Sakal सेलिब्रिटी गप्पाटप्पा With Adinath Kothare & Pushkraj Chirputkar | पहिल्यांदा डिटेक्टिव्हची भूमिका साकारताना | Detective Dhananjay | Zee5

EPISODE · May 3, 2026 · 14 MIN

Sakal सेलिब्रिटी गप्पाटप्पा With Adinath Kothare & Pushkraj Chirputkar | पहिल्यांदा डिटेक्टिव्हची भूमिका साकारताना | Detective Dhananjay | Zee5

from Sakalchya Batmya / सकाळच्या बातम्या · host Sakal Media News

हॅलो मंडळी आज आपल्याबरोबर आहे अभिनेता आदिनाथ कोठारे आणि पुष्कराज चिरपुटकर. या दोघांची डिटेक्टिव्ह धनंजय ही वेबसिरीज झी5 ओटीटी प्लॅटफॉर्मवर रिलीज होतेय. जाणून घेऊया त्यांच्या नव्या सिरीजविषयी.

NOW PLAYING

Sakal सेलिब्रिटी गप्पाटप्पा With Adinath Kothare & Pushkraj Chirputkar | पहिल्यांदा डिटेक्टिव्हची भूमिका साकारताना | Detective Dhananjay | Zee5

0:00 14:07

No transcript for this episode yet

We transcribe on demand. Request one and we'll notify you when it's ready — usually under 10 minutes.

Sakalchya Batmya / Daily Sakal News Sakal Media News रोजच्या धकाधकीच्या आयुष्यात आता सगळं माहित असणं गरजेचं झालं आहे. रोजचं तापमान काय त्याबरोबर, कांदा आणखी किती रडवणार, भाजी आणखी किती महागणार, पेट्रोल खिसा रिकामा करणार का, याच्या जोडीला जगात काय चाललंय याचा आढावा गरजेचा झाला आहे. या सगळ्याची माहिती तुम्हाला मिळणार आहे सकाळच्या 'पॉडकास्ट' वर. त्यात तुम्ही ऐकणार आहात महत्वाच्या ३ बातम्या. याशिवाय हेल्थ, लाईफ स्टाईल, एंटरटेंनमेंट, बँकिंग, ट्रॅव्हल सारख्या क्षेत्रातील अपडेट्सही मिळणार आहेत. चला तर मग आता ऐकायला सुरुवात करुया... सकाळ पॉडकास्ट. In the hustle of our daily lives, it is also important to keep a tab on whats happening around us. News such as the petrol prices, vegetables prices, daily weather and all other things that directly impact our daily lives seem to be lost in the information overdose. To bring your attention to what matters, Sakal brings to you Sakal Chya Batmya. A crisp and brief podcast focused on providing you with 3 important news of the day. Along with, special features on banking, travel, lifestyle, health and e The Late Night Harmony AKASH MAHESHWARI कभी कभी कितना कुछ होता है हमारे अन्दर जो हम किसी से कहना चाहते है, किसी को बताना चाहते है। पर कभी हमारी झिझक, या सामने वाले को खोने का डर हमे रोक देता है। और कभी सामने वाले की सुनने में दिलचस्पी ना होना हमारी चुप्पी का कारण बन जाती है और हम अपने जज्बात हमारे अन्दर ही कैद कर लेते है। पर ये Feelings and Emotions भी तेज, आजाद बहती नदी सी होती है; जिसे आप थोड़ी देर के लिए रोक तो सकते हो पर जब बहाव बहुत तेज होता है तो ये बाहर निकलने का रास्ता खुद ब खुद बना लेती है। तो मैं आकाश माहेश्वरी जयपुर जैसे ख़ास से शहर का एक आम सा लड़का; जिसे लिखने, पढने और गाने का बहुत शौक है। अपने वो सारे शौक एक साथ पूरे करने के लिए ये तरीका चुना। उम्मीद है कि जितने प्यार से लिखा और पढ़ा है, आप सभी सुनने वालो से भी उतना ही प्यार मिलेगा। उम्मीद करता हूँ की कभी किसी को अपने दिल की बात किसी से कहने में तकलीफ आये तो शायद मेरे अल्फाज़ उनकी मदद कर पाए, किसी को अपना दुःख अपना दर्द अपनी तकलीफ जताने या बताने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हो तो वो मेरे शब्दों से अपनी तकलीफ जता पाए। तो मिलते ह How network marketing IMC Harjinder Singh लेकिन network marketing ही एक ऐसा business है जिसे आप कम पूंजी मे शुरू कर सकते है। Network Marketing को करके आप अपने जैसे कई लोगों की टीम बना सकते है। फिर ये लोग भी अपने लिए टीम बनाएगे जिससे खुद-ब-खुद आपके टीम मे लोगों की संख्या बढ़ती जाएगी और इस तरह आपके पास बहुत लोगों का बहुत संगठन होगा और आप उस संगठन के लीडर होंगे। Jab Shabd Daraaye by Karishma Agarwal Authors Click Publishing मैंने इस किताब को लिखने से पहले बहुत बड़ा सपना देखा था कि मैं इस किताब को ऐसा लिखूँगी। जिससे पढ़ने वाला इन शब्दों मे डर का अनुभव कर सके। मेरा सोचना था कि जैसे एक पिक्चर को जब 3D का लुक दिया जाता हैं इसलिए कि उसे देखकर एहसास किया जाये और कुछ हद तक वो सच भी लगे। मैं कहानियों को डर के एहसास मे भर देना चाहती थी। मेरा मानना था कि इन कहानियों में इतना डर होना चाहिए कि इन कहानियों के टाइटल को पढ़कर डर खुद-ब-खुद पैदा होने लगे। जब हम हकीकत में हो तो वो शब्द डर के साथ मंडराने लगे। हम हमारी जिंदगी में बहुत सारी चीजों, शब्दों के बीच में हैं। मैंने उन्हीं सबको सोचते हुए इसे लिखने का सोचा था। निजी जिंदगी में होने वाली चीजें हमे कैसे डरा सकती हैं। ये इस किताब को पढ़ने पर ही पता किया जा सकता हैं। कुछ उसी तरह मैंने इस किताब को लिखने का सोचा था। लेकिन मैं नहीं कर पायी। क्यूंकि मैंने इस किताब को मेरी बेटी के जन्म के पहले लिखा था। और उसके होने के बाद कुछ परिस्थितियां ऐसी बनी की मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब हो गई। मैं इसे वैसा नहीं बना पायी। जैसा मैं चाहती थी। मैंने इसे पब्लिशर से ही एडिट करवाने का निर्
URL copied to clipboard!