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EPISODE · May 3, 2026 · 2 MIN

मूल्यवर्धनम्

from बालमोदिनी · host सम्भाषणसन्देशः

कदाचित् कश्चन वणिक् स्वस्य तरुणं पुत्रम् अहूय एकं मलिनं वस्त्रं दत्त्वा एकं रजतनाणकम् आनेतव्यम् इति अवदत् । पुत्रः तत् वस्त्रं स्वच्छतया प्रक्षाल्य महता श्रमेण विक्रीय रजतनाणकद्वयं प्राप्तवान् । एवं रीत्या पिता अनेकवारं पुत्राय मलिनवस्त्राणि दत्त्वा तानि विक्रेतुं रजतनाणकानि सुवर्णनाणकानि वा अनेतुम् अवदत् । पुत्रः अनेकान् उपायान् आश्रित्य तानि सर्वाणि विक्रीतवान् । एतस्मात् प्रयत्नेन सर्वमपि साधयितुं शक्यम् इति नीतिः पुत्रेण ज्ञाता ।(“केन्द्रीयसंस्कृतविश्वविद्यालयस्य अष्टादशीयोजनान्तर्गततया एतासां कथानां ध्वनिप्रक्षेपणं क्रियते”)Once a merchant gave his young son a dirty cloth and asked him to sell it for one silver coin. The son cleaned it carefully, worked hard, and sold it for two coins. In the same way, the father repeatedly gave him dirty clothes, asking him to bring back silver or even gold coins. The son, using different methods, managed to sell them all successfully. From this, the son learned the lesson: with effort, anything can be accomplished.

कदाचित् कश्चन वणिक् स्वस्य तरुणं पुत्रम् अहूय एकं मलिनं वस्त्रं दत्त्वा एकं रजतनाणकम् आनेतव्यम् इति अवदत् । पुत्रः तत् वस्त्रं स्वच्छतया प्रक्षाल्य महता श्रमेण विक्रीय रजतनाणकद्वयं प्राप्तवान् । एवं रीत्या पिता अनेकवारं पुत्राय मलिनवस्त्राणि दत्त्वा तानि विक्रेतुं रजतनाणकानि सुवर्णनाणकानि वा अनेतुम् अवदत् । पुत्रः अनेकान् उपायान् आश्रित्य तानि सर्वाणि विक्रीतवान् । एतस्मात् प्रयत्नेन सर्वमपि साधयितुं शक्यम् इति नीतिः पुत्रेण ज्ञाता ।(“केन्द्रीयसंस्कृतविश्वविद्यालयस्य अष्टादशीयोजनान्तर्गततया एतासां कथानां ध्वनिप्रक्षेपणं क्रियते”)Once a merchant gave his young son a dirty cloth and asked him to sell it for one silver coin. The son cleaned it carefully, worked hard, and sold it for two coins. In the same way, the father repeatedly gave him dirty clothes, asking him to bring back silver or even gold coins. The son, using different methods, managed to sell them all successfully. From this, the son learned the lesson: with effort, anything can be accomplished.

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मूल्यवर्धनम्

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Shyambhai Y Thakar’s Podcast Shyambhai Thakar श्यामभाई ठाकर, यह नाम आज श्रीमद्भागवत, रामकथा, श्रीमद्भगवद्गीता और हिंदू धर्मग्रंथों की हिंदू परंपरा के विद्वान, प्रामाणिक, मधुरभाषी प्रवक्ता के रूप में भारत और विदेशों में हिंदू समुदाय में जाना जाने लगा है। भारतीय संस्कृति से लहलहाते ध्वज के गौरव विस्तारक पूज्यभाईश्री रमेशभाई ओझाजी द्वारा भारत की सनातनी संस्कृति को समर्पित श्री बाबडेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, सांदीपनि विद्यानिकेतन, पोरबंदर में संस्कृत व्याकरण में आचार्य (M.A) तक शिक्षाप्राप्त श्यामभाई, श्रीमद्भागवत आदि को केवल प्रवचनका ही विषय न मानते हुए अपनी सहज दिनचर्या के रूप में श्रीमद्भागवत, गीता, रामचरितमानस, महाभारत और हाल के लेखकों के श्रेष्ठ साहित्य का अध्ययन करते रहते है। उनकी सत्संग यात्रा, जो 1999 से जारी है, भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, अफ्रीकी देशों में 165 से अधिक कथाओं और ग्रंथों के शतावधि मूल पारायणोंके रूप में विस्तृत हुई है और फैलती जा रही है। पूज्यभाईश्री की आज्ञा और आशीर्वाद से, कथावाचन के साथ साथ श्यामभाई सांदीपनि में, आज के छात्रों और भविष्य के कथाकारों को मूल श्रीमद्भागवत ग्रंथ का 2011 से अध्ययन कराते हैं, जो कि आज Jai Jai Hanuman Gosai Hubhopper हनुमान चालीसा की सैंतीसवी चौपाई “जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाई।।” में तुलसीदास जी कहते है "हे स्वामी हनुमानजी। आपकी जय हो, जय हो, जय हो। आप मुझ पर कृपालु श्री गुरुजी के समान कृपा कीजिए। तुलसीदास जी यहाँ केहना चाहते है की जीवन में और कोई योग्य गुरु न मिले तो हनुमान जी को गुरु और हनुमान चालीसा को ही मंत्र बना लीजिए। Pinaak Podcast - पिनाक पॉडकास्ट Vivek & Vidushi Sharma पिनाक पॉडकास्ट में आपका स्वागत है, यहां हम वैदिक ज्ञान की गहराई, पुराणों की समृद्धि और इतिहास को आकार देने वाली मनोरम कहानियों के माध्यम से यात्रा पर निकलते हैं। हमारा पॉडकास्ट प्राचीन ज्ञान को उजागर करने, पौराणिक ग्रंथों की कथाओं को डिकोड करने और ऐतिहासिक कहानियों के महत्व की खोज करने के लिए समर्पित है।हमसे जुड़ें क्योंकि हम वैदिक शिक्षाओं के सार में उतरते हैं, अतीत और वर्तमान दोनों में उनकी कालातीत प्रासंगिकता में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। सावधानीपूर्वक विश्लेषण के माध्यम से, हम पौराणिक कहानियों में निहित सांस्कृतिक विरासत और गहन संदेशों को उजागर करते हैं।इसके अतिरिक्त, हम ऐतिहासिक वृत्तांतों में जान फूंकते हैं, सबक और अंतर्दृष्टि निकालते हैं जो हमारी आधुनिक दुनिया में गूंजती रहती है। चाहे आप अनुभवी विद्वान हों या जिज्ञासु शिक्षार्थी, पिनाक पॉडकास्ट बौद्धिक रूप से प्रेरक सामग्री प्रदान करता है जो ज्ञान, कहानी कहने और इतिहास के संगम का जश्न मनाता है।पिनाक पॉडकास्ट देखें और अपने आप को प्राचीन ज्ञान, कालातीत कहानियों और मनोरम इतिहास की दुनिया में डुबो द KITABEIN by Readers Books Club | Hindi Book Summary Podcast Amit Kumarr KITABEIN by Amit Kumarr is the official podcast of Readers Books Club. This podcast gives you hindi books summaries to help you decide your next read and discover some amazing books which can help you grow to get successful in life. Amit Kumarr is a NLP Practitioner, a book coach, a Law of Attraction Coach as well as a Mindset & Personality Development Coach. He has 15 years of experience in the corporate world and has 1.5 Million subscribers. किताबें बाए अमित कुमारर रीडर्स बुक्स क्लब का ऑफिसियल पॉडकास्ट है| चाहे हम कितने भी पैशनेट एविड रीडर्स क्यों न हो, क्या पढ़ना है? वाला क्वेश्चन पीछा ही नहीं छोड़ता। ये पॉडकास्ट हिंदी किताबों का सारांश प्रस्तुत करता है जिस से आपको किताबें चुनने में मदद मिलेगी। इससे आप बेहतरीन किताबें डिस्कवर कर पाएंगे जो आपको लाइफ में कामयाबी पाने में मदद कर सकता है। अमित कुमारर एक एन एल पि प्रैक्टिशनर है, बुक कोच है, लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन कोच होने के साथ वो माइंडसेट और पर्सनालिटी कोच भी है | उन्होंने कॉर्पोरेट वर्ल्ड में पंद्रह साल काम किया है और यूट्यूब पे उनके १५ लाख

Frequently Asked Questions

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This episode is 2 minutes long.

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This episode was published on May 3, 2026.

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कदाचित् कश्चन वणिक् स्वस्य तरुणं पुत्रम् अहूय एकं मलिनं वस्त्रं दत्त्वा एकं रजतनाणकम् आनेतव्यम् इति अवदत् । पुत्रः तत् वस्त्रं स्वच्छतया प्रक्षाल्य महता श्रमेण विक्रीय रजतनाणकद्वयं प्राप्तवान् । एवं रीत्या पिता अनेकवारं पुत्राय मलिनवस्त्राणि दत्त्वा...

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