EPISODE · Jun 15, 2020 · 11 MIN
हमारा ही इकोसिस्टम साझा करने वाले 'नन्हे जीव' क्यों ख़त्म हो रहे हैं
from Pod Khaas · host Aaj Tak Radio
हम पिघलते ग्लेशियर की मानिंद बह कर समंदर में भरते जा रहे हैं, जंगलों के कटते पेड़ों के साथ धाड़ से ज़मीं पर गिर रहे हैं , बढ़ते तापमान को कम करने की वर्ग पहेली में ऐसे उलझे हैं जैसे हम कीट हैं जाल में फंसे हुए, समस्याएं मकड़ी की तरह हमारी बढ़ रही हैं. हम भूल गए, हमारे पास मज़बूती है, हम ये जाल तोड़ सकते हैं, हम कीड़े नहीं, मगर जो वास्तव में कीड़े हैं, उनका क्या? पिछले 40 सालों में हमने इंसेक्ट्स की लगभग आधी प्रजातियां खो दी हैं. सुनिए ये ख़ास पॉडकास्ट माधुरी के साथ
What this episode covers
हम पिघलते ग्लेशियर की मानिंद बह कर समंदर में भरते जा रहे हैं, जंगलों के कटते पेड़ों के साथ धाड़ से ज़मीं पर गिर रहे हैं , बढ़ते तापमान को कम करने की वर्ग पहेली में ऐसे उलझे हैं जैसे हम कीट हैं जाल में फंसे हुए, समस्याएं मकड़ी की तरह हमारी बढ़ रही हैं. हम भूल गए, हमारे पास मज़बूती है, हम ये जाल तोड़ सकते हैं, हम कीड़े नहीं, मगर जो वास्तव में कीड़े हैं, उनका क्या? पिछले 40 सालों में हमने इंसेक्ट्स की लगभग आधी प्रजातियां खो दी हैं. सुनिए ये ख़ास पॉडकास्ट माधुरी के साथ
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