Meri Duniya Ke Tamaam Bacche | Adnan Kafeel Darwesh episode artwork

EPISODE · Aug 4, 2023 · 2 MIN

Meri Duniya Ke Tamaam Bacche | Adnan Kafeel Darwesh

from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे / अदनान कफ़ील दरवेशवो जमा होंगे एक दिन और खेलेंगे एक साथ मिलकरवो साफ़-सुथरी दीवारों परपेंसिल की नोक रगड़ेंगेवो कुत्तों से बतियाएँगेऔर बकरियों सेऔर हरे टिड्डों सेऔर चीटियों से भी..वो दौड़ेंगे बेतहाशाहवा और धूप की मुसलसल निगरानी मेंऔर धरती धीरे-धीरेऔर फैलती चली जाएगीउनके पैरों के पास..देखना!वो तुम्हारी टैंकों में बालू भर देंगेऔर तुम्हारी बन्दूकों कोमिट्टी में गहरा दबा देंगेवो सड़कों पर गड्ढे खोदेंगे और पानी भर देंगेऔर पानियों में छपा-छप लोटेंगे...वो प्यार करेंगे एक दिन उन सबसेजिससे तुमने उन्हें नफ़रत करना सिखाया हैवो तुम्हारी दीवारों मेंछेद कर देंगे एक दिनऔर आर-पार देखने की कोशिश करेंगेवो सहसा चीख़ेंगे !और कहेंगे —“देखो ! उस पार भी मौसम हमारे यहाँ जैसा ही है”वो हवा और धूप को अपने गालों के गिर्दमहसूस करना चाहेंगेऔर तुम उस दिन उन्हें नहीं रोक पाओगे!एक दिन तुम्हारे महफ़ूज़ घरों से बच्चे बाहर निकल आएँगेऔर पेड़ों पे घोंसले बनाएँगेउन्हें गिलहरियाँ काफ़ी पसन्द हैंवो उनके साथ बड़ा होना चाहेंगे..तुम देखोगे जब वो हर चीज़ उलट-पुलट देंगेउसे और सुन्दर बनाने के लिए..एक दिन मेरी दुनिया के तमाम बच्चेचीटियों, कीटोंनदियों, पहाड़ों, समुद्रोंऔर तमाम वनस्पतियों के साथ मिलकर धावा बोलेंगेऔर तुम्हारी बनाई हर चीज़ कोखिलौना बना देंगे..

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे / अदनान कफ़ील दरवेशवो जमा होंगे एक दिन और खेलेंगे एक साथ मिलकरवो साफ़-सुथरी दीवारों परपेंसिल की नोक रगड़ेंगेवो कुत्तों से बतियाएँगेऔर बकरियों सेऔर हरे टिड्डों सेऔर चीटियों से भी..वो दौड़ेंगे बेतहाशाहवा और धूप की मुसलसल निगरानी मेंऔर धरती धीरे-धीरेऔर फैलती चली जाएगीउनके पैरों के पास..देखना!वो तुम्हारी टैंकों में बालू भर देंगेऔर तुम्हारी बन्दूकों कोमिट्टी में गहरा दबा देंगेवो सड़कों पर गड्ढे खोदेंगे और पानी भर देंगेऔर पानियों में छपा-छप लोटेंगे...वो प्यार करेंगे एक दिन उन सबसेजिससे तुमने उन्हें नफ़रत करना सिखाया हैवो तुम्हारी दीवारों मेंछेद कर देंगे एक दिनऔर आर-पार देखने की कोशिश करेंगेवो सहसा चीख़ेंगे !और कहेंगे —“देखो ! उस पार भी मौसम हमारे यहाँ जैसा ही है”वो हवा और धूप को अपने गालों के गिर्दमहसूस करना चाहेंगेऔर तुम उस दिन उन्हें नहीं रोक पाओगे!एक दिन तुम्हारे महफ़ूज़ घरों से बच्चे बाहर निकल आएँगेऔर पेड़ों पे घोंसले बनाएँगेउन्हें गिलहरियाँ काफ़ी पसन्द हैंवो उनके साथ बड़ा होना चाहेंगे..तुम देखोगे जब वो हर चीज़ उलट-पुलट देंगेउसे और सुन्दर बनाने के लिए..एक दिन मेरी दुनिया के तमाम बच्चेचीटियों, कीटोंनदियों, पहाड़ों, समुद्रोंऔर तमाम वनस्पतियों के साथ मिलकर धावा बोलेंगेऔर तुम्हारी बनाई हर चीज़ कोखिलौना बना देंगे..

NOW PLAYING

Meri Duniya Ke Tamaam Bacche | Adnan Kafeel Darwesh

0:00 2:53

No transcript for this episode yet

We transcribe on demand. Request one and we'll notify you when it's ready — usually under 10 minutes.

Frequently Asked Questions

How long is this episode of Pratidin Ek Kavita?

This episode is 2 minutes long.

When was this Pratidin Ek Kavita episode published?

This episode was published on August 4, 2023.

What is this episode about?

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे / अदनान कफ़ील दरवेशवो जमा होंगे एक दिन और खेलेंगे एक साथ मिलकरवो साफ़-सुथरी दीवारों परपेंसिल की नोक रगड़ेंगेवो कुत्तों से बतियाएँगेऔर बकरियों सेऔर हरे टिड्डों सेऔर चीटियों से भी..वो दौड़ेंगे बेतहाशाहवा और धूप की मुसलसल...

Can I download this Pratidin Ek Kavita episode?

Yes, you can download this episode by clicking the download button on the episode player, or subscribe to the podcast in your preferred podcast app for automatic downloads.
URL copied to clipboard!