EPISODE · Aug 31, 2022 · 1H 2M
साधना पञ्चकं : प्रवचन-10 (सूत्र-9)
from Vedanta Ashram Podcasts · host Vedanta Ashram
साधना पञ्चकं ज्ञान यज्ञ के १०वें प्रवचन में पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी महाराज ने ग्रन्थ में प्रतिपादित नवें सोपान की भूमिका एवं नवें सूत्र पर प्रकाश डाला। इसमें शंकराचार्यजी कहते हैं की "संघ: सत्सु विधीयतां" - अर्थात सत्पुरुषों का साथ उत्पन्न करो। अपने घर की अनुकूलता के दायरे से निकल कर अब ऐसा साथ ढूढना ही अगला सोपान है। सत्पुरुष लोग यद्यपि सबके प्रति स्नेह रखते हैं लेकिन वे किसी स्वतः सत पथ पर चलने को ही अपनी प्राथमिकता समझते हैं। वे सच्चाई से जीते हैं और सच्चे भाव से सबके कल्याण के लिए कार्य करते हैं। उनकी संतुष्टि ईश्वर भजन, सरल जीवन एवं शास्त्र का अध्ययन करते हुए आत्म-ज्ञान के लिए सतत प्रयास करते रहने में होती है। दुनियां में सब प्रकार के लोग होते हैं, जैसा भी तलाश करना चाहेंगे वैसे लोग मिल जायेंगे। ज्यादातर लोग संसारी होते हैं और सत्पुरुष दुर्लभ, इसलिए इनकी तलाश करनी पड़ती है। जब मिले तो सब संकोच आदि त्याग कर, आगे बढ़कर इनसे निकटता उत्पन्न करें।
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