EPISODE · Dec 13, 2020 · 14 MIN
बेथलेहेम कि ओर यात्रा (आगमन काल विशेष) - दिन 15 - राहाब, वेश्या - JOURNEY TO BETHLEHEM -DAY 15 HINDI
from Greater Glory of God · host FR. C. GEORGE MARY CLARET
Click the link to watch the Video https://youtu.be/i_7S_o4ugzg Greater Glory of God प्रस्तुत करता है आगमन काल विशेष बेथलेहेम कि ओर यात्रा आगमन काल में 26 व्यक्तियों के साथ बेथलेहेम कि ओर यात्रा दिन 15 - राहाब, वेश्या योशुआ का ग्रन्थ अध्याय 02 1) नून के पुत्र योशुआ ने षिट्टीम से दो पुरुषों को गुप्तचर के रूप में भेजा और उन से कहा, "जाओ और उस देश के विषय में विशेष कर येरीख़ो के विषय में जानकारी प्राप्त करो। वे चल पड़े। वे राहाब नामक एक वेश्या के घर पहुँचे और वहीं ठहरे। 2) लोगो ने येरीख़ो के राजा से कहा, "इस्राएलियों के कुछ पुरुष आज रात देश का भेद लेने यहाँ आये हैं"। 3) इस पर येरीख़ो के राजा ने राहाब के पास कहला भेजा, "उन पुरुषों को बाहर कर दो जो तुम्हारे यहाँ आ कर ठहरे है क्योंकि वे सारे देश का भेद लेने के लिए आये हैं"। 4) परन्तु उस स्त्री ने दोनों पुरुषों को छिपा दिया और उत्तर भेजा, "हाँ सच ही कई पुरुष मेरे यहाँ आये थे पर मैं नही जानती थी कि वे कहाँ से आये थे। 5) अँधेरा होने पर जब नगर का फाटक बंद होने को था, उस समय वे चले गये। मैं नहीं कह सकती कि वे कहाँ चले गये। यदि आप शीघ्र ही उनका पीछा करेंगे, तो आप उन्हें पकड़ सकते हैं। 6) उसने उन पुरुषो को छत पर ले जा कर अलसी के डंठलों में छिपा दिया, जिन्हें उसने छत पर रखा था। सन्त मत्ती का सुसमाचार 1, 5 प्रभु ईसा की वंशावली (5) सलमोन और रखाब से बोज़, बोज़ और रूथ से ओबेद, ओबेद से येस्से, याकूब का पत्र 2:24-25 24) आप लोग देखते हैं कि मनुष्य केवल विश्वास से नहीं, बल्कि कर्मों से धार्मिक बनता है। 25) इसी प्रकार वेश्या रहाब अपने कर्मों से धार्मिक बनी, क्योंकि उसने अपने घर में दूतों का स्वागत किया और उन्हें दूसरे रास्ते से विदा किया। इब्रानियों के नाम पत्र 11 विश्वास का महत्व 6) विश्वास के अभाव में कोई ईश्वर का कृपापात्र नहीं बन सकता। जो ईश्वर के निकट पहुँचना चाहता है, उसे विश्वास करना है कि ईश्वर है और वह उन लोगों का कल्याण करता है, जो उसकी खोज में लगे रहते हैं। 31) विश्वास के कारण रहाब नामक वेश्या, अविश्वासियों के साथ नष्ट नहीं हुई, क्योंकि उसने गुप्तचरों का स्वागत किया था। 32) मैं और क्या कहूँ? गिदियोन, बराक, समसोन, यिफ़्तह, दाऊद, समूएल और अन्य नबियों की चरचा करने की मुझे फुरसत नहीं। निर्गमन ग्रन्थ 12 12) उसी रात मैं, प्रभु मिस्र देश का परिभ्रमण करूँगा, मिस्र देश में मनुष्यों और पशुओं के सभी पहलौठे बच्चों को मार डालूँगा और मिस्र के सभी देवताओं को भी दण्ड दूँगा। 13) तुम लोहू पोत कर दिखा दोगे कि तुम किन घरों में रहते हो। वह लोहू देख कर मैं तुम लोगों को छोड़ दूँगा, इस तरह जब मैं मिस्र देश को दण्ड दूँगा, तुम विपत्ति से बच जाओगे।
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