Hindi Audio Bible Mark with Text | अध्याय 2 | सन्त मारकुस रचित सुसमाचार | Gospel of Mark Chapter 2 episode artwork

EPISODE · Aug 29, 2022 · 6 MIN

Hindi Audio Bible Mark with Text | अध्याय 2 | सन्त मारकुस रचित सुसमाचार | Gospel of Mark Chapter 2

from Greater Glory of God · host FR. C. GEORGE MARY CLARET

सन्त मारकुस रचित सुसमाचार सबसे पहले लिखा गया सुसमाचार है। 16 अध्याय वाला सन्त मारकुस रचित सुसमाचार चारों सुसमाचारों में सबसे छोटा है। Watch the Video इस पुस्तक को बेहतर समझने इसे 6 भागों में बाँटा गया है। जैसे :- परिचय 1:1-13 ईसा का अधिकार 1:14-3:6 लोगों के प्रतिक्रिया 3:7-6:6a शिष्यों की गलतफेमी 6:6b-8:21 चुने हुए मसीह का मिशन और शिष्यों की अज्ञानता 8:22-10:52 प्रभु के अंतिम कार्य 11:1-13:37 प्रभु के दुःखभोग और मृत्यु 14:1-15:47 समापन 16:1-18 पुनरुत्थान और दर्शन इसके अनुसार यदि हम सन्त मारकुस रचित सुसमाचार अध्याय 01 को देखें तो इसमें पुस्तक का परिचय और प्रभु येसु का अधिकार के बारे में विवरण है। सन्त मारकुस रचित सुसमाचार का लक्ष्य पहले वाक्य में ही बताया गया है - "ईश्वर के पुत्र ईसा मसीह के सुसमाचार का प्रारम्भ।" सन्त मारकुस रचित सुसमाचार अध्याय 02 में निम्न घटनाओं को देख सकते हैं :- अर्ध्दांग रोगी - जैसे हम पहले ही देख चुके हैं कि सन्त मारकुस रचित सुसमाचार 1:14-3:6 में हम प्रभु येसु के अधिकार के बारे में देखते हैं। अर्ध्दांग रोगी को न केवल प्रभु चंगा करते हैं, बल्कि उसके पापों को भी क्षमा करते हैं। क्षमा करना ईश्वर का कार्य है। कोई भी मनुष्य किसी के पापों को क्षमा नहीं कर सकता। इस घटना के द्वारा प्रभु अपना अधिकार प्रकट करते हैं और अपनी वास्तविक पहचान भी। लेवी का बुलावा - लेवी प्रेरित संत मत्ती का दूसरा नाम है। इस घटना के द्वारा प्रभु दो बातों को हमारे सामने रखते हैं - हर कोई पापी हैं और हमें ईश्वर की जरुरत है। दूसरी बात है - ईश्वर सबों से प्यार करते हैं। वे पापियों के मन परिवर्तन के लिए इंतज़ार नहीं करते हैं। वे उल्टा पापियों से ज्यादा प्यार करते हैं। उपवास का प्रश्न - प्रभु येसु के शिष्यों को चाहिए कि वे नई प्राणी बन जाएँ जैसे संत पौलुस कहते हैं, "यदि कोई मसीह के साथ एक हो गया है, तो वह नयी सृष्टि बन गया है। पुरानी बातें समाप्त हो गयी हैं और सब कुछ नया हो गया है।" (कुरिन्थियों के नाम सन्त पौलुस का दूसरा पत्र 5:17) विश्राम के दिन बालें तोडना - कोई भी यहूदी विश्राम-दिवस के नियम को नहीं तोड़ सकता था। लेकिन प्रभु आकर नियमों का उद्देश्य समझा रहे हैं और अपने आपको उसका स्वामी कह कर अपना अधिकार भी प्रकट करते हैं। Playlist: Naya Niyam (Vidhan) Audio Bible - YouTube https://bit.ly/3A3Ksnk St. Matthew Hindi Audio Bible - YouTube https://bit.ly/3QbLbbK Hindi Audio Bible - YouTube https://bit.ly/3bvvEo4 ======================== You are most welcome to follow me on the following platforms. ======================== To understand the Incarnation (the Word made flesh), try this book by Fr. C. George Mary Claret "God's Journey to Bethlehem: God's Way of Alluring You to Enter Into Your Heart" https://geni.us/nnB5 Connect him on https://greatergloryofgod.in/ Facebook Personal http://bit.ly/FacebookGeo Group http://bit.ly/GGOGFB Twitter http://bit.ly/TweetGMC Instagram http://bit.ly/InstaGMC LinkedIn http://bit.ly/LInGMC Medium http://bit.ly/MedGMC Pinterest http://bit.ly/PinCGMC Tumblr http://bit.ly/TumCGMC

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