस्सी के दो अंगुली छोटे होने का तात्पर्य

566

दामोदराष्टकम् श्लोक 1 - श्रीकृष्ण के सुन्दर रूप का वर्णन

567

दामोदराष्टकम् श्लोक 2 - यशोदा माता द्वारा कृष्ण को बाँधने का प्रयास

568

श्रीदामोदराष्टकम् प्रस्तावना एवं श्लोक 1 की व्याख्या

569

कार्तिक मास और श्रीदामोदराष्टकम् की महिमा

570

श्रील भक्तिविज्ञान भारती महाराज और श्रीगुरुदेव द्वारा श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराजकी महिमा, भाग 2

571

श्रील भक्तिविज्ञान भारती महाराज और श्रीगुरुदेव द्वारा श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराजकी महिमा, भाग 1

572

कार्तिक के महत्वपूर्ण भजन नियम

573

चै०च०अन्त्य 6.1-238:श्रीचैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी को उपदेश, भाग 2

574

चै०च०अन्त्य 6.1-238:श्रीचैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी को उपदेश, भाग 1

575

विजय-दशमी और श्रीमध्वाचार्यजी का आविर्भाव दिवस, भाग 2

576

विजय-दशमी और श्रीमध्वाचार्यजी का आविर्भाव दिवस, भाग 1

577

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा भागवत-परम्परा की शिक्षा, भाग 2

578

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा भागवत-परम्परा की शिक्षा, भाग 1

579

आचार्य केसरी: उनका दिव्य अप्राकट्य, गुरु-निष्ठा, शास्त्रों में विशेषज्ञता आदि

580

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा श्रीराधा-विनोदविहारी का प्राकट्य

581

श्रील भक्ति प्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज की महिमा

582

श्रीबृ०भा० 2.7.138: गोपियों और कृष्ण का मिलन परम पवित्र है, भाग 2

583

श्रीबृ०भा० 2.7.138: गोपियों और कृष्ण का मिलन परम पवित्र है, भाग 1

584

वास्तविक सुख, महाप्रभु की दक्षिण भारत यात्रा और राय-रामानंद संवाद का सार

585

श्रीबृ०भा० 2.7.52-66: श्रीकृष्ण की मध्याह्न-कालीन भोजन लीला का वर्णन, भाग 2

586

श्रीबृ०भा० 2.7.52-66: श्रीकृष्ण की मध्याह्न-कालीन भोजन लीला का वर्णन, भाग 1

587

गोपियों द्वारा आप्तकाम और आत्माराम कृष्ण को जय करना (श्री०भा० 10.32.19-22), भाग 2

588

गोपियों द्वारा आप्तकाम और आत्माराम कृष्ण को जय करना (श्री०भा० 10.32.19-22), भाग 1

589

प्रेमा भक्ति चंद्रिका 2.5-14: साधु-संग और कृष्ण भक्ति में इन्द्रियों को संलग्न करना, भाग 2

590

प्रेमा भक्ति चंद्रिका 2.5-14: साधु-संग और कृष्ण भक्ति में इन्द्रियों को संलग्न करना, भाग 1

591

भगवान् के अनुग्रह और निग्रह को समझना, भाग 2

592

भगवान् के अनुग्रह और निग्रह को समझना, भाग 1 - हिंदी, नई रिलीज*

593

आत्म-तत्त्व का ज्ञान और आत्मा को कैसे प्रसन्न करें

594

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

595

श्रीबृ०भा० 2.7.124-125: ममत्व का महत्त्व और गोप सखाओं द्वारा कृष्ण की विभिन्न सेवाएँ, भाग 2

596

श्रीबृ०भा० 2.7.124-125: ममत्व का महत्त्व और गोप सखाओं द्वारा कृष्ण की विभिन्न सेवाएँ, भाग 1

597

श्रीबृ०भा० 2.7.107: अन्य अवतारों की अपेक्षा कृष्ण लीला में पृथ्वी देवी का सौभाग्य, भाग 2

598

श्रीबृ०भा० 2.7.107: अन्य अवतारों की अपेक्षा कृष्ण लीला में पृथ्वी देवी का सौभाग्य, भाग 1

599

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 2

600

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 1

601

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्राकट्य दिवस

602

तिथियों की गणना, वामन द्वादशी और चै०च० आदि 4 'रसिक-शेखर कृष्ण परम-करुण', भाग 2

603

तिथियों की गणना, वामन द्वादशी और चै०च० आदि 4 'रसिक-शेखर कृष्ण परम-करुण', भाग 1

604

जैव-धर्म: जीव-तत्त्व और जीव के नित्य और नैमित्तिकधर्म की व्याख्या, भाग 2

605

जैव-धर्म: जीव-तत्त्व और जीव के नित्य और नैमित्तिक धर्म की व्याख्या, भाग 1

606

श्रीकृष्ण की श्रीमती राधिका के भावों को आस्वादन करने की वाञ्छा और श्रीमती राधिका का जन्म

607

श्रीमती राधिका और ललिता सखी की महिमा

608

ललिता सखी की महिमा और ललिताष्टकम की व्याख्या

609

श्रीमती राधिका का इस जगत में आविर्भाव और उपनिषद से राधाजी की महिमा, भाग 2

610

श्रीमती राधिका का इस जगत में आविर्भाव और उपनिषद से राधाजी की महिमा, भाग 1

611

राय-रामानन्द संवाद से राधा-तत्त्व की व्याख्या (चै०च०मध्य 8.154-185), भाग 1

612

राय-रामानन्द संवाद से राधा-तत्त्व की व्याख्या (चै०च०मध्य 8.154-185), भाग 1

613

राधा-तत्व और उसे समझने की योग्यता

614

राधा-रस-सुधा-निधि से राधिका की महिमा और सभी गोपियों में उनकी श्रेष्ठता चै०च० आदि 4.209-220

615

प्रेम की गुरु श्रीमती राधिका हैं

616

श्री राधा तत्व और उनके गुण

617

बृ०भा० 2.4.169-186: कृष्ण की शक्तियों की तुलना-महालक्ष्मी, चञ्चला लक्ष्मी, योगमाया और महामाया, भाग 2

618

बृ०भा० 2.4.169-186: कृष्ण की शक्तियों की तुलना-महालक्ष्मी, चञ्चला लक्ष्मी, योगमाया और महामाया, भाग 1

619

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 2

620

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 1

621

जन्माष्टमी: कृष्ण जन्म एवं 'जन्माद्यस्य यतो' श्लोक की व्याख्या

622

श्रीकृष्ण और श्रीकृष्ण की लीलाओं को समझना

623

श्रीकृष्ण और श्रीकृष्ण की लीलाओं को समझना

624

कृष्ण की असुर वध लीलाओं द्वारा शिक्षाएँ

625

कृष्ण-तत्त्व: कृष्ण लीलाओं से सम्बन्धित भ्रांतियों का खण्डन

626

श्रीराय-रामानन्द संवाद चै०च० 8.137-149: कृष्ण-तत्त्व

627

कृष्ण तत्व और कृष्ण के विभिन्न अवतारों में रस की तुलना

628

श्री०भा० 10.5.1-2 'नन्दस्त्वात्मज उत्पन्ने' की व्याख्या

629

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 2

630

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 1

631

श्रील रूप गोस्वामी की महिमा, उपदेशामृत श्लोक 5,8

632

झूलन लीला और कीर्तन एवं उनकी व्याख्या

633

वृन्दावन में झूलन महोत्सव और श्रील रूप गोस्वामी की महिमा

634

श्रील रूप गोस्वामी का विशिष्ट योगदान, भाग 2

635

श्रील रूप गोस्वामी का विशिष्ट योगदान, भाग 1

636

श्रील रूप गोस्वामी पर महाप्रभु की कृपा

637

श्रीतुलसीदास जयन्ती और रामचरितमानस की महिमा

638

श्रीरूपमञ्जरी पद' और 'यङ् कलि रूप' कीर्तन की व्याख्या

639

श्रील रूप गोस्वामी का महत्व एवं 'अन्याभिलासिता-शून्यम्' श्लोक की व्याख्या, भाग 2

640

श्रील रूप गोस्वामी का महत्व एवं 'अन्याभिलासिता-शून्यम्' श्लोक की व्याख्या, भाग 1

641

हरियाली तीज़

642

भजन के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

643

दर्शन: नाम-अपराध पर चर्चा

644

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराज की महिमा

645

श्रीगोपीनाथ की महिमा और इतिहास

646

अन्याभिलासिता-शून्यम्' श्लोक की विस्तृत व्याख्या, भाग 2

647

अन्याभिलासिता-शून्यम्' श्लोक की विस्तृत व्याख्या, भाग 1

648

चै०च० अन्त्य 15.16-20 : राधिका के भाव में महाप्रभु की इन्द्रियों का क

649

चै०च० अन्त्य 15.16-20 : राधिका के भाव में महाप्रभु की इन्द्रियों का क

650

कृष्ण-कथा का प्रभाव, पूर्व-राग और कृष्ण को ऐश्वर्य की अपेक्षा माधुर्य अधिक प्रिय है

651

श्रील लोकनाथदास गोस्वामी का तिरोभाव दिवस और कुरूक्षेत्र में गोपियों और कृष्ण के बीच वार्तालाप

652

साधु सर्वदा पवित्र और साधु-संग का प्रभाव

653

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 2

654

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 1

655

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी की महिमा एवं उत्तमा भक्ति और साधना भक्ति का

656

श्रील भक्तिहृदय वन गोस्वामी महाराज की उनके शताब्दी महोत्सव पर महिमा

657

पूतना लीला द्वारा विभिन्न प्रकार के भक्तों का वर्णन

658

व्यास-पूजा और श्रीसनातन गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 2

659

व्यास-पूजा और श्रीसनातन गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 1

660

श्रील व्यासदेव और श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा, भाग 2

661

श्रील व्यासदेव और श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा, भाग 1

662

शयन एकादशी और चातुर्मास्य कैसे पालन करें ?

663

महाप्रभु द्वारा चातुर्मास्य का पालन

664

चै०च० मध्य 13.124-141: रथ यात्रा के समय महाप्रभु का राधिका भाव में आवेश, भाग 2

665

चै०च० मध्य 13.124-141: रथ यात्रा के समय महाप्रभु का राधिका भाव में आवेश, भाग 1

666

हेरा-पञ्चमी (चै० च० मध्य 14:135-226): विभिन्न प्रकार की व्रजनायिका और उनका मान, भाग 2

667

हेरा-पञ्चमी (चै० च० मध्य 14:135-226): विभिन्न प्रकार की व्रजनायिका और उनका मान, भाग 1

668

हेरा-पञ्चमी लीला- चै० च० मध्य(14.122-140): लक्ष्मीदेवी का क्रोध

669

प्रतापरुद्र की महाप्रभु के प्रति सेवा और हेरा पंचमी का परिचय

670

पुरूषोत्तम जाना का इतिहास, रथयात्राके दौरान महाप्रभु द्वारा प्रार्थना और राजा प्रतापरुद्र पर दया

671

महाप्रभु द्वारा रथयात्राके दौरान कुरूक्षेत्रमें गोपियों और कृष्णके बीच हुए वार्तालापका आस्वादन

672

श्री कृष्ण जगन्नाथ के रूप में क्यों प्रकट हुए?

673

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 2

674

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर एवं श्री गदाधर पंडित का तिरोभाव दिवस

675

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 2

676

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 1

677

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का आविर्भाव दिवस

678

श्रीबृ०भा० 2.7.94: गोलोक वृन्दावन के दिव्य स्वरूप का वर्णन, भाग 2

679

श्रीबृ०भा० 2.7.94: गोलोक वृन्दावन के दिव्य स्वरूप का वर्णन, भाग 1

680

आज से ही भजन आरम्भ करें!

681

सनातन धर्म का तात्पर्य, भाग 2

682

सनातन धर्म का तात्पर्य, भाग 1

683

श्रीभजन-रहस्य: निशान्त-भजन का तात्पर्य और भगवान् के नाम की महिमा, भाग 1

684

श्रीबृ०भा० 2.7.145-146: गोपियों का ममत्व भाव और उनके संग का माहात्म्य, भाग 2

685

श्रीबृ०भा० 2.7.145-146: गोपियों का ममत्व भाव और उनके संग का माहात्म्य, भाग 1

686

ओंकार, सनातन-धर्म एवं श्रीकृष्ण की श्रीमती राधिका के भावों के आस्वादन की इच्छा

687

महाप्रभु के आविर्भाव के कारण और पाणीहटी चिड़ा-दही महोत्सव, भाग 2

688

महाप्रभु के आविर्भाव के कारण और पाणीहटी चिड़ा-दही महोत्सव, भाग 1

689

निर्जला एकादशी, भाग 2

690

निर्जला एकादशी, भाग 1

691

श्रीमती गंङ्गामाता गोस्वामिनी की महिमा

692

श्रील बलदेव विद्याभूषण प्रभु की महिमा

693

गंगा की महिमा और चार प्रकार के अनर्थ

694

प्रश्नोत्तर: साधना-सिद्धि और कृपा-सिद्धि, सीता-देवी का जन्म और मन्त्र जप के अंग

695

शंखचूड़ और अरिष्टासुर का वध, अक्रूर का व्रज में आगमन एवं उनका अपराध, भाग 2

696

शंखचूड़ और अरिष्टासुर का वध, अक्रूर का व्रज में आगमन एवं उनका अपराध, भाग 1

697

कृष्णलीला में महर्षि दुर्वासा का योगदान

698

विभिन्न प्रकार के गुरुओं के सम्मान में तारतम्य और वेणुगीत (10.21.19) 'गा गोपकैरनुवनं' की व्याख्या

699

चै०च० मध्य लीला 2.84, 2.93: कृष्णदास कविराजजीने चैतन्य-चरितामृत लिखनेके लिए कैसे ज्ञान प्राप्त किया?

700

बंगाली कीर्तनों की महिमा: 'हरि-हरि कबे मोर हइबे सुदीन' और 'राधा-कृष्ण प्राण मोर' की व्याख्या

701

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.141-142: गोपियों की भाँति विप्रलम्भ भाव में भजन, भाग 2

702

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.141-142: गोपियों की भाँति विप्रलम्भ भाव में भजन, भाग 1

703

कृष्ण में आविष्टता: 'कामाद् द्वेषाद्' श्लोक की व्याख्या (श्री० भा० 7.1.30) और प्रह्लाद महाराज की कथा

704

प्रश्नोत्तर: जीवात्मा का स्वरूप, कर्म-वासना, सुकृति, तिलक का महत्व और प्रचार, भाग 2

705

प्रश्नोत्तर: जीवात्मा का स्वरूप, कर्म-वासना, सुकृति, तिलक का महत्व और प्रचार, भाग 1

706

गोपियों के प्रेम की श्रेष्ठता एवं भजन के निर्देश

707

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.147: समस्त साधनाओं का चरम फल 'गोपी-भाव' है

708

ईश्वर का आकार है या वह निराकार है?

709

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 2

710

कृष्ण के प्रति गोपियों का प्रेम ही चरम सुख प्राप्ति का उपाय

711

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 1

712

राम और कृष्णलीला के माध्यम से शुद्ध प्रेम की व्याख्या, भाग 2

713

राम और कृष्णलीला के माध्यम से शुद्ध प्रेम की व्याख्या, भाग 1

714

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

715

श्रीनिवास आचार्य की महिमा

716

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 2

717

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 1

718

हरिनाम की महिमा और प्रह्लाद महाराज की शिक्षाएँ

719

श्रीप्रह्लाद महाराज की शिक्षाओं का सार

720

प्रह्लाद महाराज के गुण और भगवान् द्वारा मारे गये असुरों की गति

721

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 3

722

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 1

723

छः प्रकार से कृष्ण में अभिनिवेश के उपाय और उपदेशामृत श्लोक 1, भाग 2

724

छः प्रकार से कृष्ण में अभिनिवेश के उपाय और उपदेशामृत श्लोक 1, भाग 1

725

हम कैसे सुखी हो सकते हैं और परम धर्म क्या है?

726

वज्रनाभ द्वारा प्रकाशित श्रीविग्रहों की कथा

727

अक्षय तृतीया और भक्ति के प्रारम्भिक निर्देश

728

वास्तविक भक्ति साधक कौन है?

729

पत्र में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर: एकादशी, प्रसादम, हरिनाम, चातुर्मास्य, परिक्रमा, गुरु-तत्त्व आदि

730

भजन-रहस्य 6.3, 25: भाव के नौ लक्षण और उद्धव द्वारा गोपियों के रूढ़-भाव की प्रशंसा, भाग 2

731

भजन-रहस्य 6.3, 25: भाव के नौ लक्षण और उद्धव द्वारा गोपियों के रूढ़-भाव की प्रशंसा, भाग 1

732

भक्तिमार्ग में बाधाएँ, भाग 2

733

भक्तिमार्ग में बाधाएँ, भाग 1

734

अमृतमय हरिकथा का माहात्म्य

735

श्रील भक्तिवल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज की महिमा एवं उनके द्वारा वैष्णवों के गुण और अपराध की व्याख्या

736

प्रश्नोत्तर: 'द्विज' का तात्पर्य, संयोगिन राधिका, माया स्वरूप, मन की शान्ति, गीता का अंतिम उपदेश

737

श्रीमद्भागवतम दशम स्कन्द: कृष्ण द्वारा मिट्टी खाना, फल बेचने वाली और माखन चोरी की लीला, भाग 2

738

श्रीमद्भागवतम दशम स्कन्द: कृष्ण द्वारा मिट्टी खाना, फल बेचने वाली और माखन चोरी की लीला, भाग 1

739

सनातन धर्म पर पत्रकारों के साथ साक्षात्कार

740

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.116-135: नारदजी द्वारा द्वारका में गोपकुमार को व्रज की लीलाओं का वर्णन, भाग

741

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.116-135: नारदजी द्वारा द्वारका में गोपकुमार को व्रज की लीलाओं का वर्णन, भाग

742

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.1-106: गोपकुमार का द्वारका में आगमन और नारदजी द्वारा ‘ममत्व’ का उपदेश, भाग

743

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.1-106: गोपकुमार का द्वारका में आगमन और नारदजी द्वारा ‘ममत्व’ का उपदेश, भा

744

रासलीला को समझना: कृष्ण में कोई जागतिक काम-वासना नहीं है, भाग 2

745

रासलीला को समझना: कृष्ण में कोई जागतिक काम-वासना नहीं है, भाग 1

746

रकीयाके सम्बन्धमें श्रीलविश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुरजीकी विचारधारा रासलीला और कृष्ण-मन्त्रोंसे प्रमाण

747

रासलीला का वर्णन और समस्त स्थानों की अपेक्षा राधाकुण्ड की श्रेष्ठता, भाग 2

748

रासलीला का वर्णन और समस्त स्थानों की अपेक्षा राधाकुण्ड की श्रेष्ठता, भाग 1

749

राधा-कृष्ण कभी भी वृन्दावन छोड़कर नहीं जाते

750

श्रीराम नवमी, भाग 3

751

श्रीराम नवमी, भाग 2

752

श्रीराम नवमी, भाग 1

753

श्रीवाल्मीकि चरित्र और रामलीला, भाग 2

754

श्री रामानुजाचार्य की महिमा

755

श्रीवाल्मीकि चरित्र और रामलीला, भाग 1

756

राजा दशरथ और कैकेयी का विवाह, श्रीराम का जन्म, राम-सीता विवाह, वनवास और भरत-मिलाप, भाग 2

757

राजा दशरथ और कैकेयी का विवाह, श्रीराम का जन्म, राम-सीता विवाह, वनवास और भरत-मिलाप, भाग 1

758

नारद द्वारा विष्णु को श्राप देने की कथा

759

गृहस्थ जीवन में भजन कैसे करें?

760

भक्ति के तटस्थ लक्षण, ज्ञान के प्रकार, ऐश्वर्यमयी और माधुर्यमयी भक्ति, सनातन धर्म, भाग 2

761

शास्त्रीय प्रमाणों द्वारा मायावाद विचारों का खण्डन

762

भक्ति के तटस्थ लक्षण, ज्ञान के प्रकार, ऐश्वर्यमयी और माधुर्यमयी भक्ति, सनातन धर्म, भाग 1

763

नारद ऋषि द्वारा भक्तिदेवी और उनके दो पुत्रों को उपदेश, गुरु के लक्षण, भाग 1

764

भागवत-परम्परा, सिद्ध-प्रणाली और गोस्वामियों के ग्रन्थों का उद्देश्य

765

भारतीय वेशभूषा, ईश्वर निराकार नहीं है और हरिनाम की महिमा, भाग 1

766

भारतीय वेशभूषा, ईश्वर निराकार नहीं है और हरिनाम की महिमा, भाग 2

767

दर्शन: कृष्ण-प्रेम में सर्वोच्च तृप्ति, कृष्ण और नारायण का अर्थ और प्रह्लाद चरित्र, भाग 2

768

दर्शन: कृष्ण-प्रेम में सर्वोच्च तृप्ति, कृष्ण और नारायण का अर्थ और प्रह्लाद चरित्र, भाग 1

769

प्रश्नोत्तर: भावमयी-सेवा, नवद्वीप परिक्रमा अनुभव, महाप्रभु संन्यास और श्रीरूप-शिक्षा, भाग 3

770

प्रश्नोत्तर: भावमयी-सेवा, नवद्वीप परिक्रमा अनुभव, महाप्रभु संन्यास और श्रीरूप-शिक्षा, भाग 2

771

प्रश्नोत्तर: भावमयी-सेवा, नवद्वीप परिक्रमा अनुभव, महाप्रभु संन्यास और श्रीरूप-शिक्षा, भाग 1

772

श्रीगौर पूर्णिमा- "नदिया उदयगिरि" की व्याख्या

773

मोदद्रुमद्वीप

774

राधाकुण्ड और श्यामकुण्ड

775

निर्दय घाट : महाप्रभु का संन्यास ग्रहण

776

जह्नुद्वीप

777

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 3

778

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 2

779

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 1

780

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग

781

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग

782

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग3

783

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग2

784

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग 2

785

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराज की महिमा एवं गौरा-वाणी क्या है?

786

श्रील जगन्नाथ दास बाबाजी महाराज की महिमा

787

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग1

788

महा-शिवरात्रि: शिवजी का प्राकट्य दिवस, भाग 2

789

महा-शिवरात्रि: शिवजी का प्राकट्य दिवस, भाग 1

790

माधुर्य-कादम्बिनी: शिव-तत्त्व, श्रुति-शास्त्र-निन्दा और निष्ठा की पाँच प्रकार की बाधाएँ, भाग 1

791

शिव-तत्व: गोपीश्वर महादेव, सती ने अपना शरीर क्यों छोड़ा?-

792

महाप्रभु और उनके परिकरों द्वारा प्रदत्त भक्ति का वैशिष्ट्य और अपराधों की व्याख्या, भाग 2

793

महाप्रभु और उनके परिकरों द्वारा प्रदत्त भक्ति का वैशिष्ट्य और अपराधों की व्याख्या, भाग 1

794

महाप्रभु की विशेषता

795

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

796

श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती प्रभुपाद का विश्व के लिए असाधारण उपकार

797

श्रील भक्ति सिद्धान्त सरस्वती ठाकुर 'प्रभुपाद' की प्रचार शैली

798

आचार्य केसरी: बाल्यलीला, शिक्षा, गुरुपादश्रय, वैष्णवसेवा, शिष्योंके साथ संबंध और गुरुनिष्ठा, भाग 3

799

आचार्य केसरी: बाल्यलीला, शिक्षा, गुरुपादश्रय, वैष्णवसेवा, शिष्योंके साथ संबंध और गुरुनिष्ठा, भाग 2

800

आचार्य केसरी: बाल्यलीला, शिक्षा, गुरुपादश्रय, वैष्णवसेवा, शिष्योंके साथ संबंध और गुरुनिष्ठा, भाग 1

801

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

802

श्रीनित्यानन्द प्रभु द्वारा जगाई-मधाई का उद्धार

803

श्री नित्यानंद त्रयोदशी: भाग 2

804

श्री नित्यानंद त्रयोदशी: भाग 1

805

भैमी एकादशी, श्रीवराह द्वादशी और प्रेम भक्ति चन्द्रिका श्लोक 2.1

806

श्रीरामानुजाचार्य की महिमा

807

श्री की महिमा

808

अद्वैत-आचार्य: विद्यापति और चण्डीदास दाससे उनका सम्बन्ध, महाप्रभुको प्रकट और अप्रकट करानेके कारण

809

श्रीअद्वैत आचार्य का आविर्भाव दिवस, भाग 2

810

श्रीअद्वैत आचार्य का आविर्भाव दिवस, भाग 1

811

बसंत पंचमी, 1992

812

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्त

813

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्त

814

आदर्श शिष्य के लक्षण और श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी का जीवन-चरित्र

815

साधु-संग का प्रभाव

816

श्रील गुरुदेव की आत्मकथा

817

श्रीगुरु और व्यास का गूढ़ तात्पर्य, भाग 2

818

श्रीगुरु और व्यास का गूढ़ तात्पर्य, भाग 1

819

गुरु-पूजा तथा श्रीगुरु की सेवा का महत्त्व

820

गुरु के गुण, दीक्षा और गुरु के प्रति समर्पण

821

गुरु-तत्व और शिष्य का उत्तरदायित्व

822

प्रश्नोत्तर: ग्रन्थ और मन्त्रोंमें आचार्यों की उपस्थिति, नित्य-नवनवायमान कृष्ण-कथा, गुरुकी सर्वोच्च

823

श्रीमद्भागवतम् भूमिका और उत्तमा भक्ति की व्याख्या

824

श्रीजयदेव गोस्वामी के मंगल गीतम का गूढ़ अर्थ

825

श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी की 'संस्कार दीपिका' और श्रीनरहरि सेवाविग्रह प्रभु की तिरोभाव तिथि

826

स्वनियम दशकम 1- 2: गुरु और व्रज धाम के प्रति रति, भाग 2

827

स्वनियम दशकम 1- 2: गुरु और व्रज धाम के प्रति रति, भाग 1

828

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी और रामचंद्र कविराजजी की महिमा

829

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.4.165-167: भगवान् की अद्भुत और दुर्वितर्क्य शक्ति, भाग 2

830

मनुष्य जन्म की दुर्लभता, भगवान् से सम्बन्ध स्थापित करना और महामंत्र जप का भाव

831

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.4.165-167: भगवान् की अद्भुत और दुर्वितर्क्य शक्ति, भाग 1

832

माधुर्य-कादम्बिनी 6-7: आसक्ति, आरोप और संग सिद्धा भक्ति, भाव के लक्षण, भाग 2

833

माधुर्य-कादम्बिनी 6-7: आसक्ति, आरोप और संग सिद्धा भक्ति, भाव के लक्षण, भाग 1

834

माधुर्य-कादम्बिनी: क्लेशघ्नी, शुभदा, वैधी और रागानुगा भक्ति, भक्ति के स्तर, भाग 2

835

माधुर्य-कादम्बिनी: क्लेशघ्नी, शुभदा, वैधी और रागानुगा भक्ति, भक्ति के स्तर, भाग 1

836

प्रश्नोत्तर: मानसिक सेवा, पवित्र नदियों में स्नान, पाप व अपराध, गुरु की सेवा और जीव-तत्व, भाग 3

837

प्रश्नोत्तर: मानसिक सेवा, पवित्र नदियों में स्नान, पाप व अपराध, गुरु की सेवा और जीव-तत्व, भाग 2

838

प्रश्नोत्तर: मानसिक सेवा, पवित्र नदियों में स्नान, पाप व अपराध, गुरु की सेवा और जीव-तत्व, भाग 1

839

श्री०भा० 1.1.3 'निगमकल्पतरोर्गलितं' श्लोक की व्याख्या और शुकदेवजी की कथा, भाग 2

840

श्री०भा० 1.1.3 'निगमकल्पतरोर्गलितं' श्लोक की व्याख्या और शुकदेवजी की कथा, भाग 1

841

मकर संक्रांति

842

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 2

843

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 1

844

श्री०भा० 10.44.13-15: कृष्णसेवा की वासना, मथुरा रमणियों द्वारा व्रजभूमि और गोपियों की महिमा, भाग 2

845

श्री०भा० 10.44.13-15: कृष्णसेवा की वासना, मथुरा रमणियों द्वारा व्रजभूमि और गोपियों की महिमा, भाग 1

846

कलियुग में हरिनाम का महत्व और दामोदर लीला, भाग 2

847

कलियुग में हरिनाम का महत्व और दामोदर लीला, भाग 1

848

चै०च० अन्त्य (14.50-54):महाप्रभु द्वारा अपने मन की योगी से तुलना और विरह की दस दशा

849

चै०च० अन्त्य (14.47-50): कृष्ण वियोग में महाप्रभु द्वारा अपने मन की योगी से तुलना

850

चै०च० अन्त्य (14.42-46): महाप्रभु का गोपियों के समान विरह

851

श्री गुरु महिमा और श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा, भाग 2

852

श्री गुरु महिमा और श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा, भाग 1

853

श्री गुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 2

854

श्री गुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 1

855

नव वर्ष की बधाई

856

श्रील प्रभुपाद की महिमा, उनके शिष्यों द्वारा निडर प्रचार और अंतिम निर्देश, भाग 2

857

श्रील प्रभुपाद की महिमा, उनके शिष्यों द्वारा निडर प्रचार और अंतिम निर्देश, भाग 1

858

श्रील प्रभुपाद के उनके शिष्यों को लिखे पत्र - संकट को समझना, प्रार्थना कैसे करें, अर्चविग्रह की पूजा

859

श्रील प्रभुपाद के उनके शिष्यों को लिखे पत्र - संकट को समझना, प्रार्थना कैसे करें, अर्चविग्रह की पूजा

860

श्रील प्रभुपाद के प्रचार का वैशिष्ट्य और उनकी शिक्षायें, भाग 2

861

श्रील प्रभुपाद के उपदेश और उनकी शिक्षाओं की विशेषता, भाग 1

862

श्रील प्रभुपाद की महिमा और अंतिम निर्देश

863

श्रीगीता जयंती, भाग 2

864

श्रीगीता जयंती, भाग 1

865

भगवद्गीता के सर्वोच्च श्लोक 'मन-मना भव' की व्याख्या, भाग 2

866

भगवद्गीता के सर्वोच्च श्लोक 'मन-मना भव' की व्याख्या, भाग 1

867

भगवद्गीता के आधार पर जीवन कैसे गठित करें?, भाग 2

868

भगवद्गीता के आधार पर जीवन कैसे गठित करें?, भाग 1

869

श्रील सनातन गोस्वामी प्रणाम मन्त्र, हरिनाम की महिमा और गीता का सार, भाग 3

870

श्रील सनातन गोस्वामी प्रणाम मन्त्र, हरिनाम की महिमा और गीता का सार, भाग 2

871

श्रील सनातन गोस्वामी का प्रणाम मन्त्र, हरिनाम की महिमा और गीता का सार, भाग 1

872

भगवद्गीता अध्याय 12 का सार: कर्मी क्रमशः भक्ति में कैसे प्रवेश करता है?

873

रेडियो साक्षात्कार: वैदिक संस्कृति का महत्व और महिलाओं का सम्मान

874

प्रश्नोत्तर: गुरु के प्रति ममत्व, मायावाद दर्शन का खण्डन, वृन्दावन में देवताओं की मूर्तियों की स्थाप

875

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.143: कृष्ण के मथुरा गमन पर गोपियों का विरह, भाग 2

876

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.143: कृष्ण के मथुरा गमन पर गोपियों का विरह, भाग 1

877

श्री०भा० 10.1.17-24: भगवान् द्वारा पृथ्वीदेवी को आश्वासन और कृष्ण अवतार का इंगित, भाग 2

878

श्री०भा० 10.1.17-24: भगवान् द्वारा पृथ्वीदेवी को आश्वासन और कृष्ण अवतार का इंगित, भाग 1

879

श्री०भा० 10.1.17-18: धर्म की हानि होने पर भगवान् का अवतार, भाग 2

880

श्री०भा० 10.1.17-18: धर्म की हानि होने पर भगवान् का अवतार, भाग 1

881

श्री०भा० 10.1.15-16: श्रीशुकदेव गोस्वामी द्वारा परीक्षित् महाराज को 'राजर्षिसत्तम' सम्बोधन, भाग 2

882

श्री०भा० 10.1.15-16: श्रीशुकदेव गोस्वामी द्वारा परीक्षित् महाराज को 'राजर्षिसत्तम' सम्बोधन, भाग 1

883

श्री०भा० 10.1.14: श्रीशुकदेव गोस्वामी एवं परीक्षितजी को विभिन्न प्रकार से सम्बोधन, भाग 2

884

श्री०भा० 10.1.14: श्रीशुकदेव गोस्वामी एवं परीक्षितजी को विभिन्न प्रकार से सम्बोधन, भाग 1

885

श्री०भा० 10.1.14: श्रीशुकदेव गोस्वामी की महिमा और महाभागवत के लक्षण, भाग 1

886

श्री०भा० 10.1.14: श्रीशुकदेव गोस्वामी की महिमा और महाभागवत के लक्षण, भाग 1

887

कार्तिक परिक्रमा पर पुनरावलोकन और मनः शिक्षा

888

कार्तिक का अन्तिम दिन: वृन्दावन की अपेक्षा राधा-कुण्ड की श्रेष्ठता और राधा-दास्यम् के लिये लोभ, भाग

889

कार्तिक का अन्तिम दिन: वृन्दावन की अपेक्षा राधा-कुण्ड की श्रेष्ठता और राधा-दास्यम् के लिये लोभ, भाग

890

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज का विरह महोत्सव, भाग 2

891

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज का विरह महोत्सव, भाग 1

892

दामोदराष्टकम् श्लोक 8 - रस्सी, कृष्ण के उदर और श्रीमती राधिका की महिमा

893

श्रील गौरकिशोर दास बाबाजी महाराज का तिरोभाव दिवस

894

श्रील भक्तिदायित माधव गोस्वामी महाराज की महिमा, वृन्दावन की शोभा और भक्ति के प्रकार

895

दामोदराष्टकम् श्लोक 7 - अनर्थों का नाश और प्रेमाभक्ति के लिये प्रार्थना

896

गोपाष्टमी

897

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - कृष्ण के विभिन्न नामों का अर्थ, नाम संकीर्तन की श्रेष्ठता, भाग 2

898

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

899

श्रील भक्तिवेदान्त स्वामी महाराज का जीवन चरित्र और प्रचार

900

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 2

901

श्रील भक्तिवेदान्त वामन गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 1

902

गोवर्धन पूजा, अन्नकूट और गिरिराज गोवर्धन की महिमा, भाग 1

903

दीपावली का तात्पर्य और लक्ष्मी पूजा

904

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - कृष्ण के विभिन्न नामों का अर्थ, नाम संकीर्तन की श्रेष्ठता, भाग 1

905

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - मन्त्र क्या है और यह क्या कार्य करता है? भाग 2

906

दामोदराष्टकम् श्लोक 6 - मन्त्र क्या है और यह क्या कार्य करता है? भाग 1

907

दामोदराष्टकम् श्लोक 5 - मन्त्र जप के पञ्चाङ्ग, कृष्ण के अधरों का माधुर्य

908

दामोदराष्टकम् श्लोक 4 - विभिन्न प्रकार के भक्तों का वर्णन, भाग 2

909

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराज की महिमा

910

दामोदराष्टकम् श्लोक 4 - विभिन्न प्रकार के भक्तों का वर्णन, भाग 1

911

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

912

दामोदराष्टकम् श्लोक 3 - फल विक्रयिनी की कथा

913

दामोदराष्टकम् श्लोक 2 - रस्सी के दो अंगुली छोटे होने का तात्पर्य

914

दामोदराष्टकम् श्लोक 2 - यशोदा माता द्वारा कृष्ण को बाँधने का प्रयास

915

दामोदराष्टकम् श्लोक 1 - श्रीकृष्ण के सुन्दर रूप का वर्णन

916

श्रीदामोदराष्टकम् प्रस्तावना एवं श्लोक 1 की व्याख्या

917

कार्तिक मास, श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज और श्रीदामोदराष्टकम् की महिमा, भाग 2

918

कार्तिक मास, श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज और श्रीदामोदराष्टकम् की महिमा, भाग 1

919

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज के 'सद्गुरुत्त्व' पर विचार

920

श्रील गोपाल भट्ट गोस्वामी, श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी और श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी की महिमा

921

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज के रूपानुगत्य विचार और प्रचार

922

विजया दशमी और माधवाचार्य का प्रकट्या दिवस

923

विजयदशमी से पूर्व नवदुर्गा-पूजा की प्रथा अशास्त्रीय और चार वैष्णव सम्प्रदाय का वर्णन

924

गौड़ीय आचार्यों द्वारा श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 2

925

गौड़ीय आचार्यों द्वारा श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 1

926

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज का दिव्य चरित्र और श्रील स्वामी महाराज द्वारा उनकी महिमा, भ

927

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज का दिव्य चरित्र और श्रील स्वामी महाराज द्वारा उनकी महिमा, भ

928

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराजजी की महिमा और अनर्थ के प्रकार

929

भरत महाराज और चित्रकेतु महाराज के जीवन से शिक्षाएँ

930

अन्न-प्राशन संस्कार' पर राष्ट्रीय टीवी के साथ साक्षात्कार

931

वेणुगीत 10.21.9-10: गोपियों द्वारा कृष्ण की वेणु और वृन्दावन की महिमा, भाग 2

932

वेणुगीत 10.21.9-10: गोपियों द्वारा कृष्ण की वेणु और वृन्दावन की महिमा, भाग 1

933

प्रश्नोत्तर: रस-विचार, गाजर न खायें, भक्तोंका निम्न कुलमें जन्म, शिव-तत्व, भाव और रूपानुगा आदि, भाग

934

प्रश्नोत्तर: रस-विचार, गाजर न खायें, भक्तोंका निम्न कुलमें जन्म, शिव-तत्व, भाव और रूपानुगा आदि, भाग

935

एकादशी का तात्पर्य और लाभ एवं भक्ति में अनुकूल ग्रहण, भाग 2

936

एकादशी का तात्पर्य और लाभ एवं भक्ति में अनुकूल ग्रहण, भाग 1

937

रेडियो साक्षात्कार: वेदों में वर्णित तीन दर्शन और सनातन धर्म को अपनाना

938

बृ०भा०2.7.14:कृष्ण द्वारा सत्संगकी महिमा(भा०11.12.1-2),ध्रुवजी द्वारा साधु महिमा(भा०4.9.10,12),भाग 2

939

बृ०भा०2.7.14:कृष्ण द्वारा सत्संगकी महिमा(भा०11.12.1-2),ध्रुवजी द्वारा साधु महिमा(भा०4.9.10,12),भाग

940

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.14: ध्रुव महाराज, शिवजी और भरत महाराज द्वारा साधु संग की महिमा

941

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

942

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.147: समस्त साधनाओं का चरम फल 'गोपी-भाव' है

943

मनः शिक्षा 3-4: रागानुगा भक्ति साधन, रति के प्रकार और असद्वार्त्ता का त्याग भाग 2

944

मनः शिक्षा 3-4: रागानुगा भक्ति साधन, रति के प्रकार और असद्वार्त्ता का त्याग भाग 1

945

वेदान्त सूत्र पर श्रीचैतन्य महाप्रभु और सार्वभौम भट्टाचार्य की वार्तालाप, भाग 2

946

वेदान्त सूत्र पर श्रीचैतन्य महाप्रभु और सार्वभौम भट्टाचार्य की वार्तालाप, भाग 1

947

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 2

948

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 1

949

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्राकट्य दिवस

950

तिथियों की गणना, वामन द्वादशी और चै०च० आदि 4 'रसिक-शेखर कृष्ण परम-करुण

951

चै० च० आदि 4.262-275: श्रीकृष्ण की श्रीमती राधिका के भाव आस्वादन करने की इच्छा

952

चै० च० आदि 4.231-264: श्रीकृष्ण द्वारा श्रीमती राधिका के प्रेम की महिमा का गान

953

राधाष्टमी के भजन और उनकी व्याख्या, भाग 2

954

राधाष्टमी के भजन और उनकी व्याख्या, भाग 1

955

नारदजी की स्तुति और राधोपनिषद से राधाजी की महिमा, भाग 2

956

नारदजी की स्तुति और राधोपनिषद से राधाजी की महिमा, भाग 1

957

चै०च० आदि (4.82-130) से राधाजी की महिमा का वर्णन, भाग 2

958

चै०च० अदि (4.82-130) से राधाजी की महिमा का वर्णन, भाग 1

959

श्रीकृष्ण की श्रीमती राधिका के भाव आस्वादन की इच्छा और श्रीमती राधिका का जन्म

960

भजनरहस्य 7.15: ‘हे देव! हे दयित!’ श्लोक द्वारा राधाजी के विरह भावों का वर्णन, भाग 2

961

भजनरहस्य 7.15: ‘हे देव! हे दयित!’ श्लोक द्वारा राधाजी के विरह भावों का वर्णन, भाग 1

962

भजनरहस्य 7.13: श्रीकृष्ण विरहमें श्रीराधाकी उद्वेग दशा, भाग 2

963

भजनरहस्य 7.13: श्रीकृष्ण विरहमें श्रीराधाकी उद्वेग दशा, भाग 1

964

भजनरहस्य 5.16-22: राधा-दास्य की प्राप्ति के लिये प्रार्थना, भाग 2

965

भजनरहस्य 5.16-22: राधा-दास्य की प्राप्ति के लिये प्रार्थना, भाग 1

966

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 2

967

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 1

968

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: श्रीदशावतार-स्तोत्रम और श्रीमंगल-गीत की व्याख्या एवं कृष्ण के अवतरण के कारण, भ

969

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: श्रीदशावतार-स्तोत्रम और श्रीमंगल-गीत की व्याख्या एवं कृष्ण के अवतरण के कारण, भ

970

जन्माष्टमी कीर्तन और प्रार्थना

971

मूल अवतारी व्रजेन्द्रनन्दन कृष्ण और उनकी सर्वोच्च आराधना

972

माधुर्य और ऐश्वर्य लीलाएँ, व्रज और मथुरा में असुरों के उद्धार में भेद

973

श्रीकृष्ण-तत्त्व: काम-गायत्री की व्याख्या और श्रीमद्भागवतम से 'परकीया-भाव' का प्रमाण

974

श्री०भा० 10.5.1-2 'नन्दस्त्वात्मज उत्पन्ने' की व्याख्या

975

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 2

976

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 1

977

श्रील रूप गोस्वामी की देन, रागानुगा और रूपानुगा भक्ति

978

श्रीरूपमञ्जरी पद' और 'यङ् कलि रूप' कीर्तन की व्याख्या

979

झूलन लीला एवं संस्कार के अनुरूप गुरु की प्राप्ति, भाग 2

980

झूलन लीला एवं संस्कार के अनुरूप गुरु की प्राप्ति, भाग 1

981

श्रीरूप शिक्षा: भक्तिलता का वर्णन (चै० च० मध्य 19.136-151), भाग 2

982

श्रीरूप शिक्षा: भक्तिलता का वर्णन (चै० च० मध्य 19.136-151), भाग 1

983

श्रीतुलसीदास जयन्ती और रामचरितमानस की महिमा

984

श्रील रूप गोस्वामी और श्रील सनातन गोस्वामी के बीच वार्ता, भाग 2

985

श्रील रूप गोस्वामी और श्रील सनातन गोस्वामी के बीच वार्ता, भाग 1

986

व्रज' साक्षात् महोत्सव

987

आली! म्हांने लागे वृन्दावन' कीर्तन का तात्पर्य एवं क्या हम पशुओं से श्रेष्ठ हैं?

988

श्री-गुरु-चरण-पद्म' की व्याख्या: क्लेश और अनर्थ के प्रकार एवं विश्रम्भ गुरुसेवा

989

वास्तविक गृह-प्रवेश

990

श्रीबृ०भा० 2.7.128 : नन्दबाबा की महिमा, भाग 2

991

श्रीबृ०भा० 2.7.128 : नन्दबाबा की महिमा, भाग 1

992

श्रीबृ०भा० 2.7.125-127: सखाओं और नन्द-यशोदा का सौभाग्य, भाग 2

993

श्रीबृ०भा० 2.7.125-127: सखाओं और नन्द-यशोदा का सौभाग्य, भाग 1

994

श्रीबृ०भा० 2.7.123: गोपबालकों के साथ कृष्ण की लीलाएँ, भाग 2

995

श्रीबृ०भा० 2.7.123: गोपबालकों के साथ कृष्ण की लीलाएँ, भाग 1

996

श्रीबृ०भा० 2.7.122: व्रजवासियों का सौभाग्य, भाग 2

997

श्रीबृ०भा० 2.7.122: व्रजवासियों का सौभाग्य, भाग 1

998

श्रीबृ०भा० 2.7.121: कृष्ण के गोपसखाओं का माहात्म्य, भाग 2

999

श्रीबृ०भा० 2.7.121: कृष्ण के गोपसखाओं का माहात्म्य, भाग 1

1000

श्रीबृ०भा० 2.7.119: व्रजगोपियों का कुमकुम कृष्ण के चरणों में कैसे आता है?

1001

श्रीबृ०भा० 2.7.119: पुलिन्दी कन्याओं का सौभाग्य

1002

श्रीबृ०भा० 2.7.118: 'भजहूँ रे मन' कीर्तन की व्याख्या और व्रजके पशुओं की महिमा, भाग 2

1003

श्रीबृ०भा० 2.7.118: 'भजहूँ रे मन' कीर्तन की व्याख्या और व्रजके पशुओं की महिमा, भाग 1

1004

श्रीबृ०भा० 2.7.116-117: वृन्दावन की हिरणियों, गायों और बछड़ों की महिमा, भाग 2

1005

श्रीबृ०भा० 2.7.116-117: वृन्दावन की हिरणियों, गायों और बछड़ों की महिमा, भाग 1

1006

श्रीबृ०भा० 2.7.115: पाँच प्रकार के रागानुगा साधना और पक्षियों की महिमा, भाग 2

1007

श्रीबृ०भा० 2.7.115: पाँच प्रकार के रागानुगा साधना और पक्षियों की महिमा, भाग 1

1008

श्रीबृ०भा० 2.7.113-114: वृन्दावन के पक्षियों पर कृष्ण की वेणु का प्रभाव, भाग 2

1009

श्रीबृ०भा० 2.7.113-114: वृन्दावन के पक्षियों पर कृष्ण की वेणु का प्रभाव, भाग 1

1010

श्रीबृ०भा० 2.7.112-113: वृन्दावन के वृक्ष-लताओं और भ्रमरों की महिमा, भाग 2

1011

श्रीबृ०भा० 2.7.112-113: वृन्दावन के वृक्ष-लताओं और भ्रमरों की महिमा, भाग 1

1012

श्रीबृ०भा० 2.7.110-112: मेघ, नदियों और वृक्षों की महिमा, भाग 2

1013

श्रीबृ०भा० 2.7.110-112: मेघ, नदियों और वृक्षों की महिमा, भाग 1

1014

श्रीबृ०भा० 2.7.109: गोवर्धन की महिमा

1015

श्रीबृ०भा० 2.7.108: व्रज में श्रीकृष्ण का वंशी वादन, भाग 2

1016

श्रीबृ०भा० 2.7.108: व्रज में श्रीकृष्ण का वंशी वादन, भाग 1

1017

श्रीबृ०भा० 2.7.107: पृथ्वी-देवी का सौभाग्य

1018

पुरुषोत्तम मास की महिमा, भाग 2

1019

पुरुषोत्तम मास की महिमा, भाग 1

1020

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराजजी की महिमा

1021

गोपियों का 'काम' द्वारा कृष्ण में चित्त अभिनिविष्ट, भाग 2

1022

गोपियों का 'काम' द्वारा कृष्ण में चित्त अभिनिविष्ट, भाग 1

1023

एकादशी माहात्म्य और श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.146: पुलिन्दी कन्याओं पर गोपियोंके सङ्गका प्रभाव, भाग 2

1024

एकादशी माहात्म्य और श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.146: पुलिन्दी कन्याओं पर गोपियोंके सङ्गका प्रभाव, भाग 1

1025

सनातन-धर्म में श्रीविग्रह सेवा एवं श्रीकृष्ण की बाल्य लीलाएँ, भाग 2

1026

सनातन-धर्म में श्रीविग्रह सेवा एवं श्रीकृष्ण की बाल्य लीलाएँ, भाग 1

1027

श्रीकृष्ण और ब्राह्मण पत्नियों के मध्य संवाद (श्री० भा० 10.23.29), भाग 2

1028

श्रीकृष्ण और ब्राह्मण पत्नियों के मध्य संवाद (श्री० भा० 10.23.29), भाग 1

1029

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामीजी का जीवन चरित्र एवं शिक्षाएं

1030

श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी के परिवार के प्रति महाप्रभु की विशेष कृपा

1031

प्रश्नोत्तर: कान्ता और सखी भाव, 'मान', क्रोध-मोह एवं वक्ता का अभिमान

1032

श्री०भा० 10.21.11- हिरणियों का सौभाग्य, लोभ और रागानुगा भजन की परिपाटी (भ. र. स. 1.2.294), भाग 2

1033

*श्री०भा० 10.21.11- हिरणियों का सौभाग्य, लोभ और रागानुगा भजन की परिपाटी (भ. र. स. 1.2.294), भाग 1

1034

गुरु पूर्णिमा

1035

श्रीव्यासदेव और श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा

1036

श्रील सनातन गोस्वामी द्वारा गृह त्याग और कशी में महाप्रभु से मिलन, भाग 2

1037

श्रील सनातन गोस्वामी द्वारा गृह त्याग और कशी में महाप्रभु से मिलन, भाग 1

1038

शयन एकादशी और चातुर्मास्य कैसे पालन करें ?

1039

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.5.211-216: नारदजी द्वारा गोपकुमारको श्रीजगन्नाथ पुरी जानेका उपदेश

1040

लक्ष्मीजी और गोपियों के बीच अंतर, भाग 2

1041

लक्ष्मीजी और गोपियों के बीच अंतर, भाग 1

1042

हेरा पंचमी: श्री स्वरूप दामोदर और श्रीवास पंडित के बीच चर्चा, भाग 2

1043

हेरा पंचमी: श्री स्वरूप दामोदर और श्रीवास पंडित के बीच चर्चा, भाग 1

1044

प्रतापरुद्र की महाप्रभु के प्रति सेवा और हेरा पंचमी का परिचय

1045

रथयात्रा के दौरान श्रीमन महाप्रभु की लीलाएँ

1046

गौड़ीय वैष्णवों के लिए रथ यात्रा का गूढ़ अर्थ, ब्रजवासीयोंका कुरुक्षेत्र गमन

1047

श्री कृष्ण जगन्नाथ के रूप में क्यों प्रकट हुए?

1048

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 2

1049

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 1

1050

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर एवं श्री गदाधर पंडित का तिरोभाव दिवस

1051

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 2

1052

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 1

1053

टोटा-गोपीनाथ लीला और पुरी में महाप्रभु की वल्लभ भट्ट से भेंट- चै०च० अन्त्य 7.4-26, भाग 2

1054

टोटा-गोपीनाथ लीला और पुरी में महाप्रभु की वल्लभ भट्ट से भेंट- चै०च० अन्त्य 7.4-26, भाग 1

1055

श्री०भा०(11.30-31): कृष्ण द्वारा लीला समापन और परीक्षितजी द्वारा माता को उपदेश, भाग 2

1056

श्री०भा०(11.30-31): कृष्ण द्वारा लीला समापन और परीक्षितजी द्वारा माता को उपदेश, भाग 1

1057

श्री०भा० 10.1.4 'निवृत्ततर्षैरुपगीयमानाद्' श्लोक की व्याख्या, भाग 2

1058

श्री०भा० 10.1.4 'निवृत्ततर्षैरुपगीयमानाद्' श्लोक की व्याख्या, भाग 1

1059

विश्वामित्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र को उपदेश एवं श्रीराम के प्रति भरत और कैकई का प्रेम, भाग 2

1060

विश्वामित्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र को उपदेश एवं श्रीराम के प्रति भरत और कैकई का प्रेम, भाग 1

1061

सतां प्रसङ्गान्' (श्री०भा० 3.25.25) की व्याख्या और गुरु में श्रद्धा

1062

श्रीजगन्नाथदेव के प्राकट्य का इतिहास

1063

गोदादेवी की कथा, 'अंग-श्यामलिमा' श्लोक द्वारा श्रीदामोदर का ध्यान और राजा पुरुषोत्तम जाना का इतिहास,

1064

गोदादेवी की कथा, 'अंग-श्यामलिमा' श्लोक द्वारा श्रीदामोदर का ध्यान और राजा पुरुषोत्तम जाना का इतिहास,

1065

पाणीहटी चिड़ा-दही महोत्सव, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी के जीवन चरित्र से शिक्षाएं

1066

निर्जला एकादशी, भाग 2

1067

निर्जला एकादशी, भाग 1

1068

श्रीमति गंङ्गामाता गोस्वामिनी की महिमा

1069

श्रील बलदेव विद्याभूषण प्रभु की महिमा

1070

गंगा की महिमा और चार प्रकार के अनर्थ

1071

भक्तों की कृपा के लिये प्रार्थना और भक्ति कैसे प्रकाशित होती है?

1072

प्रश्नोत्तर: जीव को रहस्य क्यों कहा गया है?, भक्तिदेवी स्वयं-प्रकाशित है, वाणी और वपु सेवा, प्रचारक

1073

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.148-150: व्यभिचारी कौन है? और उद्धव की प्रार्थना, भाग 1

1074

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.148-150: व्यभिचारी कौन है? और उद्धव की प्रार्थना, भाग 1

1075

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.4.239-244: नारदजी द्वारा गोपकुमार को श्रीरामचन्द्र के दर्शन के लिये उपदेश, भ

1076

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.4.239-244: नारदजी द्वारा गोपकुमार को श्रीरामचन्द्र के दर्शन के लिये उपदेश, भ

1077

भजन-रहस्य 7.8-12: गोपियों और श्रीमती राधिका की विरह आर्ति, भाग 2

1078

भजन-रहस्य 7.8-12: गोपियों और श्रीमती राधिका की विरह आर्ति, भाग 1

1079

रागवर्त्म-चन्द्रिका: श्रील भक्तिविनोद ठाकुर द्वारा 'श्रील जीव गोस्वामी के स्वकीया-परकीया विचार' पर

1080

रागवर्त्म-चन्द्रिका: श्रील भक्तिविनोद ठाकुर द्वारा 'श्रील जीव गोस्वामी के स्वकीया-परकीया विचार' पर

1081

रागवर्त्म-चन्द्रिका: माया प्रत्यायित भाव, स्वकीया-परकीया के सम्बन्ध में 'श्रील भक्तिविनोद ठाकुर' का

1082

प्रश्नोत्तर: सद्-गुरु और असद्-गुरु, प्रेम के दो पहलू- विरह और मिलन

1083

श्रीमद्भागवतम 10.21.1-20: व्रज गोपियों द्वारा व्रज के प्राणियों और पुलिन्द कन्याओं की महिमा का गान,

1084

श्रीमद्भागवतम 10.21.1-20: व्रज गोपियों द्वारा व्रज के प्राणियों और पुलिन्द कन्याओं की महिमा का गान,

1085

श्रीमद्भागवतम 1.2.6 और भक्तों का तारतम्य, भाग 2

1086

श्रीमद्भागवतम 1.2.6 और भक्तों का तारतम्य, भाग 1

1087

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 2

1088

श्रीराय-रामानन्दजी का तिरोभाव दिवस, सर्वश्रेष्ठ साध्य-साधन का निर्णय, भाग 1

1089

केवल सिद्ध महापुरुषों के कीर्तन पदों का गान करें

1090

भागवत पाठ की विधि और 'आराध्यो भगवान् व्रजेश तनय:' श्लोक की गूढ़ व्याख्या, भाग 2

1091

भागवत पाठ की विधि और 'आराध्यो भगवान् व्रजेश तनय:' श्लोक की गूढ़ व्याख्या, भाग 1

1092

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

1093

श्री निवास आचार्य की महिमा

1094

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 2

1095

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 1

1096

हिरण्यकशिपु और प्रह्लाद के जीवन चरित्र से शिक्षाएं

1097

केवल मात्र शुद्ध भक्ति की प्राप्ति हेतु मानव जीवन का उपयोग करना चाहिए: प्रह्लाद महाराज की कथा, भाग 2

1098

केवल मात्र शुद्ध भक्ति की प्राप्ति हेतु मानव जीवन का उपयोग करना चाहिए: प्रह्लाद महाराज की कथा, भाग-1

1099

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 3

1100

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 2

1101

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 1

1102

सत्क्रियासार दीपिका- नामकरण, अन्नप्राशन, चूड़ाकरण और उपनयन संस्कार, भाग 2

1103

सत्क्रियासार दीपिका- नामकरण, अन्नप्राशन, चूड़ाकरण और उपनयन संस्कार, भाग 1

1104

अक्षय तृतीया, चार सम्प्रदाय, अचिन्त्य भेदाभेद तत्त्व और मायावाद विचार का खण्डन, भाग 1

1105

अक्षय तृतीया, चार सम्प्रदाय, अचिन्त्य भेदाभेद तत्त्व और मायावाद विचार का खण्डन, भाग 2

1106

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.100: ब्रह्माजी की व्रज में जन्म लेने की लालसा

1107

दर्शन: प्याज-लहसुन के हानिकारक प्रभाव, गुरूकरण से पूर्व परिक्षण, रसिक भक्त का प्रभाव

1108

टोटा गोपीनाथ में श्रीगदाधर पण्डित और महाप्रभु की लीला, श्रीशिक्षाष्टकम

1109

टीवी चैनल दूरदर्शन टीम के साथ साक्षात्कार: भगवद-भक्ति, भारतीय संस्कृति और संस्कारों की वैज्ञानिकता

1110

श्रील जीव गोस्वामी प्रीति-सन्दर्भ श्लोक 61 से भागवत-प्रीति के लक्षण, भाग 2

1111

श्रील जीव गोस्वामी प्रीति-सन्दर्भ श्लोक 61 से भागवत-प्रीति के लक्षण, भाग 1

1112

सुकृति कैसे उदित होती है? चार प्रकार के सुकृतिशाली लोग जो भक्ति करते हैं (भ० गी० 7.16), भाग 2

1113

सुकृति कैसे उदित होती है? चार प्रकार के सुकृतिशाली लोग जो भक्ति करते हैं (भ० गी० 7.16), भाग 1

1114

श्रीश्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.114: गोपीप्रेम के विभिन्न प्रकार और युगल-गीत श्री०भा०(10.35.11), भाग 2

1115

श्रीश्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.114: गोपीप्रेम के विभिन्न प्रकार और युगल-गीत श्री०भा०(10.35.11), भाग 2

1116

श्रीश्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.114: गोपीप्रेम के विभिन्न प्रकार और युगल-गीत श्री०भा०(10.35.11), भाग 1

1117

श्रीश्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.114: गोपीप्रेम के विभिन्न प्रकार और युगल-गीत श्री०भा०(10.35.11), भाग 1

1118

कर्मफल, उपदेशामृत श्लोक 1, 5 और भक्तिलता का विकास, भाग 2

1119

कर्मफल, उपदेशामृत श्लोक 1, 5 और भक्तिलता का विकास, भाग 2

1120

कर्मफल, उपदेशामृत श्लोक 1, 5 और भक्तिलता का विकास, भाग 1

1121

कृष्ण-प्रेम प्रदानकरी कीर्तन की विधि

1122

गुरुकरण की महत्ता, सराग और निराग गुरु की तुलना

1123

माधुर्य-कादम्बिनी 1.1: महाप्रभुकी कृपा, लोभमयी-श्रद्धा और श्री०भा० 10.47.58 गोपियों की महिमा, भाग 2

1124

माधुर्य-कादम्बिनी 1.1: महाप्रभुकी कृपा, लोभमयी-श्रद्धा और श्री०भा० 10.47.58 गोपियों की महिमा, भाग 1

1125

सनातन धर्म से सम्बन्धित शंकाओं का समाधान, श्रीमद-भागवतम से महाराज परीक्षित का श्राप प्रकरण और कृष्

1126

सनातन धर्म से सम्बन्धित शंकाओं का समाधान, श्रीमद-भागवतम से महाराज परीक्षित का श्राप प्रकरण और कृष्ण

1127

सनातन धर्म से सम्बन्धित शंकाओं का समाधान, श्रीमद-भागवतम से महाराज परीक्षित का श्राप प्रकरण और कृष्ण

1128

श्रीश्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.111: यमुना देवी की महिमा

1129

श्रीश्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.109: गिरिराज गोवर्द्धन की महिमा

1130

दर्शन: पारमार्थिक दृष्टि से अपना जन्मदिन कैसे मनाएं ?

1131

हरिनाम की शक्ति तथा एकादशी पालन कैसे करें

1132

श्रीराम नवमी, भाग 3

1133

श्रीराम नवमी, भाग 2

1134

श्रीराम नवमी, भाग 1

1135

दर्शन: श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के आदर्श चरित्र

1136

श्री रामानुजाचार्य की महिमा

1137

राम-लीला‌ : वन गमन तथा सीताजी का पुनर्गमन, भाग 2

1138

राम-लीला‌ : वन गमन तथा सीताजी का पुनर्गमन, भाग 1

1139

दर्शन: वैष्णवों का सम्मान कैसे करें, भजन कैसे करे

1140

सदैव भजन में तल्लीन रहें ,भाग 2

1141

सदैव भजन में तल्लीन रहें ,भाग 1

1142

*दर्शन: तिथियों का निर्धारण, शरणागति तथा भक्ति क्या है इत्यादि

1143

*श्रीमद्भागवत् (12.13.18) : 'परमहंस', 'ज्ञान' तथा 'वैराग्य' शब्दों की व्याख्या

1144

अपने मानव जीवन को सफल बनाएं

1145

श्रीबृहद-भागवतामृतम् (1.7.114): एकनिष्ठता से ‌भजन करो, भाग 2

1146

श्रीबृहद-भागवतामृतम् (1.7.114): एकनिष्ठता से ‌भजन करो, भाग 1

1147

अपराधों के परिणाम तथा प्रेम के प्रकार

1148

श्रीबृहद-भागवतामृतम् (2.7.113) - साधन भजन में दृढ़ता

1149

श्रीबृहद-भागवतमृतम् (2.7.113) - साधना करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

1150

श्रीबृहद-भागवतमृतम् (2.7.112) - गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम तथा भक्तों का ऐश्वर्य

1151

श्रीमद्भागवतम् - अजामिल, चित्रकेतु एवं प्रह्लाद महाराज के जीवन चरित्र से शिक्षाएं

1152

दर्शन: शुद्ध भक्ति तथा ब्रज भाव, भाग 2

1153

दर्शन: शुद्ध भक्ति तथा ब्रज भाव, भाग 1

1154

उद्धव का‌ ब्रज गमन

1155

*श्रीगौर पूर्णिमा- ""नदिया उदयगिरि"" की व्याख्या

1156

मोदद्रुमद्वीप

1157

राधाकुण्ड और श्यामकुण्ड

1158

निर्दय घाट : महाप्रभु का संन्यास ग्रहण

1159

जह्नुद्वीप

1160

*हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 3

1161

*हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 2

1162

हरी-हर क्षेत्र, नृसिंह पल्ली तथा भक्ति के निर्देश, भाग 1

1163

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग

1164

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग

1165

*नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 2

1166

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 2

1167

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग1

1168

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग2

1169

श्रील जगन्नाथ दास बाबाजी महाराज की महिमा

1170

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराजजी की महिमा

1171

*महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग1

1172

महाशिवरात्रि: भाग 3

1173

*महाशिवरात्रि: भाग 2

1174

*महाशिवरात्रि: भाग 1

1175

*महाप्रभु द्वारा प्रदत्त हरिनाम की महिमा

1176

संन्यास का अर्थ, महाप्रभु का संन्यास दिवस

1177

महाप्रभु कृत विशेष कृपा की व्याख्या, भाग 3

1178

महाप्रभु कृत विशेष कृपा की व्याख्या, भाग 2

1179

महाप्रभु कृत विशेष कृपा की व्याख्या, भाग 1

1180

श्रील भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज और सनातन धर्म की महिमा

1181

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती प्रभुपाद की आविर्भाव तिथि, भाग 2

1182

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती प्रभुपाद की आविर्भाव तिथि, भाग 1

1183

*श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की महिमा

1184

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराज का योगदान: विवेकानंद का दर्शन, प्रभुपाद आरती, मंगला आरती, आदि, भाग 2

1185

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराज का योगदान: विवेकानंद का दर्शन, प्रभुपाद आरती, मंगला आरती, आदि, भाग 1

1186

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

1187

श्रीनित्यानन्द त्रयोदशी, भाग 3

1188

*श्रीनित्यानन्द त्रयोदशी, भाग 2

1189

वराह द्वादशी व प्रेमभक्ति चंद्रिका

1190

*श्री रामानुजाचार्य की महिमा

1191

*श्री मध्वाचार्य की महिमा

1192

प्रेमभक्ति-भक्ति चंद्रिका: प्रेम भक्ति को कैसे प्राप्त करें, भाग 2

1193

प्रेमभक्ति-भक्ति चंद्रिका: प्रेम भक्ति को कैसे प्राप्त करें, भाग 1

1194

श्री अद्वैताचार्य की महिमा

1195

बसंत पंचमी, 1992

1196

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्त

1197

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्त

1198

श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर का महिमा गान

1199

श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी की शिक्षाएं

1200

*'श्री गुरु' का गूढ़ अर्थ, भाग 2

1201

'श्री गुरु' का गूढ़ अर्थ, भाग 1

1202

उत्तरदाई सेवा और गुरुनिष्ठा

1203

दर्शन: साधन भजन करने का निर्देशन

1204

कृष्ण की व्रज लीलाएं- शंखचूड़ और अरिष्टासुर का वध, भाग 2

1205

कृष्ण की व्रज लीलाएं- शंखचूड़ और अरिष्टासुर का वध, भाग 1

1206

मकर संक्रांति

1207

श्री बृहदभागवतामृतम् : गोपियों का उल्लासश्री बृहदभागवतामृतम् : गोपियों का उल्लास

1208

*श्रीजयदेव गोस्वामीजी के मंगल गीतम का गूढ़ तात्पर्य

1209

*श्री नरहरि सेवा-विग्रह प्रभु का महिमा गान

1210

*श्री बृहद-भागवतमृतम 3.7.119: सबसे बड़ी कृपा

1211

*श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी और रामचंद्र कविराजजी की महिमा

1212

*श्री बृहद-भागवतमृतम 2.7.136: व्रजवासियों का अवशोषण,भाग 2

1213

*श्री बृहद-भागवतमृतम 2.7.136: व्रजवासियों का अवशोषण,भाग 1

1214

श्रीभजन रहस्य ( याम 1,2): चेतोदर्पण मार्जनम्, सर्वधर्मान्परित्यज्य, भाग 2

1215

श्रीभजन रहस्य ( याम 1,2): चेतोदर्पण मार्जनम्, सर्वधर्मान्परित्यज्य, भाग 1

1216

*श्रीमद्भागवत गीता की शिक्षाएं: कृष्ण भजन में एकनिष्ठ बनो, भाग 3

1217

श्रीमद्भागवत गीता की शिक्षाएं: कृष्ण भजन में एकनिष्ठ बनो, भाग 2

1218

*श्रीमद्भागवत गीता की शिक्षाएं: कृष्ण भजन में एकनिष्ठ बनो, भाग 1

1219

दामोदर लीला की व्याख्या

1220

दर्शन: सांसारिक प्रसन्नता, हनुमान चालीसा, व्रज भाव, इत्यादि-

1221

नववर्ष की शुभकामनाएं

1222

शरणागति: कीर्तन की व्याख्या 'श्रीराधा-कृष्ण पद-कमले मन

1223

श्रीभजन रहस्य- भक्ति के स्तर - रुचि और आसक्ति (छठा याम)

1224

बृहदभागवतामृत: भक्तों के प्रकार, श्रीकृष्ण की सखाओं के साथ लीला , भाग 2

1225

*श्री बृहदभागवतामृत: भक्तों के प्रकार, श्रीकृष्ण की सखाओं के साथ लीला , भाग 1

1226

*श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 2

1227

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 1

1228

*मन: शिक्षा: भक्ति के स्तर

1229

भक्ति के स्तर

1230

*श्री बृहदभागवतामृत - अवलोकन, भाग 3

1231

*श्री बृहदभागवतामृत - अवलोकन, भाग 2

1232

बृहदभागवतामृत - अवलोकन, भाग 1

1233

श्रीबृहद-भागवतामृतम: पूर्वराग से विरह तक, में गोपीभाव की व्याख्या, भाग 2

1234

श्रीबृहद-भागवतामृतम: पूर्वराग से विरह तक, में गोपीभाव की व्याख्या, भाग 1

1235

*श्री गुरु महिमा और श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा, भाग 2

1236

*श्री गुरु महिमा और श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा, भाग 1

1237

श्री गुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 2

1238

*श्री गुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 1

1239

श्री बृहद-भागवतामृतम्: साधु-संग एवं गुरु-तत्व का सार

1240

श्रील प्रभुपाद की महिमा, उनके शिष्यों द्वारा निडर प्रचार और अंतिम निर्देश, भाग 2

1241

श्रील प्रभुपाद की महिमा, उनके शिष्यों द्वारा निडर प्रचार और अंतिम निर्देश, भाग 1

1242

श्रील प्रभुपाद की महिमा: प्रारंभिक लीला, भाग 2

1243

श्रील प्रभुपाद की महिमा: प्रारंभिक लीला, भाग 1

1244

श्रील प्रभुपाद के उनके शिष्यों को लिखे पत्र - संकट को समझना, प्रार्थना कैसे करें, अर्चविग्रह की पूजा

1245

श्रील प्रभुपाद के उनके शिष्यों को लिखे पत्र - संकट को समझना, प्रार्थना कैसे करें, अर्चविग्रह की पूजा

1246

अराध्यो-भगवान-वृजेश-तन्यस की व्याख्या

1247

श्रीगीता जयंती, भाग 2

1248

*श्रीगीता जयंती, भाग 1

1249

शुद्ध भक्ति क्या है? राम- लीला तथा कृष्ण-लीला में प्रेम की तुलना, भाग 2

1250

शुद्ध भक्ति क्या है? राम- लीला तथा कृष्ण-लीला में प्रेम की तुलना, भाग 1

1251

श्रीबृहद-भागवतामृतम: गोपियों का सर्वोच्च भाव, भाग 2

1252

श्रीबृहद-भागवतामृतम: गोपियों का सर्वोच्च भाव, भाग 1

1253

दर्शन: जन्म एवं मृत्यु के विषय में, कर्म, भक्ति योग की सर्वोच्चता, भाग 2

1254

दर्शन: जन्म एवं मृत्यु के विषय में, कर्म, भक्ति योग की सर्वोच्चता, भाग 1

1255

उद्धव-गोपी संवाद, भ्रमर गीत, भाग 3

1256

उद्धव-गोपी संवाद, भ्रमर गीत, भाग 2

1257

उद्धव-गोपी संवाद, भ्रमर गीत, भाग 1

1258

Darsana: How to Progress in Bhakti, About Raganuga Bhakti, Greed, etc. Part 3

1259

परकीय और स्वकीय भाव के सामंजस्य पर श्रील जीव गोस्वामी का मत, भाग 2

1260

परकीय और स्वकीय भाव के सामंजस्य पर श्रील जीव गोस्वामी का मत, भाग 1

1261

श्रीबृहद-भागवतमृतम - व्रजवासियों का विरह भाव- विशेष रूप से नंद बाबा का, भाग 3

1262

श्रीबृहद-भागवतमृतम - व्रजवासियों का विरह भाव- विशेष रूप से नंद बाबा का, भाग 2

1263

श्रीबृहद-भागवतमृतम - व्रजवासियों का विरह भाव- विशेष रूप से नंद बाबा का, भाग 1

1264

माधुर्य कादम्बिनी: भक्ति के प्रकार, हरिनाम का महत्व, अपराध के प्रकार, भाग 2

1265

माधुर्य कादम्बिनी: भक्ति के प्रकार, हरिनाम का महत्व, अपराध के प्रकार, भाग 1

1266

दर्शन - रागानुग भक्ति के लक्षण, भजन का भाव, इत्यादि

1267

श्रीबृहद-भागवतामृत- साख्य रस की महिमा तथा तुलसी देवी

1268

श्रीराम-लीला से शिक्षाएं,भगवान निराकार नही है तथा हरिनाम का महत्त्व, भाग 2

1269

श्रीराम-लीला से शिक्षाएं,भगवान निराकार नही है तथा हरिनाम का महत्त्व, भाग 1

1270

*श्री बृहद-भागवतमृतम: 'न पारेऽम' श्लोक की व्याख्या

1271

श्रीमद् भगवतम् का श्रवण कैसे करें तथा अराध्या-भगवान्-व्रजेश श्लोक की व्याख्या, भाग 2

1272

श्रीमद् भगवतम् का श्रवण कैसे करें तथा अराध्या

1273

दर्शन: कृष्ण-लीला की सूक्ष्मताओं को समझना

1274

कार्तिक का अंतिम दिवस

1275

श्रीभजन रहस्य (13): शुद्ध नाम का जप

1276

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1277

श्रीभजन रहस्य (12): शुद्ध नाम का जप

1278

श्रीभजन रहस्य (11): शुद्ध नाम का जप

1279

श्रील गौरकिशोर दास बाबाजी महाराज एवं श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराज की तिरोभाव तिथि तथा कार्ति

1280

श्रीभजन रहस्य (10): भाव की प्राप्ति कैसे करें

1281

श्रीभजन रहस्य (9): रागमार्ग के लिए अधिकार

1282

गोपाष्टमी

1283

श्रीभजन रहस्य (8): नाम संकीर्तन

1284

श्रीभजन रहस्य (7): राधा दास्यम् के लिए प्रार्थना

1285

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1286

श्रील भक्ति वेदांत स्वामी महाराज तिरोभाव दिवस

1287

श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा

1288

श्रीभजन रहस्य (6): राधा दास्यम् - गौड़ीय भक्तों का चरम

1289

अन्नकूट, गोवर्धन पूजा

1290

श्रीभजन रहस्य (5): तृणाद्-अपि- शुनिचेन

1291

दीपावली क्या है?

1292

श्रीभजन रहस्य (4): आसक्ति और गोपियों का वाम्य भाव

1293

श्रीभजन रहस्य (3): श्रवणम्, कीर्तनम्

1294

श्रीभजन रहस्य (2): अनर्थ निवृत्ति, रूचि, आसक्ति

1295

श्रीभजन रहस्य (1): निशांत लीला और श्रद्धा

1296

श्रीदामोदर अष्टकम(10) श्लोक 7,8

1297

श्रीदामोदर अष्टकम (9) श्लोक 5 जारी..और श्लोक 6

1298

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराजजी का आविर्भाव दिवस

1299

श्रीदामोदर अष्टकम (8) श्लोक 4 जारी. और श्लोक 5

1300

श्रील नरोत्तम दास ठाकुरजी का तिरोभाव दिवस

1301

श्रीदामोदर अष्टकम (7) श्लोक 3 जारी. और श्लोक 4

1302

श्रीदामोदर अष्टकम (5) श्लोक 2 जारी.

1303

श्रीदामोदर अष्टकम (4): श्लोक 2

1304

श्रीदामोदर अष्टकम(3) श्लोक 1 जारी

1305

श्रीदामोदर अष्टकम(2) श्लोक 1 जारी..

1306

शारदा पूर्णिमा और कार्तिका लीला

1307

श्रीदामोदर अष्टकम(1): श्लोक 1

1308

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1309

श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील गोपाल भट्ट गोस्वामी और श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी की महिमा

1310

कार्तिक मास का पालन कैसे करें?

1311

विजया दशमी और माधवाचार्य का प्रकट्या दिवस

1312

राधा-कृष्ण की लीलाएं आध्यात्मिक हैं, भौतिक नहीं

1313

दुर्वासा ऋषि, कृष्ण की लीलाओं में कैसे सहयोग करते हैं

1314

शुद्ध भक्त के लक्षण, रासलीला, रागानुग क्या है, भाग 2

1315

शुद्ध भक्त के लक्षण, रासलीला, रागानुग क्या है, भाग 1

1316

श्रीमद्भागवतम, नवरात्रि, विजया दशमी और दामोदर-लीला को कैसे आत्मसात करें

1317

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराजजी की महिमा और अनर्थ के प्रकार

1318

हरिनाम का महत्त्व

1319

श्री बृहद-भागवतमृतम - साख्य रस और लोभ की व्याख्या, भाग 2

1320

श्री बृहद-भागवतमृतम - साख्य रस और लोभ की व्याख्या, भाग 1

1321

श्री बृहद-भागवतमृतम 2.7.113-114: भक्ति में प्रगति, भाग 2

1322

श्री बृहद-भागवतमृतम 2.7.113-114: भक्ति में प्रगति, भाग 1

1323

प्रार्थना के साथ श्री बृहद-भागवतमृतम श्रृंखला का अंत, भाग 2

1324

प्रार्थना के साथ श्री बृहद-भागवतमृतम श्रृंखला का अंत, भाग 1

1325

भगवान का आकार एवं गुण, भगवान नरसिंहदेव की लीलाएं तथा भगवान राम, भाग 2

1326

भगवान का आकार एवं गुण, भगवान नरसिंहदेव की लीलाएं तथा भगवान राम, भाग 1

1327

व्रजवासियों का प्रेम: सनातन-धर्म का सार

1328

श्रद्धा (विश्वास) का विकास करना, भाग 2

1329

श्रद्धा (विश्वास) का विकास करना, भाग 1

1330

श्रील भक्ति श्रीरूप सिद्धांती गोस्वामी महाराज की महिमा

1331

*दर्शन: श्रीमती राधिका एवं व्रज गोपियों का विरह भाव, अनर्पितचरीं चिरात् की व्याख्या

1332

श्रीभजन रहस्य: श्रील जीव गोस्वामी के द्वारा स्वरूप सिद्धि की व्याख्या

1333

हरिद्वार में विग्रह प्रतिष्ठा

1334

वृजवासियों का विरह, भाग 2

1335

वृजवासियों का विरह, भाग 1

1336

विश्वरूप संन्यास

1337

*श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्राकट्य दिवस, भाग 2

1338

श्रील हरिदास ठाकुरजी का तिरोभाव दिवस

1339

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्राकट्य दिवस, भाग 1

1340

श्रील जीव गोस्वामीजी की महिमा, भाग 2

1341

श्रील जीव गोस्वामीजी की महिमा, भाग 1

1342

वामन-देव की कथा

1343

*श्रीराधाष्टमी: श्रीमति राधिका प्राकट्य दिवस, भाग 3

1344

श्रीराधाष्टमी: श्रीमति राधिका प्राकट्य दिवस, भाग 2

1345

श्रीललिता सप्तमी: ललिता सखी का प्राकट्य दिवस, भाग 3

1346

श्रीराधाष्टमी: श्रीमति राधिका प्राकट्य दिवस, भाग 1

1347

श्रीललिता सप्तमी: ललिता सखी का प्राकट्य दिवस, भाग 2

1348

श्रीमती राधिका से प्रार्थना:दोपहर का कार्यक्रम

1349

श्रीललिता सप्तमी: ललिता सखी का प्राकट्य दिवस, भाग 1

1350

श्रीमति राधिका से प्रार्थना: सुबह का कार्यक्रम

1351

प्रेम की गुरु श्रीमती राधिका हैं

1352

श्री राधा तत्व और उनके गुण

1353

शिष्य को पत्र : गृहस्थ जीवन में भजन

1354

भक्तों का स्तर एवं हरिनाम की महिमा

1355

श्रील रूप गोस्वामी को अनुसरण करने की महत्ता

1356

श्रील भक्तिवेदांत स्वामी महाराज के साथ संबंध, दामोदर लीला, देवताओं की पूजा एवं भगवान शिव, भाग 2

1357

श्रील भक्तिवेदांत स्वामी महाराज के साथ संबंध, दामोदर लीला, देवताओं की पूजा एवं भगवान शिव, भाग 1

1358

श्रील गुरुदेव का श्रील भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के साथ संबंध एवं दोनों एक ही सिद्धांत का प्रचार कर रहे हैं, भाग 2

1359

श्रील गुरुदेव का श्रील भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के साथ संबंध एवं दोनों एक ही सिद्धांत का प्रचार कर रहे हैं, भाग 1

1360

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 2

1361

*श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 1

1362

जन्माष्टमी 1998: श्रीकृष्ण का जन्म तत्त्व

1363

जन्माष्टमी 2005: मंगल गीत की व्याख्या, दशावतार स्रोत, नंदनंदनम् अष्टकम् इत्यादि

1364

जन्माष्टमी 2007: श्रील भक्ति विनोद ठाकुर की महिमा तथा श्रूकृष्ण जन्म लीला

1365

जन्माष्टमी: श्रील गुरुदेव के अनुगत्य में विशेष कीर्तन, श्रील व्यासदेव की दुविधा तथा श्रीकृष्ण की वंश-परम्परा

1366

जन्माष्टमी 1988: श्रील व्यासदेव की असंतुष्टि तथा श्रीकृष्ण की महिमा, भाग 2

1367

जन्माष्टमी 1988: श्रील व्यासदेव की असंतुष्टि तथा श्रीकृष्ण की महिमा, भाग 1

1368

श्रीबलदेव पूर्णिमा

1369

बलदेव तत्व और रक्षाबंधन का अर्थ

1370

शुद्ध भक्ति अर्थात् रागानुगा भक्ति

1371

श्रील रूप गोस्वामी तिरोभाव महोत्सव

1372

श्रील रूप गोस्वामी की कृपा कैसे प्राप्त करें

1373

व्रज का झूलन महोत्सव

1374

झूलन लीला: भाग 1

1375

श्रील रूप गोस्वामीजी की दिव्य लीलायें

1376

श्री तुलसीदासजी की महिमा

1377

श्रील रूप गोस्वामी सम्मेलन, भाग 3

1378

श्रील रूप गोस्वामी सम्मेलन, भाग 2

1379

श्रील रूप गोस्वामी सम्मेलन, भाग 1

1380

*श्रील रूप गोस्वामी और श्रील सनातन गोस्वामी के बीच वार्ता, भाग 2

1381

श्रील रूप गोस्वामी और श्रील सनातन गोस्वामी के बीच वार्ता, भाग 1

1382

राग-वर्त्मा-चन्द्रिका: स्वरूप-सिद्धि और वास्तु-सिद्धि, भक्तों की श्रेणी, प्राकट और अप्राकट लीला, भाग 2

1383

आचार्य का महत्व तथा ब्रज की महत्ता

1384

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराजजी की महिमा

1385

राग-वर्त्मा-चन्द्रिका: स्वरूप-सिद्धि और वास्तु-सिद्धि, भक्तों की श्रेणी, प्राकट और अप्राकट लीला, भाग 1-

1386

श्री बृहद-भागवतामृत- सखाओं के प्रकार

1387

माधुर्य कादम्बिनी - भक्ति के 9 चरण

1388

श्रीमद्भागवत 10.47.59 एवं श्रीबृहद-भागवतामृतम्: उद्धव द्वारा गोपियों की भक्ति की प्रशंसा, भाग 2

1389

श्रीमद्भागवत 10.47.59 एवं श्रीबृहद-भागवतामृतम्: उद्धव द्वारा गोपियों की भक्ति की प्रशंसा, भाग 1

1390

श्रील लोकनाथ गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस

1391

श्रीबृहद-भागवतामृतम 2.7.144: गोपियों की महिमा, भाग 2

1392

श्रीबृहद-भागवतामृतम 2.7.144: गोपियों की महिमा, भाग 1

1393

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामीजी का जीवन चरित्र एवं शिक्षाएं

1394

श्रीकृष्ण की बाल लीला, भाग 3

1395

श्रीकृष्ण की बाल लीला, भाग 2

1396

श्रीकृष्ण की बाल लीला, भाग 1

1397

दर्शन: वैष्णव शिष्टाचार, भक्तों का स्तर, भजन का लक्ष्य, आदि

1398

गुरु पूर्णिमा

1399

श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा

1400

चर्तुमास्य व्रत तथा श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा

1401

श्रीगुरु की महत्ता

1402

चतुर्मास का पालन कैसे करें?

1403

लक्ष्मीजी और गोपियों के बीच अंतर, भाग 2

1404

लक्ष्मीजी और गोपियों के बीच अंतर, भाग 1

1405

हेरा पंचमी: श्री स्वरूप दामोदर और श्रीवास पंडित के बीच चर्चा, भाग 2

1406

हेरा पंचमी: श्री स्वरूप दामोदर और श्रीवास पंडित के बीच चर्चा, भाग 1

1407

प्रतापरुद्र की महाप्रभु के प्रति सेवा और हेरा पंचमी का परिचय

1408

रथयात्रा के दौरान श्रीमन महाप्रभु की लीलाएँ

1409

गौड़ीय वैष्णवों के लिए रथ यात्रा का गूढ़ अर्थ, ब्रजवासीयोंका कुरुक्षेत्र गमन

1410

श्री कृष्ण जगन्नाथ के रूप में क्यों प्रकट हुए?

1411

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 2

1412

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 1

1413

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर एवं श्री गदाधर पंडित का तिरोभाव दिवस

1414

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 2

1415

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 1

1416

श्री बृहद-भागवतमृतम, भक्ति रसायन : धरती माता का सौभाग्य, भाग 2

1417

श्री बृहद-भागवतमृतम, भक्ति रसायन : धरती माता का सौभाग्य, भाग 1

1418

गुरू-सेवा की महत्ता एवं महाप्रभु ब्रज-प्रेम देने के लिए आये, भाग 3

1419

गुरू-सेवा की महत्ता एवं महाप्रभु ब्रज-प्रेम देने के लिए आये, भाग 2

1420

गुरू-सेवा की महत्ता एवं महाप्रभु ब्रज-प्रेम देने के लिए आये, भाग 1

1421

' जयति जन-निवासो देवकी-जन्म - श्रीमद्भागवत - 10.90.48 - श्लोक की व्याख्या , भाग 2

1422

जयति जन-निवासो देवकी-जन्म - श्रीमद्भागवत - 10.90.48 - श्लोक की व्याख्या , भाग 1-

1423

श्री बृहदभागवतम् - गोप कुमार की कथा, भाग 2

1424

श्री बृहदभागवतम् - गोप कुमार की कथा, भाग 1

1425

'जन्माद्यस्य यत:' (श्रीमद्भागवत 1.1.1) गोस्वामी कृत टीका से व्याख्या, भाग 2

1426

'जन्माद्यस्य अस्य यत:' (श्रीमद्भागवत 1.1.1) गोस्वामी कृत टीका से व्याख्या, भाग 1

1427

दर्शन: दीक्षा मंत्रो की महत्ता, गीता का वास्तविक सार, श्री गुरु को ग्रहण करना, इत्यादि, भाग 2

1428

दर्शन: दीक्षा मंत्रो की महत्ता, गीता का वास्तविक सार, श्री गुरु को ग्रहण करना, इत्यादि, भाग 1-

1429

पाणीहटी चिड़ा-दही महोत्सव, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी के जीवन चरित्र से शिक्षाएं

1430

निर्जला एकादशी, भाग 2

1431

निर्जला एकादशी, भाग 1

1432

श्रीमति गंङ्गामाता गोस्वामिनी की महिमा

1433

श्रील बलदेव विद्याभूषण प्रभु की महिमा

1434

प्रेम सम्पुट

1435

दर्शन: कृष्ण प्रेम का अर्थ एवं रूपानुगों की विशेषता, भाग 3

1436

दर्शन: कृष्ण प्रेम का अर्थ एवं रूपानुगों की विशेषता, भाग 2

1437

दर्शन: कृष्ण प्रेम का अर्थ एवं रूपानुगों की विशेषता, भाग 1

1438

ब्रज गोपियों का भाव‌, रास-लीला, गोपी-गीत, भाग 3

1439

ब्रज गोपियों का भाव‌, रास-लीला, गोपी-गीत, भाग 2

1440

ब्रज गोपियों का भाव‌, रास-लीला, गोपी-गीत, भाग 1

1441

श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी द्वारा कृत स्वनियम दशकम् - श्लोक 8, भाग 3

1442

श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी द्वारा कृत स्वनियम दशकम् - श्लोक 8, भाग 2

1443

श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी द्वारा कृत स्वनियम दशकम् - श्लोक 8, भाग 1

1444

राय रामानंद संवाद : संन्यास क्या है , हरिकथा की प्यास, साध्य और साधन, भाग 2

1445

राय रामानंद संवाद : संन्यास क्या है , हरिकथा की प्यास, साध्य और साधन, भाग 1

1446

एकादशी का पालन कैसे करें एवं वेणु गीत से पूर्व राग , भाग 2

1447

एकादशी का पालन कैसे करें एवं वेणु गीत से पूर्व राग , भाग 1

1448

माधुर्य कादम्बिनी : चार प्रकार के अनर्थ, रुचि के लक्षण , आसक्ति और भाव, भाग 3

1449

माधुर्य कादम्बिनी : चार प्रकार के अनर्थ, रुचि के लक्षण , आसक्ति और भाव, भाग 2

1450

माधुर्य कादम्बिनी : चार प्रकार के अनर्थ, रुचि के लक्षण , आसक्ति और भाव, भाग 1

1451

श्री उपदेशामृत : हरिनाम में रुचि को बढ़ाना एवं अपराधों से कैसे बचा जाए , भाग 3

1452

श्री उपदेशामृत : हरिनाम में रुचि को बढ़ाना एवं अपराधों से कैसे बचा जाए , भाग 2

1453

श्री उपदेशामृत: हरिनाम में रुचि को बढ़ाना एवं अपराधों से कैसे बचा जाए , भाग 1

1454

चीर-हरण-लीला का गूढ़ अर्थ, भाग 2

1455

चीर-हरण-लीला का गूढ़ अर्थ, भाग 1

1456

श्री निवास आचार्य की महिमा

1457

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 2

1458

श्रीनृसिंह चतुर्दशी, भाग 1

1459

हिरण्यकशिपु और प्रह्लाद के जीवन चरित्र से शिक्षाएं

1460

केवल मात्र शुद्ध भक्ति की प्राप्ति हेतु मानव जीवन का उपयोग करना चाहिए: प्रह्लाद महाराज की कथा, भाग 2

1461

केवल मात्र शुद्ध भक्ति की प्राप्ति हेतु मानव जीवन का उपयोग करना चाहिए: प्रह्लाद महाराज की कथा, भाग 1

1462

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस, भाग 3

1463

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 2

1464

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस , भाग 1

1465

*श्री बृहद-भागवतामृतम : वेणु गीत, गोवर्धन की महिमा, भक्तों का स्तर, गुरु-सेवक एवं गुरु , भाग 2

1466

श्री बृहद-भागवतामृतम : वेणु गीत, गोवर्धन की महिमा, भक्तों का स्तर, गुरु-सेवक एवं गुरु , भाग 1

1467

श्रीबृहद-भागवतामृतम‌ : लोभ, रागानुग साधन के पांच प्रकार एवं वेणु गीत, भाग 2

1468

श्रीबृहद-भागवतामृतम‌ : लोभ, रागानुग साधन के पांच प्रकार एवं वेणु गीत, भाग 1

1469

अक्षय तृतीया, भाग 3

1470

अक्षय तृतीया, भाग 2

1471

अक्षय तृतीया, भाग 1

1472

ग्रहण के समय क्या करें तथा कृष्ण-लीला, भाग 2

1473

ग्रहण के समय क्या करें तथा कृष्ण-लीला, भाग 1ग्रहण के समय क्या करें तथा कृष्ण-लीला, भाग 1

1474

श्री गुरु और श्री-गुरु-चरण-पद्म की प्रार्थनाओं की विस्तृत व्याख्या, भाग 2

1475

श्री गुरु और श्री-गुरु-चरण-पद्म की प्रार्थनाओं की विस्तृत व्याख्या, भाग 1

1476

श्रीमद् भागवत श्रंखला - #28-उद्धव संवाद

1477

श्रीमद् भागवत श्रंखला - #27-श्रीमद् भागवत श्रवण की महिमा

1478

श्रीमद् भागवत श्रंखला - #26-देवकी पुत्रों का वापस आना तथा दक्ष की कथा

1479

श्रीमद भागवत श्रंखला- #25- सत्यम-परम्-धीमहि की व्याख्या तथा श्रीमद् भागवतम का सार

1480

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #24- एकादशी की महिमा

1481

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #23- गंगा का अवतरण, भागवत श्रवण की महिमा एवं सुदामा की कथा

1482

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #22 श्रीकृष्ण और बलराम का मथुरा गमन

1483

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #21 - कृष्ण प्रेम एवं रासलीला को जानना

1484

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #20- कालिया, अघासुर, वृत्रासुर इत्यादि की लीलाओं से शिक्षा एवं वेणु गीत, भाग 2

1485

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #20- कालिया, अघासुर, वृत्रासुर इत्यादि की लीलाओं से शिक्षा एवं वेणु गीत, भाग 1

1486

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #19- श्रीकृष्ण की अन्य पौगंड लीलाएं

1487

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #18- श्रीकृष्ण की पौगंड लीलाएं

1488

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #17- श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं

1489

श्रीमद्भागवत श्रृंखला - #16- श्रीमती राधिका और श्रीकृष्ण का जन्म, भाग 2

1490

श्रीमद्भागवत श्रृंखला - #16- श्रीमती राधिका और श्रीकृष्ण का जन्म, भाग 1

1491

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #15- विभिन्न अवतारों के कारण एवं रामायण, भाग 2

1492

श्रीराम नवमी, भाग 3

1493

श्रीराम नवमी, भाग 2

1494

श्रीराम नवमी, भाग 1

1495

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #15- विभिन्न अवतारों के कारण एवं रामायण, भाग 1

1496

श्री रामानुजाचार्य की महिमा

1497

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #14- प्रहलाद महाराज की शिक्षाएं

1498

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #13- राजा चित्रकेतु की कथा

1499

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #12- राजा सुबुद्धि की कथा एवं हरिनाम की महिमा

1500

श्रीमद्भागवत श्रृंखला - #11-भगवान् राम की कथा

1501

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #10- वामन अवतार की कथा

1502

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #9- शिव तत्व एवं क्षीरसागर का मंथन

1503

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #8- शुद्ध भक्ति एवं हरिनाम की महिमा

1504

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #7- पुरंजन एवं भरत महाराज की कथा

1505

श्रीमद भागवत श्रंखला- #6- गुरु में दृढ़ विश्वास, ध्रुव व सती की कथा

1506

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #5-भागवतम में राधाजी का नाम , निगम-कल्पतरू की व्याख्या, द्वारका की लीलाएं

1507

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #4-विदुर एवं धृतराष्ट्र के मध्य संवाद, भीष्म के द्वारा निर्देश

1508

श्रीद्भागवत श्रृंखला - #3- शुकदेव गोस्वामी की कथा, भाग 2

1509

श्रीद्भागवत श्रृंखला - #3- शुकदेव गोस्वामी की कथा, भाग 1

1510

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #2- श्रीमद भगवतम की महिमा, आत्मादेव ब्राह्मण और गोकर्ण की कथा

1511

श्रीमद्भागवत श्रृंखला- #1- श्रीमद्भागवत की महिमा

1512

वृत्रासुर की शिक्षायें-श्रील जीव गोस्वामी की टीका, भाग 2

1513

वृत्रासुर की शिक्षायें-श्रील जीव गोस्वामी की टीका, भाग 1

1514

ब्रज की होली

1515

श्री गौर पूर्णिमा

1516

मोदद्रुमद्वीप

1517

राधाकुण्ड और श्यामकुण्ड

1518

जह्नुद्वीप

1519

निर्दय घाट : महाप्रभु का संन्यास ग्रहण

1520

हरी-हर क्षेत्र तथा भक्ति क निर्देश, भाग3

1521

हरी-हर क्षेत्र तथा भक्ति के निर्देश, भाग2

1522

हरी-हर क्षेत्र तथा भक्ति के निर्देश, भाग1

1523

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग 2

1524

श्रीदेवानंद गौड़ीय मठ, प्रौढ़ माया, वैकुंठपुर, रुद्र द्वीप और महाप्रभु की शिक्षाओं की विशेषता, भाग 1

1525

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 3 (भाग 2 से जारी)

1526

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग 2 (भाग 1 से जारी)

1527

नवद्वीप धाम की महिमा- भाग1-

1528

महाप्रभु ने अवतार क्यों लिया

1529

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग2

1530

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराजजी की महिमा

1531

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया, भाग1

1532

महाशिवरात्रि : भाग 3 (भाग2 से जारी)

1533

महाशिवरात्रि : भाग 2 (भाग1 से जारी

1534

महाशिवरात्रि :भाग1

1535

संन्यास का अर्थ, महाप्रभु का संन्यास दिवस

1536

महाप्रभु कृत विशेष कृपा की व्याख्या, भाग 2

1537

महाप्रभु कृत विशेष कृपा की व्याख्या, भाग 2

1538

महाप्रभु कृत विशेष कृपा की व्याख्या, भाग `1

1539

श्रीबृहदभागवतामृत : गोपी विरह भाव

1540

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती प्रभुपाद की आविर्भाव तिथि, भाग 2

1541

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती प्रभुपाद की आविर्भाव तिथि, भाग 1

1542

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की महिमा

1543

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराज का योगदान: विवेकानंद का दर्शन, प्रभुपाद आरती, मंगला आरती, आदि, भाग 2

1544

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव महाराज का योगदान: विवेकानंद का दर्शन, प्रभुपाद आरती, मंगला आरती, आदि, भाग 1

1545

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

1546

श्रीनित्यानन्द त्रयोदशी, भाग 3

1547

श्रीनित्यानन्द त्रयोदशी, भाग 2

1548

वराह द्वादशी व प्रेमभक्ति चंद्रिका-

1549

श्रीनित्यानन्द त्रयोदशी, भाग 1

1550

श्री रामानुजाचार्य की महिमा

1551

श्री बृहद-भागवतामृतम् - अक्रूर द्वारा श्रीकृष्ण को मथुरा लाना

1552

श्री अद्वैताचार्य की महिमा, भाग 2

1553

श्री अद्वैताचार्य की महिमा, भाग 1

1554

बसंत पंचमी, 1992

1555

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर, भाग 2

1556

वसंत पंचमी: वसंती रास, विष्णुप्रिया देवी का जीवन, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर, भाग 1

1557

श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर का महिमा गान

1558

स्वनियम दशकम् : श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी द्वारा लिखित

1559

श्रील गुरुदेव व्यास-पूजा, श्रीगुरु तत्व

1560

'श्री गुरु' का गूढ़ अर्थ, भाग 2

1561

'श्री गुरु' का गूढ़ अर्थ, भाग 1

1562

उत्तरदाई सेवा और गुरुनिष्ठा

1563

दर्शन: गुरुदेव, प्रारंभिक लीलाओं पर चर्चा करते हैं, भाग 2

1564

दर्शन: गुरुदेव, प्रारंभिक लीलाओं पर चर्चा करते हैं, भाग 1

1565

श्री बृहद-भागवतामृतम् - साधु-संग की महिमा व ध्रुव महाराज की कथा, भाग 2

1566

श्री बृहद-भागवतामृतम् - साधु-संग की महिमा व ध्रुव महाराज की कथा, भाग 1

1567

श्रीजयदेव गोस्वामीजी के मंगल गीतम का गूढ़ तात्पर्य

1568

श्री नरहरि सेवा-विग्रह प्रभु का महिमा गान

1569

श्री बृहद-भागवतामृतम् - अक्रूर द्वारा श्रीकृष्ण को मथुरा लाना

1570

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी और रामचंद्र कविराजजी की महिमा

1571

श्रीकृष्ण और श्रीबलदेव का उपनयन संस्कार एवं गुरूकुल के लिए प्रस्थान, भाग 2

1572

श्रीकृष्ण और श्रीबलदेव का उपनयन संस्कार एवं गुरूकुल के लिए प्रस्थान, भाग 1

1573

*श्री बृहद-भागवतमृतम- गुरु-तत्व, रूपानुग गुरु गोपी-प्रेम के बारे में निर्देश दे सकते हैं, भाग 2

1574

श्री बृहद-भागवतमृतम- गुरु-तत्व, रूपानुग गुरु गोपी-प्रेम के बारे में निर्देश दे सकते हैं, भाग 1

1575

श्री बृहद-भागवतामृतम् - उद्धव वह गोपियों के मध्य संवाद, भाग 2

1576

श्री बृहद-भागवतामृतम् - उद्धव वह गोपियों के मध्य संवाद, भाग 1

1577

मकर संक्रांति

1578

यह संग्रह के सबसे पुराने लेक्चरर्स में से एक है - 1987 से श्री बृहद-भागवतमृतम - व्रज और व्रजवासियों की महिमा और अक्रूर द्वारा कृष्ण को मथुरा ले जाना, भाग 3

1579

यह संग्रह के सबसे पुराने लेक्चरर्स में से एक है - 1987 से श्री बृहद-भागवतमृतम - व्रज और व्रजवासियों की महिमा और अक्रूर द्वारा कृष्ण को मथुरा ले जाना, भाग 2

1580

यह संग्रह के सबसे पुराने लेक्चरर्स में से एक है - 1987 से श्री बृहद-भागवतमृतम - व्रज और व्रजवासियों की महिमा और अक्रूर द्वारा कृष्ण को मथुरा ले जाना, भाग 1

1581

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.125: श्रीकृष्ण की बाल लीलायें

1582

श्रीबृहद-भागवतामृतम् 2.7.138: गोपियों के साथ श्री कृष्ण की लीलायें, भाग 2

1583

श्रीश्रीबृहद-भागवतामृतम् 2.7.138: गोपियों के साथ श्री कृष्ण की लीलायें, भाग 1

1584

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.96: ब्रह्मा जी के द्वारा श्री कृष्ण की स्तुति भाग 2

1585

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 3

1586

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 2

1587

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस भाग 1

1588

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.96: ब्रह्मा जी के द्वारा श्री कृष्ण की स्तुति भाग 1

1589

श्रीबृहद-भागवतामृतम् 2.7.127 - वात्सल्य रस और उचित साधना, भाग 2

1590

श्रीबृहद-भागवतामृतम् 2.7.127 - वात्सल्य रस और उचित साधना, भाग 1

1591

नववर्ष की शुभकामनाएं

1592

श्री बृहद-भागवतामृतम्: कलयुग का प्रभाव, हरिनाम, परिक्षित महाराज को शाप, भाग 2

1593

श्री बृहद-भागवतामृतम्: कलयुग का प्रभाव, हरिनाम, परिक्षित महाराज को शाप, भाग 1-

1594

श्री गुरु महिमा और श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा, भाग 2

1595

श्री गुरु महिमा और श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा, भाग 1

1596

श्री गुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 2

1597

श्री गुरु के प्रति विरह और समर्पण, भाग 1

1598

श्री बृहद-भागवतामृतम्: साधु-संग एवं गुरु-तत्व का सार

1599

श्रील प्रभुपाद की महिमा: निडर प्रचार और अंतिम निर्देश, भाग 3

1600

श्रील प्रभुपाद की महिमा: निडर प्रचार और अंतिम निर्देश, भाग 2

1601

श्रील प्रभुपाद की महिमा: निडर प्रचार और अंतिम निर्देश, भाग 1

1602

श्रील प्रभुपाद की महिमा: प्रारंभिक लीला, भाग 2

1603

श्रील प्रभुपाद की महिमा: प्रारंभिक लीला, भाग 1

1604

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद के निर्देशों को लागू करना, भाग 2

1605

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद के निर्देशों को लागू करना, भाग 1

1606

श्री बृहद-भागवतामृतम् - वात्सल्य रस और ब्रह्मा, शिव की भक्ति भाग 2

1607

श्री बृहद-भागवतामृतम् - वात्सल्य रस और ब्रह्मा, शिव की भक्ति भाग 1

1608

श्रीगीता जयंती

1609

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.109 - गोवर्धन की महिमा

1610

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.108 - ब्रज में श्रीकृष्ण का बंसी वादन, भाग 2

1611

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.108 - ब्रज में श्रीकृष्ण का बंसी वादन, भाग 1

1612

श्री बृहद-भागवतामृतम् - भजन ठीक से करना, भाग 2

1613

श्री बृहद-भागवतामृतम् - भजन ठीक से करना, भाग 1

1614

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.146 - उचित संघ की शक्ति, भाग 2

1615

* श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.146 - उचित संघ की शक्ति, भाग 1-

1616

श्री बृहद-भागवतमृतम् 2.7.141 - कैसे विभिन्न भक्त श्रीकृष्ण से विरह में व्यवहार करते है, भाग 2

1617

श्री बृहद-भागवतमृतम् 2.7.141 - कैसे विभिन्न भक्त श्रीकृष्ण से विरह में व्यवहार करते है, भाग 1

1618

श्रीबृहद-भागवतामृतम् 2.7.140 - रागानुगा भक्ति की समझ

1619

श्री बृहद-भागवतामृतम्: द्वारका की रानियों व‌ द्रौपदी के मध्य संवाद, भाग 2

1620

श्री बृहद-भागवतामृतम्: द्वारका की रानियों व‌ द्रौपदी के मध्य संवाद, भाग 1

1621

श्रीकृष्ण का सच्चिदानंद स्वरुप, चै.च. आदि लीला 4.61-71 भाग 2

1622

श्रीकृष्ण का सच्चिदानंद स्वरुप, चै.च. आदि लीला 4.61-71 भाग 1

1623

विशुद्ध सत्व तथा श्रीकृष्ण का सच्चिदानंद स्वरुप, चै.च. आदि लीला 4.61-71

1624

महाप्रभु के भाव तथा श्री गोविन्द लीलामृत से श्री राधाकृष्ण की लीलाएं

1625

महाप्रभु का आन्तरिक भाव: चै.च.अन्तय लीला 15.4-17

1626

कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण का ब्रजवासियों से मिलन व टोटा गोपीनाथ की कथा, भाग 2

1627

कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण का ब्रजवासियों से मिलन व टोटा गोपीनाथ की कथा, भाग 1

1628

ऐश्वर्य तथा माधुर्य भक्ति में तुलना, भाग 2

1629

ऐश्वर्य तथा माधुर्य भक्ति में तुलना, भाग 1

1630

श्री बृहद-भागवतामृतम् एवं 'जयति-जन-निवासो' की व्याख्या, भाग 2

1631

श्री बृहद-भागवतामृतम् एवं 'जयति-जन-निवासो' की व्याख्या, भाग 1-

1632

विरह में महाभाव

1633

कार्तिक का अंतिम दिवस

1634

श्रीभजन रहस्य (13): शुद्ध नाम का जप

1635

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1636

श्रीभजन रहस्य (12): शुद्ध नाम का जप

1637

श्रीभजन रहस्य (11): शुद्ध नाम का जप

1638

उत्थान एकादशी, श्रील गौर किशोर दास बाबाजी महाराजजी का तिरोभाव दिवस और कार्तिक की महिमा

1639

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराजजी की महिमा

1640

श्रीभजन रहस्य (10): भाव की प्राप्ति कैसे करें

1641

श्रीभजन रहस्य (9): रागमार्ग के लिए अधिकार

1642

श्रीभजन रहस्य (8): नाम संकीर्तन

1643

गोपाष्टमी

1644

श्रीभजन रहस्य (7): राधा दास्यम् के लिए प्रार्थना

1645

श्रीभजन रहस्य (6): राधा दास्यम् - गौड़ीय भक्तों का चरम उद्देश्य

1646

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1647

श्रील भक्ति वेदांत स्वामी महाराज तिरोभाव दिवस

1648

श्रील भक्ति वेदांत वामन गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1649

अन्नकूट, गोवर्धन पूजा

1650

दीपावली क्या है?

1651

श्रीभजन रहस्य (4): आसक्ति और गोपियों का वाम्य भाव

1652

श्रीभजन रहस्य (3): श्रवणम्, कीर्तनम्

1653

श्रीभजन रहस्य (2): अनर्थ निवृत्ति, रूचि, आसक्ति

1654

श्रीभजन रहस्य (1): निशांत लीला और श्रद्धा

1655

श्रीदामोदर अष्टकम(10) श्लोक 7,8

1656

श्रीदामोदर अष्टकम (9) श्लोक 5 जारी..और श्लोक 6

1657

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराजजी का आविर्भाव दिवस

1658

श्रीदामोदर अष्टकम (8) श्लोक 4 जारी. और श्लोक 5

1659

श्रील नरोत्तम दास ठाकुरजी का तिरोभाव दिवस

1660

श्रीदामोदर अष्टकम (7) श्लोक 3 जारी. और श्लोक 4

1661

श्रीदामोदर अष्टकम (6) श्लोक 3

1662

श्रीदामोदर अष्टकम (5) श्लोक 2 जारी

1663

श्रीदामोदर अष्टकम (4): श्लोक 2

1664

श्रीदामोदर अष्टकम (3) श्लोक 1 जारी

1665

श्रीदामोदर अष्टकम(2) श्लोक 1 जारी

1666

श्रीदामोदर अष्टकम(1): श्लोक 1

1667

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1668

शरद पूर्णिमा और कार्तिक की लीलाएं

1669

राधा-कृष्ण की लीलाएं आध्यात्मिक हैं, भौतिक नहीं - हिंदी, नवीन एवं पुनः संरक्षित

1670

श्रील रघुनाथदास गोस्वामी, श्रील रघुनाथभट्ट गोस्वामी और श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामीजी का तिरोभाव द

1671

कार्तिक मास का पालन कैसे करें?

1672

विजयदशमी और श्रीमाधवाचार्यजी का आविर्भाव दिवस

1673

'गोपी भाव' क्या है'? भाग 2

1674

'गोपी भाव' क्या है'? भाग 1

1675

श्रीबृहद-भागवतामृतम्- पूर्व राग की व्याख्या, गोपी गीत: भाग 2

1676

श्रीबृहद-भागवतामृतम्- पूर्व राग की व्याख्या, गोपी गीत: भाग 1

1677

श्रीबृहद भागवतामृतम का सार- भक्ति रसायन

1678

श्रीमद् भागवतम् एवं दामोदर-लीला को कैसे आत्मसात करें

1679

एकादशी का महत्व एवं भक्ति के लक्षण

1680

भक्ति के विविध चरण

1681

श्रीबृहद भागवतामृतम्: श्रीकृष्ण कभी भी ब्रज से नहीं जाते, भाग 2

1682

श्रीबृहद भागवतामृतम्: श्रीकृष्ण कभी भी ब्रज से नहीं जाते, भाग 1

1683

श्रीबृहद-भागवतम् : वैष्णवों का आश्रय, भक्त वात्सल्य भाग 2

1684

श्रीबृहद-भागवतम् : वैष्णवों का आश्रय, भक्त वात्सल्य भाग 1

1685

गोपी गीत: गोपियों के प्रश्न और श्रीकृष्ण के उत्तर भाग 2

1686

श्रीकृष्ण के मथुरा जाने पर व्रजवासियों की प्रतिक्रिया

1687

गोपी गीत: गोपियों के प्रश्न और श्रीकृष्ण के उत्तर भाग 1

1688

साधु संग का महत्व, अघासुर और ब्रह्म विमोहन लीला से शिक्षाएं, भाग 2

1689

साधु संग का महत्व, अघासुर और ब्रह्म विमोहन लीला से शिक्षाएं, भाग 1

1690

श्रील भक्ति श्रीरूप सिद्धांत गोस्वामी महाराज की महिमा

1691

आध्यात्मिक जीवन के मूल सिद्धांतों पर चर्चा

1692

श्रीबृहद भागवतामृतम्-सहिष्णुता एवं वास्तविक साधु संग

1693

आत्मा की शाश्वत प्रकृति

1694

श्री बृहद-भागवतम् 2.7.145 - गोपी प्रेम की सर्वश्रेष्ठता

1695

श्री बृहद-भागवतामृतम् 2.7.143: श्रीकृष्ण का मथुरा गमन

1696

गौड़ीय वैष्णव सिद्धांत की व्याख्या - राधा और श्रीकृष्ण को क्या प्रसन्न करता है?

1697

विश्वरूप संन्यास

1698

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्राकट्य दिवस

1699

श्रील जीव गोस्वामीजी की महिमा

1700

वामन-देव की कहानी - हिंदी

1701

हरिनामा दीक्षा को स्वीकार करने का अर्थ

1702

अन्य संप्रदायों के अनुयायियों के बीच गौड़ीय भ्रांतियों का समाधान

1703

श्रीमति राधिका प्राकट्य दिवस(श्रीराधाष्टमी)

1704

ललिता सखी का प्राकट्य दिवस(श्रीललिता सप्तमी)

1705

श्री राधा तत्व और उनके गुण

1706

श्रीमति राधिका से प्रार्थना: भाग 2

1707

श्रीमति राधिका से प्रार्थना: भाग 1

1708

अनिष्ठता भक्ति

1709

अनिष्ठता भक्ति

1710

श्रील गौर गोविंद स्वामी महाराजजी की महिमा

1711

अपने मंत्रों का जप कैसे करें : भाग 2

1712

अपने मंत्रों का जप कैसे करें : भाग 1

1713

श्रीमद्भागवतम् में वर्णित लीलाएं एवं ब्रज-प्रेम की सर्वश्रेष्ठता भाग 2

1714

श्रीमद्भागवतम् में वर्णित लीलाएं एवं ब्रज-प्रेम की सर्वश्रेष्ठता भाग 1

1715

कृष्ण भक्ति का स्वभाव भाग 2

1716

कृष्ण भक्ति का स्वभाव भाग 1

1717

श्रील गुरुदेव का श्रील भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के साथ संबंध

1718

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा

1719

जन्माष्टमी 1998: श्रीकृष्ण का जन्म तत्त्व

1720

जन्माष्टमी 1997: श्रीकृष्ण के प्रकट होने के कारण

1721

'यशोमती नन्दन' की व्याख्या

1722

श्रील भक्तिवेदांत त्रिविक्रम महाराज के संग में जन्माष्टमी उत्सव 1998 : संकीर्तन कैसे करें तथा कृष्ण तत्त्व

1723

जन्माष्टमी: श्रील गुरुदेव के अनुगत्य में विशेष कीर्तन, श्रील व्यासदेव की दुविधा तथा श्रीकृष्ण की वंश-परम्परा

1724

जन्माष्टमी 1988: श्रील व्यासदेव की असंतुष्टि तथा श्रीकृष्ण की महिमा

1725

मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी' का अभ्यास कैसे करें, भाग 2

1726

'मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी' का अभ्यास कैसे करें, भाग 1

1727

श्रीबलदेव पूर्णिमा

1728

बलदेव तत्व और रक्षाबंधन का अर्थ

1729

शुद्ध भक्ति अर्थात् रागानुगा भक्ति

1730

श्रील रूप गोस्वामी की कृपा कैसे प्राप्त करें

1731

श्रील रूप गोस्वामी इस जगत में क्यों प्रकट हुए

1732

श्रील रूप गोस्वामी तिरोभाव महोत्सव

1733

झूलन लीला: भाग 2

1734

झूलन लीला: भाग 1

1735

श्री तुलसीदासजी की महिमा

1736

श्रील रूप गोस्वामीजी की दिव्य लीलायें

1737

श्रील रूप गोस्वामी का वैशिष्ट्य: भाग 2

1738

श्रील रूप गोस्वामी का वैशिष्ट्य: भाग 1

1739

श्रील रूप गोस्वामी और श्रील सनातन गोस्वामी के बीच वार्ता

1740

प्रत्येक कार्य करते हुए कृष्ण को सदैव याद रखिए

1741

कृष्ण भक्ति कैसे प्राप्त करें, भाग 2

1742

कृष्ण भक्ति कैसे प्राप्त करें, भाग 1

1743

श्रील गुरुदेव का श्रील भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के साथ संबंध एवं एकनिष्ठ भक्ति कैसे करें, भाग 2

1744

श्रील गुरुदेव का श्रील भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के साथ संबंध एवं एकनिष्ठ भक्ति कैसे करें, भाग 1

1745

श्रीभगवान् निराकार नहीं है, सनातन धर्म

1746

हरेर-नामैव-कैवलम् :भाग 2

1747

Harer-Namaiva-Kaivalam : Part 1 -

1748

दर्शन: कर्मों का फल

1749

श्रीविग्रह का उत्तम अर्चन किस प्रकार करें?

1750

भक्ति मार्ग में शॉर्टकट

1751

ब्रज लीला की गहनता

1752

श्रील सनातन गोस्वामी की शिक्षाएं: भाग 2

1753

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामीजी का जीवन चरित्र एवं शिक्षाएं

1754

श्रील सनातन गोस्वामी की शिक्षाएं: भाग 1

1755

हरिनाम के विभिन्न पक्ष, गोपियों व श्रीकृष्ण के मध्य संवाद: भाग 2

1756

हरिनाम के विभिन्न पक्ष, गोपियों व श्रीकृष्ण के मध्य संवाद: भाग 1

1757

गुरु पूर्णिमा

1758

श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा

1759

चर्तुमास्य व्रत तथा श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा- हिंदी, नवीन एवं पुनः संरक्षित

1760

श्रीगुरु की महत्ता

1761

चतुर्मास का पालन कैसे करें?

1762

व्रज गोपियों की सर्वोत्कृष्टता

1763

जगन्नाथजी गुंडीचा क्यों जाते हैं?

1764

लक्ष्मीजी और गोपियों के बीच अंतर

1765

हेरा पंचमी: श्री स्वरूप दामोदर और श्रीवास पंडित के बीच चर्चा

1766

प्रतापरुद्र की महाप्रभु के प्रति सेवा और हेरा पंचमी का परिचय

1767

रथयात्रा के दौरान श्रीमन महाप्रभु की लीलाएँ

1768

गौड़ीय वैष्णवों के लिए रथ यात्रा का गूढ़ अर्थ, ब्रजवासीयोंका कुरुक्षेत्र गमन

1769

*श्री कृष्ण जगन्नाथ के रूप में क्यों प्रकट हुए? हिंदी (नवीन और पुनः संरक्षित)*

1770

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ

1771

गुंडिचा मंदिर मार्जन और श्रील भक्तिविनोद ठाकुर की महिमा

1772

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर एवं श्री गदाधर पंडित का तिरोभाव दिवस

1773

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र

1774

श्री बृहद-भागवतामृतम्: गोपियों का आध्यात्मिक भाव

1775

श्री बृहद-भागवतामृतम्- आदर्श गुरु और शिष्य, गोपियों की नकल मत करो

1776

श्रीमद् भागवतम् की महिमा तथा 'गोविंद दामोदर माधवेति' की व्याख्या, भाग 2

1777

श्रीमद् भागवतम् की महिमा तथा 'गोविंद दामोदर माधवेति' की व्याख्या, भाग 1

1778

दर्शन: 'राधे-राधे श्याम मिला दे' यह मत गाओ

1779

प्रश्नोत्तर: जप कैसे करें, राधा कुण्ड के विषय में, साध्य, निंदा, काल और कर्म का सिद्धांत इत्यादि

1780

ब्रज भक्ति को कैसे प्राप्त करें

1781

श्री भ्रमर गीत

1782

महाप्रभु क्या प्रदान करने के लिए अवतरित हुए, लोभमयी भक्ति

1783

श्रीबृहद-भागवतामृतम्- सम्बन्ध, अभिधेय, प्रयोजन, भाग 2

1784

श्रीबृहद-भागवतामृतम्- सम्बन्ध, अभिधेय, प्रयोजन, भाग 1

1785

दर्शन: शुद्ध भक्ति का मापदंड

1786

भक्तिमय चेतना को कैसे बनाएं रखें: भाग 2

1787

भक्तिमय चेतना को कैसे बनाएं रखें: भाग 1

1788

पाणीहटी चिड़ा-दही महोत्सव, श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी के जीवन चरित्र से शिक्षाएं

1789

प्रश्नोत्तर: साधन सिद्धि तथा कृपा सिद्धि, सीता देवी का जन्म, शरणागति इत्यादि

1790

निर्जला एकादशी

1791

श्रीमति गंङ्गामाता गोस्वामिनी की महिमा

1792

*श्रील बलदेव विद्याभूषण प्रभु की महिमा

1793

शुद्ध भक्ति, ओंकार का अर्थ, महाप्रभु के अवतार का कारण- हिंदी, पुनः संरक्षित*

1794

सनातन धर्म, सती व शिव प्रसंग, गुरु शरणागति का महत्व, भरत महाराज की कथा: भाग 2

1795

सनातन धर्म, सती व शिव प्रसंग, गुरु शरणागति का महत्व, भरत महाराज की कथा: भाग 1

1796

दर्शन: भोजन संबंधी आदतें, यथायोग्य सम्मान, हरिनाम की महिमा, कृष्ण-जन्म-लीला इत्यादि

1797

भक्ति रसायन (श्रीमद् भागवतम् 10.21.11) - श्रीकृष्ण निष्कपट व्यक्ति को स्वीकार करते हैं

1798

हमारे प्रचार का उद्देश्य, सनातन धर्म, भगवान् का अर्थ

1799

श्रीकृष्ण के दर्शन प्राप्त व्यक्ति के लक्षण, भाग 2

1800

श्रीकृष्ण के दर्शन प्राप्त व्यक्ति के लक्षण, भाग 1

1801

श्रीबृहद-भागवतामृतम्- श्री गुरु की कृपा को समझना सरल नहीं

1802

स्वकीय तथा परकीय भाव की व्याख्या; स्वरूप व वस्तु सिद्धि

1803

श्रीबृहद-भागवतामृतम्-श्रेष्ठतम् वैष्णव संग का महत्व, भाग 2

1804

श्रीबृहद-भागवतामृतम्-श्रेष्ठतम् वैष्णव संग का महत्व, भाग 1

1805

बृहद-भागवतामृतम्: श्री कृष्ण आज्ञा पर उद्धव का ब्रज गमन, विरह भाव

1806

श्रीबृहद-भागवतामृतम्: भक्ति में सेवा एवं अहैतुकी कृपा का महत्व

1807

श्री बृहद-भागवतामृतम्: गोपियों का विप्रलम्भ भाव

1808

श्री बृहद-भागवतामृतम् का अवलोकन

1809

सनातन धर्म, आत्मा की प्रकृति, ब्रज में कृष्ण की लीलाएं: भाग 2

1810

सनातन धर्म, आत्मा की प्रकृति, ब्रज में कृष्ण की लीलाएं: भाग 1

1811

राय-रामानन्द संवाद का सार: भाग 2

1812

राय-रामानन्द संवाद का सार: भाग 1

1813

श्रीमद् भागवतम् एवं दामोदर-लीला को कैसे आत्मसात करें

1814

'अनार्पित्-चरिम्-चरित' श्लोक की व्याख्या एवं श्रीराधा रमण जी की महिमा: भाग 2

1815

'अनार्पित्-चरिम्-चरित' श्लोक की व्याख्या एवं श्रीराधा रमण जी की महिमा: भाग 1

1816

श्री श्रीनिवास आचार्य की महिमा और श्री बृहद-भगवतमृतम, वेणु गीता

1817

श्रीनृसिंह चतुर्दशी

1818

हिरण्यकशिपु और प्रह्लाद के जीवन चरित्र से शिक्षाएं

1819

दर्शन: प्रह्लाद शिक्षा, फलदायी क्रियाकलाप और सम्बन्ध ज्ञान, भाग 2-

1820

दर्शन: प्रह्लाद शिक्षा, फलदायी क्रियाकलाप और सम्बन्ध ज्ञान

1821

राजा पुरूञ्जन और प्रह्लाद महाराज के जीवन-चरित्र से शिक्षायें

1822

श्रीसीता नवमी तथा जाह्नवी देवी आविर्भाव दिवस

1823

केवल मात्र शुद्ध भक्ति की प्राप्ति हेतु मानव जीवन का उपयोग करना चाहिए: प्रह्लाद महाराज की कथा, भाग 2

1824

केवल मात्र शुद्ध भक्ति की प्राप्ति हेतु मानव जीवन का उपयोग करना चाहिए: प्रह्लाद महाराज की कथा, भाग 1

1825

प्रहलाद महाराज, हिरण्याक्ष व हिरण्यकशिपु की कथा एवं नरसिंहदेव का अवतार

1826

भजन में रुचि विकसित करना

1827

दर्शन: भक्ति में बालकों का लालन-पालन, स्वकीय- परकीय की तुलना, देवताओं की पूजा, गायत्री मंत्र का महत्व, इत्यादि

1828

श्रीबृहद-भागवतामृतम्: ब्रज में यमुना नदी का सौभाग्यश्रीबृहद-भागवतामृतम्: ब्रज में यमुना नदी का सौभाग्य

1829

श्रीबृहद-भागवतामृतम्: ब्रज में यमुना नदी का सौभाग्य

1830

अक्षय तृतीया

1831

कष्टों से घबराइए नहीं

1832

गदाधर पंडित द्वारा टोटा गोपीनाथ की सेवा

1833

श्री गदाधर पंडित की महिमा

1834

महाप्रभु तत्व: गहन अंतर्दृष्टि, भाग 1

1835

महाप्रभु तत्व: गहन अंतर्दृष्टि, भाग 2

1836

श्रवणम्-कीर्तनम् की आवश्यकता

1837

श्रीमाधुर्य कादम्बिनी: संकल्प और विकल्प

1838

गौड़ीय वैष्णव दर्शन की विशिष्टता

1839

श्रीबृहद-भागवतामृतम् - कृष्ण की वन लीला

1840

प्रहलाद महाराज की शिक्षायें: मन को शुद्ध कैसे करें, भाग 2

1841

प्रहलाद महाराज की शिक्षायें: मन को शुद्ध कैसे करें, भाग 1

1842

हरिनाम जप कैसे करें और दस अपराध, भाग 2

1843

हरिनाम जप कैसे करें और दस अपराध, भाग 1

1844

आनंद और प्रेम में भेद: वृत्रासुर की कथा, भाग 2

1845

आनंद और प्रेम में भेद: वृत्रासुर की कथा, भाग 1

1846

प्रेमभक्ति- चंद्रिका: प्रेम भक्ति को प्राप्त करने की प्रक्रिया

1847

प्रेमभक्ति-चंद्रिका: उचित साधना का सूक्ष्म भेद

1848

प्रेमभक्ति-चन्द्रिका 1.6: सर्व साधारण के लिए प्रेम भक्ति नहीं है

1849

श्रीबृहद-भागवतम्: 'जयति जन निवासो' की व्याख्या , भाग 2

1850

श्रीबृहद-भागवतम्: 'जयति जन निवासो' की व्याख्या , भाग 1

1851

प्रेममयी सेवा की पराकाष्ठा

1852

रामलीला के गूढ़ सत्य

1853

श्रीराम नवमी

1854

भगवान राम के अवतार का कारण और उनकी लीलाएं

1855

प्रमाणिक गुरु की विशेषताएं एवं स्नेह : भाग2

1856

प्रमाणिक गुरु की विशेषताएं एवं स्नेह : भाग1

1857

श्री रामानुजाचार्य की महिमा

1858

कृष्णलीला में देवताओं व अन्यों की भूमिका

1859

ब्रज भक्ति एवं भक्ति लता का बीज : भाग 2

1860

ब्रज भक्ति एवं भक्ति लता का बीज : भाग 1

1861

शुद्ध भगवत-भक्ति :श्रीमद्भागवतम् का अवलोकन-भाग2

1862

शुद्ध भगवत-भक्ति :श्रीमद्भागवतम् का अवलोकन-भाग1

1863

आसक्ति के धागे को काटें, रामलीला

1864

श्रीबृहद-भागवतामृतम् : साधुसंग का महत्व और हरि कथा में रुचि

1865

श्रीकृष्ण अपना प्रेम सरलता से प्रदान नहीं करते

1866

श्रीबृहद-भागवतामृतम् : ब्रजगोपियों की महिमा

1867

वास्तविक भजन कैसे करें

1868

महाभारत का उद्देश्य

1869

श्रीमद्भागवतम् 10.39: अक्रूर द्वारा कृष्ण- बलराम को मथुरा ले जाना

1870

महाप्रभु ने अवतार क्यों लिया

1871

संन्यास का अर्थ, महाप्रभु का संन्यास दिवस

1872

महाप्रभु कृत विशेष कृपा की व्याख्या

1873

महाप्रभु के अनुयायियों का उद्देश्य एवं प्रक्रिया

1874

प्रेम भक्ति चंद्रिका : ब्रज माधुर्य लीला का माहात्म्य

1875

प्रेम भक्ति चंद्रिका : भक्ति शिक्षा

1876

हरिनाम का फल

1877

श्रील जगन्नाथ दास बाबाजी महाराज की महिमा

1878

श्रीबृहद-भागवतामृतम् : कृष्ण लीला के विविध रूप; ब्रज में और बाहर

1879

महाशिवरात्रि : भाग 2 (भाग1 से जारी)

1880

महाशिवरात्रि :भाग1

1881

स्वनियम दशकम् : श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी द्वारा लिखित

1882

कृष्ण लीला का अंतरंग अर्थ

1883

श्रीबृहदभागवतामृतम: अपना साधन गंभीरता से करें

1884

मृत्यु : अंतिम सत्य-हिंदी और इंग्लिश

1885

प्रश्नोत्तर दर्शन: भौतिक संबंध, जप कैसे करें, वैष्णव कौन है ?

1886

श्रीमद्भागवतम् का अवलोकन तथा श्रीकृष्ण का सौन्दर्य

1887

श्रील सरस्वती प्रभुपाद की लीला तथा अंतिम उपदेश: भाग 2 (भाग 1 से जारी)

1888

श्रील सरस्वती प्रभुपाद की लीला तथा अंतिम उपदेश: भाग 1

1889

व्यास पूजा का अर्थ तथा श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज और श्रील सरस्वती प्रभुपाद की महिमा

1890

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की पूर्व लीला और उनकी महिमा

1891

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की महिमा

1892

श्रील नरोत्तम दास ठाकुर की महिमा

1893

श्रीबृहद भागवतामृतम का सार- भक्ति रसायन

1894

शास्त्र काल्पनिक नहीं है

1895

दर्शन: भक्ति अर्थात सदैव देना

1896

श्रीबृहदभागवतामृतम 2.7.141 उद्धव का व्रज गमन

1897

श्रील आचार्य केसरी की गुरु निष्ठा

1898

माधुर्य कादंबिनी: अनर्थ और अपराध के प्रकार

1899

श्रील जीव गोस्वामीजी और हरिनाम संकीर्तन की महिमा ( श्रीबृहद भागवतामृतम 2.7. 136-137)

1900

सनातन धर्म कैसे कार्य करता है

1901

प्रश्नोत्तर: सुबह की सैर कालिया दमन लीला, व्रजमंडल की महिमा, कर्मियों का संग आदि

1902

श्रील जीव गोस्वामीजी का तिरोभाव दिवस

1903

मकर संक्रांति

1904

जय नंद नंदन गोपीजन वल्लभ कीर्तन की व्याख्या

1905

क्या समाज सेवा सनातन धर्म है? और व्यासदेवजी की दुविधा

1906

श्रीबृहदभागवतामृत: विभिन्न अवतारों की सेवा

1907

निंदा परमार्थिक आत्महत्या है

1908

चीरहरण और ब्रह्म-विमोहन लीला की व्याख्या

1909

भक्ति के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

1910

श्री गुरु महिमा और श्रील भक्तिवेदांत वामन गोस्वामी महाराजा की महिमा

1911

श्री कृष्णा की अद्भुत महिमा

1912

श्री गुरु तत्त्व और हरिनाम की महिमा

1913

श्री गुरु के प्रति विरह और समर्पण

1914

साधु संग और गुरु तत्त्व का सार

1915

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद की महिमा (3)

1916

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद के उपदेशों को अपनाना

1917

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद की महिमा (2)

1918

श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद की महिमा (1)

1919

नववर्ष की शुभकामनाएं

1920

आत्मा के लिए सर्वोच्च पोषण क्या है?

1921

अक्रूर द्वारा श्रीकृष्ण का वैभव दर्शन

1922

आसक्ति और भाव के लक्षण

1923

श्रीगुरु के प्रति वास्तविक शरणागति

1924

प्रेम भक्ति क्या है?

1925

यदि तुम्हें प्रेम भक्ति चाहिए तो ही हमारे पास आओ

1926

श्रीगीता जयंती

1927

कृष्ण लीला कथा

1928

दर्शन प्रश्नोत्तर:भक्ति में वृद्धि कैसे करें

1929

श्यामसुंदर- सर्वोत्कृष्ट भगवत्ता का सौंदर्य

1930

व्रजेन्द्रनंदन कृष्ण का पारलौकिक स्वरूप

1931

गुरु निष्ठ और गोपियों की आराधना

1932

भ्रमरगीत: श्रीमद्भागवत 10.42.62

1933

याज्ञवल्क्य मैत्रेय संवाद

1934

दर्शन: भक्ति का मापदंड

1935

वेणु गीत- रति के प्रकार

1936

शुद्ध भक्ति की परिभाषा- भरतजी का रामजी के प्रति प्रेम

1937

भक्ति के विविध चरण

1938

श्री बृहद भगवतमृत 2.7.150 जारी. - शास्त्रों का सार

1939

श्लोक ‘जयति जन निवासो’ की व्याख्या

1940

महाभगवतों के संग का प्रभाव

1941

श्रीबृहदभागवतामृतम् 2.7.153 श्रीकृष्ण का सौंदर्य (वेणु गीत)

1942

श्रीबृहदभागवतामृतम् 2.7.152 उद्धव की प्रार्थना

1943

मनुष्य जीवन का सर्वोच्च उत्तरदायित्व

1944

सनातन धर्म और भक्ति

1945

श्रीबृहदभागवतामृतम : एकांतिक भक्ति का महत्व

1946

श्रीकृष्ण के मथुरा गमन की बात सुन गोपियों की दशा

1947

विरह में महाभाव

1948

दर्शन: श्री राधा-विनोदबिहारी की महिमा

1949

प्रश्नोत्तर- वर्णाश्रम धर्म और श्रीमद्भागवतम का परिचय

1950

कार्तिक का अंतिम दिवस

1951

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1952

श्रीभजन रहस्य (13): शुद्ध नाम का जप

1953

श्रीभजन रहस्य (12): शुद्ध नाम का जप

1954

श्रीभजन रहस्य (11): शुद्ध नाम का जप

1955

श्रीभजन रहस्य (10): भाव की प्राप्ति कैसे करें

1956

श्रील भक्तिदयित माधव गोस्वामी महाराजजी की महिमा

1957

उत्थान एकादशी, श्रील गौर किशोर दास बाबाजी महाराजजी का तिरोभाव दिवस और कार्तिक की महिमा

1958

श्रीभजन रहस्य (9): रागमार्ग के लिए अधिकार

1959

श्रीभजन रहस्य (8): नाम संकीर्तन

1960

श्रीभजन रहस्य (7): राधा दास्यम् के लिए प्रार्थना

1961

गोपाष्टमी

1962

श्रीभजन रहस्य (6): राधा दास्यम् - गौड़ीय भक्तों का चरम उद्देश्य

1963

श्रीभजन रहस्य (5): तृणाद्-अपि- शुनिचेन

1964

श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1965

श्रील भक्ति वेदांत वामन गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1966

श्रील भक्ति वेदांत स्वामी महाराज तिरोभाव दिवस

1967

श्रीभजन रहस्य (4): आसक्ति और गोपियों का वाम्य भाव

1968

अन्नकूट, गोवर्धन पूजा

1969

श्रीभजन रहस्य (3): श्रवणम्, कीर्तनम्

1970

दीपावली क्या है?

1971

श्रीभजन रहस्य (2): अनर्थ निवृत्ति, रूचि, आसक्ति

1972

श्रीभजन रहस्य (1): निशांत लीला और श्रद्धा

1973

श्रीदामोदर अष्टकम(10) श्लोक 7,8

1974

श्रीदामोदर अष्टकम (9) श्लोक 5 जारी..और श्लोक 6

1975

श्रीदामोदर अष्टकम (8) श्लोक 4 जारी. और श्लोक 5

1976

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराजजी का आविर्भाव दिवस

1977

श्रीदामोदर अष्टकम (7) श्लोक 3 जारी. और श्लोक 4

1978

श्रील नरोत्तम दास ठाकुरजी का तिरोभाव दिवस

1979

श्रीदामोदर अष्टकम (6) श्लोक 3

1980

श्रीदामोदर अष्टकम (5) श्लोक 2 जारी..

1981

श्रीदामोदर अष्टकम (4): श्लोक 2

1982

श्रीदामोदर अष्टकम (3) श्लोक 1 जारी..

1983

श्रीदामोदर अष्टकम(2) श्लोक 1 जारी..

1984

श्रीदामोदर अष्टकम(1): श्लोक 1

1985

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

1986

शरद पूर्णिमा और कार्तिक की लीलाएं

1987

श्रीबृहद भागवतामृतम: कृष्ण के सभी स्वरूप एक समान और एक दूसरे से भिन्न दोनों हैं

1988

एक व्यक्ति को सेवा क्यों करनी चाहिए* -हिंदी (नवीन और पुनः संरक्षित)