EPISODE · Sep 16, 2021 · 6 MIN
Be the devil and improve the world.
from WHAT AUTHOR FEELS · host Rashmi Kiran
डेविल "डेविल" नाम सुनके ही डर लगता है, ये शैतान कैसा होगा? क्या करेगा? कही हमें चोट तो नहीं पहुंचाएगा? हमें मार तो नहीं डालेगा? एक बात बताओ सभी, कि आखिर शैतान कौन है? शैतान वो है, जो बुरे ख्याल रखता हो, बुरे काम करता हो, बुरी आदतें रखता हो। यही सब सोचा मैंने, और मैंने अपना नाम रख लिया डेविल। अब डेविल बुरे नहीं अच्छे कामों के वजह से पहचाना जाना चाहिए। जो काम अच्छे इंसान को करने चाहिए, अगर वो सभी काम ये डेविल बनकर करने लग जाए, तो शायद डेविल की छवि सुधर सके। क्योंकि इंसान तो अब शायद डेविल से भी ज्यादा बुरे स्तर पर आकर गिर चुका है। मेरा नाम जब भी कहता हूं मैं, लोग मुझे ऐसे देखते हैं, जैसे मैंने कोई गुनाह कर दिया हो। अरे सालो! अपनी सोच बदलो पहले फिर मुझे सिखाना और मेरे बाप ने मुझे जो सिखाया है ना, वो मुझे कोई नहीं सीखा पायेगा। अगर एक डेविल सारे अच्छे काम कर सकता है, तो आप क्यूँ नहीं कर सकते, बच्चों को अनपढ़ रखा जाता है, औरतों की इज़्ज़त के साथ खेला जाता है, बूढ़ो को आश्रम में भेज दिया जाता है, ऐसे काम करने वाले इंसान अच्छे होते हैं या बुरे? क्या ये शैतान नहीं होते? तो अगर एक शैतान ही अच्छे काम करने लगा तो लोगों को क्या दिक्कत हैं? मेरे नजरिए से देखा जाए, तो अगर देश का हर एक युवा खुद को डेविल समझ ले, और कुछ अच्छे कर्म करने लग जाए, तो ये देश और देश की छवि, साथ में डेविल के नाम से जुड़ी नकारात्मकता, सभी में बदलाव आ सकता है। अच्छा बनकर अच्छे काम तो नहीं कर सकते, जरा बुरा बनकर अच्छा करने की सोचो, शायद कुछ अच्छा हो जाए।।
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