☸️*धम्मपद*☸️
*१. यमक-वग्गो*
*गाथा क्र. १:४*
*४.*

EPISODE · Oct 31, 2021 · 5 MIN

☸️*धम्मपद*☸️ *१. यमक-वग्गो* *गाथा क्र. १:४* *४.*

from DHAMMAPADA Pali-Hindi।।धम्मपद पालि-हिन्दी · host BUDDHIST DHAMMA SANSKAR

☸️*धम्मपद*☸️ *१. यमक-वग्गो* *गाथा क्र. १:४* *४.* *अक्कोच्छि मं अवधि मं अजिनि मं अहासि मे ।* *ये च तं नुपनय्हन्ति वेरं तेसूपसम्मति ।।४।।* *अनुवाद:* मुझे गाली दी, मुझे मारा, मुझे पराजित किया, - ऐसा जो मन में नहीं सोचता, उसी का वैर (शत्रु) शांत होता है ।। ४।।

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☸️*धम्मपद*☸️ *१. यमक-वग्गो* *गाथा क्र. १:४* *४.*

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