EPISODE · Jul 14, 2022 · 3 MIN
बलिदान होने वालों के लिए परमेश्वर की योजना/God’s Plan for Martyrs.
from मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan · host मार्ग सत्य जीवन
बलिदान होने वालों के लिए परमेश्वर की योजना God’s Plan for Martyrs उनमें से प्रत्येक को श्वेत चोगा दिया गया, और उनसे कहा गया, “थोड़ी देर तक और विश्राम करो, जब तक कि तुम्हारे संगी दासों और भाईयों की, जो तुम्हारे सदृश वध होने वाले हैं, गिनती पूरी न हो जाए।” (प्रकाशितवाक्य 6:11) लगभग तीन सौ वर्ष तक, ख्रीष्टीयता उस मिट्टी में बढ़ी है जो मिट्टी बलिदान होने वालों के लहू से गीली हुई थी । सम्राट ट्रॉजन (Trajan) के शासनकाल (लगभग 98 ईसवी) तक सताव की अनुमति तो थी किन्तु वह वैधानिक नहीं थी। ट्रॉजन से लेकर डेसियस (Decius) के शासनकाल (लगभग 250 ईसवी) तक सताव संवैधानिक रीति से मान्य था। डेसियस जो ख्रीष्टियों से घृणा करता था और अपने सुधार कार्यों पर उनके प्रभाव से डरता था, उसके समय से लेकर 311 में सहिष्णुता की प्रथम राजविज्ञप्ति तक, सताव न केवल संवैधानिक रीति से मान्य था वरन् यह व्यापक और प्रचलित था। एक लेखक ने सताव की इस तीसरी अवधि में परिस्थिति का वर्णन इस प्रकार से किया है: प्रत्येक स्थान पर मण्डलियों में आतंक फैल चुका था; और विश्वास से पीछे हटने वालों [वे लोग जिन्होंने धमकी देने पर अपना विश्वास त्याग दिया] . . . की संख्या बहुत अधिक थी। यद्यपि, ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं थी जो अपने विश्वास में दृढ़ बने रहे, और झुकने अर्थात् विश्वास त्यागने के स्थान पर उन्होंने बलिदान होना स्वीकार किया; तथा जैसे-जैसे सताव व्यापक और तीव्र होता गया, ख्रीष्टियों का उत्साह और उनके प्रतिरोध करने की शक्ति दिन-प्रतिदिन दृढ़ होती गई।
Embed this episode
NOW PLAYING
बलिदान होने वालों के लिए परमेश्वर की योजना/God’s Plan for Martyrs.
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
No similar episodes found.