Atma-Bodha Lesson # 20 :
from Swami Atmananda Podcasts Hosted by Swami Atmananda Saraswati
आत्म-बोध के 20th श्लोक में पू गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी ने बताया की इस श्लोक में आचार्यश्री हमें बता रहे हैं की आत्मा न तो करता है और न ही करयिता है। करयिता उसे बोलते हैं जो काम करवाता है। जैसे की कोई देश अथवा संस्थान के वरिष्ठ गण, ऐसे लोग निति-निर्धारक होते हैं, वे सबको दिशा एवं प्रेरणा देते हैं, लक्ष्य एवं दिशा को निर्धारित करते हैं और फिर उनके कार्यकर्त्ता कर्म को सम्पादित करते हैं। कारयिता की अपने चुनौतियाँ होती हैं, और संभावित तनाव भी। यहाँ पर आत्म-बोध में आचार्य कहते हैं की आत्मा इस बोझे से भी मुक्त होती है। जैसे सूर्य। इस दृष्टांत को पू गुरूजी बड़ी सुंदरता एवं सरलता से समझाते है - जो आप स्वतः सुनिए।
Embed this episode
No transcript yet.