EPISODE · Oct 13, 2024 · 42 MIN
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 34 - राग-द्वेष से कैसे पाएं मुक्ति
from गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledge
क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉श्रीकृष्ण श्लोक 34 में कहते हैं:इन्द्रियस्येन्द्रियस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ।तयोर्न वशमागच्छेत्तौ ह्यस्य परिपन्थिनौ॥इसका अर्थ है कि 'प्रत्येक इंद्रिय के विषय में राग (आसक्ति) और द्वेष (घृणा) स्थित होते हैं। लेकिन मनुष्य को इन दोनों के वश में नहीं होना चाहिए, क्योंकि ये ही उसके मार्ग में बाधा उत्पन्न करते हैं।'इस श्लोक में श्रीकृष्ण समझाते हैं कि आसक्ति और घृणा हमारी इंद्रियों के साथ जुड़े रहते हैं, और अगर हम इनके वश में आ गए तो सही मार्ग पर चलना मुश्किल हो जाता है। आत्म-संयम और जागरूकता से ही हम इन भावनाओं से मुक्त होकर जीवन में संतुलन बना सकते हैं।#श्रीमद्भगवद्गीता, #भगवद्गीता, #आध्यात्मिकज्ञान, #जीवनकीसमस्याओंकासमाधान, #गीताज्ञान, #गीताश्लोक, #मोटिवेशनलवीडियो, #स्थिरबुद्धि, #अर्जुनश्रीकृष्णसंवाद, #जीवनमेंशांतिदोस्तों, अगर आपको आज का वीडियो पसंद आया हो और आपने कुछ नया सीखा हो, तो वीडियो को लाइक और शेयर करना न भूलें। कल हम श्लोक 28 पर चर्चा करेंगे, तो चैनल को सब्सक्राइब करें ताकि आपसे कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी मिस न हो। आप अपने सवाल या विचार भी कमेंट बॉक्स में शेयर कर सकते हैं।अपनी आज की सीख को कमेंट में जरूर साझा करें, और इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें। अगर आपके कमेंट पर 9 लाइक्स मिलते हैं, तो आपको 2 महीने का YouTube Premium Subscription पाने का मौका मिलेगा! तो जल्दी से शेयर करें और इस अनोखे ऑफर का फायदा उठाएं।कल मिलते हैं नये श्लोक की व्याख्या के साथ। तब तक "Keep Learning, Keep Growing!बोलो ग्रंथराज श्रीमद्भगवद्गीता जी की जय || जय श्री कृष्ण ||याद रखें, हर समस्या का समाधान हमारे भीतर ही है। भगवद्गीता का ज्ञान हमें यह सिखाता है कि हम कैसे अपने भीतर की शक्ति को पहचान सकते हैं और अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।हमसे जुड़े रहें:📺 YouTube Playlist - https://www.youtube.com/playlist?list=PLmqdCCZAKuDiSQUJGe114tsIGg0Z6K658 🎧 RSS Feed - https://rss.com/podcasts/apkamohitsharma 🎙️ Kuku FM - https://applinks.kukufm.com/EwFFnrT2u5BnydYc9 💬 Join our WhatsApp group - https://chat.whatsapp.com/ImlwEe0SVXg9LNxqvW5uucBlogs Link - https://vickyggp.blogspot.com #BhagavadGita #Spirituality #LifeSolutions #GeetaGyan #Motivation #SpiritualKnowledge #Hinduism #InnerPeace #LifeProblems #Krishna #ArjunaKrishnaDialogue #Viral #Trending #mostliked#SelfRealization #shreenathji #jaishrimahakal #sawariyaseth #trinetraganeshji #shrikrishna-arjunasamvad #krishnaarjunsamvad #arjunsamvad #shrimadbhagwadgeeta #shrikrishnaarjunasamvaad #shreekrishnaarjunsamvad #shrikrishnaarjunsamvad #mahabharat #arjunshrikrishnasamvad #krishnaarjunsamvadmahabharat #shrimadbhagwatgeetaadhyay #shrimadbhagwatgeeta #shreemadbhagwadgeeta #arjunshrikrishnageetaupdesh #shrimadbhagwatgeeta #shrimadbhagwatgeetapath #shrimadbhagwatgeetainhindi
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ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 34 - राग-द्वेष से कैसे पाएं मुक्ति
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