EPISODE · Mar 7, 2026 · 2 MIN
नवविधा भक्ती
from रामकुटी (Ramkuti)
नवधा भक्ति – राम मार्ग रामचरितमानस में भगवान राम ने शबरी को भक्ति का मार्ग बताया, नौ दीपकों जैसा प्रेम का प्रकाश जगाया। संतों की संगति में बैठा जब मन, वहीं से खुला प्रभु का पावन गगन। राम कथा की धारा जब हृदय में बही, भक्ति की ज्योति तब जीवन में जली। गुरु चरणों में सिर जब झुकाया मैंने, अहंकार का भार वहीं छोड़ आया मैंने। राम के गुणों का गान जब होने लगा, मन का हर अंधेरा भी खोने लगा। राम नाम का जप जब होंठों पे आया, विश्वास का दीपक दिल में जगमगाया। इंद्रियों को साध कर चलना सीखा, संतों के पथ पर जीवन को सीखा। जब हर प्राणी में राम को देखा, तब जग सारा ही मंदिर जैसा लगा। जो मिला उसी में संतोष किया, दूसरों के दोषों को कभी न लिया। सरल हृदय और विश्वास का सहारा, हर पल लगा राम ही हैं हमारा। नवधा भक्ति का यही है सार, राम मिलें जब हो प्रेम अपार। राम नाम चमत्कार, राम नाम आधार, भक्ति के नौ दीपक – राम ही उद्धार।
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