Atma-Bodha Lesson # 18 :
from Swami Atmananda Podcasts Hosted by Swami Atmananda Saraswati
आत्म-बोध के 18th श्लोक में पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी ने बताया की इस श्लोक में आचार्यश्री हमें बता रहे हैं की उपाधि जानकार अब आगे कैसे बढ़ा जाता है। इसके लिए वे कहते हैं की सर्वप्रथम हमें अपने शरीर, इन्द्रिय, प्राण, मन और बुद्धि - जिनको हम बड़ी आसानी से आत्मा मन बैठते हैं और जिनको अब अनात्मा की तरह से देखने लगे हैं, इनकी कारणभूत प्रकृति को चरों तरफ देखना प्रारम्भ करें और फिर इस बात पात्र ध्यान मोड़े की हम किस प्रकाश में ये सब जान रहे हैं। जो एक प्रकाश स्वरुप चेतन सत्ता और इसी को साक्षी कहा जाता है - उसका भान उत्पन्न करें। ये साक्षी राजा तुल्य है क्यूंकि इसकी सन्निधि मात्र में सभी कार्य होते हैं। ये ही हमारी और आप सब की आत्मा है।
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