EPISODE · Sep 22, 2022 · 10 MIN
Hindi Audio Bible Luke with Text | अध्याय 10 | सन्त लूकस रचित सुसमाचार | Gospel of Luke Chapter 10
from Greater Glory of God · host FR. C. GEORGE MARY CLARET
संत लूकस रचित सुसमाचार अध्याय 10 में नीचे दिए गए महत्वपूर्ण बातों को देख सकते हैं :- Watch the Video बहत्तर शिष्यों का प्रेषण - प्रभु येसु अपने बहत्तर शिष्यों को अपने आगे यह शिक्षा देने भेजे, ’ईश्वर का राज्य तुम्हारे निकट आ गया है’। जहाँ प्रभु येसु हैं वही ईश्वर का राज्य है, क्योंकि प्रभु येसु ही राजा हैं। आज भी प्रभु येसु की प्रार्थना लहू होती है, "फ़सल तो बहुत है, परन्तु मज़दूर थोड़े हैं; इसलिए फ़सल के स्वामी से विनती करो कि वह अपनी फ़सल काटने के लिए मज़दूरों को भेजे।" अविश्वासी नगरों को धिक्कार - प्रभु दो नगरों, खोराजि़न और कफ़रनाहूम, को धिक्कारते हैं; क्योंकि प्रभु येसु के कार्यों को देखते हुए भी, वे प्रभु में विश्वास नहीं कर पाए। क्या यह हमारे जीवन में भी नहीं होती? कहीं प्रभु दोनों शहरों के जगह पर हमारे नाम तो नहीं लेंगे? बहत्तर शिष्यों का लौटना - प्रभु कलीसिया के सदस्यों के द्वारा अपना कार्य करते हैं। इसलिए सबों को अलग-अलग वरदान दिया गया है। हमें लोगों को इन वरदानों के आधार पर लोगों को मापना नहीं है। स्वर्ग में सबों को बराबर स्थान मिलेगा, क्योंकि सभी ईश्वर की संतान हैं। भोलेपन की प्रशंसा - स्वर्गराज्य के रहस्यों को जानना का वरदान सबको नहीं दिया गया है। ईश्वर नम्र लोगों को पर ही अपने रहस्यों को प्रकट करते हैं। सब से बड़ी आज्ञा - ईश्वर को "अपने सारे हृदय, अपनी सारी आत्मा, अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि से" प्यार करना ही सबसे बड़ी आज्ञा है और अपने पडोसी को अपने समान प्यार करना उसका प्रकटीकरण है। भले समारी का दृष्टान्त - संत लूकस में प्रभु येसु के अधिकतर उदाहरण गैर-यहूदियों का रहता है। वैसे ही इस प्रसिद्ध दृष्टान्त में भी प्रभु येसु एक समारी, एक गैर-यहूदी, का उदाहरण देते हैं। वास्तव में प्रभु येसु स्वयं ही यह भला समारी हैं। मरथा और मरियम - यह परिवार प्रभु येसु के लिए एक विशेष परिवार था। जब भी प्रभु उस रास्ते जाते, वे जरूर इनके घर ठहरा करते थे। उनकी मृत्यु के पहले भी प्रभु इनके घर गए हुए थे। अध्याय 10 में जो वर्णन है, शायद यह परली बार होगा। इस घटना के द्वारा प्रभु कुछ महत्वपूर्ण बातों को हम पर प्रकट करते हैं। उनमें दो बातें इस प्रकार हैं - ईश्वर हमें अवसर देते हैं। चुनने की स्वतंत्रता हमारी है। दूसरी है - बहुत सारे कामों में व्यस्त रहने से बेहतर प्रभु के पास बैठकर उनकी सुनना है जो मरियम चुनी थी। Naya Niyam (Vidhan) Audio Bible - https://bit.ly/3A3Ksnk Hindi Audio Bible - https://bit.ly/3bvvEo4 संत लूकस का सुसमाचार - https://bit.ly/3BaCb05 St. Luke in Hindi - https://bit.ly/3RH8HOq #audiobiblehindi #jesushindi #spiritualityhindi =================== You are most welcome to follow me on the following platforms. =================== To understand the Incarnation (the Word made flesh), try this book by Fr. C. George Mary Claret "God's Journey to Bethlehem: God's Way of Alluring You to Enter Into Your Heart" https://geni.us/nnB5 Connect him on https://greatergloryofgod.in/ Facebook Personal http://bit.ly/FacebookGeo Group http://bit.ly/GGOGFB Amazon Author Page http://bit.ly/FrGeorge Twitter http://bit.ly/TweetGMC Instagram http://bit.ly/InstaGMC LinkedIn http://bit.ly/LInGMC Medium http://bit.ly/MedGMC Pinterest http://bit.ly/PinCGMC Tumblr http://bit.ly/TumCGMC Quora Space http://bit.ly/QuoraGGOG Personal http://bit.ly/QuoraCGMC Reddit http://bit.ly/RedditGMC Apple Podcasts http://bit.ly/trinityhspirit Spotify http://bit.ly/trinityholyspirit Google Podcasts http://bit.ly/podcastsgoogle
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