EPISODE · Mar 30, 2026 · 6 MIN
Homeopathic remedy kaise select kare in Hindi | How to select homeopathic medicine for patient ?
from Dr Pradeep kushwaha | Brahm Homeopathy · host Brahm Homeopathy | Dr Pradeep kushwaha
१) होम्योपैथी में सही रेमेडी को कैसे चुनें?- होम्योपैथी ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो केवल बीमारी का नहीं, पूरे व्यक्ति का इलाज करती है। - इसमें शरीर, मन तथा व्यक्ति के स्वभाव—तीनों को ध्यान में रख कर के दवा का चयन किया जाता है। - यही कारण है कि, एक ही बीमारी के लिए अलग-अलग लोगों को अलग दवा को दिया जाता हैं। २) होम्योपैथी में किन चीज को ध्यान में रखा जाता है?#1. पहले लक्षणों के जांच करना - होम्योपैथी में दवा को चुनने से पहला महत्वपूर्ण कदम , लक्षणों का सही से विश्लेषण करना। - सिर्फ यह जानना ही काफी नहीं होता है, कि कौन-सी बीमारी है, #ध्यान देने वाली बातें: - बीमारी शुरुआत कब से शुरू हुई है? - किन -किन समस्या के कारण से ज्यादा बढ़ती सकती है? - किन चीजों से आराम मिलता है,या कोई खास स्थिति? #2. मानसिक तथा भावनात्मक स्थिति के महत्व - होम्योपैथी शारीरिक लक्षणों तक ही सीमित नहीं है। पर व्यक्ति के मानसिक तथा भावनात्मक स्थिति भी जरुरी होती है. #कुछ महत्वपूर्ण मानसिक संकेत# - क्या - व्यक्ति को जल्दी से गुस्सा हो जाता है? * क्या बार-बार डर या तो, चिंता रहती है? * क्या अकेलापन महसूस करता है? #3. समानता वाले सिद्धांत - होम्योपैथी का महत्वपूर्ण सिद्धांत है—“जैसा रोग, वैसी ही दवा”। # 4. सही पोटेंसी का चयन करना - होम्योपैथिक दवा अलग पोटेंसी में होती हैं, और सही पोटेंसी को चुनना जरूरी होता है। - लो पोटेंसी 30C :: नई समस्याओं के लिए. - हाई पोटेंसी : पुरानी या तो,गहरी समस्याओं के लिए. # 5. दवा के सही मात्रा में लेने से - होम्योपैथी के दवा को बार - बार लेने की जरुरत नहीं होती है। #ध्यान रखें# - दिन में १-२ बार ही दवा को लेना होता है. और दवा को हाथ से नहीं छूना चाहिए। #5. इलाज के समय क्या सावधानियां रखना चाहिए? - होम्योपैथी को सुरक्षित इसलिए माना जाता है, की इसका कोई साइड - इफ़ेक्ट नहीं होता है. - डॉ. से कब मिलें - यदि बीमारी ज्यादा से भी बनी हुई है. अगर लक्षण बार-बार लौट रहे हैं तब। # 7. अनुभवी ड़ॉ. से सलाह लेना क्यों जरूरी है? - हर व्यक्ति के लक्षण अलग होते हैं, इसलिए अनुभवी डॉ. ही सही दवा , पोटेंसी का चयन कर सकता है। - शारीरिक लक्षण , मानसिक स्थिति, जीवनशैली इन तीनों को मिला कर के ही व्यक्तिगत उपचार योजना को बनाता है। #8. जरूरी टिप्स- होम्योपैथी के दवा को लेते समय छोटी-छोटी बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, - दवा को खाने से 15 मिनट पहले तथा दवा को खाने के बाद में कुछ भी न खाएं।
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