EPISODE · Mar 20, 2021 · 1H 32M
गीता महायज्ञ - अध्याय-15
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
गीता महायज्ञ में श्रीमद्भगवद गीता के पुरुषोत्तम योग नामक १५वें अध्याय का सार बताते हुए पूज्य स्वामी आत्मानन्द जी महाराज ने कहा कि यह अध्याय हमारे लिए शीशे की तरह से है - जो की हमारी पारमार्थिक वास्तिविकता बताता है। जिस पुरुष तत्त्व को पिछले अध्याय में बताया था, उसकी गहराई में इस अध्याय में भगवान हमें ले जा रहे हैं। किसको वेदों का जानकार कहते हैं? उसके कैसे मूल्य होते हैं? वो कैसे संसार के अंतहीन झमेलों से मुक्त होता है? और कैसे अन्तर्मुख बनता है? उसकी ईश्वर-उपसना का कैसा स्वरुप होता है? हम सबका पारमार्थिक स्वरुप क्या होता है? और उसे कैसे जाना जाता है? - ये सब बातें इस छोटे लेकिन अत्यंत सुन्दर एवं गहन अध्याय में बताई गयी हैं।
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गीता महायज्ञ - अध्याय-15
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