Atma-Bodha Lesson # 19 :
from Swami Atmananda Podcasts Hosted by Swami Atmananda Saraswati
आत्म-बोध के 19th श्लोक में पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी ने बताया की इस श्लोक में आचार्यश्री हमें बता रहे हैं की जब शरीर, इन्द्रिय, एवं मन आदि कार्य करते हैं तो अविवेकी लोग ऐसा समझते हैं की आत्मा अर्थात वे खुद कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोग न तो यह जानते हैं की वे क्या हैं और न ही यह जानते हैं की कोई भी कार्य कैसे होता है। आत्मा सदैव मात्र एक राजा तुल्य साक्षी की तरह से स्थित रहती है और सबको अपने-अपने कार्य करने के लिए जीवंतता प्रदान करती रहती है - न की खुद करती है। जो इस रहस्य को जान जाता है वो किसी भी काम में कभी भी तनाव आदि से युक्त नहीं होता है। वो तो मुक्त रहता है।
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