EPISODE · Dec 16, 2020 · 14 MIN
बेथलेहेम कि ओर यात्रा - (आगमन काल विशेष) - 18 वां दिन दाऊद, प्रभु के मन के अनुकूल का पुरुष
from Greater Glory of God · host FR. C. GEORGE MARY CLARET
Click to watch the Video https://youtu.be/KGqZfIatqrU Greater Glory of God Podcast प्रस्तुत करता है आगमन काल विशेष बेथलेहेम कि ओर यात्रा आगमन काल में 26 व्यक्तियों के साथ बेथलेहेम कि ओर यात्रा समूएल का पहला ग्रन्थ 13 14) लेकिन अब तुम्हारा राज्य सुदृढ़ नहीं होगा। प्रभु ने अपने मन के अनुकूल एक पुरुष चुना है। उसने उसे ही अपनी प्रजा का शासक नियुक्त किया है, क्योंकि तुमने प्रभु द्वारा अपने को दी गयी आज्ञा का पालन नहीं किया है।" समूएल का दुसरा ग्रन्थ अध्याय 07 1) जब दाऊद अपने महल में रहने लगा और प्रभु ने उसे उसके चारों ओर के सब शत्रुओं से छुड़ा दिया, 2) तो राजा ने नबीनातान से कहा, "देखिए, मैं तो देवदार के महल में रहता हूँ, किन्तु ईश्वर की मंजूषा तम्बू में रखी रहती है।" 3) नातान ने राजा को यह उत्तर दिया, "आप जो करना चाहते हैं, कीजिए। प्रभु आपका साथ देगा।" 4) उसी रात प्रभु की वाणी नातान को यह कहते हुए सुनाई पड़ी, 5) "मेरे सेवक दाऊद के पास जाकर कहो - प्रभु यह कहता है: क्या तुम मेरे लिए मन्दिर बनवाना चाहते हो? 6) जिस दिन मैं इस्राएलियों को मिस्र देश से निकाल लाया, उस दिन से आज तक मैंने किसी भवन में निवास नहीं किया। 7) मैं तम्बू में रहकर उनके साथ भ्रमण करता रहा। जब तक मैं इस्राएलियों के साथ भ्रमण करता रहा, मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा, ‘तुम मेरे लिए देवदार का मन्दिर क्यों नहीं बनाते हो?’ मैंने किसी न्यायकर्ता से, जिसे मैंने अपनी प्रजा चराने के लिए नियुक्त किया, ऐसा निवेदन नहीं किया। 8) इसलिए मेरे सेवक दाऊद से यह कहो - विश्वमण्डल का प्रभु कहता है: तुम भेड़ें चराया करते थे और मैंने तुम्हें चरागाह से बुला कर अपनी प्रजा इस्राएल का शासक बनाया। 9) मैंने तुम्हारे सब कार्यों में तुम्हारा साथ दिया और तुम्हारे सामने तुम्हारे सब शत्रुओं का सर्वनाश कर दिया है। मैं तुम्हें संसार के सब से महान् पुरुषों-जैसी ख्याति प्रदान करूँगा। 10) मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिए भूमि का प्रबन्ध करूँगा और उसे बसाऊँगा। वह वहाँ सुरक्षित रहेगी। कुकर्मी उस पर अत्याचार नहीं कर पायेंगे। ऐसा पहले हुआ करता था, 11) जब मैंने अपनी प्रजा इस्राएल का शासन करने के लिए न्यायकर्ताओं को नियुक्त किया था। मैं उसे उसके सब शत्रुओं से छुड़ाऊँगा। प्रभु तुम्हारा वंश सुरक्षित रखेगा। 12) जब तुम्हारे दिन पूरे हो जायेंगे और तुम अपने पूर्वजों के साथ विश्राम करोगे, तो मैं तुम्हारे पुत्र को तुम्हारा उत्तराधिकारी बनाऊँगा और उसका राज्य बनाये रखूँगा। 13) वही मेरे आदर में एक मन्दिर बनवायेगा और मैं उसका सिंहासन सदा के लिए सुदृढ़ बना दूँगा। 14) मैं उसका पिता होऊँगा, और वह मेरा पुत्र होगा। यदि वह बुराई करेगा, तो मैं उसे दूसरे लोगों की तरह बेंत और कोड़ों से दण्डित करूँगा। 15) किन्तु मैं उस पर से अपनी कृपा नहीं हटाऊँगा, जैसा कि मैंने साऊल के साथ किया, जिसे मैंने तुम्हारे लिए ठुकराया। 16) इस तरह तुम्हारा वंश और तुम्हारा राज्य मेरे सामने बना रहेगा और उसका सिंहासन अनन्त काल तक सुदृढ़ रहेगा।" 17) नातान ने दाऊद को ये सब बातें और यह सारा दृष्य बताया। लूकस 1:31-33 31) देखिए, आप गर्भवती होंगी, पुत्र प्रसव करेंगी और उनका नाम ईसा रखेंगी। 32) वे महान् होंगे और सर्वोच्च प्रभु के पुत्र कहलायेंगे। प्रभु-ईश्वर उन्हें उनके पिता दाऊद का सिंहासन प्रदान करेगा, 33) वे याकूब के घराने पर सदा-सर्वदा राज्य करेंगे और उनके राज्य का अन्त नहीं होगा।" मत्ती 1 (1) इब्राहीम की सन्तान, दाऊद के पुत्र, ईसा मसीह की वंशावली। पेत्रुस का पहला पत्र 2:4-5 4) प्रभु वह जीवन्त पत्थर हैं, जिसे मनुष्यों ने तो बेकार समझ कर निकाल दिया, किन्तु जो ईश्वर द्वारा चुना हुआ और उसकी दृष्टि में मूल्यवान है। 5) उनके पास आयें और जीवन्त पत्थरों का आध्यात्मिक भवन बनें। इस प्रकार आप पवित्र याजक-वर्ग बन कर ऐसे आध्यात्मिक बलिदान चढ़ा सकेंगे, जो ईसा मसीह द्वारा ईश्वर को ग्राह्य होंगे।
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