EPISODE · Nov 6, 2025 · 1H 10M
7 Nov 25 - क्या ज्ञान के भंडार को इस तरह सर्वजन के लिए उपलब्ध नहीं होना चाहिए? Baba Ji Vijay Vats Satsang
from Baba ji Vijay Vats · host Baba ji Vijay Vats
0:00 बाबा ज्ञान के भंडार को इस तरह सर्वजन के लिए उबलब्ध नहीं होना चाहिए! 2:12 ना मैं सर हूँ, ना मंगता और ना ही राम हूँ!3:15 जो मैं बोल रहा हूँ वह बस सूचना भर ज्ञान है!4:53 तुमने कूड़े कचरे को ज्ञान समझा सदा!6:20 राम भोले थे 8:06 जब पिता या गुरु दुष्ट 👿 हो जाये तो उसके विरुद्ध शास्त्र उठा लेना धर्म है!12:55 वह कमाना जो तुम्हारे संग जाए!13:55 Consciousness level के सम्पूर्णहो जाने का मतलब क्या है?17:49 क्या सच में अश्वथामा अमर है?19:43 जब संत की घगरिया आनंद के रस से भर जाती है!21:55 Song सुनाना भी जिन्हें मुश्किल 25:20 ज्ञान को परिभाषित नहीं किया जा सकता! शब्द एक Map 🗺️ है!28:23 देश के हालात!35:16 शब्दों के जाल आनंद नहीं है!38:24 हसीबो, खेलीबो, धरीबो ध्यान!40:30 आदमी और कशुआ 44:31 जाति पाती तुम्हारी बनाई हुई है!46:13 भगवान ने सृष्टि क्यों बनाई?55:57 150 लोगों की विविषा सम्मोहित हो गई!58:13 मुझे सुकून उस दिन आयेगा जिस दिन…1:02:20 इकट्ठे हो जाओ!
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