Atma-Bodha Lesson # 13 :
from Swami Atmananda Podcasts Hosted by Swami Atmananda Saraswati
आत्म-बोध के 13th श्लोक में पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी ने बताया की इस श्लोक में भी आचार्य हमें अपने सूक्ष्म शरीर का परिचय देते हैं। इस अत्यंत महत्वपूर्ण शरीर में सब मिलकर १७ अंग होते हैं - ५ ज्ञान-इन्द्रियाँ, ५ कर्मेन्द्रियाँ, ५ प्राण, मन और बुद्धि। सूक्ष्म शरीर हम लोगों के अनुभूतियों का साधन होता है, अर्थात जितनी भी अनुभूतियाँ होती हैं वे सब इसी के माध्यम से प्राप्त होती हैं। जितने हद तक हम अपने सूक्ष्म शरीर को 'शरीर' मात्र देख लेंगे उतने हद तक इसको आत्मा समझने की भूल समाप्त कर देंगे।
Embed this episode
No transcript yet.