नीलकण्ठ महादेव- समुद्र मंथन episode artwork

EPISODE · Oct 30, 2021 · 18 MIN

नीलकण्ठ महादेव- समुद्र मंथन

from कल थी काशी, आज है बनारस · host Banarasi/singh

नमस्कार, कैसे है आप लोग। सब बढ़िया। 30 October 2021 माह के आखिरी दिन कुछ अच्छा और प्रभावकारी होना चाहिए इसलिए मेरी ओर से आपका दिन और दिल दोनों अच्छा बनाने के लिए एक कहानी महादेव के नीलकण्ठ रूप की। सुनिए और साझा करिए अपनों के साथ जिन्हें शिव में विश्वास हो। जो नास्तिक हैं उनको भी भेजिए कुछ अच्छा सुनने से उनका भी भाला होगा। ये है काशी स्थित नीलकण्ठ महादेव रूप की कहानी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार और काशी खंड के अनुसार कार्तिक माह की त्रयोदशी को ही देवता और असुर अमृत के लिए समुद मंथन कर रहे थे तब 14 बहुमूल्य रत्नों के साथ देवी महालक्ष्मी और श्री हरि विष्णु के अवतार धन्वंतरि भगवान प्रकट हुए इस मंथन से। धन्वंतरि रूप में नारायण समस्त सृष्टि से असमय मृत्यु का भय दूर करते हैं। और जरा और रोगों से सबकी रक्षा करते हैं। इस मंथन से केवल शुभ ही प्रकट नहीं हुआ था दूसरी ओर मंथन के समय ही हलाहल काल कूट भी निकला था। इसके प्रभाव से समस्त सृष्टि और उसका जीवन नष्ट होने से बचाने के लिए कल्याणकारी महादेव ने उसको पी लिया था। इससे उनका अहित ना हो इसलिए उनकी शक्ति और अर्धांगिनी पार्वती जी ने अपनी शक्ति से उसे महादेव के कंठ में ही स्थित कर दिया। जिससे महादेव का कंठ नीला हो गया। इसलिए ब्रह्मदेव ने महादेव को नीलकण्ठ नाम दिया। ब्रह्म जी ने देवताओं से कहा कि महादेव को इस विष के प्रभाव से बचाने के लिए उनका जल से अभिषेक किया जाय। सभी ने महादेव का अभिषेक किया तब उनके शरीर से विष का प्रभाव कम हुआ, प्रसन्न होकर महादेव ने सभी का कल्याण हो कहा। और कहा कि जो भी मनुष्य पावन मन से मुझे कभी भी एक लोटा जल चलाएगा मैं उसको मनचाहा वरदान दूँगा। तभी से महादेव के विग्रह पर जल अर्पित किया जाता है। काशी में नीलकण्ठ मुहल्ले में 25 फीट नीचे है nikhantheswar महादेव का मंदिर। जो उत्तराखंड के नीलकण्ठ मंदिर सा ही प्रभाव देता है इसलिए तो कहते हैं कि काशी के कण कण में..... आप सब जानते है कि काशी में क्या है...जो नहीं जनता wo एक बार काशी की यात्रा कर आए. इस युग में जीवन का सार है काशी, मोक्ष देने वाले महादेव का दरबार है काशी. नहीं हो जिसका कोई घर बार उसका घर है काशी, माँ Annapurna का आशीर्वाद है काशी. आज बस इतना ही आगे और क्या है काशी आप के लिये comment में बताएं...

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