#414 - आदियोगी इतने लोकप्रिय क्यों हो रहे हैं?

EPISODE · May 4, 2026 · 5 MIN

#414 - आदियोगी इतने लोकप्रिय क्यों हो रहे हैं?

from सद्गुरु हिन्दी · host Sadhguru Hindi

सद्‌गुरु बताते हैं कि आदियोगी, जो 15,000 साल पहले प्रकट हुए थे, आज के समय में इतने जरूरी क्यों हैं, खासकर तब जब लोग खुद स्वतंत्र रूप से सोचना सीख रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य आध्यात्म को पहाड़ों की चोटियों से निकालकर आम सड़कों तक लाना है, ताकि यह हमारे दैनिक जीवन के हर हिस्से में शामिल हो सके। Conscious Planet⁠⁠⁠https://www.consciousplanet.org⁠⁠⁠  ‎Sadhguru App (Download): ⁠⁠⁠https://onelink.to/sadhguru__app⁠⁠⁠  ‎Official Sadhguru Website: ⁠⁠⁠https://isha.sadhguru.org⁠⁠⁠  ‎Sadhguru Exclusive: ⁠⁠⁠https://sadhguru.co/exclusive-pd⁠⁠⁠ ‎Inner engineering Online: ⁠⁠⁠isha.co/ieo-podcast: Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

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#414 - आदियोगी इतने लोकप्रिय क्यों हो रहे हैं?

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श्रम कानून के सहनशक्ति के बारे में बतावल गइल बा - Bhojpuri (EOLL) Freesia Brindisi ई एगो पॉडकास्ट ह जवना में मजदूरन आ मजदूरन के अधिकारन खातिर श्रम कानून के महत्व के उजागर कइल गइल बा. SHUB'S PODCAST शुभम पद्मावती ह interesting things available here to listen जिनगी के राददा @ ttb.twr.org/chhattisgarhi Thru the Bible Chhattisgarhi जिनगी के राददा कार्यक्रम, विश्वव्यापी बाईबल अघ्यन सेव के भाग हवै। ये अनुक्रम मूल रूपमा डा॰ जे वर्नन मैगि तरफ ला तैयार करे गे हे, जेकर अनुवाद और चुनाव 100 ले घलो अधिक भासा औ बोली मा करे गे हे। ये ह 30 मिनट के रेडूवा कार्यक्रम हवै जेन अपन सुनइया मन ला पूरे बाईबल के क्रमानुसार अध्ययन कराथे। ओमा से कुछ कार्यक्रम आपमन ला इन्टरनैट मा घलो मिल सकथे। हम आपमन के आभारी हवन कि आपमन परमेश्वर के बचन ला सीखे बर ऐ कार्यक्रम ला चुने हवौ। हम आपमन ला प्रोत्साहित करत हवन की आपमन सोमवार से सुकवार तक रोजदिन एक कार्यक्रम सुनौ। अगर आपमन रोजदिन, हर हप्ताह, नियमित रुप ले ऐसा करहू , तो आपमन अगले 5 बरस मा पूरे बाईबल के अध्ययन कर सकत हौ। JESUS I TRUST IN YOU’s First Podcast JESUS I TRUST IN YOU श्री साईबाबा की समस्त यौगिक क्रियाओं में पारंगत थे । 6 प्रकार की क्रियाओं के तो वे पूर्ण ज्ञाता थे । 6 क्रियायें, जिनमें धौति ( एक 3 चौड़े व 22 ½ लम्बे कपड़े के भीगे हुए टुकड़े से पेट को स्वच्छ करना), खण्ड योग (अर्थात् अपने शरीर के अवयवों को पृथक-पृथक कर उन्हें पुनः पूर्ववत जोड़ना) और समाधि आदि भी सम्मिलित हैं । यदि कहा जाये कि वे हिन्दू थे तो आकृति से वे यवन-से प्रतीत होते थे । कोई भी यह निश्चयपूर्वक नहीं कह सकता था कि वे हिन्दू थे या यवन । वे हिन्दुओं का रामनवमी उत्सव यथाविधि मनाते थे और साथ ह
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