EPISODE · Mar 4, 2022 · 2 MIN
ऋग्वेद मण्डल 1. सूक्त 14. मंत्र 4
from Daily One Ved Mantra · host This podcast is brought to you by Gaurashtra.com
प्र वो॑ भ्रियन्त॒ इन्द॑वो मत्स॒रा मा॑दयि॒ष्णवः॑। द्र॒प्सा मध्व॑श्चमू॒षदः॑॥ - ऋग्वेद 1.14.4 पदार्थ - हे मनुष्यो ! जैसे मैंने धारण किये, पूर्व मन्त्र में इन्द्र आदि पदार्थ कह आये हैं, उन्हीं से (मध्वः) मधुर गुणवाले (मत्सराः) जिनसे उत्तम आनन्द को प्राप्त होते हैं (मादयिष्णवः) आनन्द के निमित्त (द्रप्साः) जिन से बल अर्थात् सेना के लोग अच्छी प्रकार आनन्द को प्राप्त होते और (चमूषदः) जिनसे विकट शत्रुओं की सेनाओं में स्थिर होते हैं, उन (इन्दवः) रसवाले सोम आदि ओषधियों के समूहों को (वः) तुम लोगों के लिये (भ्रियन्ते) अच्छी प्रकार धारण कर रक्खे हैं, वैसे तुम लोग भी मेरे लिये इन पदार्थों को धारण करो॥ ------------------------------------------------------------ (भाष्यकार - स्वामी दयानंद सरस्वती जी) (सविनय आभार: www.vedicscriptures.in) ------------------------------------------------------------- Whatsapp/ Telegram पर प्रतिदिन वेद मंत्र पाने के लिए यह फ़ॉर्म भरें: https://forms.gle/69N1UTZfc6hNHp5fA Telegram पर हमारे चैनल से जुड़ने के लिए इस लिंक पर जाएँ: https://t.me/+RURCMUKRVBllMmI1 -------------------------------------------------------------- हमारे पॉडकास्ट का अनुसरण करें: Spotify - https://spoti.fi/3sCWtJw Google podcast - https://bit.ly/3dU7jXO Apple podcast - https://apple.co/3dStOfy ------------------------------------------- हमसे संपर्क करें: [email protected] --------------------------------------------
NOW PLAYING
ऋग्वेद मण्डल 1. सूक्त 14. मंत्र 4
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
Jun 15, 2022 ·8m
May 25, 2022 ·20m
May 19, 2022 ·16m
May 15, 2022 ·34m
May 12, 2022 ·1m