कमलेशवर द्वारा रचित ये उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है .... इस उम्मीद के साथ क

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कमलेशवर द्वारा रचित ये उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है .... इस उम्मीद के साथ क

कमलेशवर द्वारा रचित ये उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है ....इस उम्मीद के साथ कि भारत ही नहीं ,दुनिया भर में एक के बाद दूसरे पाकिस्तान बनाने की लहू से लथपथ यह परंपरा अब खत्म हो । स्वर - रौबिन सिंह चौहान ।

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    पहाड़ी लोक गीत ,लोक गायक दिगंबर सिंह बिष्ट

    लोक गायक दिगंबर सिंह बिष्ट ,जिन्होने लोक गीतों की मौलिकता में मिलावट करने से इन्कार कर दिया ।  जिनके गाँव से सड़क तक पहुँचने के लिए 10 किलोमीटर का दुर्गम रास्ताऔर घने जंगल को पार करना होता है । लेकिन मुशकिलों के बावजूद उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति के लिए घड़कता है इस लोक गायक का दिल।

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    कितने पाकिस्तान ,मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक-1

    कमलेशवर द्वारा रचित ये उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है .... इस उम्मीद के साथ कि भारत ही नहीं ,दुनिया भर में एक के बाद दूसरे पाकिस्तान बनाने की लहू से लथपथ यह परंपरा अब खत्म हो ।  स्वर - रौबिन सिंह चौहान । 

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    कितने पाकिस्तान , पत्रकार और न्यूज डेस्क की कशमकश,मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक-2

    कितने पाकिस्तान , पत्रकार और न्यूज डेस्क की कशमकश,मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक-2 कमलेशवर द्वारा रचित ये उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है .... इस उम्मीद के साथ कि भारत ही नहीं ,दुनिया भर में एक के बाद दूसरे पाकिस्तान बनाने की लहू से लथपथ यह परंपरा अब खत्म हो ।  स्वर - रौबिन सिंह चौहान । 

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    कितने पाकिस्तान,सीमा तनाव पर पत्रकार का प्रधानमंत्री को पत्र-3,आज के हालातों पर फिट उपन्यास का ये अंश

    कमलेशवर  द्वारा रचित 'कितने पाकिस्तान'  उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की दस्तक है .... इस उम्मीद के साथ कि भारत ही नहीं ,दुनिया भर में एक के बाद दूसरे पाकिस्तान बनाने की लहू से लथपथ यह परंपरा अब खत्म हो ।  स्वर - रौबिन सिंह चौहान । 

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