EPISODE · Dec 11, 2022 · 8 MIN
372 - कविता... "उलझनों की गुत्थी गोलोक एक्सप्रेस द्वारा सुलझी" आरती जिंदल जी... लुधियाना
from Chant and Sing with Golokians · host Team Golokexpress
भावार्थ.... इस सुंदर कविता की रचना आरती जी ने की है! आरती जी ने गोलोक एक्सप्रेस के माध्यम से श्रीमद् भगवद् गीता से जो सरल ज्ञान अर्जित किया है उसको इस कविता के माध्यम से हम सबके समक्ष प्रस्तुत किया है! भगवद् गीता का हर एक श्लोक हमें जीवन जीने की एक नई राह दिखाता है! हमारे जीवन में जितने भी प्रश्न होते हैं उन सब के उत्तर भगवत गीता के अध्ययन से हमें मिलते हैं! जैसे-जैसे हम सब सत्संग, साधना, सेवा और सदाचार को अपने जीवन में उतारते हैं वैसे वैसे भगवान के साथ हमारा संबंध मजबूत होता जाता है भगवान के साथ संबंध मजबूत बनने से हमें वास्तविक तत्व ज्ञान की प्राप्ति होती है और हमें फिर यह समझ आ जाता है कि हम शरीर नहीं आत्मा है! मनुष्य जीवन का वास्तविक लक्ष्य क्या है और उस लक्ष्य को हम कैसे प्राप्त कर सकते हैं इन सब बातों की जानकारी श्रीमद् भगवद् गीता के अध्ययन से हमें मिलती है!शरीर का एक ना एक दिन नाश हो जाएगा लेकिन आत्मा अजर और अमर है! इसलिए मनुष्य जीवन का वास्तविक लक्ष्य प्रभु श्री हरि को पाना है! To watch GolokExpress videos click on the link below : Youtube_GolokExpress To get in touch with GolokExpress on telegram click the link below : Telegram_GolokExpress To get in touch with GolokExpress on facebook click the link below : Facebook_GolokExpress To get in touch -Whatsapp/Telegram- 7018026821 or [email protected]
Embed this episode
Ready to play
372 - कविता... "उलझनों की गुत्थी गोलोक एक्सप्रेस द्वारा सुलझी" आरती जिंदल जी... लुधियाना
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
No similar episodes found.
Similar Podcasts
No similar podcasts found.