EPISODE · Feb 14, 2024 · 1 MIN
Basant Aaya | Kedarnath Aggarwal
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
बसंत आया | केदारनाथ अग्रवाल बसंत आया : पलास के बूढ़े वृक्षों ने टेसू की लाल मौर सिर पर धर ली! विकराल वनखंडी लजवंती दुलहिन बन गई, फूलों के आभूषण पहन आकर्षक बन गई। अनंग के धनु-गुण के भौरे गुनगुनाने लगे, समीर की तितिलियों के पंख गुदगुदाने लगे। आम के अंग बौरों की सुगंध से महक उठे, मंगल-गान के सब गायक पखेरू चहक उठे। विकराल : भयंकर, भयानकवनखंडी: वन का एक छोटा भाग या हिस्सासमीर: मंद हवा, हल्की हवा
What this episode covers
बसंत आया | केदारनाथ अग्रवाल बसंत आया : पलास के बूढ़े वृक्षों ने टेसू की लाल मौर सिर पर धर ली! विकराल वनखंडी लजवंती दुलहिन बन गई, फूलों के आभूषण पहन आकर्षक बन गई। अनंग के धनु-गुण के भौरे गुनगुनाने लगे, समीर की तितिलियों के पंख गुदगुदाने लगे। आम के अंग बौरों की सुगंध से महक उठे, मंगल-गान के सब गायक पखेरू चहक उठे। विकराल : भयंकर, भयानकवनखंडी: वन का एक छोटा भाग या हिस्सासमीर: मंद हवा, हल्की हवा
NOW PLAYING
Basant Aaya | Kedarnath Aggarwal
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Jun 29, 2026 ·38m