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EPISODE · Feb 17, 2020 · 6 MIN

ज्योति

from शेखावत के सूक्ष्म सृजन · host Rajendra Singh Shekhawat

ज्योति

Episode metadata supplied by the publisher feed · Published Feb 17, 2020

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Marathi Aarti Sangrah | मराठी आरती संग्रह Rajshri Entertainment Private Limited Aarti (आरती) is a devotional song sung to show devotion towards a deity and to Glorify a deity. Aarti is sung during Ritual of Aarti, in which flame is offered to deity. Aarti is a Hindi word and it is also spelled Arti, Arati or Arathi. The word Aarti is derived from the Sanskrit word Aratrika (आरात्रिक), which means something that removes darkness. शास्‍त्रों में बताया गया है कि आरती शब्द संस्कृत के आर्तिका शब्द से बना है। जिसका अर्थ है, अरिष्ट, विपत्ति, आपत्ति, कष्ट और क्लेश। भगवान की आरती को नीराजन भी कहा जाता है। नीराजन का अर्थ है किसी स्‍थान को विशेष रूप से प्रकाशित करना। शास्‍त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार, आरती के इन्हीं दो अर्थों के आधार पर भगवान की आरती करने के दो कारण बताए गए हैं। HANUMAN CHALISA Suvayan Dey श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि। बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुण्डल कुँचित केसा।।हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे। कांधे मूंज जनेउ साजे।।शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन।।बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।।भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचन्द्र के काज संवारे।।लाय सजीवन लखन जियाये। श्री रघुबीर हरषि उर लाये।।रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।।सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।।जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।। तुम Jeevan Jeene Ki Kala Gurudev ke Sath Art Of Living गुरूदेव श्री श्री रवि शंकर के साथ प्रेरणा और ऊर्जा का अनुभव करें।अपने अंतर मन पर ध्यान देकर अपने विचारों और संवेदनाओं को और बेहतर तरीके से संवारना सीखें।गुरूदेव श्री श्री रवि शंकर हमें प्रेम, रिश्तों, सम्बन्धों, नेतृत्व, प्रबंध, मंत्रों और आध्यात्मिकता के बारे में ज्ञान देकर हमें जीवन में ऊँचाईयों पर भी पहुंचाते हैं। इस स्पॉटीफाई एक्सक्लूसिव पॉडकास्ट का हर एपीसोड आपको स्वयं को सुधारने में और एक बेहतर जीवन जीने में आपकी मदद करेगा।गुरूदेव श्री श्री रविशंकर जी एक विश्व प्रसिद्ध मानवता और आध्यात्मिकता के गुरू, एवं शान्ती के दूत हैं और The Art of Living और International Association For Human Values के संस्थापक हैं। Kanha Ki Mastibhari Kahaniyan | (Stories of Bal Krishna in Hindi Podcast) Ep.Log Media कई नाम है इसके, सबके प्यारे हैं वो, नटखट, माखन चोर, मैया यशोदा की आँखों के तारे, नन्दबाबा के दुलारे, ग्वालों के सखा, राधा के श्याम, गोपियों के प्रिय है वो। श्री कृष्ण ने द्वापर युग में पृथ्वी पर अपनी लीलाएँ रची। उनकी लगभग 127 साल की जिंदगी को तीन लीलाओं में बाँटा गया है। जन्म से लेकर 11 साल 6 महीने में रची गई ब्रज लीला, उनकी मन मोह देने वाली नटखट मस्तियों के साथ अनेक असुरों के उद्धार का उल्लेख करती हैं। बच्चों को कृष्ण की कर्तव्यपरायणता के करीब ले जाने का हमारा एक अनोखा प्रयास है। तो सुनिए कान्हा की मस्ती भरी कहानियाँ, सुनीता मालपानी के साथ।He has many names, everyone loves him, mischievous, butter thief, the twinkle in Mother Yashoda's eyes, beloved of Nandbaba, the companion of the cowherds, Radha's Shyam, dear to the Gopis. Lord Krishna enacted his divine plays on Earth during the Dwapar Yuga. His approximately 127-year-long life is divided into three phases of divine plays. The Braj Leela, which unfolded from birth until 11 years and 6 months, mentions his playful and enchanting

Frequently Asked Questions

How long is this episode of शेखावत के सूक्ष्म सृजन?

This episode is 6 minutes long.

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This episode was published on February 17, 2020.

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