EPISODE · Sep 10, 2021 · 37 MIN
Atma-Bodha Lesson # 15 :
from Swami Atmananda Podcasts · host Swami Atmananda Saraswati
आत्म-बोध के 15th पाठ एवं श्लोक में पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी ने बताया की इस श्लोक में भी आचार्य हमें अपनी उपाधियों कोष के दृष्टी से वर्गीकरण का परिचय देते हैं। अन्नमय, प्राणमय, मनोमय,विज्ञानमय एवं आनन्दमय कोष शनैः शनैः हमारी उपाधियाँ के स्थूल से सूक्ष्म धरातल का परिचय देते हैं। इनसे तादात्म्य करने से ही उपाधियों के धर्म हमारे धर्म लगाने लगते हैं। इस सिद्धांत को आचार्य एक स्फटिक और रंगीन कपडे के दृष्टांत से समझते हैं। स्फटिक कैसा भी रंग की आभा से युक्त दिखाई दे तो तब भी जैसे नीरंग रहता है वैसे ही आत्मा असंग, निर्लिप्त और निर्गुण रहती है।
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