EPISODE · Sep 1, 2024 · 3 MIN
नील (Neel) इन्तज़ारनामा
from Intezarnama by Ankitsarma · host Ankitsarma
अरगनी में टँगी वो नीली कम, ज्यादा सफेद साड़ी को देखो तो कैसे लहरिया लेते हुए झूम रही है। ऐसा लग रहा है मानो सागर की छोटी-छोटी लहरें सूर्यास्त के साथ क्रीडा कर रही हैं और उन पर नीली स्याही से कविता का गुदना गुद रहा है। कविता से याद आया इस नीले के साथ तो मेरा पुराना रिश्ता है, मुआ तुमसे भी ज्यादा पुराना। हाँ जानता हूँ तुम्हारी उमर मुझसे ज्यादा है फिर भी मैं इसे ही पुराना कहूँगा।एपिसोड 3
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