EPISODE · Mar 29, 2022 · 7 MIN
7. S01 - E07 इज़ादे तहजी़ब करने वाले, बद्जुबानी के शहनशाह!👌
from 'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'
ये पूरी कायनात, एक ऐसे फरेब़ पर चल रही है की जिसे, समझना तो दूर, गिरफ़्त में लाने को कोई कायदा ही नहीं है!👌-ईज़ाद-ए-तहज़ीब करने वाले, बदज़ुबानी के शहंशाह,ईज़ाद-ए-ज़मीं करने वाले, बदगुमानी के शहंशाह,न जिक्र है, न फ़िक्र है, कुछ खास मेहमानों की यहां,ईज़ाद-ए-नवाज़ी करने वाले, बदनवाज़ी के शहंशाह! -अश्क बहते ही चले, कोई तो रोको इन्हें,ईज़ाद-ए-हसीं करने वाले, बदगुज़ारी के शहंशाह! -ईज़ाद-ए-तहज़ीब करने वाले, बदज़ुबानी के शहंशाह,ईज़ाद-ए-ज़मीं करने वाले, बदगुमानी के शहंशाह,न जिक्र है, न फ़िक्र है, कुछ खास मेहमानों की यहां,ईज़ाद-ए-नवाज़ी करने वाले, बदनवाज़ी के शहंशाह! -उस्तादों से जब हम मिले, रश्क़ था अपने ऊपर,ईज़ाद-ए-कुश्ती करने वाले, बदहवासी के शहंशाह! -ईज़ाद-ए-तहज़ीब करने वाले, बदज़ुबानी के शहंशाह,ईज़ाद-ए-ज़मीं करने वाले, बदगुमानी के शहंशाह,न जिक्र है, न फ़िक्र है, कुछ खास मेहमानों की यहां,ईज़ाद-ए-नवाज़ी करने वाले, बदनवाज़ी के शहंशाह! -आदाब, सलाम, अर्ज है, हुजूर, बेगम, कमजर्फ़,ईज़ाद-ए-तमीज करने वाले, बदतमीज़ी के शहंशाह! -ईज़ाद-ए-तहज़ीब करने वाले, बदज़ुबानी के शहंशाह,ईज़ाद-ए-ज़मीं करने वाले, बदगुमानी के शहंशाह,न जिक्र है, न फ़िक्र है, कुछ खास मेहमानों की यहां,ईज़ाद-ए-नवाज़ी करने वाले, बदनवाज़ी के शहंशाह! -आगे, पीछे और आज लगता है सब एक सा,ईज़ाद-ए-तारीख़ करने वाले, बदशुमारी के शहंशाह! -ईज़ाद-ए-तहज़ीब करने वाले, बदज़ुबानी के शहंशाह,ईज़ाद-ए-ज़मीं करने वाले, बदगुमानी के शहंशाह,न जिक्र है, न फ़िक्र है, कुछ खास मेहमानों की यहां,ईज़ाद-ए-नवाज़ी करने वाले, बदनवाज़ी के शहंशाह! -'ऐ दर्द' ये कैसा जूलूस है, देख कैसा है हुजूम,ईज़ाद-ए-हमाम करने वाले, बदनहाने के शहंशाह! -ईज़ाद-ए-तहज़ीब करने वाले, बदज़ुबानी के शहंशाह,ईज़ाद-ए-ज़मीं करने वाले, बदगुमानी के शहंशाह,न जिक्र है, न फ़िक्र है, कुछ खास मेहमानों की यहां,ईज़ाद-ए-नवाज़ी करने वाले, बदनवाज़ी के शहंशाह!
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7. S01 - E07 इज़ादे तहजी़ब करने वाले, बद्जुबानी के शहनशाह!👌
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