EPISODE · Feb 19, 2026 · 1H
19 Feb 26 - असली तप क्या है? गुरु मान्यो ग्रंथ का सही अर्थ? शास्त्र और गुरु की भूमिका!! Must Watch
from Baba ji Vijay Vats · host Baba ji Vijay Vats
00:00 - तप और तपश्चर्या क्या है? (What is Tap and Tapascharya?)04:00 - मन और इंद्रियों का पक्षाघात (Paralysis of mind and senses)09:58 - क्या शास्त्रों में परमात्मा होता है? (Is God in the scriptures?)15:49 - देहधारी गुरु को मानना चाहिए या नहीं? (Should a living Guru be accepted or not?)18:43 - 'गुरु मान्यो ग्रंथ' का असली अर्थ (True meaning of 'Guru Manyo Granth')21:00 - पंच तत्वों का महत्व और सम्मान (Importance and respect of the five elements)26:41 - देह से नहीं, गुरु के ज्ञान से नेह लगाओ (Don't attach to the body, attach to the Guru's knowledge)34:10 - पदार्थों और शरीर का कृतज्ञ होना (Being grateful to elements and the body)39:00 - जीव हत्या क्यों नहीं करनी चाहिए? (Why shouldn't we kill animals?)46:00 - संत और शब्दों के ज्ञानी में अंतर (Difference between a Saint and a scholar of words)50:30 - परमात्मा की स्वतंत्रता और जवाहरलाल नेहरू का किस्सा (God's freedom and Jawaharlal Nehru's anecdote)55:28 - "मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले" - कबीर का दोहा (Song: Mind is ecstatic, why speak now) 🎶---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी ग्वालियर से पूछे गए तीन गहरे प्रश्नों के उत्तर देते हैं। वे समझाते हैं कि असली 'तप' शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि मन और इंद्रियों को अपने वश में करना है। दूसरे प्रश्न पर वे कहते हैं कि शास्त्रों में परमात्मा नहीं, बल्कि परमात्मा तक पहुँचने का 'नक्शा' या फॉर्मूला होता है, और वे तब तक पूजनीय हैं जब तक मंजिल न मिल जाए। तीसरे प्रश्न पर बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि देहधारी गुरु का शरीर (ढांचा) परमात्मा के प्रकटीकरण का साधन मात्र है, इसलिए शरीर से नहीं, बल्कि गुरु के भीतर बैठे ज्ञान से जुड़ना चाहिए। वे जीव हत्या का विरोध करते हैं और परमात्मा द्वारा दी गई असीम स्वतंत्रता (पाप करने की भी) का उदाहरण जवाहरलाल नेहरू के एक संस्मरण से देते हैं। अंत में, वे कबीर दास जी के भजन से मन के शांत और आनंदित होने का संदेश देते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* तप और तपश्चर्या की सही परिभाषा (True definition of Tap and Tapascharya)* शास्त्र और परमात्मा का संबंध: शास्त्र सिर्फ एक नक्शा हैं (Relationship between scriptures and God: Scriptures are just a map)* गुरु का भौतिक शरीर बनाम आध्यात्मिक तत्व (Physical body of the Guru vs Spiritual element)* 'गुरु मान्यो ग्रंथ' और पंच भौतिक शरीर का सम्मान (Significance of 'Guru Manyo Granth' and respecting the five elements)* जीव हत्या का ब्रह्मांडीय प्रभाव (Cosmic impact of animal killing)* परमात्मा की स्वतंत्रता बनाम सांसारिक तानाशाही (God's freedom vs Worldly dictatorship)---Shorts Style Topics- असली तपस्या क्या है? उल्टे लटकना या मन को वश में करना? [00:00] 🧘♂️🧠- क्या शास्त्रों में भगवान होते हैं? बाबाजी का करारा जवाब [09:58] 📖❌- गुरु के शरीर की पूजा करनी चाहिए या नहीं? [15:49] 👤🙏- भगवान हमें पाप करने से क्यों नहीं रोकता? [50:30] ⚖️🕊️- जब मन को असली आनंद मिल जाता है, तो वो चुप क्यों हो जाता है? [55:28] 🤫✨---Music Segments (Geet/Shayari)- 🎶 "माला तो कर में फिरे, जीभ फिरे मुख माहि, मनवा तो चहुं दिस फिरे, यह तो सुमिरन नाहि" - कबीर दास जी का दोहा [08:00]- 🎶 "जिधर देखता हूँ उधर तू ही तू है, हर जर्रे में तू ही तो रूबरू है" - [24:46]- 🎶 "जन्म मरण का मेल है सपना, ये सपना बिसरा दे, कोई ना संग मरे रे..." - [29:14]- 🎶 "मरो हे जोगी मरो, मरण है मीठा, ऐसी मरनी मरो जिस मरनी मर गोरख डीठा" - [36:15]- 🎶 "हंसा पायो मान सरोवर, ताल तलैया क्यों डोले... मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले" - [56:13]- 🎶 "हीरा पायो गांठ गठियायो, बार-बार वाको क्यों खोले" - [59:34]---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. असली तप क्या है? बाबाजी ने तोड़े सदियों पुराने भ्रम2. क्या शास्त्रों में भगवान मिलते हैं? जानिए आध्यात्मिक सत्य3. देहधारी गुरु: शरीर की पूजा करें या ज्ञान की?4. जीव हत्या क्यों पाप है? ब्रह्मांड का एक गहरा रहस्य5. "मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले": परम शांति और आनंद का राज---सामान्य हैशटैग्स (Hashtags)#BabaJiVijayVats #SpiritualWisdom #Tapasya #TrueGuru #ScripturesTruth #InnerPeace #KabirDoha #StopAnimalCruelty #SelfRealization---नाम हैशटैग्स (Name Hashtags)#BabaJi #Kabir #Gorakhnath #JawaharlalNehru #GuruGobindSingh
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19 Feb 26 - असली तप क्या है? गुरु मान्यो ग्रंथ का सही अर्थ? शास्त्र और गुरु की भूमिका!! Must Watch
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