EPISODE · Oct 14, 2024 · 32 MIN
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 35 - स्वधर्म का पालन क्यों है सबसे श्रेष्ठ?
from गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledge
Today's Video Link -https://youtu.be/5Gd7z1Azbfkक्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा। 🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें। 🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए। 👉श्रीकृष्ण श्लोक 35 में कहते हैं: श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्। स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः॥ इसका अर्थ है कि 'अपने दोषयुक्त धर्म का पालन करना भी दूसरे के उत्तम धर्म को अपनाने से बेहतर है। स्वधर्म का पालन करते हुए मृत्यु भी कल्याणकारी है, जबकि परधर्म में जीवन भय उत्पन्न करता है।' इस श्लोक में श्रीकृष्ण हमें यह सिखाते हैं कि स्वधर्म का पालन करना ही सच्चा धर्म है, क्योंकि यह हमारे स्वभाव और प्रकृति के अनुसार होता है। भले ही दूसरे का धर्म बेहतर दिखे, लेकिन उसका पालन करना हमारे लिए भयावह और अनुकूल नहीं होता। #श्रीमद्भगवद्गीता, #भगवद्गीता, #आध्यात्मिकज्ञान, #जीवनकीसमस्याओंकासमाधान, #गीताज्ञान, #गीताश्लोक, #मोटिवेशनलवीडियो, #स्थिरबुद्धि, #अर्जुनश्रीकृष्णसंवाद, #जीवनमेंशांति दोस्तों, अगर आपको आज का वीडियो पसंद आया हो और आपने कुछ नया सीखा हो, तो वीडियो को लाइक और शेयर करना न भूलें। चैनल को सब्सक्राइब करें ताकि आपसे कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी मिस न हो। आप अपने सवाल या विचार भी कमेंट बॉक्स में शेयर कर सकते हैं। अब ध्यान दें! आज के वीडियो से आपने क्या सीखा, उसे कमेंट में जरूर लिखें। अगर आपके कमेंट पर 9 लाइक्स मिलते हैं और आप इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करते हैं, तो आपको और उन्हें 2 महीने का YouTube प्रीमियम सब्सक्रिप्शन जीतने का मौका मिल सकता है – बिल्कुल मुफ्त! अपनी एंट्री सबमिट करने के लिए नीचे दिए गए QR Code या लिंक पर जाकर Detail शेयर करें। ऑफर की वैधता: 31 दिसंबर 2024 तक। इसलिए अभी एंट्री करें और इस बेहतरीन मौके का लाभ उठाएं! https://forms.gle/CAWMedA7hK6ZdNDy6 कल मिलते हैं नये श्लोक की व्याख्या के साथ। तब तक "Keep Learning, Keep Growing! बोलो ग्रंथराज श्रीमद्भगवद्गीता जी की जय || जय श्री कृष्ण || याद रखें, हर समस्या का समाधान हमारे भीतर ही है। भगवद्गीता का ज्ञान हमें यह सिखाता है कि हम कैसे अपने भीतर की शक्ति को पहचान सकते हैं और अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। हमसे जुड़े रहें: 📺 YouTube Playlist - https://www.youtube.com/playlist?list=PLmqdCCZAKuDiSQUJGe114tsIGg0Z6K658 🎧 RSS Feed - https://rss.com/podcasts/apkamohitsharma 🎙️ Kuku FM - https://applinks.kukufm.com/EwFFnrT2u5BnydYc9 💬 Join our WhatsApp group - https://chat.whatsapp.com/ImlwEe0SVXg9LNxqvW5uuc Blogs Link - https://vickyggp.blogspot.com #BhagavadGita #Spirituality #LifeSolutions #GeetaGyan #Motivation #SpiritualKnowledge #Hinduism #InnerPeace #LifeProblems #Krishna #ArjunaKrishnaDialogue #Viral #Trending #mostliked #SelfRealization #shreenathji #jaishrimahakal #sawariyaseth #trinetraganeshji #shrikrishna-arjunasamvad #krishnaarjunsamvad #arjunsamvad #shrimadbhagwadgeeta #shrikrishnaarjunasamvaad #shreekrishnaarjunsamvad #shrikrishnaarjunsamvad #mahabharat #arjunshrikrishnasamvad #krishnaarjunsamvadmahabharat #shrimadbhagwatgeetaadhyay #shrimadbhagwatgeeta
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ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 35 - स्वधर्म का पालन क्यों है सबसे श्रेष्ठ?
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