EPISODE · Oct 9, 2021 · 2 MIN
एक भजनकार परमेश्वर की सन्तान/Children of a Singing God.
from मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan · host मार्ग सत्य जीवन
एक भजनकार परमेश्वर की सन्तान Children of a Singing God. तब भजन गाने के पश्चात् वे जैतून पर्वत पर चले गए। (मरकुस 14:26) क्या आप यीशु को भजन गाते हुए सुन सकते हैं? क्या वो भारी स्वर में गा रहा था या साधारण स्वर में? क्या उसके स्वर में एक देसी-अनुनासिक आभास था? या उसका सुर अत्यन्त ऊँचा था? क्या उसने अपनी आँखों को बंद करके अपने पिता के लिए भजन गया था? या उसने अपने चेलों की आँखों में देखकर उनके भाईचारे के प्रेम के कारण मुस्कुरा कर गाया था? क्या प्रायः गीत गाना वह ही आरम्भ करता था? या पतरस और याकूब, या सम्भवतः मत्ती आरम्भ करता था? ओह, मैं यीशु को गाते हुए सुनने के लिए प्रतीक्षा नहीं कर पा रहा हूँ! मेरा विचार है कि यदि वह अपनी स्वर्गीय वाणी को इस विश्व में ऊँचे स्वर में निकालेगा को सम्भवतः सभी ग्रह अपने नक्षत्रों से बाहर गिर पड़ेंगे। पर हमारे पास एक ऐसा राज्य है जिसे हिलाया नहीं जा सकता है; तो इसलिए अब हे प्रभु, तू गा! ख्रीष्टियता एक भजन गाने वाले विश्वास से भिन्न कुछ और नहीं हो सकती है। जिसने इसकी नींव रखी है उसने ही भजन गाया है। उसने अपने पिता से गीत गाना सीखा है। अवश्य ही वे दोनों अनन्तकाल से साथ में भजन गाते रहे होंगे। क्या आप को ऐसा नहीं लगता? क्या आप को नहीं लगता है कि त्रिएकता की कभी समाप्त न होने वाली अनन्त आनन्द से पूर्ण सहभागिता भजन नहीं गाती होगी?
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