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Gaudiya Rasamrita Hindi cover art

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Gaudiya Rasamrita Hindi — 1,000 episodes · page 1 of 10

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Title
1

विजय-दशमी और श्रीमध्वाचार्यजी का आविर्भाव दिवस, भाग 2

2

विजय-दशमी और श्रीमध्वाचार्यजी का आविर्भाव दिवस, भाग 1

3

विजयदशमी से पूर्व नवदुर्गा-पूजा की प्रथा अशास्त्रीय और चार वैष्णव सम्प्रदाय का वर्णन

4

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा भागवत-परम्परा की शिक्षा, भाग 2

5

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा भागवत-परम्परा की शिक्षा, भाग 1

6

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज के रूपानुगत्य पर विचार और प्रचार

7

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा श्रीराधा-विनोदविहारी का प्राकट्य

8

श्रील भक्ति प्रमोद पुरी गोस्वामी महाराज की महिमा

9

श्रील भक्तिप्रमोद पुरी गोस्वामी महाराजजी की महिमा और अनर्थ के प्रकार

10

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज का दिव्य चरित्र और श्रील स्वामी महाराज द्वारा उनकी महिमा

11

गौड़ीय आचार्यों द्वारा श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 2

12

गौड़ीय आचार्यों द्वारा श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज की महिमा, भाग 1

13

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज के 'सद्गुरुत्त्व' पर विचार

14

श्रील भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज द्वारा रचित तुलसी एवं मगंल-आरती की व्याख्या

15

श्रीबृ०भा० 2.7.106: ब्रह्माजी द्वारा कृष्ण-लीलाओं की महिमा का गान

16

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.106 : व्रज छोड़ने से पहले ब्रह्माजी द्वारा अंतिम प्रार्थना, भाग 2

17

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.106 : व्रज छोड़ने से पहले ब्रह्माजी द्वारा अंतिम प्रार्थना, भाग 1

18

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.105: ब्रह्माजी का श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण, भाग 2

19

श्रीबृहद्भागवतामृतम् 2.7.105: ब्रह्माजी का श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण, भाग 1

20

*श्रील भक्तिश्रीरूप सिद्धांति गोस्वामी महाराजजी का तिरोभाव दिवस

21

भक्ति में प्रगति के लक्षण और गुरु-कृपा

22

रूपानुग भक्ति : नाम-जप, स्मरण, गुरु-सेवा तथा कृष्ण-प्रेम का पथ

23

भजन रहस्य 8.16-17: व्रज के श्याम की विशेषता एवं हरिनाम-जप की प्रभावशाली विधि

24

सनातन धर्म और वास्तविक ब्राह्मण कौन है, भाग 2

25

सनातन धर्म और वास्तविक ब्राह्मण कौन है, भाग 1

26

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 2

27

श्रील हरिदास ठाकुर का तिरोभाव और श्रीविश्वरूप महोत्सव, भाग 1

28

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्राकट्य दिवस

29

तिथियों की गणना, वामन द्वादशी और कृष्ण को पूर्णतः कैसे वश में करें, भाग 2

30

तिथियों की गणना, वामन द्वादशी और कृष्ण को पूर्णतः कैसे वश में करें, भाग 1

31

श्रीबृ०भा० 2.7.154: श्रीकृष्ण की लीलाएँ एवं उनका गूढ़ तात्पर्य-

32

सद्गुरु की पहचान कैसे करें?

33

राधा-तत्व और उसे समझने की योग्यता

34

राधा-रस-सुधा-निधि से राधिका की महिमा और सभी गोपियों में उनकी श्रेष्ठता चै०च० आदि 4.209-220

35

प्रेम की गुरु श्रीमती राधिका हैं

36

चै० च० 8.158-165: श्रीमती राधिका के महाभाव का वर्णन

37

नारदजी की स्तुति और राधोपनिषद से राधाजी की महिमा

38

श्रीमती राधिकाजी की महिमा और प्रार्थनाएँ

39

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग 2

40

श्रीकृष्ण का जन्म, श्रीनंदोत्सव और श्रील ए.सी भक्तिवेदांत स्वामी महाराजजी की महिमा, भाग

41

जन्माष्टमी: कृष्ण जन्म एवं 'जन्माद्यस्य यतो' श्लोक की व्याख्या

42

कृष्ण प्रेम धर्म की स्थापना करने के लिए आते हैं

43

श्रीकृष्ण और उनकी लीलाओं को समझना

44

कृष्ण की असुर वध लीलाओं द्वारा शिक्षाएँ

45

कृष्ण-तत्त्व: कृष्ण लीलाओं से सम्बन्धित भ्रांतियों का खण्डन

46

श्रीराय-रामानन्द संवाद चै०च० 8.137-149: कृष्ण-तत्त्व

47

कृष्ण तत्व और कृष्ण के विभिन्न अवतारों में रस की तुलना

48

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 2 -

49

बलदेव पूर्णिमा: बलदेव-तत्व और वे किस प्रकार कृष्ण-लीला में सहायता करते हैं?, भाग 1

50

गुरु-तत्त्व और बलदेव प्रभु द्वारा मारे गए असुरों का तात्पर्य

51

श्रील रूप गोस्वामी की महिमा, उपदेशामृत श्लोक 5,8

52

श्रील रूप गोस्वामी पर महाप्रभु की कृपा

53

झूलन लीला और कीर्तन एवं उनकी व्याख्या

54

वृन्दावन में झूलन महोत्सव और श्रील रूप गोस्वामी की महिमा

55

श्रील रूप गोस्वामी का महत्व एवं 'अन्याभिलाषिता-शून्यम्' श्लोक की व्याख्या, भाग 2

56

श्रील रूप गोस्वामी का महत्व एवं 'अन्याभिलासिता-शून्यम्' श्लोक की व्याख्या, भाग 1

57

श्रीतुलसीदास जयन्ती और रामचरितमानस की महिमा

58

श्रील रूप गोस्वामी की महिमा और विरह मिलन की पूर्णता के लिए है

59

श्रीरूपमञ्जरी पद' और 'यङ् कलि रूप' कीर्तन की व्याख्या

60

श्रील रूप गोस्वामी का विशिष्ट योगदान, भाग 2

61

श्रील रूप गोस्वामी का विशिष्ट योगदान, भाग 1

62

कृष्ण द्वारा मारे गए असुरों के नाम का तात्पर्य, बाल्य लीलाएं और वृन्दावन की विभिन्न स्थली

63

श्रीमद्भागवतम् 10.1.8-13: बलदेव प्रभु के जन्म का रहस्य, मुकुंद का अर्थ और कृष्ण के जन्म की दिव्यता

64

श्रील भक्तिरक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराजकी महिमा एवं उनका श्रील केशव गोस्वामी महाराजके साथ सम्बन्ध

65

विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से शुद्ध भक्ति की व्याख्या

66

विभिन्न सम्प्रदायोंके दृष्टिकोणोंका भेद तथा वैशिष्ट्य, बृ०भा०2.7.122: कृष्ण की चरणधूलि की महिमा,भाग 2

67

विभिन्न सम्प्रदायोंके दृष्टिकोणोंका भेद तथा वैशिष्ट्य, बृ०भा०2.7.122: कृष्ण की चरणधूलि की महिमा,भाग 1

68

वास्तविक सनातन धर्म, देवता-पूजा से सम्बन्धित भ्रम और छाया सनातन धर्म का वर्णन, भाग 2

69

वास्तविक सनातन धर्म, देवता-पूजा से सम्बन्धित भ्रम और छाया सनातन धर्म का वर्णन, भाग 1

70

श्रील लोकनाथदास गोस्वामी का तिरोभाव दिवस और कुरूक्षेत्र में गोपियों और कृष्ण के बीच वार्तालाप

71

श्रीमद्भागवतम 10.45.1-7: कृष्ण की विभिन्न आयु और माता-पिता के प्रति कर्तव्य का वर्णन

72

महाभारत से शिक्षाएँ एवं भगवान् के विषय में गलत धारणाओं का खण्डन

73

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 2

74

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 1

75

श्रील गोपालभट्ट गोस्वामी की महिमा एवं उत्तमा भक्ति और साधना भक्ति का वर्णन

76

श्रील भक्तिहृदय वन गोस्वामी महाराज की उनके शताब्दी महोत्सव पर महिमा

77

श्रील भक्तिहृदय वन गोस्वामी महाराज की महिमा

78

व्यास-पूजा और श्रीसनातन गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग w

79

व्यास-पूजा और श्रीसनातन गोस्वामी का तिरोभाव दिवस, भाग 1

80

श्रील व्यासदेव और श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा, भाग 2

81

श्रील व्यासदेव और श्रील सनातन गोस्वामी की महिमा, भाग 1

82

शयन एकादशी और चातुर्मास्य कैसे पालन करें ?

83

चै०च० मध्य 13.124-141: रथ यात्रा के समय महाप्रभु का राधिका भाव में आवेश, भाग 2

84

चै०च० मध्य 13.124-141: रथ यात्रा के समय महाप्रभु का राधिका भाव में आवेश, भाग 1

85

हेरा-पञ्चमी (चै० च० मध्य 14:135-226): विभिन्न प्रकार की व्रजनायिका और उनका मान, भाग 2

86

हेरा-पञ्चमी (चै० च० मध्य 14:135-226): विभिन्न प्रकार की व्रजनायिका और उनका मान, भाग 1

87

हेरा-पञ्चमी लीला- चै० च० मध्य(14.122-140): लक्ष्मीदेवी का क्रोध

88

प्रतापरुद्र की महाप्रभु के प्रति सेवा और हेरा पंचमी का परिचय

89

पुरूषोत्तम जाना का इतिहास, रथयात्राके दौरान महाप्रभु द्वारा प्रार्थना और राजा प्रतापरुद्र पर दया

90

महाप्रभु द्वारा रथयात्राके दौरान कुरूक्षेत्रमें गोपियों और कृष्णके बीच हुए वार्तालापका आस्वादन

91

श्री कृष्ण जगन्नाथ के रूप में क्यों प्रकट हुए?

92

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 2

93

गुंडिचा मंदिर मार्जन और हमारे अनर्थ,भाग 1

94

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर एवं श्री गदाधर पंडित का तिरोभाव दिवस

95

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 2

96

श्रील भक्तिविनोद ठाकुर का प्रणाम मंत्र, भाग 1

97

ऐश्वर्य तथा माधुर्य भक्ति में तुलना, भाग 2

98

ऐश्वर्य तथा माधुर्य भक्ति में तुलना, भाग 1-

99

कृष्ण तत्त्व एवं वृन्दावन के भ्रमरों का सौभाग्य

100

रायरामानन्द संवाद (32): समापन सारांश, रामानन्द संवादको समझने की प्रक्रिया,चै०च०मध्य 8.286-312,भाग 2