EPISODE · Jul 1, 2024 · 1 MIN
Ek Tinka | Ayodhya Singh Upadhyay 'Hari Oudh'
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
एक तिनका | अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ मैं घमण्डों में भरा ऐंठा हुआ।एक दिन जब था मुण्डेरे पर खड़ा।आ अचानक दूर से उड़ता हुआ।एक तिनका आँख में मेरी पड़ा।मैं झिझक उठा, हुआ बेचैन-सा।लाल होकर आँख भी दुखने लगी।मूँठ देने लोग कपड़े की लगे।ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी।जब किसी ढब से निकल तिनका गया।तब 'समझ' ने यों मुझे ताने दिए।ऐंठता तू किसलिए इतना रहा।एक तिनका है बहुत तेरे लिए।
What this episode covers
एक तिनका | अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ मैं घमण्डों में भरा ऐंठा हुआ।एक दिन जब था मुण्डेरे पर खड़ा।आ अचानक दूर से उड़ता हुआ।एक तिनका आँख में मेरी पड़ा।मैं झिझक उठा, हुआ बेचैन-सा।लाल होकर आँख भी दुखने लगी।मूँठ देने लोग कपड़े की लगे।ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी।जब किसी ढब से निकल तिनका गया।तब 'समझ' ने यों मुझे ताने दिए।ऐंठता तू किसलिए इतना रहा।एक तिनका है बहुत तेरे लिए।
NOW PLAYING
Ek Tinka | Ayodhya Singh Upadhyay 'Hari Oudh'
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Jun 23, 2026 ·12m
Jun 22, 2026 ·26m
Jun 20, 2026 ·60m