PodParley PodParley
Bansuri Morpankh | Nandkishore Acharya

EPISODE · Jun 12, 2023 · 2 MIN

Bansuri Morpankh | Nandkishore Acharya

from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio

बाँसुरी: मोरपाँख - नंदकिशोर आचार्यबुरा तो नहीं मानोगेयदि मुझे अबतुम्हारी बाँसुरी बने रहनास्वीकार नहीं।यह नहीं कि मैं उपेक्षित हुआबल्कि अधरों पर तुम्हारे सदासज्जित रहा,किन्तु मेरा कब रहा संगीत वहजो मेरे ही रन्ध्र-रन्ध्र से बहा ?मुझे से तो अच्छी रहीवह मोरपाँखजो तुम्हारे मुकुट पर चढ़ीऔर न भी चढ़तीपर जिस का सौन्दर्यउस का अपना था।यह अन्तर क्या कम हैकि तुम्हारा संगीतमेरी विवशता हैऔर मोरपाँख का सौन्दर्यतुम्हारी ?बुरा न माननाकि अब मैंतुम्हारी बाँसुरी नहीं रहा

NOW PLAYING

Bansuri Morpankh | Nandkishore Acharya

0:00 2:37

No transcript for this episode yet

We transcribe on demand. Request one and we'll notify you when it's ready — usually under 10 minutes.

URL copied to clipboard!