Dharti Ka Pehla Premi | Bhawani Prasad Mishra episode artwork

EPISODE · Feb 3, 2026 · 2 MIN

Dharti Ka Pehla Premi | Bhawani Prasad Mishra

from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio

धरती का पहला प्रेमी ।  भवानीप्रसाद मिश्रएडिथ सिटवेल नेसूरज को धरती कापहला प्रेमी कहा हैधरती को सूरज के बादऔर शायद पहले भीतमाम चीज़ों ने चाहाजाने कितनी चीज़ों नेउसके प्रति अपनी चाहत कोअलग-अलग तरह से निबाहाकुछ तो उस परवातावरण बनकर छा गएकुछ उसके भीतर समा गएकुछ आ गए उसके अंक मेंमगर एडिथ नेउनका नाम नहीं लियाठीक किया मेरी भी समझ मेंप्रेम दिया उसे तमाम चीज़ों नेमगर प्रेम किया सबसे पहलेउसे सूरज नेप्रेमी के मन मेंप्रेमिका से अलग एक लगन होती हैएक बेचैनी होती हैएक अगन होती हैसूरज जैसी लगन और अगनधरती के प्रतिऔर किसी में नहीं हैचाहते हैं सब धरती कोअलग-अलग भाव सेउसकी मर्ज़ी को निबाहते हैंखासे घने चाव सेमगर प्रेमी मेंएक ख़ुदगर्ज़ी भी तो होती हैदेखता हूँ वह सूरज में हैरोज़ चला आता हैपहाड़ पार कर केउसके द्वारेऔर रुका रहता हैदस-दस बारह-बारह घंटोंमगर वह लौटा देती है उसेशाम तक शायद लाज के मारेऔर चला जाता है सूरजचुपचापटाँक कर उसकी चूनरी मेंअनगिनत तारेइतनी सारी उपेक्षा केबावजूद।

धरती का पहला प्रेमी ।  भवानीप्रसाद मिश्रएडिथ सिटवेल नेसूरज को धरती कापहला प्रेमी कहा हैधरती को सूरज के बादऔर शायद पहले भीतमाम चीज़ों ने चाहाजाने कितनी चीज़ों नेउसके प्रति अपनी चाहत कोअलग-अलग तरह से निबाहाकुछ तो उस परवातावरण बनकर छा गएकुछ उसके भीतर समा गएकुछ आ गए उसके अंक मेंमगर एडिथ नेउनका नाम नहीं लियाठीक किया मेरी भी समझ मेंप्रेम दिया उसे तमाम चीज़ों नेमगर प्रेम किया सबसे पहलेउसे सूरज नेप्रेमी के मन मेंप्रेमिका से अलग एक लगन होती हैएक बेचैनी होती हैएक अगन होती हैसूरज जैसी लगन और अगनधरती के प्रतिऔर किसी में नहीं हैचाहते हैं सब धरती कोअलग-अलग भाव सेउसकी मर्ज़ी को निबाहते हैंखासे घने चाव सेमगर प्रेमी मेंएक ख़ुदगर्ज़ी भी तो होती हैदेखता हूँ वह सूरज में हैरोज़ चला आता हैपहाड़ पार कर केउसके द्वारेऔर रुका रहता हैदस-दस बारह-बारह घंटोंमगर वह लौटा देती है उसेशाम तक शायद लाज के मारेऔर चला जाता है सूरजचुपचापटाँक कर उसकी चूनरी मेंअनगिनत तारेइतनी सारी उपेक्षा केबावजूद।

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Dharti Ka Pehla Premi | Bhawani Prasad Mishra

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This episode is 2 minutes long.

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This episode was published on February 3, 2026.

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धरती का पहला प्रेमी ।  भवानीप्रसाद मिश्रएडिथ सिटवेल नेसूरज को धरती कापहला प्रेमी कहा हैधरती को सूरज के बादऔर शायद पहले भीतमाम चीज़ों ने चाहाजाने कितनी चीज़ों नेउसके प्रति अपनी चाहत कोअलग-अलग तरह से निबाहाकुछ तो उस परवातावरण बनकर छा गएकुछ उसके भीतर...

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