35: प्रेमचंद की कहानी "मुबारक़ बीमारी" Premchand Story "Mubaraq Beemari"

EPISODE · Feb 19, 2019 · 18 MIN

35: प्रेमचंद की कहानी "मुबारक़ बीमारी" Premchand Story "Mubaraq Beemari"

from Kahani Suno | कहानी सुनो (कहानियों व उपन्यासों का संसार) · host Sameer Goswami

रात के नौ बज गये थे, एक युवती अंगीठी के सामने बैठी हुई आग फूंकती थी और उसके गाल आग के कुन्दनी रंग में दहक रहे थ। उसकी बड़ी-बड़ी आंखें दरवाजे की तरफ़ लगी हुई थीं। कभी चौंककर आंगन की तरफ़ ताकती, कभी कमरे की तरफ़। फिर आनेवालों की इस देरी से त्योरियों पर बल पड़ जाते और आंखों में हलका-सा गुस्सा नजर आता। कमल पानी में झकोले खाने लगता। इसी बीच आनेवालों की आहट मिली। कहर बाहर पड़ा खर्राटे ले रहा था। बूढ़े लाला हरनामदास ने आते ही उसे एक ठोकर लगाकर कहा-कम्बख्त, अभी शाम हुई है और अभी से लम्बी तान दी! नौजवान लाला हरिदास घर मे दाखिल हुए—चेहरा बुझा हुआ, चिन्तित। देवकी ने आकर उनका हाथ पकड़ लिया और गुस्से व प्यार की मिली ही हुई आवाज में बोली—आज इतनी देर क्यों हुई? दोनों नये खिले हुए फूल थे—एक पर ओस की ताज़गी थी, दूसरा धूप से मुरझाया हुआ। हरिदास—हां, आज देर हो गयी, तुम यहां क्यों बैठी रहीं? देवकी—क्या करती, आग बुझी जाती थी, खाना न ठन्डा हो जाता। हरिदास—तुम ज़रा-से-काम के लिए इतनी आग के सामने न बैठा करो। बाज आया गरम खाने से। देवकी—अच्छा, कपड़े तो उतारो, आज इतनी देर क्यों की? हरिदास—क्या बताऊँ, पिताजी ने ऐसा नाक में दम कर दिया है कि कुछ कहते नहीं बनता। इस रोज-रोज की झंझट से तो यही अच्छा कि मैं कहीं और नौकरी कर लूं। लाला हरनामदास एक आटे की चक्की के मालिक थे। उनकी जवानी के दिनों में आस-पास दूसरी चक्की न थी। उन्होंने खूब धन कमाया। मगर अब वह हालत न थी। चक्कियां कीड़े-मकोडों की तरह पैदा हो गयी थीं, नयी मशीनों और ईजादों के साथ। उसके काम करनेवाले भी जोशीले नौजवान थे, मुस्तैदी से काम करते थे। इसलिए हरनामदास का कारखाना रोज गिरता जाता था। बूढ़े आदमियों को नयी चीजों से चिढ़ हो जाती है। वह लाला हरनामदास को भी थी। वह अपनी पुरानी मशीन ही को चलाते थे, किसी किस्म की तरक्की या सुधार को पाप समझते थे, मगर अपनी इस मन्दी पर कुढा करते थे। हरिदास ने उनकी मर्जी के खिलाफ़ कालेजियेट शिक्षा प्राप्त की थी और उसका इरादा था कि अपने पिता के कारखाने को नये उसूलों पर चलाकर आगे बढायें। लेकिन जब वह उनसे किसी परिवर्तन या सुधार का जिक्र करता तो लाला साहब जामे से बाहर हो जाते और बड़े गर्व से कहते—कालेज में पढ़ने से तजुर्बा नहीं आता। तुम अभी बच्चे हो, इस काम में मेरे बाल सफेद हो गये हैं, तुम मुझे सलाह मत दो। जिस तरह मैं कहता हूँ, काम किये जाओ। कई बार ऐसे मौके आ चुके थे कि बहुत ही छोटे मसलों में अपने पिता की मर्जी के खिलाफ काम करने के जुर्म में हरिदास को सख्त फटकारें पड़ी थीं। इसी वजह से अब वह इस काम में कुछ उदासीन हो गया थ और किसी दूसरे कारखाने में किस्मत आजमाना चाहता था जहां उसे अपने विचारों को अमली सूरत देने की ज्यादा सहूलतें हासिल हों। देवकी ने सहानुभूतिपूर्वक कहा—तुम इस फिक्र में क्यों जान खपाते हो, जैसे वह कहें, वैसे ही करो, भला दूसरी जगह नौकरी कर लोगे तो वह क्या कहेगे? और चाहे वे गुस्से के मारे कुछ न बोलें, लेकिन दुनिया तो तुम्हीं को बुरा कहेगी। देवकी नयी शिक्षा के आभूषण से वंचित थी। उसने स्वार्थ का पाठ न पढा था, मगर उसका पति अपने ‘अलमामेटर’ का एक प्रतिष्ठित सदस्य था। उसे अपनी योग्यता पर पूरा भरोसा था। उस पर नाम कमाने का जोश। इसलिए वह बूढ़े पिता के पुराने ढर्रो को देखकर धीरज खो बैठता था। अगर अपनी योग्यताओं के लाभप्रद उपयोग की कोशिश के लिए दुनिया उसे बुरा कहे, तो उसकी परवाह न थी। झुंझलाकर बोला—कुछ मैं अमरित की घरिया पीकर तो नहीं आया हूँ कि सारी उम्र उनके मरने का इंतजार करूँ। मूर्खों की अनुचित टीका-टिप्पणियों के डर से क्या अपनी उम्र बरबार कर दूं? मैं अपने कुछ हमउम्रों को जानता हूँ जो हरगिज मेरी-सी योग्यता नहीं रखते। लेकिन वह मोटर पर हवा खाने निकलते हैं, बंगलों में रहते हैं और शान से जिन्दगी बसर करते हैं तो मैं क्यों हाथ पर हाथ रखे जिन्दगी को अमर समझे बैठा रहूँ! सन्तोष और निस्पृहता का युग बीत गया। यह संघर्ष का युग है। यह मैं जानता हूँ कि पिता का आदर करना मेरा धर्म है। मगर सिद्धांतों के मामले में मैं उनसे क्या, किसी से भी नहीं दब सकता। इसी बीच कहार ने आकर कहा—लाला जी थाली मांगते हैं। लाल हरनामदास हिन्दू रस्म-रिवाज के बड़े पाबन्द थे। मगर बुढापे के कारण चौक के चक्कर से मुक्ति पा चुके थे। पहले कुछ दिनों तक जाड़ों में रात को पूरियां न हजम होती थीं इसलिए चपातियां ही अपनी बैठक में मंगा लिया करते थे। मजबूरी ने वह कराया था जो हुज्जत और दलील के काबू से बाहर था। हरिदास के लिए भी देवकी ने खाना निकाला। पहले तो वह हजरत बहुत दुखी नजर आते थे, लेकिन बघार की खुशबू ने खाने के लिए चाव पैदा कर दिया था। अक्सर हम अपनी आंख और नाक से हाजमे का काम लिया करते हैं।

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Kahani Kahani 🇺🇸 New York based Producer / DJIndo Warehouse FounderPlease send demos, promos and edits totstack.app/kahaniKahani is a disruptor and innovator in the electronic and world music space, fusing global dance rhythms with a South Asian touch. John Dyhouse John Dyhouse All my own AI assisted tracks, are free to download.I have been writing songs since1959 until the present. As a songwriter, I am more than happy with the wide range of songs I have written over the years. But my musical skills are quite limited and the early demos on Soundcloud are of me singing and accompanying myself on guitar or latterly ukulele. I can strum the strings well enough, but there my skills end.Recently I discovered Suno AI and the results astounded me. I could finally produce demos of my songs to be proud of. I am currently going thru my catalogue of songs and producing AI assisted demos. I know many musicians turn away from AI but it has a place for me. There is no other way I could have obtained some 300 demos to this level. I do not and do not intend to look for any reward except the satisfaction that hearing my own songs gives me.I am still writing and hope to have many more years of songs left in me, Enjoy if you can and I would love to hear your comments on th लेक लाडकी महिला व बाल विकास विभाग एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना महाराष्ट्र शासनाच्या महिला व बालविकास विभागाच्या एकात्मिक बालविकास सेवा योजनेअंतर्गत, लेक लाडकी ही अभिनव योजना राबविण्यात येते. ही योजना सर्वांपर्यंत पोहोचवण्याच्या उद्देशाने ही पॉडकास्ट मालिका तयार करण्यात आली आहे. समाजातील गरजू व वंचित घटकांमधील मुलींच्या जन्मदरात वाढ होण्यासाठी, त्यांच्या शैक्षणिक प्रगतीसाठी आणि सक्षमीकरणासाठी ही योजना अत्यंत मोलाची मदत करते. म्हणूनच, काही प्रातिनिधिक गोष्टीवजा उदाहरणे, संवाद आणि माहिती यांतून सजलेली ही पॉडकास्ट मालिका आपणास निश्चितच आवडेल. The Altcoin Shuffle Lunapilot Between Bitcoin and Ethereum there were a lot of other Crypo projects, these are comedy songs about some of them “The Altcoin Shuffle” (Upbeat rock 'n' roll vibe with a little tongue-in-cheek sass) Produced using Suno.
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