EPISODE · Aug 6, 2023 · 2 MIN
Jeevdhara | Arun Kamal
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
जीवधारा - अरुण कमलखूब बरस रहा है पानीजीवन रस में डूब गयी है धरतीअभी भी बादल छोप रहे हैंअमावस्या का हाथ बँटातेबज रही है धरतीहज़ारों तारों वाले वाद्य-सी बज रही है धरतीचारों ओर पता नहीं कितने जीव-जन्तुबोल रहे हैं हज़ारों आवाज़ों मेंकभी मद्धिम कभी मन्द्र कभी शान्तकभी-कभी बथान में गौएँ करवट बदलती हैं बैल ज़ोर से छोड़ते हैं साँसअचानक दीवार पर मलकी टॉर्च की रोशनीकोई निकला है शायद खेत घूमनेधरती बहुत सन्तुष्ट बहुत निश्चिन्त है आजदूध भरे थन की तरह भारी और गर्म
NOW PLAYING
Jeevdhara | Arun Kamal
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 1, 2026 ·16m
Apr 29, 2026 ·46m
Apr 29, 2026 ·18m
Apr 28, 2026 ·49m